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Vishal Kumar

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छपरा :अखिल भारतीय रौनियर वैश्य महासभा (छपरा, सारण) द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती
छपरा, 2 अक्टूबर 2026: आज अखिल भारतीय रौनियर वैश्य महासभा, छपरा (सारण) के कार्यालय — सुहानी होटल एवं गेस्ट हाउस, पुरानी गुदहट्टा, छपरा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई।
यह कार्यक्रम पिंटू कुमार गुप्ता (जिला अध्यक्ष) की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सारण जिला वैश्य महासभा के जिला अध्यक्ष श्री बीरेंद्र साह (मुखिया), वैश्य समाज छपरा के कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णा कुमार वैष्णवी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए समाज की एकजुटता और देश के विकास में वैश्य समाज के योगदान पर बल दिया।
इस गरिमापूर्ण अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित गणमान्य जन: मिथिलेश शर्मा मधुकर (वरिष्ठ अधिवक्ता), आनंद जी, दिलीप जी (शिक्षक), मोहन जी (सस्ता क्लॉथ), बांटी जी (कटहरी बाग), शंभू जी, मणि जी, सूरज जी, शंकर जी (साहेबगंज), शत्रुघ्न जी (इंद्रा नगर), चंद्रशेखर जी एवं समाज के अन्य सम्मानित लोग उपस्थित थे।
॥ जय हिन्द, जय वैश्य समाज ॥
देश के प्रधानमंत्री ने घायल पायलट से किया बात, देखें पूरा वीडियो

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान तेज, SDRF की 10 अतिरिक्त नावें तैनात
 

सारण जिले में बाढ़ की आपात स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है। NDRF की नावों के अतिरिक्त SDRF की 10 अतिरिक्त नावों को भी रेस्क्यू अभियान के लिए तैयार किया गया है। इन नावों के माध्यम से विभिन्न पंचायतों में बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की जा रही है। NDRF एवं SDRF की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू कार्य के लिए तत्पर हैं। स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया गया है कि विभिन्न पंचायतों में पानी में फंसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन द्वारा हरसंभव व्यवस्था की गई है। प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ आवश्यक राहत एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी लगातार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा तत्परता पूर्वक प्रत्येक स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा छपरा स्थित खेल भवन का निरीक्षण किया गया, जहां सूखा राशन के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पैकेटिंग एवं राहत सामग्री की तैयारियों का निरीक्षण किया तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक एवं समुचित दिशा-निर्देश दिए।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाढ़ की वर्तमान आपात स्थिति में प्रशासन एवं रेस्क्यू टीमों का सहयोग करें। लोग अनावश्यक रूप से बाढ़ के पानी में प्रवेश न करें और ऐसी किसी गतिविधि से बचें, जिससे जान-माल की क्षति अथवा दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो। पानी में फंसे लोगों के संबंध में सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि रेस्क्यू टीम द्वारा उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।

पानापुर में डूबने से मृत दो युवकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि

पानापुर प्रखंड में बाढ़ के पानी में डूबने से दो व्यक्तियों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। मृतकों की पहचान अनिल कुमार, पिता–सुरेंद्र कुमार राय, ग्राम–चकिया, उम्र 19 वर्ष तथा सत्यम कुमार, पिता–मंजय कुमार सिंह, ग्राम–फजुली, उम्र 16 वर्ष के रूप में हुई है।

आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के तहत दोनों मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का चेक प्रदान किया गया। माननीय सांसद महाराजगंज श्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, माननीय विधायक तरैया श्री जनक सिंह, जिला पदाधिकारी सारण एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण की उपस्थिति में मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि का चेक सौंपा गया।

जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू, राहत, भोजन, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए प्रशासन की सभी संबंधित टीमें एवं संसाधन लगातार सक्रिय हैं।

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भाकपा-माले  छपरा सदर प्रखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना 30 सितंबर को, जनसमस्याओं को लेकर बीडीओ और सीओ को 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया

