सीता स्वयंवर एवं कृष्ण की बाल लीलाओं की जीवंत प्रस्तुतियों से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
सत्रीय नृत्यांगना विदुषी डॉ. अन्वेषा महंत की हुई दो प्रस्तुतियाँ
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल स्पिक मैके एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित विरासत–2026 के तहत आज दिनांक 9 अक्टूबर को विश्व विख्यात सत्रीय नृत्यांगना डॉ. अन्वेषा महंत की दो प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं। प्रथम प्रस्तुति प्रातः 8 बजे यूरो अकादमी सेकेंडरी स्कूल, आटूण रोड एवं द्वितीय प्रस्तुति प्रातः 10:30 बजे मूक बधीर सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, कुवाड़ा रोड में हुई।
प्रथम प्रस्तुति में सत्रीय नृत्य के इतिहास एवं परंपरा की जानकारी देते हुए भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में माखन चोरी आदि की प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही विद्यार्थियों को हस्त मुद्राएँ भी सिखाई गईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी कैलाश सोनी एवं विशिष्ट अतिथि सुनील बांगड़ रहे।
इसी तरह दूसरी प्रस्तुति मेवाड़ चेम्बर डेवलपमेंट ट्रस्ट, भीलवाड़ा के सहयोग से मूक बधीर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुवाड़ा रोड में हुई। इस कार्यक्रम में अन्वेषा ने भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति से करते हुए सत्रीय नृत्य की शुरुआत की। इसके बाद रामायण की कथा में सीता स्वयंवर में राम द्वारा धनुष भंग की जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही बधीर विद्यालय की छात्राओं द्वारा समूह नृत्य एवं अंध विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वागत गीत की भी प्रस्तुति हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेवाड़ चेम्बर डेवलपमेंट ट्रस्ट, भीलवाड़ा के मानद सचिव एवं समाजसेवी एम. के. जैन तथा विशिष्ट अतिथि कथक गुरु रमा पचीसिया, विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर संतना, विद्यालय के अध्यापकगण एवं विद्यार्थियों के माता-पिता सहित लगभग 400 लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आदित्य सर व अतिथियों एवं आयोजकों द्वारा कलाकारों को प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए स्मृतिचिह्न देकर आभार प्रकट किया गया।