फसल अवशेष प्रबंधन पर जिला स्तरीय किसान मेला आयोजित
150 किसानों को बीज का वितरण, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई
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कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में फसल अवशेष प्रबंधन पर जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी के मुख्य आतिथ्य में निषादराज भवन में आयोजित उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम श्री गगन सिंह मीणा द्वारा की गई।
इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जाट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री नीरज जाट, जिला पंचायत सदस्य एवं अध्यक्ष कृषि स्थाई समिति श्री गिरधारी लाल बैरवा, भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री नरेन्द्र चौधरी, भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री गौरीशंकर मीणा, भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री मोनू सोनी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष श्री संजय मंगल, भाजपा जिला मंत्री श्री भीमराज सुमन, श्री इन्द्रजीत गुर्जर, युवा संयोजक भारतीय किसान संघ श्री जितेन्द्र मीणा, श्री जयदीप तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बडी संख्या में किसान बंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मों सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। एसडीएम श्योपुर श्री गगन सिंह मीणा द्वारा सभी किसान बंधुओं से पराली-नरवाई न जलाने की अपील करते हुये पराली का प्रबंधन कृषि यंत्रों की संहायता से किये जाने तथा जमीन की उर्वरा शक्ति को कायम रखते हुये उच्च गुणवत्ता का अनाज उत्पन्न करने की सलाह प्रदान की गई।
इस अवसर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जाट द्वारा किसानों को पराली-नरवाई न जलाने एवं उनको खेत में कृषि यंत्रों की सहायता से निस्पादन के संबंध में विस्तार से समझाईश दी गई, साथ ही जल जमीन एवं पर्यावरण संरक्षण करने के उपाय बतायें गये।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री नीरज जाट ने कहा कि कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली का उचित प्रबंधन किया जायें, खेतो में पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो जाती है तथा फसल उत्पादन भी निरंतर घटता जाता है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान भी दिया जाता है।
जिला पंचायत सदस्य श्री गिरधारी लाल बैरवा द्वारा पराली जलाने से होने वाले दुष्परिणाम को दृष्टिगत रखते हुये विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह चौधरी द्वारा पराली-नरवाई प्रबंधन विषय पर किसानों को जागरूक करते हुए कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली प्रबंधन के संबंध में अवगत कराया गया।
इसके पूर्व कृषि विज्ञान केन्द्र बडौदा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. कायम सिंह द्वारा सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया एवं कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
उप संचालक कृषि श्री आर.के. सिंह द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन क्यों जरूरी है एवं विभाग की योजनाओ की जानकारी प्रदान की गई। वैज्ञानिक डॉ. लाखन सिंह गुर्जर द्वारा पराली प्रबंधन के माध्यम से भूमि, जल एवं पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुये कृषि यंत्र जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रोटावेटर, बायोवेस्ट डी कम्पोजर के उपयोग को विस्तार से समझाया गया। वैज्ञानिक डॉ. चन्द्रभान सिंह द्वारा मिट्टी के आधार पर पराली प्रबंधन के यंत्रों को उपयोग करने की सलाह दी गई। सहायक कृषि यांत्रिकी श्री नवीन कुमार द्वारा किसानो को कृषि यंत्रों की सहायता से पराली का प्रबंधन कैस कब और कहां पर किया जायें, इस संबंध में जानकारी प्रदान की गई, साथ ही कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान के बारे संपूर्ण जानकारी से अवगत कराया। कार्यक्रम के नॉडल अधिकारी डॉ. यू.सी. शर्मा द्वारा भी किसानों को पराली न जलाने की सलाह देते हुये भूमि की उर्वरा शक्ति कैसे बढ़ाई जाये और भविष्य में इस प्रबंधन से आने वाली पीढी को किस प्रकार लाभ मिलेगा, इस पर जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा 150 किसानों को नेशनल मिशिन ऑन इडिवल ऑयल योजनान्तर्गत वेल्यूचेन क्लस्टर घटक में बीज का वितरण किया गया। किसान मेले के दौरान कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पराली प्रबंधन में उपयोगी विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों की प्रर्दशनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम में उप संचालक पशुपालन डॉ सुभाष बाबू दोहरे, सहायक मत्स्य अधिकारी श्रीमती वंदना गोयल, उद्यानिकी विभाग से श्री सरदार सिंह प्रजापति, एनआरएलएम डीपीएम श्री सोहनकृष्ण मुदगल आदि अधिकारी मौजूद रहें।
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2 views | Sheopur, Madhya Pradesh | Oct 14, 2026