भरत-श्रीराम मिलन के भावुक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा महलों का चौक
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग, प्रेम और भ्रातृभाव का संदेश देते हुए महलों के चौक में आयोजित 12 दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का विगत रात्रि श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में समापन हुआ। धर्म प्रचारक रामायण मंडल, काशी-वाराणसी एवं शाहपुरा नगर पालिका के सहयोग से 27 सितंबर से आयोजित इस धार्मिक महोत्सव के अंतिम दिन भरत-श्रीराम मिलन का मार्मिक मंचन किया गया। दोनों भाइयों के मिलन का दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मंडल के संचालक पंडित राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि समापन समारोह के मुख्य अतिथि शाहपुरा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजुम कायल रही, जबकि अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेन ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में शाहपुरा थाना अधिकारी लीलाधर मालवीय, हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक हनुमान धाकड़, जेलर किशन लाल मीणा एवं रेंजर विश्राम मीणा उपस्थित रहे।
भरत-श्रीराम मिलन ने किया भावविभोर
श्रीरामलीला के अंतिम दिन भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत के मिलन का भावपूर्ण मंचन हुआ। भगवान श्रीराम के प्रति भरत का अगाध प्रेम, त्याग, समर्पण और भ्रातृभक्ति का प्रसंग देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस प्रसंग ने दर्शकों को परिवार, प्रेम, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। मंचन के दौरान वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ श्रीराम का राज्याभिषेक
भरत-श्रीराम मिलन के पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीरामचंद्र जी का राज्याभिषेक संपन्न हुआ। प्रभु श्रीराम के राजतिलक के साथ ही रामराज्य की मंगलकामना की गई। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष से महलों का चौक गुंजायमान हो उठा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धर्म, सत्य, न्याय और लोककल्याण पर आधारित रामराज्य की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
सहयोगियों का किया सम्मान, प्रस्तुत किया आय-व्यय का लेखा-जोखा
समारोह में अतिथियों ने आयोजन समिति के सदस्यों को भगवान श्रीराम का विग्रह भेंट कर सम्मानित किया। अर्थ संग्रह समिति के प्रमुख चंद्र प्रकाश जोशी ने रामलीला महोत्सव के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। आयोजन समिति के अनुज कांटिया ने महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी भामाशाहों, कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के संरक्षक रघुनाथ प्रसाद वैष्णव, ठाकुर शक्ति सिंह परिहार, रामेश्वर धाकड़, चंद्र प्रकाश जोशी, अशोक चास्टा, सुभाष व्यास, अमर सिंह, नरेश व्यास एवं सीताराम चौधरी सहित अनेक गणमान्यजन और धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ संपन्न हुए इस महोत्सव ने शाहपुरा में धर्म, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं की छटा बिखेरी। 12 दिनों तक चली रामलीला के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली।