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महेवा ब्लॉक में फूटा रोजगार सेवकों का गुस्सा! बीडीओ पर गंभीर आरोपों की बौछार, ब्लॉक परिसर में अनिश्चितकालीन धरना मानदेय, उत्पीड़न, कथित रिश्वतखोरी और धमकी के आरोपों से गरमाया महेवा ब्लॉक; बीडीओ बोले—सभी आरोप पूरी तरह निराधार जालौन जनपद के महेवा विकास खंड में शनिवार को उस समय माहौल गर्मा गया, जब दर्जनों रोजगार सेवक ब्लॉक परिसर में तिरपाल बिछाकर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में कई ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। रोजगार सेवकों का कहना है कि वर्षों से उनका शोषण किया जा रहा है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। धरने पर बैठे रोजगार सेवकों ने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पहले उनसे डोंगल लगवाकर कार्य कराया जाता है, फिर उन्हीं के खिलाफ शिकायतें कराई जाती हैं। इसके बाद कार्यालय बुलाकर कथित रूप से 20 हजार रुपये की मांग की जाती है। रोजगार सेवकों का आरोप है कि इस राशि में से 15 हजार रुपये अधिकारी स्वयं रखते हैं और 5 हजार रुपये कुछ कथित पत्रकारों को दिए जाते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रोजगार सेवकों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है और डराया-धमकाया जाता है। उनका कहना है कि उन्हें कहा जाता है कि तुम लोगों को गड्ढा खुदवाकर उसी में खड़ा कर देंगे तथा हमसे बड़ा कोई गुंडा नहीं है। रोजगार सेवकों का यह भी कहना है कि कई महीनों से उनका मानदेय लंबित है, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गौरतलब है कि एक दिन पहले सोशल मीडिया पर एक रोजगार सेवक की पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें न्याय न मिलने व शोषण करने पर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की चेतावनी दी गई थी। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी सतर्कता के साथ मौके पर मौजूद रहा और सुरक्षा व्यवस्था संभाले रहा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस पूरे मामले में जब खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष लिया गया तो उन्होंने रोजगार सेवकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि उनका इन आरोपों से कोई संबंध नहीं है। खबर लिखे जाने तक खंड विकास अधिकारी धरनास्थल पर नहीं पहुंचे थे। रोजगार सेवकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। वीडियो के लास्ट तक बने रहिए... वीडियो के आखिर तक बने रहिए और सुनिए कि रोजगार सेवकों ने मीडिया के सामने क्या-क्या गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने अपने साथ हो रहे कथित उत्पीड़न को लेकर क्या कहा। इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? क्या वास्तव में रोजगार सेवकों के साथ शोषण हो रहा है या फिर मामला कुछ और है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। #BreakingNews #MegaBreaking #BigBreaking #Jalaun #JalaunNews #Kalpi #Maheba #MahebaBlock #BlockOffice #BDO #ArunKumarSingh #RozgarSevak #MGNREGA #NREGA #Dharna #Protest #ViralVideo #GroundReport #Exclusive #LiveUpdate #HindiNews #UPNews #UttarPradesh #SonuMaharaj #Journalism #PublicVoice #Justice #CorruptionAllegation #Accountability #VillageDevelopment

Kalpi, Jalaun | Jul 18, 2026

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महेवा ब्लॉक में फूटा रोजगार सेवकों का गुस्सा! घंटों चला धरना, डीसी मनरेगा पहुंचे, जांच का दिया भरोसा

बीडीओ पर गंभीर आरोपों की बौछार, अधिकारियों और रोजगार सेवकों के बीच हुई वार्ता; डीसी मनरेगा बोले—जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ होगी कार्रवाई

जालौन जनपद के महेवा विकास खंड में शनिवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब दर्जनों ग्राम रोजगार सेवक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ब्लॉक परिसर में धरने पर बैठ गए। 
देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, ग्रामीण और अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। 
पूरे घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।

धरने के दौरान रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए।
 उनका कहना था कि लंबे समय से उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि पहले उनसे डोंगल लगवाकर कार्य कराया जाता है, बाद में उन्हीं के खिलाफ शिकायतें कराई जाती हैं। 
रोजगार सेवकों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय बुलाकर कथित रूप से 20 हजार रुपये की मांग की जाती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

