महेवा ब्लॉक में फूटा रोजगार सेवकों का गुस्सा! घंटों चला धरना, डीसी मनरेगा पहुंचे, जांच का दिया भरोसा
बीडीओ पर गंभीर आरोपों की बौछार, अधिकारियों और रोजगार सेवकों के बीच हुई वार्ता; डीसी मनरेगा बोले—जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ होगी कार्रवाई
जालौन जनपद के महेवा विकास खंड में शनिवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब दर्जनों ग्राम रोजगार सेवक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ब्लॉक परिसर में धरने पर बैठ गए।
देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, ग्रामीण और अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए।
पूरे घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
धरने के दौरान रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए।
उनका कहना था कि लंबे समय से उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि पहले उनसे डोंगल लगवाकर कार्य कराया जाता है, बाद में उन्हीं के खिलाफ शिकायतें कराई जाती हैं।
रोजगार सेवकों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय बुलाकर कथित रूप से 20 हजार रुपये की मांग की जाती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रोजगार सेवकों का कहना है कि कई महीनों से उनका मानदेय लंबित है, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर डराया-धमकाया जाता है।
एक दिन पहले सोशल मीडिया पर एक रोजगार सेवक की भावुक पोस्ट भी वायरल हुई थी, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया था।
घंटों तक चले धरना प्रदर्शन के बाद मौके पर डीसी मनरेगा और खंड विकास अधिकारी पहुंचे।
अधिकारियों और रोजगार सेवकों के बीच विस्तृत वार्ता हुई।
इस दौरान डीसी मनरेगा ने रोजगार सेवकों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया से बातचीत में डीसी मनरेगा ने स्पष्ट कहा कि जांच में यदि कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं रोजगार सेवकों ने कहा कि उन्हें निष्पक्ष जांच पर भरोसा है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
इससे पहले खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने दूरभाष पर अपना पक्ष रखते हुए रोजगार सेवकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया।
उन्होंने कहा कि उनका इन आरोपों से कोई संबंध नहीं है।
अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल...
क्या रोजगार सेवकों के आरोप सही हैं या जांच में तस्वीर कुछ और सामने आएगी?
कई महीनों से मानदेय लंबित होने का दावा क्यों किया जा रहा है?
आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि रोजगार सेवकों को धरने पर बैठना पड़ा?
क्या जांच के बाद दोषियों पर वास्तव में कार्रवाई होगी?
क्या इस पूरे मामले की सच्चाई अब सामने आएगी?
फिलहाल पूरे मामले पर जिलेभर की नजर बनी हुई है।
अब सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे साफ हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
वीडियो के आखिर तक जरूर देखें।
इस वीडियो में सुनिए रोजगार सेवकों ने मीडिया के सामने क्या-क्या आरोप लगाए, डीसी मनरेगा ने जांच को लेकर क्या कहा और पत्रकार सोनू महाराज के सवालों पर अधिकारियों व रोजगार सेवकों ने क्या जवाब दिया।
आपकी क्या राय है?
क्या वास्तव में रोजगार सेवकों के साथ शोषण हो रहा है, या फिर जांच में कोई अलग सच्चाई सामने आएगी?
अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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Kalpi, Jalaun | Jul 18, 2026