हरदोई: एसडीएम के आदेश और आश्वासन भी ‘हवा-हवाई’, एक साल बाद भी नहीं बन सका विकास नगर का रास्ता
नाले की पटरी खोदकर छोड़ी, गड्ढों में तब्दील इकलौता मार्ग; 15 परिवारों का निकलना दूभर, बच्चे और मरीज परेशान
हरदोई। तहसील सदर अंतर्गत ग्राम महोलिया/शिवपार स्थित मोहल्ला विकास नगर के बाशिंदों की समस्या का एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समाधान नहीं हो सका है। आलम यह है कि अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर दिए गए आश्वासन और निर्देश भी धरातल पर बेअसर नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एक साल पहले तत्कालीन उपजिलाधिकारी सदर ने मौके का निरीक्षण कर खंड विकास अधिकारी को रास्ता बनवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
क्या है पूरा मामला?
अगस्त 2025 में मोहल्ला विकास नगर, शिवपार, कोतवाली देहात निवासी हरिओम बाजपेई, संजीव कुमार सिंह, सुशील कुमार गुप्ता, कमल मिश्रा समेत अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की थी। ग्रामीणों के मुताबिक, उनके घरों के सामने स्थित नहर के नाले की सफाई के दौरान नहर विभाग के कर्मचारियों ने मोहल्ले के एकमात्र रास्ते को खोद दिया था। इसके बाद मार्ग गड्ढों और मलबे में तब्दील हो गया।
रास्ता खराब होने से करीब 14 से 15 परिवारों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है तथा मार्ग पर कीचड़ और पानी भरने से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर दिए थे निर्देश
ग्रामीणों की शिकायत के बाद 5 अगस्त 2025 को तत्कालीन उपजिलाधिकारी सदर ने नहर विभाग के सहायक अभियंता (AE), अवर अभियंता (JE) और ग्राम प्रधान के साथ मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान स्थल मेमो भी तैयार किया गया था।
तहसील प्रशासन की जांच आख्या में दर्ज विवरण के अनुसार, IGRS संदर्भ संख्या 20015525037197 के मामले में उपजिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (BDO) बावन को दूरभाष के माध्यम से निर्देशित किया था कि नहर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर ग्राम पंचायत निधि से नाले की पटरी के किनारे पक्का रास्ता बनवाना सुनिश्चित किया जाए।
ग्रामीणों के मुताबिक, अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी कि जल्द ही रास्ते की समस्या का समाधान हो जाएगा। हालांकि, शिकायत का निस्तारण रिपोर्ट के माध्यम से कर दिया गया, लेकिन रास्ते का निर्माण आज तक नहीं हो सका।
एक साल बाद भी न एनओसी मिली, न शुरू हुआ निर्माण
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के निर्देश को करीब एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नहर विभाग से एनओसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और न ही रास्ते के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दिनों में रास्ते पर पानी, कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन जाती है। मोहल्ले में किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब होने पर एंबुलेंस या चार पहिया वाहन अंदर तक नहीं पहुंच पाता। ऐसे में मरीज को मुख्य सड़क तक चारपाई या गोद में ले जाने की मजबूरी बन जाती है।
वहीं, स्कूली बच्चों को भी रोजाना इसी खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि कीचड़ और गड्ढों के कारण कई बार बच्चे गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
जिम्मेदारों के चक्कर काट रहे ग्रामीण
पीड़ित ग्रामीणों हरिओम बाजपेई, संजीव कुमार सिंह, सुशील गुप्ता, दयाशंकर शुक्ला आदि का कहना है कि जब उपजिलाधिकारी स्तर से मौके पर निरीक्षण कर रास्ता निर्माण के निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद एक साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ तो आम जनता अपनी समस्या लेकर आखिर कहां जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत का आईजीआरएस पोर्टल पर कागजी निस्तारण कर दिया गया, जबकि जमीनी हकीकत अब भी जस की तस है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मामले में दोबारा हस्तक्षेप करते हुए नहर विभाग से एनओसी की प्रक्रिया पूरी कराने और विकास नगर के एकमात्र रास्ते का जल्द से जल्द पक्का निर्माण कराने की मांग की है।