विदेशों में नौकरी की… फिर पहाड़ लौटे विनोद!
दो टेबल से शुरू किया कैफे, आज युवाओं की पहली पसंद बना “City Caffe”!!
रुद्रप्रयाग। पहाड़ से रोजगार के लिए युवा बाहर जाते हैं, लेकिन धनपुर पट्टी के ग्वेफड़ गांव निवासी विनोद बिष्ट ने साबित कर दिया कि रोजगार की तलाश में पहाड़ छोड़ना ही जरूरी नहीं… रोजगार पहाड़ में भी खड़ा किया जा सकता है।
थाईलैंड… दुबई… जर्मनी में नौकरी करने के बाद कोरोना महामारी के दौरान विनोद पहाड़ लौटे। सामने रोजगार की चुनौती थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
उन्होंने गुलाबराय में महज दो टेबल से “City Caffe” की शुरुआत की। शुरुआत छोटी थी, लेकिन सपना बड़ा था। धीरे-धीरे मेहनत रंग लाई और आज यही कैफे छह टेबल तक पहुंच चुका है।
🍜 क्रिस्पी मोमोज
🍚 वेज-नॉनवेज फ्राइड राइस
🍝 चाउमीन
🥢 हक्का नूडल्स
🍗 चिकन समेत कई स्वादिष्ट व्यंजन
आज City Caffe युवाओं और बच्चों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है। कैफे में आउटडोर बैठने की व्यवस्था भी लोगों को आकर्षित करती है।
इस सफर में विनोद की पत्नी पूर्णिमा बिष्ट ने भी कदम से कदम मिलाकर साथ दिया। दोनों की मेहनत, लगन और विश्वास ने दो टेबल के छोटे से प्रयास को सफल स्वरोजगार की कहानी बना दिया।
विनोद की कहानी सिर्फ एक कैफे की कहानी नहीं है…
यह उन तमाम पहाड़ी युवाओं के लिए संदेश है कि—
“अगर हुनर है, मेहनत है और कुछ कर गुजरने का जुनून है, तो रोजगार के लिए पहाड़ छोड़ना जरूरी नहीं… अपने पहाड़ में भी भविष्य बनाया जा सकता है।
विनोद और पूर्णिमा की मेहनत को सलाम!
#Rudraprayag #CityCaffe #VinodBisht #PahadiYouth #PahadMeinRozgar #Startup #SelfEmployment #Uttarakhand #Pahad #VocalForLocal #Inspiration #SuccessStory #LocalBusiness #Garhwal