​छपरा (सारण): भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन 30 सितंबर 2026 को छपरा सदर प्रखंड मुख्यालय पर जनता की अति-आवश्यक व बुनियादी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना  किया गया। इस दौरान भाकपा-माले का एक प्रतिनिधिमंडल प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह अंचल पदाधिकारी (CO)  7 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया 
​धरना प्रदर्शन के माध्यम से सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मुख्य मांगे रखी गई ।
​भूमिहीन गरीबों को वास भूमि: सभी भूमिहीन गरीबों को 5 डिसमिल जमीन देने तथा जो गरीब जहां बसे हैं, उन्हें तत्काल वासगीत पर्चा निर्गत करने की गारंटी की जाए।
​राशन कार्ड में सुधार व नियमित वितरण: राशन कार्ड से वंचित व काटे गए गरीबों का नाम अविलंब जोड़ा जाए तथा निर्धारित वजन और नियत समय पर राशन वितरण सुनिश्चित किया जाए।
​सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि: छूटे हुए वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन योजना में शामिल किया जाए, प्रतिमाह नियमित पेंशन का भुगतान हो तथा पेंशन राशि बढ़ाकर ₹3,000 मासिक की जाए।
​प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित सभी गरीब परिवारों को पक्का मकान मुहैया कराया जाए।
​वोटर लिस्ट में नाम सुधार: बड़े पैमाने पर गरीबों के नाम मतदाता सूची से काटे गए या छूटे हैं, उसकी जांच कर तुरंत नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
​सड़क व आवागमन की समस्या: छपरा सदर प्रखंड के खलपुरा, मेहिया, रौजा पोखरा सहित विभिन्न गरीब मोहल्लों में पक्की सड़क न होने से बीमारी और शादी-ब्याह के समय होने वाली भारी परेशानी को देखते हुए तुरंत सड़क निर्माण कराया जाए।
​मला गांव का सौंदर्यकरण व बुनियादी विकास: मला गांव स्थित पोखरे का सौंदर्यकरण, छठ घाट, नाला एवं पक्की सड़क का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाए।

​भाकपा-माले (सारण ) जिला सचिव कॉमरेड हँसनाथ राम ने कहा सारण जिले और छपरा सदर प्रखंड के गरीब मोहल्लों में फैली बदहाली, राशन-पेंशन में धांधली और बेदखली के सवालों पर राज्य की भाजपा-जदयू नीत सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार ‘विकास’ के ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े भूमिहीन, दलित और गरीब परिवार बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
भाजपा और उसकी सहयोगी सरकारें केवल अमीरों और पूंजीपतियों के हित में काम कर रही हैं। गरीबों के राशन, मकान, पेंशन और मताधिकार पर डाका डाला जा रहा है। यदि जिला प्रशासन और सरकार ने हमारी इन न्यायसंगत मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो भाकपा-माले गरीबों, मजदूरों और युवाओं को लामबंद कर सड़कों पर जोरदार जन-आंदोलन खड़ा करेगी।"

आइसा जिला अध्यक्ष कुणाल कौशिक ने कहा 
गाँव की मुख्य सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे बन जाने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका हर समय बनी रहती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में यह सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे गाँव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है। माला गाँव का ऐतिहासिक पोखर, जो कभी जल संरक्षण और ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों का मुख्य स्रोत हुआ करता था, आज देखरेख के अभाव में गंदगी का शिकार है। पोखर में अतिक्रमण और गाद (Silt) जम जाने से जल स्तर घट रहा है और पानी दूषित हो गया है।

गाँव का ऐतिहासिक पोखर, जो कभी जल संरक्षण और ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों का मुख्य स्रोत हुआ करता था, आज देखरेख के अभाव में गंदगी का शिकार है। पोखर में अतिक्रमण और गाद (Silt) जम जाने से जल स्तर घट रहा है और पानी दूषित हो गया है।
जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और गाँव की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इस पोखर का तत्काल सौंदर्यकरण, जीर्णोद्धार और नवीनीकरण कराया जाए। पोखर की गाद निकालकर इसे स्वच्छ जल स्रोत के रूप में पुनर्जीवित किया जाए ताकि भू-जल स्तर भी बेहतर हो सके।

