केदारनाथ यात्रा पड़ाव के सोनप्रयाग पार्किंग में जलभराव!! वाहन चालकों को हो रही परेशानियां!!
बारिश में तालाब बनी सोनप्रयाग की बहुमंजिला पार्किंग, तीर्थयात्रियों की बढ़ी दुश्वारी!!
केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव पर पार्किंग स्थल में जलभराव से वाहन चालक और यात्री परेशान, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल,,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव सोनप्रयाग में स्थित बहुमंजिला पार्किंग की व्यवस्थाएं बारिश के दौरान सवालों के घेरे में आ गई हैं। लगातार बारिश के बाद पार्किंग परिसर में जगह-जगह जलभराव होने से पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो गया। इससे वाहन चालकों के साथ ही केदारनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को भी आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पार्किंग स्थल में पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी परिसर में जमा हो गया। कई स्थानों पर पानी भरने से वाहन निकालने और पार्क करने में चालकों को दिक्कत हुई। वहीं पार्किंग परिसर से गुजरने वाले यात्रियों को भी पानी और कीचड़ के बीच आवाजाही करनी पड़ी।
बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल
सोनप्रयाग केदारनाथ यात्रा का प्रमुख पड़ाव होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और वाहन पहुंचते हैं। ऐसे में बहुमंजिला पार्किंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधा में जलभराव की स्थिति यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। बारिश के दौरान पार्किंग स्थल में पानी जमा होने से वाहन चालकों को अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रही।
तीर्थयात्रियों का कहना है कि यात्रा सीजन में पार्किंग स्थल पर बेहतर जल निकासी, सफाई और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था होनी चाहिए। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए संबंधित जिम्मेदार विभाग को तत्काल पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।
यात्रा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
सोनप्रयाग से ही केदारनाथ धाम के लिए यात्रा आगे बढ़ती है। ऐसे में यहां पार्किंग और यात्री सुविधाओं में किसी तरह की अव्यवस्था का सीधा असर यात्रा व्यवस्था पर पड़ सकता है। यात्रियों और वाहन चालकों ने पार्किंग परिसर में स्थायी जल निकासी व्यवस्था करने के साथ ही जलभराव वाले स्थानों का तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है।
बरसात के दौरान सोनप्रयाग की बहुमंजिला पार्किंग में पैदा हुई यह स्थिति यात्रियों की सुविधा और यात्रा प्रबंधन को लेकर जिम्मेदार विभागों के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर रही है।