'नर सेवा ही नारायण सेवा': रोटी बैंक छपरा ने सम्मान समारोह स्थगित कर बाढ़ पीड़ितों के बीच मनाया आठवां वार्षिकोत्सव
छपरा। 'नर सेवा ही नारायण सेवा है'—इस उक्ति को छपरा रोटी बैंक के सेवादार पूरी निष्ठा के साथ चरितार्थ कर रहे हैं। संस्था के सदस्यों ने अपने आठवें वार्षिकोत्सव को एक संवेदनशील और प्रेरक अंदाज में मनाने का निर्णय लिया। पूर्व निर्धारित सम्मान समारोह को स्थगित करते हुए टीम ने सारण में आई भीषण बाढ़ का दंश झेल रहे मकेर प्रखंड के डीह एवं बाड़ी चक गांव का रुख किया।
वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में हजारों बाढ़ पीड़ितों के बीच पका हुआ भोजन, पीने का पानी, बिस्कुट, नमकीन तथा महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड का वितरण किया गया।
'गांव के डॉक्टर' डॉ. रमण किशोर ने लगाया मेडिकल कैंप
राहत कार्य के दौरान 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) के मंच से बिहार का नाम पूरे विश्व में रोशन करने वाले, 'गांव के डॉक्टर' के नाम से विख्यात डॉ. रमण किशोर जी की ओर से निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित किया गया। इस शिविर में हजारों पीड़ितों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।
आठ वर्षों से जारी है सेवा का संकल्प
रोटी बैंक छपरा के संस्थापक रविशंकर उपाध्याय ने बताया कि विगत आठ वर्षों से जरूरतमंदों और प्रभुजनों के लिए अनवरत भोजन सेवा चलाई जा रही है। उन्होंने कहा, "इस पुनीत अभियान में पूरे सारण वासियों और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी सहयोगियों का योगदान अद्वितीय एवं सराहनीय है। सेवादारों का जोश और जज्बा हर दिन एक नई ऊर्जा के साथ सेवा कार्य के लिए तत्पर रहता है।"
इन सेवादारों का रहा सराहनीय योगदान
बाढ़ राहत शिविर और वितरण कार्य को सफल बनाने में रामजन्म मांझी, राकेश रंजन, पिंटू गुप्ता, आनंद मिश्र, शैलेंद्र मांझी, अमित कुमार, रंजीत जायसवाल, सन्नी कुमार, सत्येंद्र कुमार, राहुल कुमार, नंदलाल साह, झूलन बैठा, विनोद कुमार, शैलेंद्र पुरी, अर्पित सिंह, विकास कुमार, आर्यन सिंह और अश्विनी गुप्ता आदि ने तन, मन और धन से सक्रिय सहयोग दिया।
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Chapra, Saran | Oct 11, 2026