पिंडदान करने गए तीर्थयात्री की कार का शीशा तोड़कर चोरी, 500 मीटर दूर पुलिस फिर भी नहीं लगी भनक
दो बैग और पर्स ले गए चोर, 4 हजार नकद के साथ एटीएम, क्रेडिट कार्ड, आधार-पैन समेत जरूरी दस्तावेज गायब; शिकायत लेकर कंट्रोल रूम से थाना तक भटकता रहा श्रद्धालु
गया। गया शहर में पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 चल रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों की संख्या में तीर्थयात्री गया पहुंचकर अपने पितरों का पिंडदान कर रहे हैं। इसी बीच सोमवार को सीताकुंड में पिंडदान करने पहुंचे मध्य प्रदेश के बांदा जिले के मौदहा निवासी तीर्थयात्री कुलदीप सिंह चौहान की कार का शीशा तोड़कर चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। चोर कार के पीछे की लेफ्ट साइड का शीशा तोड़कर अंदर रखे दो बैग और पर्स लेकर फरार हो गए। पर्स में करीब चार हजार रुपये नकद के अलावा एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड समेत कई जरूरी दस्तावेज रखे थे।
तीर्थ यात्री कुलदीप सिंह चौहान अपने पितरों का पिंडदान करने के लिए गया जी पहुंचे हैं और फिलहाल बोधगया में ठहरे हुए हैं। सोमवार की सुबह वह अपनी कार से सीताकुंड में पिंडदान करने पहुंचे थे। बताया गया कि उन्होंने बाईपास मंदिर के पास अपनी कार खड़ी की और पिंडदान करने के लिए चले गए। पिंडदान की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब वह वापस अपनी कार के पास पहुंचे तो कार का पीछे की तरफ का लेफ्ट साइड का शीशा टूटा हुआ था।
कार की हालत देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने जब वाहन के अंदर देखा तो सामान गायब था। पीड़ित के अनुसार कार में दो बैग और एक पर्स रखा हुआ था। चोर शीशा तोड़कर दोनों बैग और पर्स निकाल ले गए। पर्स में करीब चार हजार रुपये नकद थे। इसके अलावा एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी चोरी हो गए।
500 मीटर दूर पुलिस, फिर भी वारदात
कुलदीप सिंह चौहान ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस जगह उनकी कार खड़ी थी, वहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके बावजूद चोरों ने कार का शीशा तोड़कर सामान निकाल लिया और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में हजारों की संख्या में वाहन पहुंच रहे हैं। ऐसे में पार्किंग स्थलों पर सुरक्षा और निगरानी बेहद जरूरी है।
पीड़ित ने बताया कि कार का शीशा तोड़कर चोरी किए जाने के बाद वह मदद और शिकायत दर्ज कराने के लिए कंट्रोल रूम पहुंचे। वहां अपनी परेशानी बताई तो उन्हें दूसरी जगह जाने के लिए कहा गया. वहां पहुंचने के बाद फिर थाना जाने की बात कही गई। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद वह एक जगह से दूसरी जगह भटकता रहा
‘पिंडदान करने आया हूं या थाना-कंट्रोल रूम के चक्कर लगाने?’
तीर्थ यात्री कुलदीप सिंह चौहान ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह अपने पितरों का पिंडदान करने के लिए गया जी आया है। उसके पास यहां धार्मिक अनुष्ठान करने का समय है, लेकिन चोरी की घटना के बाद शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे इधर-उधर भेजा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वह पिंडदान करने के लिए आया है या फिर शिकायत लेकर कंट्रोल रूम और थाने के चक्कर लगाने के लिए?
उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आस्था लेकर गया आते हैं। कोई आर्थिक रूप से मजबूत होता है तो कोई सामान्य परिवार से। ऐसे में किसी के कुछ हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज चोरी हो जाना भी उसके लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। खासकर आधार, पैन, एटीएम और क्रेडिट कार्ड जैसे दस्तावेजों के गायब होने से आगे कई तरह की दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
सीसीटीवी से जांच और सामान बरामद करने की मांग
पीड़ित तीर्थयात्री ने पुलिस-प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि घटना स्थल के आसपास यदि सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज की जांच कर चोरों की पहचान की जानी चाहिए। साथ ही चोरी किए गए रुपये, बैग, पर्स और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बरामद कराने की कार्रवाई होनी चाहिए। पितृपक्ष मेला महासंगम के दौरान गया में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। ऐसे में पार्किंग स्थलों और प्रमुख पिंडवेदी क्षेत्रों में वाहनों की सुरक्षा, पुलिस निगरानी और शिकायतों के त्वरित निपटारे की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए अहम है। कुलदीप सिंह चौहान की कार से हुई चोरी की घटना ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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