हम जिला प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों से अपील करते हैं कि उपर्युक्त तीनों मांगों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्य योजना शुरू की जाए। यदि प्रशासन जल्द से जल्द इन जनसमस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो (आइसा) भाकपा माले ग्रामीणों और युवाओं को लामबंद कर चरणबद्ध आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
कार्यक्रम में उपस्थिति भाकपा माले जिला कमिटी मेंबर कामरेड बिजेन्दर मिश्रा , आइसा जिला सचिव विकाश कुमार , राजलक्ष्मी , अखिलेश , हिमांशु , नीरज उपस्थित रहे ।

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जमुई जिला छेड़खानी मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपीयों को किया एनकाउंटर
भूमिहीनों को मिलेगा निशुल्क जमीन 

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कार्यपालक सहायकों ने भरी हुंकार, राज्यकर्मी का दर्जा पाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान:

BITMA, BITSA, BEASA और DEO UNION के संयुक्त सम्मेलन में बना संयुक्त मोर्चा, प्रदेश अध्यक्ष निलेश कुमार का हुआ भव्य अभिनंदन:

छपरा, 20 सितंबर।
सारण जिले के मेहिया स्थित एक निजी पैलेस में रविवार को कार्यपालक सहायक सहित कंप्यूटर संवर्ग के कर्मियों का एक दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बिहार आईटी मैनेजर एसोसिएशन (BITMA), बिहार आईटी सर्विस एसोसिएशन (BITSA), बिहार कार्यपालक सहायक सेवा संघ (BEASA) एवं डीईओ यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में जिले के विभिन्न प्रखंडों और सरकारी विभागों से बड़ी संख्या में कार्यपालक सहायक, आईटी असिस्टेंट एवं डाटा इंट्री ऑपरेटर शामिल हुए। सम्मेलन में बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष निलेश कुमार का जिला इकाई की ओर से भव्य अभिनंदन किया गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें फूल- माला, अंग वस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुई।

राज्य के कंप्यूटर कर्मियों को एक मंच पर लाने की पहल: 
सम्मेलन में कंप्यूटर संवर्ग से जुड़े विभिन्न संगठनों को एक संयुक्त मोर्चे के तहत लाने के प्रस्ताव का उपस्थित कर्मियों ने समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कंप्यूटर से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग पदनाम और सेवा शर्तों के आधार पर कर्मियों को लंबे समय से संविदा और आउटसोर्स व्यवस्था में रखा गया है।

संगठन के नेताओं का कहना था कि कार्यपालक सहायक, आईटी मैनेजर, आईटी असिस्टेंट, डाटा इंट्री ऑपरेटर, सिंगल विंडो ऑपरेटर एवं आईटी ब्वॉय सहित कंप्यूटर आधारित कार्य करने वाले कर्मी लंबे समय से सरकारी व्यवस्था के डिजिटल एवं प्रशासनिक कार्यों को संचालित कर रहे हैं। ऐसे में सभी संवर्गों को एक मंच पर लाकर उनकी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने का निर्णय लिया गया है। वक्ताओं ने कहा कि कंप्यूटर आधारित अधिकांश कार्य लगातार सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं और भविष्य में भी इनकी आवश्यकता बनी रहेगी। ऐसे में इन कार्यों से जुड़े कर्मियों की सेवा व्यवस्था पर सरकार को स्थायी नीति बनानी चाहिए।

राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग: 

