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sunil kumar

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मसूरी में सेवा, सुशासन एवं  समर्पण  अभियान के तहत 33 विभाग एक छत के नीचे, मंत्री गणेश जोशी ने सुनी फरियादें; भिलाडू स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ

मसूरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के सेवा, सुशासन एवं समर्पण अभियान के तहत राधा-कृष्ण मंदिर में सोमवार को आयोजित बहुउद्देशीय सेवा शिविर में 33 विभागों ने एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों को दिया। शिविर का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया। इस दौरान मंत्री ने स्वयं लोगों की समस्याएं सुनकर कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया तथा अधिकारियों को जनता के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। शिविर में पेंशन, आयुष्मान कार्ड, आधार, राशन कार्ड, प्रमाण पत्र, रोजगार, बैंक ऋण, किसान योजनाओं सहित विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शिविर का लाभ उठाया।
गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने पांच वर्षों में यूसीसी, नकल विरोधी और धर्मांतरण विरोधी जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं तथा करीब 34 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है और ऐसे सेवा शिविर आगे भी आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने मसूरी के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिलाडू स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। वन विभाग से एनओसी मिल चुकी है और जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष सौरभ बहुगुणा को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि युवा नेतृत्व से संगठन और मजबूत होगा।
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बारिश का कहर, मसूरी-कैंपटी मार्ग कई जगह टूटा, यमुनोत्री यात्रियों को विकासनगर से जाने की सलाह

पहाडों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मसूरी-कैंपटी मार्ग पर भारी तबाही मचाई है। जीवन आश्रम से मसूरी बैंड के बीच सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एनएच-707ए के गस्ती बैंड के पास वैकल्पिक मार्ग पर भी जगह-जगह मलबा और बोल्डर आने से यातायात बाधित हो गया। रातभर लोक निर्माण विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने में जुटी रहीं, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण मार्ग तत्काल नहीं खोला जा सका। बारिश थमने के बाद राहत कार्य तेज किया गया और सड़क को यातायात के लिए खोलने के प्रयास जारी रहे। टिहरी पुलिस ने मार्ग को फिलहाल असुरक्षित बताते हुए चारधाम यात्रा पर यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से विकासनगर मार्ग का उपयोग करने की अपील की है। वहीं कैंपटी थाना प्रभारी योगेंद्र गुसाईं ने वाहन चालकों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने को कहा है। लगातार बारिश से मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर मशीनें तैनात कर दी हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मसूरी भूस्खलन ने छीना खेतवाला का रास्ता, महिलाओं ने झाड़ियां काटकर बनाया पैदल मार्ग,षासन प्रषासन नही दे रहा ध्यान, ग्रामीणो में आक्रोश

लगातार बारिश ने मसूरी के निकट खेतवाला गांव के हालात गंभीर कर दिए हैं। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बन रही संपर्क सड़क से निकला मलबा और भूस्खलन गांव के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। खेतवाला गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग कई स्थानों पर ध्वस्त हो गया है, जबकि सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है। पहाड़ी पर अटके बोल्डरों के कारण हर समय बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।

मार्ग बंद होने के बाद ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने खुद झाड़ियां और घास काटकर जंगल के बीच से पैदल रास्ता तैयार किया जा रहा है, जिससे स्कूली बच्चे, मजदूर, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण आवाजाही कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाना पड़े तो स्थिति बेहद चिंताजनक हो सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान निकला मलबा वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित नहीं किया गया। पहली ही तेज बारिश में यही मलबा बहकर कंपनी गार्डन और आसपास के गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर फैल गया। मलबा रिस्पना नदी तक पहुंच रहा है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को भी नुकसान हो रहा है।

स्थानीय ग्रामीण विनोद रावत, विपिन रावत, सुनील जैरवाण का यह भी आरोप है कि भूस्खलन रोकने के लिए खेत वाला गांव को जाने वाली सडक  किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवार घटिया निर्माण के कारण कुछ ही महीनों में ढह गई। शिकायतों के बाद विभाग ने जेसीबी तो भेजी, लेकिन राहत कार्य धीमी गति से चल रहा है। गांव की समस्याएं केवल सड़क तक सीमित नहीं हैं। ग्रामीणों के अनुसार 16 सितंबर 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन आज तक पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी है। बरसात में सड़क और पेयजल दोनों संकट गहरा गए हैं।

ग्राम प्रधान विक्रम रावत ने बताया कि उन्होंने सड़क और भूस्खलन की समस्या को लेकर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को ज्ञापन सौंपा था। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश भी दिए, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लगातार गिरते बोल्डरों से गांव में भय का माहौल है और कुछ परिवार सुरक्षा के अभाव में पलायन भी कर चुके हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से संपर्क मार्ग को तत्काल सुरक्षित बनाने, निर्माण मलबे का वैज्ञानिक निस्तारण करने, क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन दुरुस्त करने तथा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बारिश से देहरादून-मसूरी मार्ग पर भूस्खलन, दो घंटे बाद खुला हाईवे

