सराहनीय पहल: श्योपुर में पराली प्रबंधन के लिए बेलर मशीन का जीवंत प्रदर्शन
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धान की कटाई के इस सीजन में पर्यावरण संरक्षण और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशानुसार एक विशेष पहल की गई है। आज ग्राम मऊ में सहायक कृषि यंत्री श्री नवीन कुमार के नेतृत्व में बेलर संचालक श्री बलजीत सिंह द्वारा कृषक श्री अवतार सिंह के खेत में बेलर मशीन का जीवंत (लाइव) प्रदर्शन किया गया।
पराली जलाने के नुकसान (क्यों ज़रूरी है यह पहल?)
• वायु प्रदूषण: धान की पराली जलाने से बड़ी मात्रा में धुआं निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचता है।
• मिट्टी की क्षति: आग लगाने से भूमि के अत्यंत उपयोगी सूक्ष्मजीव और आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे खेत की उर्वरता पर बहुत बुरा असर पड़ता है।
आधुनिक समाधान: बेलर तकनीक से लाभ
इस समस्या से निपटने के लिए ग्राम मऊ के प्रगतिशील किसान श्री बलजीत सिंह ने एक बेहतरीन शुरुआत की है। वे आधुनिक कृषि यंत्र (बेलर) की मदद से किसानों के खेतों से पराली को एकत्रित कर उसका उचित प्रबंधन कर रहे हैं।
• यह तकनीक कृषि कार्यों में सुधार लाती है।
• किसानों को पराली जलाने का एक सुरक्षित विकल्प देती है।
• पर्यावरण और मिट्टी दोनों की रक्षा करती है।
कृषक बंधुओं के लिए आवश्यक अपील
ग्राम मऊ, जानपुरा, नसीरपुर, तलाबड़ा एवं हलगावड़ा के सभी किसान भाइयों से अनुरोध है कि वे धान की कटाई के बाद पराली में आग बिल्कुल न लगाएं।
अपने खेत की पराली का आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन कराने के लिए तुरंत नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क करें:
• संपर्क व्यक्ति: श्री बलजीत सिंह (बेलर संचालक)
• मोबाइल नंबर: 9755925345
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3 views | Sheopur, Madhya Pradesh | Oct 14, 2026