सम्मेलन में कंप्यूटर कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मी वर्षों से समान प्रकृति के कार्य कर रहे हैं, लेकिन अलग-अलग संवर्ग और सेवा शर्तों के कारण उनके बीच असमानता बनी हुई है। संगठन की ओर से कहा गया कि सरकार द्वारा आईटी विभाग के तहत आईटी कर्मियों के लिए नियमावली तैयार की गई है। उसी व्यवस्था के तहत विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कंप्यूटर कर्मियों को उनके वर्तमान पदनाम के अनुरूप नियमित कर राज्यकर्मी का दर्जा देने की दिशा में पहल की जानी चाहिए। वक्ताओं ने यह भी कहा कि संविदा और आउटसोर्स व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संगठन का दावा है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद कई कर्मियों को नियमित सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का शंखनाद: 
सम्मेलन में सरकार से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष निलेश कुमार ने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो राज्यभर के कंप्यूटर कर्मियों को एकजुट कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग एक लाख कंप्यूटर कर्मियों को एक मंच पर लाने की दिशा में संयुक्त मोर्चा काम करेगा। मांगों के समर्थन में आवश्यकता पड़ने पर पटना में व्यापक आंदोलन की तैयारी की जाएगी। सम्मेलन में यह भी घोषणा की गई कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रखंड स्तर तक संगठन का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिले के सभी संबंधित कर्मियों को संगठनात्मक रूप से जोड़ा जा सके।

‘कंप्यूटर बंद-सरकार बंद’ आंदोलन की चेतावनी: 

सम्मेलन में नवनिर्वाचित जिला पदाधिकारियों ने संविदा व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया। संगठन की ओर से प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयों में ‘कंप्यूटर बंद-सरकार बंद’ कार्यक्रम चलाने की चेतावनी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में ऑनलाइन सेवाओं, डाटा प्रबंधन, डिजिटल रिकॉर्ड, प्रमाणपत्रों, योजनाओं की निगरानी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में कंप्यूटर कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

जिला इकाई का हुआ पुनर्गठन: 

प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद निलेश कुमार के स्थान पर बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की सारण जिला इकाई का पुनर्गठन भी सम्मेलन में किया गया। नागमणि प्रसाद को जिला अध्यक्ष, जन्मेजय प्रताप सिंह को जिला संरक्षक, निर्भय कुमार निर्मल को जिला संयोजक, ब्रजेश कुमार सिंह को महासचिव और पप्पू पासवान को जिला महामंत्री बनाया गया। राजन कुमार शर्मा, मुन्ना कुमार शर्मा, सुशील कुमार शर्मा, अश्विनी कुमार भारती एवं अमित कुमार सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। रितेश कुमार को सचिव तथा रविश श्रीवास्तव, हरेश कुमार एवं तारकनाथ शर्मा को संयुक्त सचिव बनाया गया। श्रीराम कुमार कोषाध्यक्ष, अजय राज को मीडिया प्रभारी और सोनू कुमार को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया। वहीं प्रेम कुमार, संदीप कुमार, सुभाष शर्मा एवं विवेक कुमार को जिला कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई।

लंबित मानदेय और ईपीएफ सहित अन्य समस्याओं के समाधान का संकल्प: 

सम्मेलन में कार्यपालक सहायकों से जुड़ी जिला स्तरीय समस्याओं के समाधान के लिए अलग टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। इसमें लंबित मानदेय, अवकाश की स्वीकृति, ईपीएफ के लंबित भुगतान, सेवा अभिलेख एवं अन्य सेवा संबंधी मामलों का त्वरित समाधान कराने की बात कही गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को केवल आंदोलन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि विभागीय स्तर पर भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।

‘डिजिटलाइजेशन की रीढ़ हैं कंप्यूटर कर्मी’: 
अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष निलेश कुमार ने कहा कि कंप्यूटर कर्मी राज्य सरकार के डिजिटलाइजेशन और प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मी वर्षों से स्थायी प्रकृति के कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं, इसके बावजूद उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेगा। सरकार यदि मांगों के संदर्भ में सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती है तो राज्यभर के कंप्यूटर कर्मियों को एकजुट कर पटना में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि लंबे समय से कार्यरत कंप्यूटर कर्मियों के लिए सम्मानजनक और स्थायी सेवा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की दिशा में सरकार का ध्यान आकृष्ट करना है।