मसूरी। लगातार बारिश के बीच रविवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर कई चारपहिया और दोपहिया वाहन फंस गए, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को देर रात तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक चले राहत कार्य के बाद सड़क पर जमा मलबा और बोल्डर हटाकर यातायात को दोबारा सुचारु कराया गया, जिससे फंसे हुए वाहनों को निकाला जा सका।
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी भूस्खलन या मलबा आने की सूचना मिले, वहां तत्काल राहत कार्य शुरू कर मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोला जाए। प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए यात्रियों से पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
# मीरा सकलानी समर्थक मसूरी , <nis:link nis:type=tag nis:id=ganesh nis:value=Ganesh nis:enabled=true nis:link/> Manoj Joshi,<nis:link nis:type=tag nis:id=mussoorie, nis:value=mussoorie, nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=dehradun,#uttrakhand nis:value=Dehradun,#uttrakhand nis:enabled=true nis:link/>
सुरकंडा धाम में होटल निर्माण की खुदाई से भू-स्खलन, भवन भराभरा कर गिरा

मसूरी। सिद्ध मां सुरकंडा धाम के प्रवेश द्वार कद्दूखाल बाजार में होटल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान हुए भू-स्खलन से एक पुराना भवन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।प्रशासन ने एहतियात के तौर पर खतरे की जद में आए दो रेस्टोरेंट, कई खोखे और मजदूरों की झुग्गियों को पहले ही खाली करा दिया था, जिससे कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पहाड़ी की कटिंग और लगातार बारिश के कारण भू-स्खलन हुआ। उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है।
मसूरी अपर माल रोड पर गिरा विशाल पेड़, कार व तीन स्कूटी दबीं, बड़ा हादसा टला

मसूरी में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार की देर षाम को अपर माल रोड स्थित बेकरी हिल के पास अचानक एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ की चपेट में एक कार और तीन स्कूटी आ गईं। गनीमत रही कि घटना के समय वाहनों में कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पेड़ गिरते ही अपर माल रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, फायर सर्विस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त अभियान चलाकर कटर मशीन से पेड़ को काटकर हटाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारु कराया गया।
फायर सर्विस के अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस और वन विभाग के सहयोग से कुछ ही समय में सड़क से पेड़ हटाकर मार्ग खोल दिया गया। वन विभाग के वन दरोगा अभिशेक सजवाण ने बताया कि लगातार बारिश के चलते कई पुराने और जर्जर पेड़ गिरने की स्थिति में हैं। ऐसे पेड़ों को चिन्हित किया जा रहा है तथा समय-समय पर उनकी लॉपिंग और जरूरत पड़ने पर हटाने की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बारिश के दौरान पेड़ों और पहाड़ी ढलानों के पास वाहन खड़े न करें तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट का जन्मदिन की धूम, इतिहास से रूबरू हुए बच्चे

मसूरी। विश्व की सबसे ऊंची चोटी जॉर्ज एवरेस्ट को नाम देने वाले महान सर्वेक्षक जॉर्ज एवरेस्ट की जयंती शनिवार को मसूरी स्थित जॉर्ज एवरेस्ट हाउस में उत्साह के साथ मनाई गई। उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और राजकीय प्राथमिक विद्यालय हुसैनगंज के छात्र-छात्राओं को उनके जीवन व योगदान की जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट ने भारत में आधुनिक सर्वेक्षण व्यवस्था की मजबूत नींव रखी, जिसके सम्मान में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी का नाम माउंट एवरेस्ट रखा गया। उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट हेरिटेज पार्क का संग्रहालय पर्यटकों को इतिहास से जोड़ रहा है, लेकिन अब मसूरी के समग्र इतिहास, संस्कृति और विरासत पर आधारित एक अलग संग्रहालय भी बनाया जाना चाहिए।
पर्यटन विभाग के हीरा लाल ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम का आयोजन राजाज एयरोस्पोर्ट्स एंड एडवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने किया। इस दौरान सहायक महाप्रबंधक केशव चंद ने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट की विरासत से युवाओं को परिचित कराना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
मसूरी में जाम से मिलेगी राहत, रोपवे से जुड़ेंगे प्रमुख पर्यटन स्थल, आवास सचिव डॉ. राजेश कुमार ने किया स्थलीय निरीक्षण
बोले- डीपीआर जल्द होगी तैयार, तीन वर्ष में पूरा होगा महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट

पहाड़ों की रानी मसूरी में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना को अब शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक विस्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत पर्यटक भविष्य में रोपवे के जरिए मसूरी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों तक पहुंच सकेंगे। इससे न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि पर्यटकों को हिमालय और मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता का हवाई नजारा भी देखने को मिलेगा।इसी योजना को अंतिम रूप देने के लिए उत्तराखंड के आवास एवं शहरी विकास सचिव डॉ. राजेश कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मसूरी का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कैमल्स बैक रोड, आई हॉस्पिटल क्षेत्र, जार्ज एवरेस्ट, कैंपटी फॉल और कैंट क्षेत्र सहित प्रस्तावित रोपवे रूट का निरीक्षण कर अधिकारियों को परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सभी पर्यटन स्थलों को रोपवे से जोड़ने की तैयारी
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सरकार की योजना केवल देहरादून से मसूरी तक रोपवे बनाने की नहीं है, बल्कि मसूरी के प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की है। इससे पर्यटक सड़क मार्ग पर निर्भर रहने के बजाय रोपवे के माध्यम से विभिन्न स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे शहर में वाहनों की संख्या कम होगी, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और पर्यटकों को सुरक्षित, तेज एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही रोपवे की यात्रा के दौरान पर्यटक हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं और मसूरी की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद भी ले सकेंगे।
डीपीआर जल्द, कैबिनेट से मिलेगी मंजूरी
आवास सचिव ने बताया कि रोपवे परियोजना का अलाइनमेंट पहले ही तय किया जा चुका है। वर्तमान निरीक्षण का उद्देश्य अंतिम तकनीकी बिंदुओं को तय करना है। निरीक्षण के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शीघ्र तैयार कर कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिसे लगभग तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पार्किंग और पुनर्विकास नीति पर भी काम
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में शहरी विकास को व्यवस्थित बनाने के लिए री-डेवलपमेंट और पुनर्वास नीति तैयार की जा रही है। इसके साथ ही पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पार्किंग नीति भी बनाई जा रही है। दोनों प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा।
वन टाइम सेटलमेंट नीति भी जल्द होगी लागू
उन्होंने बताया कि मसूरी में वन टाइम सेटलमेंट नीति लागू करने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त दिशा-निर्देश सभी विकास प्राधिकरणों को भेज दिए गए हैं। न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही इस नीति को लागू किया जाएगा, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान का रास्ता साफ होगा। आवास सचिव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मसूरी को विश्वस्तरीय पर्यटन नगर के रूप में विकसित करना है। इसके लिए यातायात, पार्किंग, रोपवे और शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस मौके पर एसडीएम मसूरी राहुल आंनद और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
मसूरी  मासूम की मौत मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष,  सीसीटीवी में नहीं मिली लापरवाही, जांच समिति ने आरोप बताए निराधार

मसूरी उप जिला चिकित्सालय में एक वर्षीय मासूम की मौत के बाद डॉक्टरों पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों को अस्पताल प्रशासन ने खारिज कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. खजान सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय समिति और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में चिकित्सकों या स्टाफ की किसी प्रकार की लापरवाही सामने नहीं आई है।
डॉ. चौहान ने बताया कि 29 जून की सुबह करीब पांच बजे दंपती अपने बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचा था। उस समय ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक पहले से एक मरीज का उपचार कर रहे थे। दो-तीन मिनट बाद डॉ. प्रशांत नैथानी ने बच्चे की जांच की। उन्होंने बताया कि बच्चा पहले से एक निजी चिकित्सक के उपचार में था और उसे स्टेरॉयड सहित कई दवाएं दी जा रही थीं। अस्पताल में दवाओं में आवश्यक बदलाव कर परिजनों को सुबह आठ बजे बाल रोग विशेषज्ञ के आने तक रुकने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे बच्चे को लेकर अस्पताल से चले गए। सीएमएस ने कहा कि जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि अस्पताल पहुंचते ही नर्सिंग स्टाफ ने बच्चे को तत्काल अटेंड किया था। ऐसे में अस्पताल में डॉक्टर या स्टाफ के मौजूद न होने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए एकपक्षीय खबरें प्रसारित होने से सरकारी अस्पताल की छवि और डॉक्टरों का मनोबल प्रभावित होता है। मीडिया और जनप्रतिनिधियों को दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए।
डॉ. चौहान ने बताया कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रयासों से मसूरी अस्पताल को उप जिला चिकित्सालय का दर्जा मिला है और यहां लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। अस्पताल में सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सहित कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर किसी कर्मचारी या चिकित्सक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इस मामले में जांच में ऐसे कोई तथ्य नहीं मिले हैं।
मसूरी में आपदा से निपटने की तैयारी का परीक्षण, बारिश के बीच तीन घंटे चली मॉक ड्रिल

उत्तराखं डमें मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरूवार को मसूरी-एलकेडी रोड पर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के नेतृत्व में हुई इस ड्रिल में भूस्खलन की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के अनुसार पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से 20 यात्रियों से भरी एक मिनी बस फंस गई, जबकि एक कार गहरी खाई में जा गिरी। कार में सवार चार लोगों में से दो की मौके पर मौत और दो के गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति दर्शाई गई। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस, उप जिला चिकित्सालय, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
फायर सर्विस और वन विभाग के जवान रस्सियों के सहारे खाई में उतरे और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। 

