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पहाड़ी केदार live

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कार्तिक स्वामी धाम के विकास को लेकर डीएम का बड़ा एक्शन,
कनकचौरी से मंदिर तक पैदल ट्रैक का होगा कायाकल्प, रैन शेल्टर-पेयजल-रेलिंग और डस्टबिन जैसी सुविधाओं पर जोर, विस्तृत कार्ययोजना शासन को भेजी जाएगी!!

रुद्रप्रयाग। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्तिक स्वामी धाम को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कनकचौरी से कार्तिक स्वामी मंदिर तक पैदल पहुंचकर पूरे क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने पैदल मार्ग, मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कनकचौरी से मंदिर तक पूरे पैदल ट्रैक की स्थिति देखी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए पैदल मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाया जाना जरूरी है। इसके लिए आवश्यक स्थानों पर रेलिंग, साइनेज और डस्टबिन लगाने के साथ ही जरूरत के अनुसार सीसी कार्य कराए जाने की संभावनाओं का भी आकलन किया गया।

मंदिर परिसर में निरीक्षण के दौरान डीएम ने श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, रैन शेल्टर, सौंदर्यीकरण और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर मंदिर समिति एवं विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का चरणबद्ध विकास किया जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि पूरे पैदल ट्रैक को व्यवस्थित एवं विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। जनपद स्तर पर होने वाले कार्यों को संबंधित विभागों के माध्यम से प्राथमिकता पर पूरा कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व वाले स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौके पर ही आवश्यकताओं और समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान की ठोस कार्ययोजना तैयार करना है।

उन्होंने बताया कि कार्तिक स्वामी क्षेत्र के निरीक्षण में डस्टबिन, पर्याप्त पेयजल और रैन शेल्टर की जरूरत प्रमुखता से सामने आई है। इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने कार्तिक स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना कर जनपदवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याएं और आवश्यकताएं भी जानीं। डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों के माध्यम से समस्याओं के समाधान की कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, सहायक पर्यटन विकास अधिकारी संजय मेहरा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, अधिशासी अभियंता जल निगम रमाकांत गुप्ता, मंदिर समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, मुख्य पुजारी नंदपुरी, मंदिर समिति सचिव बलराम नेगी, उप प्रबंधक रमेश सिंह समेत संबंधित अधिकारी, मंदिर समिति पदाधिकारी, ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्री केदारनाथ महादेव का धाम में आज शनिवार के संध्याकालीन आरती दर्शन, हर हर महादेव जय श्री केदार👏🌹👏
भाई की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया!! प्रभावी विवेचना और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला,

रुद्रप्रयाग। श्रीकांत नेगी हत्याकांड में करीब डेढ़ वर्ष बाद अदालत का फैसला आया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुद्रप्रयाग मीना अग्रवाल की अदालत ने भाई की हत्या के मामले में आरोपी नितिन सिंह नेगी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के अनुसार घटना 24 दिसंबर 2024 की है। घटना के दिन नितिन नेगी गांव में घूम रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर उसका अपने भाई श्रीकांत नेगी से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर नितिन ने श्रीकांत के साथ मारपीट की। घटना के शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह ने न्यायालय में दिए बयान में बताया कि उसने आरोपी नितिन को श्रीकांत के साथ झगड़ते हुए देखा था। विवाद के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां श्रीकांत नेगी घायल अवस्था में पड़ा मिला। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।

पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनाक्रम से जुड़े मौखिक, दस्तावेजी और भौतिक साक्ष्य एकत्र किए। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को साबित किया।

साक्ष्यों के परीक्षण और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अदालत ने नितिन सिंह नेगी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

हत्याकांड की विवेचना में तत्कालीन कोतवाल मनोज नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को जुटाकर मामले की प्रभावी विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। पुलिस की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप करीब डेढ़ वर्ष बाद अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
12 दिन बाद मिला BRO जवान पंकज सिंह का शव, नीती घाटी आपदा में हुए थे लापता

