*चार्जशीट में देरी और धमकियों से पीड़ित ने उठाई आवाज, कप्तान से लगाई न्याय की गुहार*
प्रतापगढ़ के बहरिया क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां धर्म परिवर्तन से जुड़े प्रकरण के पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई में देरी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पीड़ित अरविंद कुमार सरोज ने मीडिया के माध्यम से पुलिस कप्तान से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके मामले में समय सीमा बीत जाने के बावजूद अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, जिससे आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और गवाहों को लगातार धमकाया जा रहा है।
पीड़ित के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को इस मामले में 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। नियमों के अनुसार 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए थी, लेकिन लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी द्वारा चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस देरी के चलते आरोपी पक्ष को बचाव का समय मिल रहा है और वे गवाहों को डराने-धमकाने में लगे हुए हैं।
अरविंद कुमार ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कॉल करने वाले उनसे केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और ऐसा न करने पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कह रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले के जांच अधिकारी उनसे संपर्क नहीं करते और न ही केस की प्रगति के बारे में कोई जानकारी देते हैं।
पीड़ित ने यह भी दावा किया कि अब तक केवल चार आरोपियों को ही जेल भेजा गया है, जबकि बाकी सभी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि चार्जशीट में कुछ आरोपियों के नाम हटाने की कोशिश की जा सकती है।
मीडिया के माध्यम से पुलिस कप्तान से अपील करते हुए अरविंद कुमार सरोज ने मांग की है कि मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल कार्रवाई की जाए, जांच की समीक्षा की जाए और जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
यह मामला न केवल पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि पीड़ित और गवाहों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।