वहीं लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया। भारी बारिश के बीच करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय और कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि बरसात के मौसम में भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इन्हीं परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास में सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर सभी प्रमुख विभाग मौके पर पहुंच गए, जिसमें सबसे पहले मसूरी पुलिस और फायर सर्विस ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। 

यह सभी विभागों की बेहतर तैयारी और समन्वय का प्रमाण है।उन्होंने लोगों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किए जा सकें। साथ ही स्थानीय लोगों से प्रशासन का सहयोग करने का भी आग्रह किया।
मसूरी हाथीपांव रोड पर भरभराकर गिरा पहाड़, मलबे में फंसा वाहन; चालक की बची जान

घंटों बाधित रहा यातायात, लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी से हटाया मलबा, फिर खुला मार्ग

पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। बुधवार को हाथीपांव रोड स्थित माइंस क्षेत्र के समीप अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर मुख्य सड़क पर आ गिरा। भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हादसे के दौरान एक वाहन मलबे की चपेट में आ गया, लेकिन चालक की सूझबूझ और किस्मत के चलते बड़ा हादसा टल गया। चालक सुरक्षित बच निकला और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से जारी बारिश के कारण पहाड़ी लगातार दरक रही थी। अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ पहाड़ का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते सड़क पर चट्टानों और मिट्टी का ढेर लग गया। घटना के समय मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई पर्यटक और स्थानीय लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे। घटना की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने तत्काल प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर यातायात रोक दिया और लोगों को मलबे के पास जाने से मना किया। अधिकारियों ने पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। विभाग ने जेसीबी मशीन की मदद से सड़क पर फैले बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे को हटाने का अभियान शुरू किया। करीब काफी मशक्कत के बाद सड़क को पूरी तरह साफ किया गया, जिसके बाद दोनों ओर रुका यातायात धीरे-धीरे सुचारु कराया गया। बारिश के मौसम में मसूरी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी और समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाने की आवश्यकता है, ताकि बड़े हादसों से बचा जा सके। प्रशासन ने भी पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सतर्कता बरतें
मसूरी में   18 विभागों के कर्मयोगियों का सम्मान, रोटरी क्लब ने दिए वोकेशनल अवॉर्ड

मसूरी में समाज और अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से रोटरी क्लब मसूरी ने मंगलवार को वोकेशनल अवॉर्ड-2026 समारोह आयोजित किया। इस दौरान विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों के 18 कर्मचारियों एवं अधिकारियों को उनकी कार्यनिष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
रोटरी क्लब के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने कहा कि अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करना समाज में बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देता है। कार्यक्रम अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि क्लब हर वर्ष ऐसे कर्मयोगियों को सम्मानित करता है, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान से अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
समारोह में चयनित 18 कर्मचारियों एवं अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि रोटरी क्लब वर्षभर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े जनहितकारी कार्यक्रम संचालित करता है। जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और सामाजिक सेवा क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।सम्मानित कर्मचारियों ने रोटरी क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
मसूरी में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उप जिला चिकित्सालय का किया निरीक्षण, ओएनजीसी ने दिए मेडिकल उपकरण, जल्द मिलेगी डायलिसिस सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाएगी सरकार

मसूरी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को उप जिला चिकित्सालय, मसूरी का निरीक्षण कर मरीजों से मुलाकात की और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इस दौरान ओएनजीसी (सीएसआर), देहरादून के सहयोग से अस्पताल को मेडिकल उपकरण एवं मेडिकल किट भी उपलब्ध कराई गईं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. खजान सिंह चौहान ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 250 से 300 मरीजों का उपचार किया जाता है तथा केवल 0.3 प्रतिशत मरीजों को ही गंभीर स्थिति में रेफर करना पड़ता है। उन्होंने अस्पताल में पैरामेडिकल और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत के बाद पहले चरण में डायलिसिस यूनिट शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जबकि भविष्य में आईसीयू की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस के निर्माण के लिए भूमि तलाशने का कार्य भी चल रहा है और स्थान मिलते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि कुछ लोग बेवजह भ्रम फैलाते हैं, जबकि मसूरी में लगातार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं विकसित की गई हैं। अस्पताल में स्टाफ की कमी भी जल्द दूर कर दी जाएगी।
राजनीतिक सवालों पर उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा अगले चुनाव की तैयारी में रहती है और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। टिकट किसे मिलेगा, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा, लेकिन वह हमेशा जनता की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।
1866 में टिहरी नरेश ने की थी शुरुआत, आज भी 114 से अधिक गांवों के हजारों लोग निभा रहे परंपरा; पर्यावरण संरक्षण और लोक संस्कृति का अनूठा संगम