चमोली की नीती घाटी के तमक क्षेत्र में 10 अगस्त 2026 को आई प्रचंड और विनाशकारी आपदा के दौरान लापता हुए BRO जवान पंकज सिंह का शव 12 दिन बाद बरामद कर लिया गया। गढ़वाल स्काउट आर्मी की टीम, 20 एडीयू के जवान और आर्मी डॉग की मदद से लगातार खोजबीन अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान धौलीगंगा नदी के किनारे भलागांव के पास पंकज सिंह का शव मिला। शव मिलने की सूचना पर BRO के जवान और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर
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अपना पहाड़।.
बारिश का कहर मसूरी में भरभरा कर गिरा तीन मंजिला मकान
श्री केदारनाथ धाम से आज शुक्रवार के दिव्य मंगलमय दर्शन कीजिए, सुप्रभातम हर हर महादेव जय श्री केदार♥️🌹♥️
Live : रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनी ब्लॉक में मनरेगा घोटाला,, पूर्व प्रधान प्रदीप मलासी ने खोली पोल,,
जिला प्रशासन दबा रहा मामला,,
बोलो भगवान केदारनाथ की जय.
केदारनाथ विधानसभा: नागजगई गांव की महिलाओं ने सुनाई बदहाल व्यवस्था की हकीकत!!

रुद्रप्रयाग। केदारघाटी के बसुकेदार क्षेत्र के नागजगई गांव में ग्रामीण लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं। करीब 300 परिवारों की आबादी वाले इस गांव में टूटी पुलिया और क्षतिग्रस्त रास्ते के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि गांव में बीते कई वर्षों से विकास कार्यों की कमी बनी हुई है। उन्होंने सड़क, रास्ते और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने रखीं। महिलाओं ने बताया कि रोजमर्रा के कामों के लिए उन्हें इन्हीं खराब रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे खासकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को दिक्कत होती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं की ओर जिम्मेदार विभाग और प्रशासन पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। महिलाओं ने सरकार और प्रशासन से गांव की समस्याओं का जल्द समाधान करने तथा क्षतिग्रस्त पुलिया और रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग की है।
नागजगई गांव की महिलाओं की आवाज़ अब सवाल कर रही है—आखिर गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान कब होगा?
<nis:link nis:type=tag nis:id=अगस्त्यमुनि nis:value=अगस्त्यमुनि nis:enabled=true nis:link/> क्षेत्र से दो <nis:link nis:type=tag nis:id=नाबालिग nis:value=नाबालिग nis:enabled=true nis:link/> बच्चे <nis:link nis:type=tag nis:id=लापता, nis:value=लापता, nis:enabled=true nis:link/> परिजनों ने की तलाश में सहयोग की <nis:link nis:type=tag nis:id=अपील nis:value=अपील nis:enabled=true nis:link/>

सिल्ला बामण गांव निवासी राजबीर (10 वर्ष) और चाका निवासी कृष्णा उर्फ सुधांशु (12 वर्ष) घर से निकलने के बाद से लापता बताए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार दोनों बच्चे 19 अगस्त को भी घर से निकल गए थे और रुद्रप्रयाग में मिले थे। जहां से उन्हें वापस लाकर दिया गया था। बुधवार सुबह करीब 5:20 बजे दोनों बच्चों को विजयनगर में आखिरी बार देखा गया। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं है।

🙏 आपसे अपील है—यदि दोनों बच्चे कहीं दिखाई दें या इनके बारे में कोई जानकारी मिले तो तत्काल नीचे दिए नंबरों पर संपर्क करें।

📞 पवन कुमार: 90845 94008
📞 सुनील कुमार: 72519 39092
📞 ग्राम प्रधान सिल्ला बामण गांव: 78304 87538

⚠️ बच्चे नाबालिग हैं। कृपया जानकारी मिलने पर तुरंत परिजनों या पुलिस को सूचित करें।
पिता की अंतिम विदाई भी नहीं कर सके मध्यमहेश्वर धाम के प्रधान पुजारी,
धर्म के संकल्प के आगे पुत्रधर्म भी पड़ा छोटा, छह माह की पूजा-अर्चना का व्रत निभाते हुए धाम में ही डटे रहे शिवशंकर लिंग,

लिंक ओपन कर पढ़ें पूरी खबर: 
*पिता की अंतिम विदाई भी नहीं कर सके मध्यमहेश्वर धाम के प्रधान पुजारी, धर्म के संकल्प के आगे पुत्रधर्म भी पड़ा छोटा,* 

https://rudraprayagpost.in/detail/the-head-priest-of-madhyamaheshwar-dham-could-not-even-perform-his-fathers-final-rites-the-vow-of-religious-duty-took-precedence-over-the-duty-of-a-son
देहरादून <nis:link nis:type=tag nis:id=पटेल nis:value=पटेल nis:enabled=true nis:link/> नगर में <nis:link nis:type=tag nis:id=गोलीकांड nis:value=गोलीकांड nis:enabled=true nis:link/> का <nis:link nis:type=tag nis:id=सीसीटीवी nis:value=सीसीटीवी nis:enabled=true nis:link/> वीडियो आया सामने।
नंदानगर में दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी कार, सेना के जवान की मौत!! घुमकी क्षेत्र में देर रात हुआ हादसा, छुट्टी पर घर आए जवान की मौत से गांव में मातम!!

