ई-विकास प्रणाली से उर्वरक वितरण व्यवस्था संबंधी प्रशिक्षण संपन्न
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कृषि विभाग द्वारा जिला सहकारी बैंक, खंडवा के मीटिंग हॉल में बुधवार को कृषि विभाग के मैदानी अमले के लिए ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण में आ रही तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण विषय पर एक दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण प्रक्रिया, ऑनलाइन प्रविष्टि, हितग्राहियों के पंजीयन, वितरण के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं तथा उनके त्वरित समाधान की जानकारी प्रदान करना था |
प्रशिक्षण के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री जितेन्द्र सिंह रावत द्वारा ई-विकास प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल का विस्तारपूर्वक प्रदर्शन किया गया, जिसमे उनके द्वारा बताया गया ई-विकास पोर्टल पर ई-टोकन बनाने हेतु सामान्यतः सम्बंधित कृषक की फार्मर आई डी, आधार नम्बर, तथा आधार से लिंक मोबाईल नम्बर की आवश्यकता होती है। साथ ही, विशेष तरह की परिस्थितियां यथा वनाधिकार पट्टा, राजस्व पट्टा, सिकमी बटाईदार, धार्मिक ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी कृषि विज्ञान केंद्र, शासकीय फार्म, जिनकी फार्मर आय डी नहीं बनी है, मृतक किसान के मामले में आश्रितों हेतु, अतिवृद्ध किसान प्लान्टेशन, विशेष प्रयोजन, डेम केचमेंट बेक वाटर क्षेत्र के किसानों के टोकन बनाने के लिए भी सुविधा दी गई है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के उप संचालक श्री सी एल केवड़ा द्वारा उर्वरक वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए साथ ही उपस्थित अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई जिसमे सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायतकर्ता से संपर्क कर यथोचित उत्तर प्रविष्ट करने, साइल हेल्थ कार्ड को सरल भाषा में किसानों को समझाने, एन.पी.के उर्वरकों का संतुलित उपयोग तथा मृदा में आर्गेनिक कार्बन एवं पोटाश की उपलब्धता एवं पौधों के लिए उनके महत्त्व के बारे में किसानों को समझाने के निर्देश दिए गए।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आलोक यादव द्वारा जिले में दबाव युक्त सिंचाई प्रणाली के कमांड क्षेत्र के किसानों के मध्य ऋण के माध्यम से सिंचाई यंत्र ड्रिप, स्प्रिंकलर खरीदने का प्रचार प्रसार कर इच्छुक कृषकों की सूची उपलब्ध कराने के लिए अनुरोध किया गया।
जिला विपणन अधिकारी श्रीमती श्वेता सिंह द्वारा बताया गया डी.ए.पी के स्थान पर एन.पी,के उर्वरक जैसे 12:32:16, 20:20:0:13 एवं 10:26:26 को भी विकल्प के रूप में प्रयोग करने की सलाह दी गई। अंत में सहायक संचालक श्री संतोष कुमार पाटीदार द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया । कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी समस्त वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित थे
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1 views | Khandwa, Madhya Pradesh | Sep 11, 2026