मसूरी। उत्तराखंड की लोक संस्कृति में कई ऐसी परंपराएं हैं, जो आज भी आधुनिकता के बीच अपनी मूल पहचान के साथ जीवित हैं। जौनपुर क्षेत्र का ऐतिहासिक मौण मेला भी ऐसी ही एक अनूठी परंपरा है, जहां धर्म, प्रकृति, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। करीब 160 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह मेला शनिवार को एक बार फिर अगलाड़ नदी के तट पर पूरे उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही अगलाड़ नदी के मौणकोट क्षेत्र में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। मसूरी सहित 114 से अधिक गांवों के बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-दमाऊ और रणसिंघा की गूंज के बीच मेले में पहुंचे। जैसे ही टिमरू की छाल से तैयार श्मौणश् (औषधीय पाउडर) नदी में प्रवाहित किया गया, वैसे ही हजारों ग्रामीण पारंपरिक उपकरण लेकर नदी में उतर पड़े। पूरे नदी क्षेत्र में उत्साह, लोकगीत और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत दृश्य दिखाई दिया।
1866 में टिहरी नरेश ने डाली थी इस परंपरा की नींव
स्थानीय निवासी राजेश नौटियाल और सूरज सिंह रावत ने बताया कि इस ऐतिहासिक मेले की शुरुआत वर्ष 1866 में तत्कालीन टिहरी नरेश ने की थी। तब से यह परंपरा हर वर्ष बिना किसी व्यवधान के निभाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कांडी तल्ला, कांडी मल्ला, मेलेंगढ़, सड़ब तल्ला, सड़ब मल्ला, बेल, परोगी सहित कई गांवों के लोगों ने टिमरू की छाल से मौण तैयार करने की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने कहा कि यह केवल मछली पकड़ने का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक भाईचारे, सामूहिक श्रम और लोक संस्कृति का सबसे बड़ा उत्सव है।
पर्यावरण से छेड़छाड़ नहीं, प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश
मौण मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी रासायनिक पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाता। टिमरू की छाल को सुखाकर घराट में पीसा जाता है और उससे तैयार प्राकृतिक पाउडर नदी में डाला जाता है। इससे मछलियां कुछ समय के लिए अचेत हो जाती हैं, लेकिन जल प्रदूषण नहीं होता। जो मछलियां पकड़ी नहीं जातीं, वे कुछ देर बाद फिर सामान्य होकर नदी में तैरने लगती हैं। यही कारण है कि यह परंपरा आज भी पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।
ढोल-दमाऊ की थाप पर झूमी लोक संस्कृति
मेले में जौनपुर और जौनसार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी देखने को मिली। ढोल-दमाऊ की थाप पर युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक नृत्य किए, जबकि महिलाओं ने लोकगीतों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया। ग्रामीणों ने कुंडियाड़ा, फटियाड़ा, जाल और हाथों से मछलियां पकड़ीं। शाम होते ही लोग अपने गांव लौटे और सामूहिक भोज के साथ इस ऐतिहासिक पर्व का उत्सव मनाया।
नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ रहा मेला
ग्रामीणों का कहना है कि मौण मेला केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक ज्ञान और प्रकृति के प्रति सम्मान का पाठ पढ़ाने का माध्यम है। बदलते दौर में भी हजारों युवाओं की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जौनपुर की सांस्कृतिक विरासत आज भी उतनी ही मजबूत है, जितनी 160 वर्ष पहले थी।
मसूरी में जल्द खत्म होगी बैरियरों पर लंबी कतारें, इको टैक्स और माल रोड प्रवेश पर लगेगा फास्टटैग

स्थानीय लोगों को मिलेगा पास, इको शुल्क की आय होगी सार्वजनिक; पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी बोलीं- व्यवस्था होगी पूरी तरह पारदर्शी