नंदानगर (चमोली)। विकासखंड नंदानगर के घुमकी क्षेत्र में देर रात एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में सेना के जवान की मौत हो गई। मृतक की पहचान कुरूड़ गांव निवासी संदीप, पुत्र स्व. बच्ची राम गौड़ के रूप में हुई है। संदीप इन दिनों छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे।

जानकारी के अनुसार, संदीप देर शाम कार से लुन्तरा की ओर गए थे। देर रात तक उनके घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उनके भाई पवन संदीप की तलाश में लुन्तरा-चरबंग क्षेत्र तक गए, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।

गुरुवार सुबह लुन्तरा के घुघटी नामक स्थान पर ग्रामीणों को खाई में एक कार दिखाई दी। 

इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खाई में उतरकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद कार से संदीप का शव बरामद कर बाहर निकाला गया।
सेना के जवान की हादसे में मौत की खबर से कुरूड़ गांव में शोक की लहर है। परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
हरियाणा नंबर की कार में सवार युवकों ने चलाई गोलियां, फायरिंग में एक युवक घायल!!

देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में गुरुवार दोपहर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। आईटीएस कॉलेज वाली रोड पर कुछ युवक खड़े थे, तभी हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार में सवार गुरमीत नाम का युवक कुछ अन्य युवकों के साथ वहां पहुंचा और युवकों पर फायरिंग कर दी। हालांकि पहली घटना में किसी को चोट नहीं आई।

फायरिंग के बाद आरोपी कार लेकर मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद युवकों ने उसका पीछा किया। इसके बाद शिमला बायपास रोड स्थित सेंट ज्यूड चौक के पास एक बार फिर फायरिंग की गई। इस दौरान साहिल नाम का युवक घायल हो गया। उसे उपचार के लिए इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार का नंबर HR51AZ0890 बताया जा रहा है। प्रथम दृष्टया सामने आया है कि घटना में शामिल दोनों पक्ष पहले एक-दूसरे के मित्र रहे हैं। पिछले कुछ समय से गुरमीत का आदित्य, सुजल और अंशुल के साथ विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ने की बात सामने आ रही है।

पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। हालांकि, घटना को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही फायरिंग की घटना से जुड़ी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
श्रीनगर विधानसभा के सुमाडी गांव में एक घर के आंगन में टहलता खूंखार भालू,,,
केदारनाथ विधानसभा के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान, चोपता (कुण्डादानकोट) के भवन निर्माण हेतु वन भूमि को गैर वानिकी कार्य हेतु उत्तराखण्ड राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान, चोपता को हस्तांतरित कर दिया गया है।
तल्ला नागपुर क्षेत्र की यह बहु प्रतीक्षित माँग है।
अलकनंदा नदी रुद्रप्रयाग।
श्री केदारनाथ धाम से आज बृहस्पतिवार के दिव्य मंगलमय दर्शन कीजिए, हर हर महादेव जय श्री केदार🌹♥️🌹
जरूरी सूचना: मसूरी-कैंपटी राजमार्ग पर डिमटा बैंड के पास सड़क वॉशआउट होने के कारण मार्ग यातायात के लिए बाधित है। 

मौके पर सड़क को सुचारु करने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन मार्ग खुलने में समय लग सकता है। पुलिस की यात्रियों से अपील है कि फिलहाल इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें
बद्री-केदार की आस्था बनी पहाड़ की बेटियों की कमाई का जरिया!!!

मंदिरों के खूबसूरत स्मृति चिह्न बनाकर आत्मनिर्भर हो रहीं अगस्त्यमुनि की महिलाएं, समूह ने एक साल में कमाया ₹3.95 लाख का मुनाफा!

रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि की ईस्ट घंडियाल बद्री-केदार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बद्रीनाथ, केदारनाथ, धारी देवी, कार्तिक स्वामी और कालीमठ जैसे प्रसिद्ध धामों के आकर्षक मंदिर मॉडल तैयार कर रही हैं। 

पहाड़ी वास्तुकला और बद्री-केदार की धार्मिक पहचान को स्मृति चिह्नों में ढालकर महिलाएं घर के आसपास ही रोजगार और आय का मजबूत साधन तैयार कर रही हैं।

कमाल की उपलब्धि देखिए—
2024-25 में शुद्ध लाभ: ₹2.54 लाख
2025-26 में शुद्ध लाभ: ₹3.95 लाख
चालू वित्तीय वर्ष में अब तक बिक्री: करीब ₹7 लाख

समूह से जुड़ी युवती दिव्या पढ़ाई के साथ धूपबत्ती, अगरबत्ती और मंदिरों के स्मृति चिह्न तैयार कर रही हैं। उनका कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद घर के पास ही रोजगार का अवसर मिला है।

स्थानीय संस्कृति + हुनर + बाजार = आत्मनिर्भरता,

इन महिलाओं की मेहनत सिर्फ परिवार की आर्थिक स्थिति नहीं बदल रही, बल्कि बद्री-केदार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को स्मृति चिह्नों के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम भी कर रही है।

पहाड़ की बेटियां अब सिर्फ पहाड़ की पहचान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नई तस्वीर भी गढ़ रही हैं।

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आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ मॉक टेस्ट!! रुद्रप्रयाग में आर्मी, SDRF, DDRF और पुलिस ने संभाला मोर्चा!!

GMVN लाटा बाबा के पास पहाड़ी से मलबा-बोल्डर आने की सूचना…
सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र एक्टिव हुआ और कुछ ही समय में आर्मी की 8 सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट, SDRF, DDRF, पुलिस एवं 108 एंबुलेंस की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।
🆘 मॉक अभ्यास में परखी गईं—
🔹 घटनास्थल तक त्वरित पहुंच
🔹 प्रभावित लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू
🔹 घायलों को प्राथमिक उपचार
🔹 अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था
🔹 रेस्क्यू उपकरणों का उपयोग
🔹 विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय

उद्देश्य साफ है—आपदा के समय हर सेकंड कीमती है और हर टीम तैयार रहनी चाहिए।

जिला प्रशासन ने मॉक अभ्यास के जरिए अपनी राहत-बचाव और त्वरित रिस्पांस व्यवस्था को परखा, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
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बद्रीनाथ-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भल्लेगांव, बागवान के पास मलबा आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था। पुलिस द्वारा संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर मलबा हटवाते हुए मार्ग को वन-वे यातायात के लिए खोल दिया गया है।
जान जोखिम में डालकर डुमक पहुंच रही SIR टीम, उफनते नालों के बीच जारी पुनरीक्षण!!

सड़क सुविधा से वंचित अति दुर्गम गांव में भारी बारिश के बीच टीम की चुनौतीपूर्ण आवाजाही, ग्रामीण भी वर्षों से इसी जोखिम भरे रास्ते से आने-जाने को मजबूर!!

चमोली जिले के अति दुर्गम एवं दूरस्थ डुमक गांव में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के लिए पहुंच रही टीम को भारी बारिश के बीच उफनते नालों को पार कर जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। सड़क सुविधा न होने के कारण टीम को पैदल ही दुर्गम रास्तों से होकर गांव तक पहुंचना पड़ रहा है।

भारी बारिश के चलते क्षेत्र के नाले उफान पर हैं। ऐसे में SIR टीम के सामने गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। टीम के सदस्य जोखिम उठाकर उफनते नालों को पार करते हुए गांव पहुंच रहे हैं, ताकि पुनरीक्षण अभियान का कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके।

डुमक गांव की यह तस्वीर क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सड़क सुविधा के अभाव की हकीकत भी बयां करती है। ग्रामीणों के लिए यह परेशानी केवल बारिश के दौरान नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण स्थानीय ग्रामीण आवश्यक सामान लाने-ले जाने, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इसी तरह कठिन और जोखिम भरे रास्तों से आवागमन करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान उफनते गाड़-गदेरे और खराब रास्ते उनकी मुश्किलें और बढ़ा देते हैं। ऐसे में डुमक गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना स्थानीय लोगों की लंबे समय से प्रमुख मांग बनी हुई है।