रोजगार सेवकों का कहना है कि कई महीनों से उनका मानदेय लंबित है, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
 उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर डराया-धमकाया जाता है। 
एक दिन पहले सोशल मीडिया पर एक रोजगार सेवक की भावुक पोस्ट भी वायरल हुई थी, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया था।

घंटों तक चले धरना प्रदर्शन के बाद मौके पर डीसी मनरेगा और खंड विकास अधिकारी पहुंचे।
 अधिकारियों और रोजगार सेवकों के बीच विस्तृत वार्ता हुई। 
इस दौरान डीसी मनरेगा ने रोजगार सेवकों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया से बातचीत में डीसी मनरेगा ने स्पष्ट कहा कि जांच में यदि कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
वहीं रोजगार सेवकों ने कहा कि उन्हें निष्पक्ष जांच पर भरोसा है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।

इससे पहले खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने दूरभाष पर अपना पक्ष रखते हुए रोजगार सेवकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया। 
उन्होंने कहा कि उनका इन आरोपों से कोई संबंध नहीं है।

अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल...

 क्या रोजगार सेवकों के आरोप सही हैं या जांच में तस्वीर कुछ और सामने आएगी?
कई महीनों से मानदेय लंबित होने का दावा क्यों किया जा रहा है?
 आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि रोजगार सेवकों को धरने पर बैठना पड़ा?
 क्या जांच के बाद दोषियों पर वास्तव में कार्रवाई होगी?
 क्या इस पूरे मामले की सच्चाई अब सामने आएगी?

फिलहाल पूरे मामले पर जिलेभर की नजर बनी हुई है। 
अब सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे साफ हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

 वीडियो के आखिर तक जरूर देखें।
इस वीडियो में सुनिए रोजगार सेवकों ने मीडिया के सामने क्या-क्या आरोप लगाए, डीसी मनरेगा ने जांच को लेकर क्या कहा और पत्रकार सोनू महाराज के सवालों पर अधिकारियों व रोजगार सेवकों ने क्या जवाब दिया।

 आपकी क्या राय है?
क्या वास्तव में रोजगार सेवकों के साथ शोषण हो रहा है, या फिर जांच में कोई अलग सच्चाई सामने आएगी?
अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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महेवा ब्लॉक में फूटा रोजगार सेवकों का गुस्सा! घंटों चला धरना, डीसी मनरेगा पहुंचे, जांच का दिया भरोसा बीडीओ पर गंभीर आरोपों की बौछार, अधिकारियों और रोजगार सेवकों के बीच हुई वार्ता; डीसी मनरेगा बोले—जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ होगी कार्रवाई जालौन जनपद के महेवा विकास खंड में शनिवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब दर्जनों ग्राम रोजगार सेवक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ब्लॉक परिसर में धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, ग्रामीण और अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। पूरे घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। धरने के दौरान रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि लंबे समय से उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि पहले उनसे डोंगल लगवाकर कार्य कराया जाता है, बाद में उन्हीं के खिलाफ शिकायतें कराई जाती हैं। रोजगार सेवकों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय बुलाकर कथित रूप से 20 हजार रुपये की मांग की जाती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रोजगार सेवकों का कहना है कि कई महीनों से उनका मानदेय लंबित है, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर डराया-धमकाया जाता है। एक दिन पहले सोशल मीडिया पर एक रोजगार सेवक की भावुक पोस्ट भी वायरल हुई थी, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया था। घंटों तक चले धरना प्रदर्शन के बाद मौके पर डीसी मनरेगा और खंड विकास अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों और रोजगार सेवकों के बीच विस्तृत वार्ता हुई। इस दौरान डीसी मनरेगा ने रोजगार सेवकों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मीडिया से बातचीत में डीसी मनरेगा ने स्पष्ट कहा कि जांच में यदि कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं रोजगार सेवकों ने कहा कि उन्हें निष्पक्ष जांच पर भरोसा है और सच्चाई सामने आनी चाहिए। इससे पहले खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने दूरभाष पर अपना पक्ष रखते हुए रोजगार सेवकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनका इन आरोपों से कोई संबंध नहीं है। अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल... क्या रोजगार सेवकों के आरोप सही हैं या जांच में तस्वीर कुछ और सामने आएगी? कई महीनों से मानदेय लंबित होने का दावा क्यों किया जा रहा है? आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि रोजगार सेवकों को धरने पर बैठना पड़ा? क्या जांच के बाद दोषियों पर वास्तव में कार्रवाई होगी? क्या इस पूरे मामले की सच्चाई अब सामने आएगी? फिलहाल पूरे मामले पर जिलेभर की नजर बनी हुई है। अब सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे साफ हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी तय होती है। वीडियो के आखिर तक जरूर देखें। इस वीडियो में सुनिए रोजगार सेवकों ने मीडिया के सामने क्या-क्या आरोप लगाए, डीसी मनरेगा ने जांच को लेकर क्या कहा और पत्रकार सोनू महाराज के सवालों पर अधिकारियों व रोजगार सेवकों ने क्या जवाब दिया। आपकी क्या राय है? क्या वास्तव में रोजगार सेवकों के साथ शोषण हो रहा है, या फिर जांच में कोई अलग सच्चाई सामने आएगी? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #महेवा_ब्लॉक #जालौन #रोजगार_सेवक #धरना #धरना_प्रदर्शन #मनरेगा #DCMNREGA #BDO #अरुण_कुमार_सिंह #ग्राम_रोजगार_सेवक #जालौन_समाचार #ब्रेकिंग_न्यूज़ #BreakingNews #UPNews #Urai #MGNREGA #भ्रष्टाचार_आरोप #मानदेय #जांच #ग्रामीण_विकास #उत्तरप्रदेश #सरकारी_योजना #ViralNews #TrendingNews #HindiNews #SonuMaharaj #Journalist #दैनिक_सत्य_का_सिंहनाद #LatestNews #GroundReport