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान बैरियरों पर लगने वाले लंबे जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका परिषद ने मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित कोल्हू खेत इको बैरियर और माल रोड प्रवेश बैरियर पर फास्टैग आधारित शुल्क प्रणाली लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। इस संबंध में नगर पालिका सभागार में सभी स्टेकहोल्डर्स और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि वर्तमान में इको शुल्क और माल रोड प्रवेश शुल्क मैन्युअल तरीके से लिए जाने के कारण पर्यटक सीजन में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। नई  प्रणाली लागू होने से वाहनों की आवाजाही तेज होगी और जाम की समस्या में काफी कमी आएगी। मीरा सकलानी ने कहा कि नगर पालिका का प्रयास है कि अगले तीन महीने के भीतर नई व्यवस्था को धरातल पर उतार दिया जाए। इसके लिए तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित कंपनी के साथ कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा, हम ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जो पर्यटकों के लिए सुविधाजनक होने के साथ पूरी तरह पारदर्शी भी होगी। बैरियरों पर अनावश्यक देरी खत्म होगी और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।
पालिका अध्यक्ष ने बताया कि कोल्हूखेत इको बैरियर पर तीन अलग-अलग लेन बनाई जाएंगी। पहली लेन फास्टटैग से गुजरने वाले वाहनों के लिए होगी, दूसरी स्थानीय निवासियों के लिए और तीसरी दोपहिया वाहनों के लिए, जहां फिलहाल शुल्क मैन्युअल तरीके से लिया जाएगा। माल रोड प्रवेश बैरियर पर भी इसी प्रकार की डिजिटल व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि प्रवेश प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित हो सके।
मीरा सकलानी ने बताया कि मसूरी के स्थायी निवासियों को नई व्यवस्था में विशेष सुविधा दी जाएगी। इसके लिए स्थानीय लोगों को अपनी गाड़ियों का नगर पालिका में पंजीकरण कराना होगा। सत्यापन के बाद उन्हें विशेष पास जारी किए जाएंगे। इस पास के लिए नाममात्र का शुल्क निर्धारित किया जाएगा, जिसका अंतिम निर्णय नगर पालिका बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
पालिका अध्यक्ष ने कहा कि अक्सर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से बैरियरों पर होने वाले शुल्क संग्रह को लेकर सवाल उठते रहे हैं। थ व्यवस्था लागू होने के बाद इको शुल्क से होने वाली आय का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल होगा और उसे सार्वजनिक भी किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त होगी। उन्होंने कहा, नई व्यवस्था में लेन-देन पूरी तरह डिजिटल होगा। इससे भ्रष्टाचार और राजस्व में गड़बड़ी की आशंकाओं पर भी अंकुश लगेगा।
मीरा सकलानी ने कहा कि यह व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिए लागू की जा रही है। यदि किसी नागरिक, व्यापारी या स्थानीय संगठन को इस योजना पर कोई सुझाव या आपत्ति है तो वह अगले तीन माह के भीतर लिखित रूप से नगर पालिका को दे सकता है। सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
नशामुक्त पर्यटन की ओर मसूरी का कदम, होटल कारोबारियों को दिए कानूनी जिम्मेदारियों के गुर

मसूरी। अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस पर जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में नगर पालिका सभागार में होटल, होमस्टे, रिसोर्ट, रेस्टोरेंट और पर्यटन व्यवसायियों के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पर्यटन प्रतिष्ठानों को नशा रोकथाम, कानूनी जिम्मेदारियों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस और प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि होटल और होमस्टे संचालक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि मसूरी की पहचान एक सुरक्षित और नशामुक्त पर्यटन स्थल के रूप में बनी रहे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित दो नशामुक्ति केंद्रों में उपचार की रिकवरी दर 80 प्रतिशत से अधिक है, जो विशेषज्ञ इलाज की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने परिजनों से अपील की कि यदि किसी मरीज का इलाज नशामुक्ति केंद्र में चल रहा है तो बीच में झाड़-फूंक या अन्य अवैज्ञानिक तरीकों का सहारा न लें, बल्कि चिकित्सकों की सलाह के अनुसार पूरा उपचार कराएं। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों को अतिथि सत्यापन, रिकॉर्ड संधारण, सीसीटीवी निगरानी और नशे से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी। अंत में सभी प्रतिभागियों ने मसूरी को सुरक्षित, जिम्मेदार और नशामुक्त पर्यटन स्थल बनाने का संकल्प लिया।
ई-मेल से मसूरी नगर पालिका को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में उस समय हड़कंप मच गया जब नगर पालिका परिषद मसूरी और एसडीएम कार्यालय को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए इस मेल में नगर पालिका कार्यालय समेत उत्तराखंड और दिल्ली के कई महत्वपूर्ण स्थलों पर बम विस्फोट की धमकी दी गई है।

धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं। नगर पालिका परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है।

मसूरी के कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल की सत्यता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आईपी एड्रेस, सर्वर डिटेल और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु अथवा व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।

धमकी भरे ई-मेल ने मसूरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों पर है कि यह धमकी महज शरारत है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।
बम की धमकी से दहली मसूरी, नगर पालिका परिसर खाली कराया गया बम स्क्वॉड, पुलिस, साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां अलर्ट; छानबीन में नहीं मिला कोई संदिग्ध विस्फोटक

