बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए किया प्रेरित
जहानाबाद : अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर रविवार को अब्दुलबारी नगर भवन में जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों की प्रतिभाशाली छात्राओं को खेलकूद, चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के साथ ही उनके उत्साहवर्धन के लिए प्रेरणादायक फिल्म भी दिखाई गई।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम बाल विवाह की समाप्ति एवं बालिकाओं के अधिकारों में निवेश रखी गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आइसीडीएस निपुन कुमारी ने स्वागत संबोधन में कहा कि बालिका दिवस केवल बेटियों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि उनके अधिकारों और बेहतर भविष्य के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी है। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम, बेटियों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आत्मरक्षा पर जोर दिया।
उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पियूष ने कहा कि बालिकाओं के भविष्य में निवेश समाज के समग्र विकास का आधार है। बेटा-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है।
बेटियों को बड़े सपने देखने की दी सीख
जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया ने कहा कि प्रत्येक बेटी में अपार प्रतिभा और संभावनाएं हैं। सही अवसर, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिलने पर वे जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए चलाए जा रहे एनीमिया जांच अभियान, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सपने देखने की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए। बेटियों को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। वहीं, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी आकांक्षा गुप्ता ने प्रेरणादायक कविता के माध्यम से छात्राओं का उत्साह बढ़ाया।
आत्मरक्षा का दिया गया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, दक्षिणी काको और अन्य पिछड़ा वर्ग 10+2 कन्या विद्यालय की छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। जिला पदाधिकारी ने छात्राओं के साथ केक काटकर उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
इसके बाद आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षकों ने छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों की जानकारी देते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के अंत में भारतीय वायुसेना की महिला पायलट के जीवन पर आधारित फिल्म 'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' दिखाई गई। फिल्म के माध्यम से छात्राओं को साहस, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी गई।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता तेज नारायण राय, उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पियूष, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी निपुन कुमारी, वरीय उप समाहर्ता होमा इरफान सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षक, महिला पर्यवेक्षिकाएं, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।