Kalpi, Jalaun | Jul 18, 2026

घर पर रहकर की NEET की तैयारी, प्राची राजपूत ने हासिल की ऑल इंडिया जनरल रैंक 1836

हमीरपुर जिले की राठ तहसील के ग्राम नौरंगा की मूल निवासी एवं वर्तमान में उरई के मोहल्ला इंद्रानगर में रहने वाले मेहर जीवन राजपूत की बेटी प्राची राजपूत ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर बड़ी सफलता हासिल कर परिवार, समाज और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।

वर्ष 2025 में इंटरमीडिएट पास करने के बाद प्राची ने बिना किसी बड़े संस्थान में नियमित पढ़ाई किए घर पर रहकर ही NEET की तैयारी की।
 मात्र एक वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने NEET में ऑल इंडिया जनरल रैंक 1836 प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की।

प्राची के पिता मेहर जीवन राजपूत एक प्राइवेट मेडिकल का संचालन करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। 
बड़ी बहन भी अपनी पढ़ाई कर रही हैं।
 सीमित संसाधनों के बीच मिली यह सफलता हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है।

 वीडियो के अंत तक जरूर बने रहें और सुनिए प्राची राजपूत ने अपनी सफलता का श्रेय किसे दिया, कैसे की तैयारी और प्रतियोगी छात्रों को क्या खास संदेश दिया।

 आपकी क्या राय है?
 कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।

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घर पर रहकर की NEET की तैयारी, प्राची राजपूत ने हासिल की ऑल इंडिया जनरल रैंक 1836 हमीरपुर जिले की राठ तहसील के ग्राम नौरंगा की मूल निवासी एवं वर्तमान में उरई के मोहल्ला इंद्रानगर में रहने वाले मेहर जीवन राजपूत की बेटी प्राची राजपूत ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर बड़ी सफलता हासिल कर परिवार, समाज और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। वर्ष 2025 में इंटरमीडिएट पास करने के बाद प्राची ने बिना किसी बड़े संस्थान में नियमित पढ़ाई किए घर पर रहकर ही NEET की तैयारी की। मात्र एक वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने NEET में ऑल इंडिया जनरल रैंक 1836 प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। प्राची के पिता मेहर जीवन राजपूत एक प्राइवेट मेडिकल का संचालन करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। बड़ी बहन भी अपनी पढ़ाई कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बीच मिली यह सफलता हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है। वीडियो के अंत तक जरूर बने रहें और सुनिए प्राची राजपूत ने अपनी सफलता का श्रेय किसे दिया, कैसे की तैयारी और प्रतियोगी छात्रों को क्या खास संदेश दिया। आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। #BreakingNews #NEETSuccess #PrachiRajput #AIR1836 #Urai #Jalaun #Hamirpur #Rath #Nauranga #IndraNagar #SuccessStory #Motivation #MedicalAspirants #FutureDoctor #ProudMoment #Education #StudentSuccess #Inspiration #UPNews #Bundelkhand #ViralNews #Trending #YouthIcon #ExamSuccess #DailyNews #HindiNews #SonuMaharaj #नीट #प्राची_राजपूत #उरई

