विपक्ष भगोड़ा, जनता के मुद्दों पर गंभीर नहीं कांग्रेस : रविंद्र जुगराण
कहा-2027 में भाजपा की हैट्रिक तय, मसूरी की कैरिंग कैपेसिटी पार; समय रहते नहीं चेते तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
मसूरी। भाजपा नेता एवं पर्यावरण मामलों के जानकार रविंद्र जुगराण ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे प्रदेश में मुख्य विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े किसी भी गंभीर मुद्दे पर न तो सदन में और न ही सदन के बाहर प्रभावी ढंग से आवाज उठा पा रही है। उन्होंने कांग्रेस को “भगोड़ा विपक्ष” बताते हुए कहा कि जिम्मेदारी लेने के बजाय पार्टी हर मुद्दे से भागती नजर आ रही है।
जुगराण ने कहा कि राज्य की जनता ने कांग्रेस को मुख्य विपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन विपक्ष के पास न उत्साह है, न उमंग और न ही किसी मुद्दे पर गंभीरता दिखाई देती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष शायद पहले ही मानकर बैठ गया है कि उसे चुनाव हारना है। ऐसे में जनता के सामने भाजपा ही एक मजबूत विकल्प के रूप में दिखाई दे रही है।
उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। यही कारण है कि जनता भाजपा के साथ खड़ी है।
मसूरी की कैरिंग कैपेसिटी पर जताई गंभीर चिंता
रविंद्र जुगराण ने मसूरी के अनियोजित और तेजी से बढ़ते निर्माण पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मसूरी की कैरिंग कैपेसिटी अब अपनी सीमा से काफी आगे निकल चुकी है। यदि समय रहते सरकार और स्थानीय प्रशासन ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो आने वाले समय में इसका बड़ा खामियाजा मसूरी को भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि मसूरी और देहरादून के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर कथित अवैध कटान, झाड़ी कटान और जंगलों को नुकसान पहुंचने के मामलों पर संबंधित विभागों और अथॉरिटीज को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निर्माण और विकास के नाम पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी होती रही तो पहाड़ों की संवेदनशीलता कैसे बचाई जाएगी।
20-30 किलोमीटर के दायरे में विकसित हो ‘न्यू मसूरी’
जुगराण ने मसूरी के भविष्य को लेकर एक वैकल्पिक मॉडल की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मसूरी से करीब 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में ‘न्यू मसूरी’ विकसित करने की संभावनाओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नए क्षेत्र में इको फ्रेंडली स्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाए और स्थानीय मिट्टी व पत्थर जैसी सामग्री का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे एक ओर पर्यावरण का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर मसूरी पर बढ़ता दबाव भी कम किया जा सकेगा।
उन्होंने नगर पालिका परिषद मसूरी से भी शहर के नियोजित विकास को लेकर पहल करने की अपील की। उनका कहना है कि पालिका बोर्ड और अध्यक्ष को सभी पक्षों से वार्ता कर शहर के भविष्य की ठोस योजना तैयार करनी चाहिए।
एमपीजी कॉलेज के प्रांतीयकरण प्रस्ताव पर पुनर्विचार की अपील
रविंद्र जुगराण ने मसूरी एमजी कॉलेज के प्रांतीयकरण के प्रस्ताव को लेकर भी नगर पालिका से पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कॉलेज लंबे समय से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध है और यहां से प्राप्त डिग्री को व्यापक स्तर पर मान्यता प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्रांतीयकरण के बाद इसके श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के अधीन आने की स्थिति में इसकी वर्तमान व्यवस्था और पहचान पर असर पड़ सकता है। उन्होंने नगर पालिका से आग्रह किया कि इस प्रस्ताव पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय सभी पहलुओं पर दोबारा विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़ने जैसी संभावनाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य और संस्थान की प्रतिष्ठा को और मजबूती मिल सके।
हल्द्वानी प्रकरण पर भी दी प्रतिक्रिया
जुगराण ने हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण संबंधी मामले की निंदा करते हुए कहा कि जो भी हुआ, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। विपक्ष को सवाल उठाने का अधिकार है तो सत्ता पक्ष को भी उसका जवाब देने, स्थिति स्पष्ट करने और अपना विजन जनता के सामने रखने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और जवाबदेही जरूरी है, लेकिन विपक्ष की भूमिका केवल विरोध तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उसे जनता से जुड़े मुद्दों पर वैकल्पिक नीतियां और समाधान भी सामने रखने चाहिए।
‘फाइलें पास करने में जुटा सत्ता पक्ष, विपक्ष कहां है?’
जुगराण ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता पक्ष जहां लगातार अपने काम और योजनाओं को आगे बढ़ाने में लगा है, वहीं विपक्ष के नेता न सदन में और न ही सदन के बाहर प्रभावी भूमिका निभाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष किसी मुद्दे पर गंभीरता से अपनी बात नहीं रखेगा तो जनता उससे क्या उम्मीद करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में जिम्मेदारी से बचने की राजनीति कर रही है और “भगोड़ा विपक्ष” की भूमिका निभा रही है। इसका जवाब उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता के बीच देना पड़ेगा।
#cmuttrakhkhand #BJPNEWS #congressnews #GaneshJoshi #CongressParty #BJPGovernment #Congressman #landslide #uttarkhand #ganesh
Mussoorie, Dehradun | Sep 10, 2026