केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिला राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल, शिक्षक एवं उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक
शाहपुरा-अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट कर विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की तथा शिक्षक समाज एवं शिक्षा जगत की प्रमुख चिंताओं और अपेक्षाओं से उन्हें अवगत कराया।
बैठक में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विषय को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक समाज की चिंताओं, विधिक तथ्यों, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों तथा मानवीय पक्ष को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए आग्रह किया कि लंबे समय से सेवाएँ दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए इस विषय पर न्यायसंगत, व्यावहारिक एवं संवेदनशील निर्णय लिया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 के संबंध में भी महासंघ के सुझाव एवं अपेक्षाएँ मंत्री महोदय के समक्ष रखीं। चर्चा के दौरान उच्च शिक्षा में संस्थागत स्वायत्तता, गुणवत्ता संवर्धन, शिक्षक हितों का संरक्षण, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व, राज्यों एवं विभिन्न हितधारकों की सहभागिता, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विशेष बल दिया गया।महासंघ ने सुझाव दिया कि प्रस्तावित विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए जो भारतीय उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सक्षम, समावेशी, उत्तरदायी एवं राष्ट्रहितकारी बना सके।
बैठक में उच्च शिक्षा एवं शिक्षकों से जुड़े विभिन्न लंबित विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) में आ रही समस्याओं, पीएच.डी. हेतु कार्यरत शिक्षकों के समक्ष उपस्थित कठिनाइयों, शोध परियोजनाओं एवं शोध अनुदान की उपलब्धता, विशेष रूप से महाविद्यालयों एवं छोटे राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए अनुसंधान अवसरों के विस्तार, उच्च शिक्षा संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं एवं मानव संसाधनों की आवश्यकता, रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति, संस्थागत स्वायत्तता तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों को प्रमुखता से रखा। महासंघ ने इन विषयों पर आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेप एवं समयबद्ध समाधान का आग्रह किया।
महासंघ के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महामंत्री प्रो. गीता भट्ट, संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, सह संगठन मंत्री जी. लक्ष्मण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार, विद्यालय शिक्षा प्रभारी शिवानंद सिंदनकेरा तथा अतिरिक्त महामंत्री मोहन पुरोहित सम्मिलित थे।