Kalpi, Jalaun | Jul 18, 2026

किसानों के लिए राहत की खबर: जालौन में डीएपी-यूरिया की नहीं होगी कमी, कालाबाजारी पर चलेगा प्रशासन का सख्त डंडा

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश— हर सहकारी समिति पर पर्याप्त खाद रहे उपलब्ध, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पर होगी कड़ी कार्रवाई

खरीफ फसलों की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक कर जनपद की उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी डीएपी और यूरिया की कमी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, जिला कृषि अधिकारी तथा पीसीएफ के अधिकारी मौजूद रहे। 
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण बनाए रखा जाए, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने निर्देश दिए कि समिति सचिव किसानों को उनकी जोत और वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराएं, जिससे सभी पात्र किसानों को समान रूप से खाद मिल सके और किसी प्रकार की कृत्रिम कमी उत्पन्न न हो।

जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं रिटेल दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। 
सभी दुकानों पर सरकारी मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जाए और किसानों से शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही उर्वरक की बिक्री सुनिश्चित कराई जाए।

उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करता है, कृत्रिम अभाव पैदा करता है या कालाबाजारी जैसी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन किसी भी स्तर पर किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी क्षेत्र में खाद की कमी या वितरण संबंधी समस्या सामने आने पर उसकी सूचना तत्काल जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की सुविधा और उनकी फसलों की समय पर बुवाई प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 
उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आपकी क्या राय है?

क्या खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन को और भी सख्त कदम उठाने चाहिए? 
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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किसानों के लिए राहत की खबर: जालौन में डीएपी-यूरिया की नहीं होगी कमी, कालाबाजारी पर चलेगा प्रशासन का सख्त डंडा जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश— हर सहकारी समिति पर पर्याप्त खाद रहे उपलब्ध, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पर होगी कड़ी कार्रवाई खरीफ फसलों की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक कर जनपद की उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी डीएपी और यूरिया की कमी नहीं होनी चाहिए। बैठक में उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, जिला कृषि अधिकारी तथा पीसीएफ के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण बनाए रखा जाए, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि समिति सचिव किसानों को उनकी जोत और वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराएं, जिससे सभी पात्र किसानों को समान रूप से खाद मिल सके और किसी प्रकार की कृत्रिम कमी उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं रिटेल दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। सभी दुकानों पर सरकारी मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जाए और किसानों से शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही उर्वरक की बिक्री सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करता है, कृत्रिम अभाव पैदा करता है या कालाबाजारी जैसी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन किसी भी स्तर पर किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी क्षेत्र में खाद की कमी या वितरण संबंधी समस्या सामने आने पर उसकी सूचना तत्काल जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की सुविधा और उनकी फसलों की समय पर बुवाई प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आपकी क्या राय है? क्या खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन को और भी सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। #जालौन #उरई #RajeshKumarPandey #DMJalaun #डीएपी #यूरिया #खाद #किसान #कृषि #Fertilizer #DAP #Urea #Farmer #Agriculture #UPNews #BreakingNews #JalaunNews #UraiNews #CooperativeSociety #AgricultureDepartment #DistrictAdministration #FoodSecurity #Kharif2026 #Farming #Government #HindiNews #LatestNews #PublicInterest #दैनिक_सत्य_का_सिंहनाद #SonuMaharaj

Kalpi, Jalaun | Jul 18, 2026