सैकड़ों कर्मियों ने लिया हिस्सा: 
सम्मेलन में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोपगुट) के जिला अध्यक्ष गोविंद प्रसाद श्रीवास्तव, जिला सचिव सैयद मोहम्मद नजवी सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं सरकारी विभागों से आए सैकड़ों कार्यपालक सहायक, आईटी असिस्टेंट, डाटा इंट्री ऑपरेटर तथा विभिन्न संगठनों के जिला पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कंप्यूटर संवर्ग के कर्मियों को एकजुट होकर अपने अधिकारों और सेवा संबंधी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का आह्वान किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन के समापन की घोषणा की गई।
महिला शराब तस्कर गिरफ्तार का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था तब तक गांजा के साथ महिला तस्कर बिहार से हुई गिरफ्तार 

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कार्यपालक सहायकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर हुई बैठक,अक्टूबर से राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान

सरकार की ढुलमुल रवैया एवं वादाखिलाफी के विरोध में आंदोलन की रणनीति पर हुई विस्तृत चर्चा

छपरा(सारण)। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के सारण जिला इकाई की बैठक रवीश कुमार श्रीवास्तव एवं कार्यकारी जिला अध्यक्ष जन्मजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित गोप पुट के संघ भवन में की गई। बैठक में सबसे पहले सारण जिला कमेटी के तत्कालीन जिला अध्यक्ष निलेश कुमार के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद जिला अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया है, जिस पर सर्वसम्मति से चुनाव कराने पर विस्तार से चर्चा किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आगामी 20 सितंबर तक जिला अध्यक्ष एवं जिला कमेटी का गठन कर लिया जाए। जिस पर बैठक में उपस्थित सभी कार्यपालक सहायकों ने सर्वसम्मति से आगामी 20 सितंबर तक प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष को चुनने का निर्णय लिया गया। साथ ही 20 सितंबर को संघ भवन में प्रदेश अध्यक्ष का सम्मान समारोह भी आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए संघ के वक्ताओं ने कहा कि सरकार के ढुलमुल रवैया एवं वादाखिलाफी के खिलाफ जिले में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कार्यपालक सहायक को सम्मानजनक वेतन वृद्धि एवं राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग किया गया। कहा कि सितंबर माह पूर्ण होने तक सरकार हमारी मांगों को पूर्ण नहीं करती है तो अक्टूबर माह में सभी कार्यपालक सहायकों के द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी बिहार सरकार एवम मिशन कार्यालय की होगी। संघ के नेताओ ने कहा का पूर्व में किए गए आंदोलन एवं हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से मांगों के समाधान को लेकर आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद आश्वासन के बाद लगभग एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस एवं सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। जिससे सरकार के प्रति कार्यपालक सहायकों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि कार्यपालक सहायक विभिन्न विभागों एवं सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी जायज एवं लंबित मांगों की अनदेखी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कार्यपालक सहायक विभिन्न विभागों एवं सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी जायज एवं लंबित मांगों की अनदेखी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। बैठक में संघ को और अधिक मजबूत एवं संगठित बनाने तथा सभी कार्यपालक सहायकों को एकजुट करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपस्थित कार्यपालक सहायकों ने एकजुटता के साथ अपने अधिकारों एवं जायज मांगों के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
संघ के जिला उपाध्यक्ष रवीश श्रीवास्तव ने कहा कि 26.08.2025 की 36वीं शासी परिषद की बैठक में मानदेय पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव पर अगली बैठक में प्राथमिकता से विचार का निर्णय हुआ था। इसके बाद 06.10.2025 को अपर मुख्य सचिव-सह-मिशन निदेशक, BPSMS के साथ वार्ता में मानदेय वृद्धि का आश्वासन दिया गया। पुनः 10.12.2025 की 37वीं शासी परिषद की बैठक में उच्चस्तरीय समिति गठित कर तीन माह में अनुशंसा देने का निर्णय लिया गया। इसके बावजूद निर्धारित समय-सीमा बीतने के बाद भी मानदेय पुनर्निर्धारण पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
बैठक में संघ को और अधिक मजबूत एवं संगठित बनाने तथा सभी कार्यपालक सहायकों को एकजुट करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपस्थित कार्यपालक सहायकों ने एकजुटता के साथ अपने अधिकारों एवं जायज मांगों के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। इस मौके पर बैठक में पप्पू पासवान, रितेश कुमार, श्री राम जी, मोहम्मद अमीर हसन, निक्कू माझी, विक्की कुमार सिंह, चंदन कुमार, निर्भय कुमार निर्मल, राजन कुमार, विकास कुमार, विशाल कुमार, सोनू कुमार, अभिषेक कुमार, सुशील कुमार शर्मा, मोहम्मद जाकिर हुसैन, मुन्ना कुमार, संदीप कुमार, शेषनाथ शर्मा, राजेश प्रसाद, अजय राज, मोहम्मद मुमताज, सनी कुमार, राजेश कुमार, आदित्य कुमार मल्होत्रा, सुधांशु श्रीवास्तव, नागमणि प्रसाद, अमर कुमार, सोनी कुमार सैनी, बृजमोहन कुमार, रवि कुमार, नवीन कुमार गिरी, सुबोध महतो, जयप्रकाश, भास्कर, मुन्ना कुमार, मनमोहन कुमार, अभिषेक कुमार, संदीप रंजन, मुकेश कुमार, कमलेश कुमार, पंकज कुमार, प्रवीण कुमार इत्यादि समेत दर्जनों कार्यपालक सहायक उपस्थित थे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि—