नगर पालिका परिषद मसूरी को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को पूरे शहर में हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, खुफिया विभाग, साइबर सेल और बम निरोधक दस्ते (बम स्क्वॉड) ने मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षा के मद्देनजर नगर पालिका परिसर को तत्काल खाली कराया गया और कर्मचारियों सहित आम लोगों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई।बम स्क्वॉड की टीम ने कई घंटों तक नगर पालिका भवन के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली। कार्यालय के कमरों, रिकॉर्ड रूम, परिसर और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई। हालांकि प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार नगर पालिका और एसडीएम कार्यालय को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें नगर पालिका कार्यालय को निशाना बनाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही प्रशासन ने किसी भी प्रकार का जोखिम न लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया। बम स्क्वॉड के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लावारिस वस्तु, बैग या संदिग्ध सामग्री को हाथ न लगाएं। यदि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम या स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
इस बीच नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और पुलिस, खुफिया विभाग तथा साइबर सेल को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मसूरी एक अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में इस प्रकार की धमकियां न केवल सुरक्षा के लिहाज से गंभीर हैं बल्कि पर्यटन गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती हैं।
वहीं पुलिस और साइबर सेल ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। तकनीकी विशेषज्ञ आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं ताकि धमकी भेजने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान की जा सके।
मसूरी में कुछ बात को लेकर पर्यटक और स्थानीय युवकों के बीच में हुआ झगड़ा, जमकर चले लाठी और पत्थर माल रोड पर हुआ बवाल, मसूरी पुलिस जांच।में जुटी
मसूरी मॉल रोड पर गिरा विशाल पेड़, अग्निशमन दल ने त्वरित कार्रवाई कर टाला बड़ा हादसा

पर्यटन नगरी मसूरी में रविवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब झूलाघर स्थित इलाहाबाद बैंक के समीप मॉल रोड पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया। घटना के चलते कुछ देर के लिए मार्ग अवरुद्ध हो गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और पेड़ को काटकर मार्ग से हटाते हुए यातायात सुचारू कर दिया। अग्निशमन एवं आपात सेवा केंद्र मसूरी को शनिवार को सूचना मिली कि झूलाघर के निकट इलाहाबाद बैंक के पास मॉल रोड पर एक बड़ा पेड़ गिर गया है। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि विशाल पेड़ मुख्य मार्ग पर गिरा हुआ था, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही थी और दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। फायर यूनिट ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने दो वुडन कटरों की मदद से पेड़ को छोटे-छोटे हिस्सों में काटा और उन्हें सड़क से हटाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को पूरी तरह साफ कर यातायात के लिए खोल दिया गया। गनीमत रही कि पेड़ गिरने के समय वहां कोई राहगीर या वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। राहत एवं बचाव अभियान में चालक महेंद्र सिंह, फायरमैन शुभाष सिंह, नितिन सिंह और रोहित रावत शामिल रहे।
मसूरी  मॉल रोड पर अतिक्रमण हटाने गई पालिका टीम से भिड़ंत, पालिका कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

मसूरी मॉल रोड पर अवैध पटरी कारोबार के खिलाफ शनिवार देर रात चलाए गए नगर पालिका के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान विवाद खड़ा हो गया। पालिका प्रशासन का आरोप है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ महिलाओं और संजय टम्टा नामक व्यक्ति ने टीम को रोकने का प्रयास किया, अधिषासी अधिकारी और कर्मचारियों से अभद्रता की और जब्त सामान ले जा रहे वाहन को भी रोक दिया।
घटना के बाद नगर पालिका कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारी संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी मसूरी कोतवाली पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने पुलिस को भेजे पत्र में सरकारी कार्य में बाधा, धमकी और अभद्रता के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
म्सूरी नगर पालिका कर्मचारी संध के महामंत्री चंद्रप्रकाष बडोनी और संजीव कवि ने बताया कि इससे पहले भी संजय टम्टा द्वारा एक कर्मचारी को फोन पर धमकी दी गई थी, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है। उन्होने कहा कि कर्मचारी शहर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्य कर रहे हैं, लेकिन ड्यूटी के दौरान धमकी और अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे।
वहीं मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने कहा कि  कर्मचारियों के द्वारा शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ कानून के अपने हाथों में लेने का अधिकार किसी को नही है। व कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करेगा उसे बख्शा नहीं जायेगा।
पहाड़ों की रानी मसूरी में योग की गूंज, सैकडों लोगों ने अपनाया निरोगी जीवन का मंत्र

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर टाउन हॉल में सामूहिक योगाभ्यास, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी बोले- योग भारत की विश्व को अमूल्य देन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पर्यटन नगरी मसूरी में उत्साह और उमंग के साथ योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर पालिका परिषद मसूरी की ओर से टाउन हॉल परिसर में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में आईटीबीपी के जवानों ने भी पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास कर अनुशासन और फिटनेस का संदेश दिया। टाउन हॉल परिसर में सुबह से ही योग के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिला और विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर स्वास्थ्य के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासन और प्राणायाम के अभ्यास से हुई। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से योग कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को नियमित योग के महत्व और इसके शारीरिक एवं मानसिक लाभों की विस्तृत जानकारी भी दी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री छंतमदकतं डवकप के प्रयासों से वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के सैकड़ों देशों में करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन जीने की कला है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, तनाव और भागदौड़ के बीच योग ही वह माध्यम है जो व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है और जीवन को अधिक स्वस्थ एवं सकारात्मक बनाया जा सकता है।
वहीं नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि योग स्वस्थ समाज के निर्माण का आधार है। उन्होंने लोगों से नियमित योग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर ही फिट इंडिया और स्वस्थ भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
न्याय नहीं मिला तो कोतवाली के बाहर जान दे दूंगा बेटी की मौत पर पिता का फूटा गुस्सा, मसूरी पुलिस पर लीपापोती के गंभीर आरोप

