
मध्य प्रदेश में छोटे शहरों का बड़ा धमाका! स्वरोजगार में बनाया रिकॉर्ड #MadhyaPradesh #MPNews #Rewa #Satna #Katni #MukhyamantriUdyamKrantiYojana #UdyamKrantiYojana #SelfEmployment #Startup #MSME #Youth #Business #Employment #GovernmentScheme #BreakingNews
Madhya Pradesh, India | Jul 9, 2026

बिलासपुर : युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ेंगे प्रमाणित स्किल ट्रेनर #Bilaspur #HimachalPradesh #SkillDevelopment #RSETI #SkillTrainer #SelfEmployment #Employment #Entrepreneurship #YouthEmpowerment #AtmanirbharBharat #VocationalTraining #RuralDevelopment #HimachalNews #BilaspurNews #GovernmentInitiative
Chamba, Chamba | Jul 8, 2026

#सफलता_की_कहानी संत रविदास स्वरोजगार योजना बनी धर्मेंद्र के आत्मनिर्भरता की आधारशिला नीमच, 5 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित संत रविदास स्वरोजगार योजना अनेक युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना का लाभ लेकर नीमच के स्कीम नंबर-9 निवासी धर्मेन्द्र यादव आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। वे वर्तमान में हरिकृष्णा ऑनलाइन एंड एज्युकेशन सेंटर का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं तथा स्वयं के साथ अन्य युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि प्रारंभ में उनके पास केवल एक कंप्यूटर था, जिससे सीमित स्तर पर ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। व्यवसाय का विस्तार करने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों का अभाव था। इसी दौरान उन्होंने जिला अंत्यावसायी कार्यालय, नीमच के माध्यम से संत रविदास स्वरोजगार योजना में आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने पर भारतीय स्टेट बैंक, दशहरा मैदान शाखा, नीमच से उन्हें 4.40 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। योजना से मिली आर्थिक सहायता के बल पर धर्मेन्द्र ने अपने सेंटर का विस्तार किया। आज उनके संस्थान में 7 से 8 कंप्यूटर संचालित हो रहे हैं। यहां विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा एवं विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार किया जा रहा है। धर्मेन्द्र बताते हैं कि उनके संस्थान से उन्हें प्रतिमाह लगभग 20 से 22 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने अपने व्यवसाय के माध्यम से तीन अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। वे कहते हैं कि यदि शासन की यह योजना नहीं होती तो व्यवसाय का विस्तार करना संभव नहीं था। धर्मेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की स्वरोजगारोन्मुखी योजनाओं ने युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है। आज वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं, अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों तथा नवाचार की इच्छा रखने वाले युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करना भी है। इससे प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है और "आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश" के संकल्प को मजबूती मिल रही है। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Department of Tribal Welfare, Madhya Pradesh Collector Office Neemuch #SantRavidasSwarojgarYojana #Neemuch #नीमच #Selfemployment #Atmarnirbhar
Neemuch, Madhya Pradesh | Jul 6, 2026

#सफलता_की_कहानी =============================== संत रविदास स्वरोजगार योजना से मिली नई पहचान, मसाला उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनीं राधा यादव =================================== नीमच, 3 जुलाई 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसका प्रेरणादायी उदाहरण नीमच सिटी के वार्ड क्रमांक 5 निवासी राधा यादव हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश शासन की संत रविदास स्वरोजगार योजना का लाभ लेकर अपना मसाला उद्योग स्थापित किया और आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। राधा यादव को जिला अंत्यावसायी कार्यालय, नीमच के माध्यम से संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत यूको बैंक, नीमच शाखा से 2 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने घर पर लघु मसाला उद्योग की शुरुआत की। आज उनका उद्योग सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और वे प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर रही हैं। राधा बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे घर का खर्च चलाना और बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन था। लेकिन स्वरोजगार शुरू होने के बाद परिवार की आय में निरंतर वृद्धि हुई है। अब वे अपने बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतों तथा भविष्य की बचत पर भी ध्यान दे पा रही हैं। राधा ने अपने उद्योग के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिला है। आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय का संचालन कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। संत रविदास स्वरोजगार योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक ऋण एवं शासन की सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और दूसरों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर सकें। राधा यादव इस उपलब्धि का श्रेय मध्यप्रदेश शासन की जनहितकारी योजनाओं, जिला प्रशासन, जिला अंत्यावसायी कार्यालय तथा यूको बैंक को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस योजना ने उनके परिवार के जीवन में नई उम्मीद और आर्थिक मजबूती का संचार किया है। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Department of Tribal Welfare, Madhya Pradesh #SantRavidasSwarojgarYojana #Selfemployment #Womenempowerment #Neemuch #नीमच
Neemuch, Madhya Pradesh | Jul 3, 2026

#सफलता_की_कहानी =============================== संत रविदास स्वरोजगार योजना से मिली नई पहचान, मसाला उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनीं राधा यादव =================================== नीमच, 3 जुलाई 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसका प्रेरणादायी उदाहरण नीमच सिटी के वार्ड क्रमांक 5 निवासी राधा यादव हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश शासन की संत रविदास स्वरोजगार योजना का लाभ लेकर अपना मसाला उद्योग स्थापित किया और आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। राधा यादव को जिला अंत्यावसायी कार्यालय, नीमच के माध्यम से संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत यूको बैंक, नीमच शाखा से 2 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने घर पर लघु मसाला उद्योग की शुरुआत की। आज उनका उद्योग सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और वे प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर रही हैं। राधा बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे घर का खर्च चलाना और बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन था। लेकिन स्वरोजगार शुरू होने के बाद परिवार की आय में निरंतर वृद्धि हुई है। अब वे अपने बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतों तथा भविष्य की बचत पर भी ध्यान दे पा रही हैं। राधा ने अपने उद्योग के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिला है। आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय का संचालन कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। संत रविदास स्वरोजगार योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक ऋण एवं शासन की सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और दूसरों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर सकें। राधा यादव इस उपलब्धि का श्रेय मध्यप्रदेश शासन की जनहितकारी योजनाओं, जिला प्रशासन, जिला अंत्यावसायी कार्यालय तथा यूको बैंक को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस योजना ने उनके परिवार के जीवन में नई उम्मीद और आर्थिक मजबूती का संचार किया है। CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Department of Tribal Welfare, Madhya Pradesh #SantRavidasSwarojgarYojana #Selfemployment #Womenempowerment #Neemuch #नीमच
Neemuch, Madhya Pradesh | Jul 3, 2026