• आवास विभाग एवं मनरेगा यानी भीबी जी रामजी में कार्यरत कार्यपालक सहायकों का 7 माह से लंबित मानदेय भुगतान करने की मांग किया गया

•सभी विभागों में समूह स्वास्थ्य बीमा एवं कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करने के लिए सरकार को अल्टीमेटम दिया जाएगा।

• कार्यपालक सहायकों को हटाकर उनकी जगह आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवा लेने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

• कार्य समीक्षा अथवा वित्तीय बोझ का हवाला देकर कार्यपालक सहायकों को हटाने की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

• EPF, अवकाश एवं अन्य वैधानिक/देय सुविधाओं में अनियमितता के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

• मानदेय पुनर्निर्धारण एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में सरकार और मिशन कार्यालय द्वारा लंबे समय से किए जा रहे आश्वासनों एवं टालमटोल के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।

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*​JPU में शैक्षणिक अराजकता के खिलाफ AISA का अनिश्चितकालीन हड़ताल 2023-27, 2024-28 और 2025-29 सत्रों की मार्कशीट और 68 क्रेडिट रद्द होने तक जारी रहेगा आंदोलन*

​छपरा: जयप्रकाश विश्वविद्यालय (JPU) की घोर लापरवाही और छात्र विरोधी रवैये के खिलाफ अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) ने विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल   संगठन का साफ कहना है कि जब तक छात्रों की प्रमुख मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
​आइसा के छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्नातक के चार वर्षीय पाठ्यक्रम (CBCS) के तहत आने वाले विभिन्न सत्रों के छात्र-छात्राएं भारी मानसिक और शैक्षणिक संकट झेल रहे हैं। परीक्षाएं समय पर न होना और परिणाम घोषित होने के बावजूद अंक तालिका (Marksheet) न मिलना अब JPU की पहचान बन चुका है।
​मुख्य मुद्दे और मांगें:
​2023-2027 सत्र की मार्कशीट: इस सत्र के छात्रों की परीक्षाएं होने के बावजूद उन्हें मार्कशीट के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य अंधेरे में है।
​2024-2028 सत्र की मार्कशीट: 2024-28 सत्र के परिणामों और मार्कशीट वितरण की प्रक्रिया में हो रही देरी को तुरंत दूर किया जाए।
​2025-2029 सत्र की मार्कशीट: 2025-29 सत्र के छात्रों के परिणामों और मार्कशीट से संबंधित मामलों का शीघ्र पारदर्शी निपादन किया जाए।
​68 क्रेडिट (Credit Block) नियम को पूरी तरह समाप्त करना: बिना किसी पूर्व तैयारी और स्पष्ट नीतियों के थोपी गई 68 क्रेडिट की अनिवार्यता छात्रों के लिए एक बड़ी बाधा बन चुकी है। इस तुगलकी फरमान को तुरंत प्रभाव से खत्म किया जाए।

