दिल्ली हाई कोर्ट ने किराएदार का एग्रीमेंट खत्म होने से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला दिया है। किराएदारी की अवधि खत्म होने के बाद भी किराएदार कई साल तक प्रॉपर्टी पर रहा। बाद में विवाद अदालत पहुंचा। हाई कोर्ट ने किराएदार को मकान मालकिन को करीब ₹3.27 करोड़ के 'मीस्न प्रॉफिट' ( Mesne Profits ) का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस रकम पर 6% सालाना ब्याज भी देना होगा।
‘मीस्न प्रॉफिट’ उस मुआवजे को कहा जाता है जो किसी प्रॉपर्टी पर अनधिकृत कब्जा बनाए रखने की स्थिति में देना पड़ सकता है। इसका आधार यह होता है कि मालिक को उस प्रॉपर्टी से जितना किराया या फायदा मिल सकता था, कब्जे की वजह से वह उससे वंचित रहा। आमतौर पर किराएदार से ‘मीस्न प्रॉफिट’ तब मांगा जा सकता है, जब किराएदार का एग्रीमेंट खत्म हो चुकी हो और मकान मालिक की ओर से प्रॉपर्टी खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद भी किराएदार वहां बना रहे।
Korba, Korba | Sep 29, 2026