11 एमएम की पथरी का ऑपरेशन कराया, फिर भी CT में मिली 10 एमएम की पथरी: तूतवारी मेट्रो हॉस्पिटल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
मरीज बोला- बार-बार दर्द होने पर चार बार अस्पताल पहुंचे, इंजेक्शन-पानी चढ़ाकर भेजा; दूसरे डॉक्टर ने यूरेटर को नुकसान पहुंचने की बताई बात
गया। गया शहर के तूतवारी स्थित मेट्रो हॉस्पिटल में पथरी का ऑपरेशन कराने वाले एक मरीज ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। मरीज एमशी राज का कहना है कि करीब 11 एमएम की पथरी के ऑपरेशन के बाद भी उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई। ऑपरेशन के बाद बार-बार तेज दर्द होने पर वह कई बार अस्पताल और क्लीनिक पहुंचे, लेकिन कुछ दिनों की राहत के बाद दर्द फिर शुरू हो जाता था। बाद में दूसरे डॉक्टर से जांच कराने पर CT स्कैन में 10 एमएम की पथरी मिलने की बात सामने आई।
मरीज के अनुसार, पथरी के ऑपरेशन के दौरान यूरेटर में पाइप लगाया गया था। करीब एक महीने बाद पाइप निकाल दिया गया। पाइप निकलने के तीन दिन बाद ही उन्हें काफी तेज दर्द शुरू हो गया। इसके बाद डॉक्टर से संपर्क किया तो अस्पताल बुलाकर इंजेक्शन लगाया गया और पानी चढ़ाने के बाद घर भेज दिया गया। कुछ दिनों तक राहत मिली, लेकिन करीब पांच-छह दिन बाद फिर तेज दर्द होने लगा।
मरीज का दावा है कि इसके बाद दोबारा अस्पताल बुलाया गया और फिर इंजेक्शन व पानी चढ़ाकर घर भेज दिया गया। कुछ दिन बाद दर्द दोबारा शुरू हुआ तो इस बार उन्हें चार दिन अस्पताल में रहने को कहा गया। चार दिनों तक इलाज चलने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। लेकिन घर जाने के करीब पांच दिन बाद फिर तेज दर्द होने लगा। लगातार परेशानी से परेशान होकर मरीज दूसरे डॉक्टर के पास पहुंचा। वहां CT स्कैन कराने की सलाह दी गई। मरीज के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में करीब 10 एमएम की पथरी दिखाई दी। इसके अलावा दूसरे डॉक्टर ने किडनी से पेशाब को नीचे तक पहुंचाने वाली यूरेटर नली को गंभीर नुकसान पहुंचने की बात बताई।
मरीज का आरोप है कि फिलहाल किडनी से पेशाब निकालने के लिए पाइप लगाया गया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद लगातार समस्या बढ़ती गई और अब दोबारा इलाज कराने को लेकर भी उनके मन में डर है।
‘पैसा जितना लगेगा देंगे, बस ठीक कर दीजिए’
मरीज एमशी राज ने कहा कि वह डॉक्टर के पास चार बार इलाज के लिए जा चुके हैं, लेकिन हर बार कुछ दिनों की राहत के बाद दर्द वापस आ गया। उन्होंने कहा कि उनकी मांग किसी विवाद की नहीं, बल्कि उचित इलाज की है। इलाज में जितना भी खर्च आएगा, वह देने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें पहले की तरह स्वस्थ होना है। मरीज ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर से मिलने के लिए अस्पताल में कई घंटे इंतजार करना पड़ा, लेकिन डॉक्टर मिलने नहीं आए। परिवार के लोगों ने फोन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने का भी आरोप लगाया गया। वही, इस संबंध में एसके रंजन से पूरी मामले का जानकारी लेना चाहा तो वह कॉल को रिसीव नहीं किया।
#biharpolties
#gayawalo
#गयाजी
#गया_हो
#GayaPolice
#civilsarjan
#hospitalgaya
#bihar
#BJPNEWS
#मरीज
#हॉस्पिटल
#crime