मसूरी में गुरुग्राम की सॉफ्टवेयर इंजीनियर राधा गायत्री की संदिग्ध मौत के मामले में शनिवार को उस समय भावुक माहौल बन गया जब मृतका के पिता पारुपुडी सुधाकर मसूरी कोतवाली पहुंचे और पुलिस पर मामले में सहयोग न करने तथा जांच को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला तो वह कोतवाली के बाहर ही अपनी जान दे देंगे।
मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की संदिग्ध मौत के बाद से वह लगातार पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा। उनका कहना है कि शुरुआत से ही मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उसे सामान्य घटना की तरह प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की छवि को भी नुकसान पहुंचाया गया, जबकि वह किसी प्रकार का नशा या शराब का सेवन नहीं करती थी।
परिजनों का आरोप है कि वे लगातार हत्या की आशंका जता रहे थे, लेकिन इसके बावजूद मुकदमा दर्ज करने में देरी हुई। पिता ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि मामले में ष्लीपापोतीष् की जा रही है और कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी की निगरानी में कराई जाए।
कोतवाली परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान पिता भावुक हो गए और कहा, ष्अगर मेरी बेटी को न्याय नहीं मिला तो मैं यहीं पुलिस स्टेशन के बाहर मर जाऊंगा, लेकिन अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई नहीं छोड़ूंगा।ष्
हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार परिजनों की तहरीर के आधार पर हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर परिजनों को अपनी बात सुने जाने के लिए धरने और आत्मघाती चेतावनी तक क्यों पहुंचना पड़ा। वहीं अब पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी चर्चा के केंद्र में आ गई है।
मसूरी में हादसे को दावत दे रही टूटी रेलिंग, क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है सिस्टम?

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर मासोनिक लॉज के पास सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रेलिंग को ठीक नहीं किया गया तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व इसी स्थान पर एक कार अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए गहरी खाई में जा गिरी थी। गनीमत रही कि चालक की जान बच गई, लेकिन दुर्घटना के बाद भी संबंधित विभागों ने कोई सबक नहीं लिया। वर्तमान में रेलिंग टूटी होने के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा असुरक्षित बना हुआ है। यह मार्ग मसूरी और देहरादून को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों पर्यटक, स्थानीय वाहन, दोपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं। रात के समय या खराब मौसम में यहां दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि टूटी रेलिंग के आसपास न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा बैरिकेडिंग की गई है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग और प्रशासन दोनों ही मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि रोजाना अधिकारी इसी मार्ग से गुजरते हैं, इसके बावजूद किसी ने अब तक मरम्मत की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा हो।

वहीं, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता षिवराज सिंह लोदियाल ने बताया कि उक्त रेलिंग का स्थायी निर्माण मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा कराया जाना है और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर क्षतिग्रस्त रेलिंग की अस्थायी मरम्मत जल्द कराई जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना की आशंका को देखते हुए तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और नई रेलिंग लगाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उनका कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
मसूरी कोलूखेत पानी वाले बैंड में अवैध निर्माण पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर, पार्किंग और सड़क अतिक्रमण ध्वस्त

मसूरी। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और सड़क अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलूखेत स्थित पानी वाले बैंड के पास बनाई जा रही पार्किंग, टाइल्स कार्य और सड़क पर किए गए अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने बताया कि क्षेत्र में बिना अनुमति पार्किंग निर्माण किए जाने तथा सड़क भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मौके का निरीक्षण किया गया, जिसमें निर्माण कार्य प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किया जाना पाया गया। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई अमल में लाई गई।

 एमडीडीए के सहायक अभियंता अजय मलिक ने बताया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा बिना प्राधिकरण की अनुमति के पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा था तथा पार्किंग क्षेत्र में टाइल्स भी लगाई जा रही थीं। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य सड़क की भूमि पर अतिक्रमण कर क्षेत्र का विस्तार किया गया था, जो नियमों के विरुद्ध था। इसी के चलते जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण को हटाया गया। उन्होंने कहा कि मसूरी जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में अनियोजित और अवैध निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे यातायात, सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। प्राधिकरण ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। अजय मलिक ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति किए गए निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।