​आइसा नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा, "विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के भविष्य को मजाक बना दिया है। सत्र 2023-27, 2024-28 और 2025-29 के छात्र-छात्राएं केवल मार्कशीट के अभाव में आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे हैं। वहीं 68 क्रेडिट के नियम ने हजारों छात्रों को प्रमोट होने से रोक रखा है। जब तक तीनों सत्रों की मार्कशीट उपलब्ध कराने और 68 क्रेडिट के नियम को खत्म करने पर लिखित आदेश जारी नहीं होता, हड़ताल खत्म नहीं होगी।"
​आइसा ने विश्वविद्यालय के तमाम छात्र-छात्राओं से आह्वान किया है कि वे अपने हक की इस लड़ाई में आगे आएं और इस अनिश्चितकालीन हड़ताल को सफल बनाएं।

आइसा जिला अध्यक्ष 
कुणाल कौशिक 
9798200453

आइसा जिला सचिव 
 विकाश कुमार 
6205845758

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नेहरू नगर में बस के इंतजार करने वाले शिवम हत्या मामले को पुलिस ने अपराधियों को किया गिरफ्तार

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ट्रैक्टर एजेंसी संचालक यश मित्तल हत्या मामले में आरोपियों का पुलिस ने निकाला बारात 

 मध्य प्रदेश उज्जैन के माधवनगर थाना क्षेत्र के दमदमा इलाके में हुई एजेंसी  में शामिल यश मके की हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार किया है. बताते चले की मसावा के माधवनगर थाने के दमदमा क्षेत्र में एक मामूली सी बात पर शोरूम के दुकानदार की हत्या कर दी गई।जिस मामले पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पैदल चलने वालों को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश करने से पहले उन्हें साइकिल वाले पर पैदल ले जाया गया।प्रारंभिक जांच के अनुसार यह पूरा विवाद दूर करने के लिए हॉर्न प्लेयर की मामूली बात को लेकर शुरू हुआ था। जिसमें एजेंसी संचालक को हत्या कर दी गई. पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर सड़क पर जुलूस निकालकर मारते हुए ले गई. जिसका वीडियो वायरल हो रहा है.
 लेकिन इस वीडियो का स्ट्राइक न्यूज़ पुष्टि नहीं कर रहा है.

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मारुति मानस मंदिर छपरा

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प्रधानमंत्री के संबोधन से जुड़े युवा, प्राचार्य ने दिया खेल भावना और अनुशासन का संदेश

छपरा :भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सेवा योजना, क्षेत्रीय निदेशालय, पटना के तत्वावधान में आज राजेन्द्र कॉलेज  में "मेरा युवा भारत - राष्ट्रीय खेल दिवस, 2026: युवा कनेक्ट" कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय के सभागार में छात्र-छात्राओं, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं प्राध्यापकों ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के राष्ट्र के नाम वर्चुअल संबोधन एवं दो-तरफा संवाद के सजीव प्रसारण (Live Telecast) को अत्यंत उत्साहपूर्वक देखा और सुना। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं राजेन्द्र कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि खेल केवल शारीरिक स्फूर्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, समर्पण और चरित्र निर्माण की सबसे सशक्त पाठशाला है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी के 'मेरा युवा भारत' एवं 'फिट इंडिया' विजन की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस हमें हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के अदम्य समर्पण की याद दिलाता है और विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेलों में भी महाविद्यालय एवं देश का नाम रौशन करने के लिए निरंतर तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों को खेल भावना को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं विशेष अतिथि राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. पूनम ने राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण में खेल नीतियों के योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के विशेष आकर्षण एवं स्पोर्ट्स आइकॉन के रूप में उपस्थित जय प्रकाश विश्वविद्यालय के डