जीते-जी बेटी की निकाली अर्थी, दिया अंतिम संस्कार!
पूर्णिया (बिहार) से एक हैरान और दुखी कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां अंतरजातीय प्रेम विवाह (Inter-caste Marriage) से नाराज एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाकर उसकी बाकायदा अर्थी निकाली और दाह संस्कार कर दिया। पूर्णिया के चपय गांव (गंगेली पंचायत) की रहने वाली लड़की को किसी दूसरे जाति के लड़के से प्यार था। जब परिवार शादी के लिए तैयार नहीं हुआ, तो दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। बेटी के इस फैसले से दुखी पिता मनोज गोस्वामी ने हमेशा के लिए उससे रिश्ता खत्म कर दिया। पिता का कहना था कि उन्होंने मेहनत की कमाई से बेटी को पढ़ाया-लिखाया, लेकिन उसके इस कदम से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल गई। आक्रोशित पिता ने ग्रामीणों की मौजूदगी में बेटी का पुतला बनवाया, ढोल-बाजे के साथ उसकी अर्थी निकालकर पूरे गांव में घुमाया और फिर गांव के बाहर ले जाकर मुखाग्नि दे दी। पिता ने कहा-अब मेरे लिए मेरी बेटी मर चु�
Purnia East, Purnia | Sep 16, 2026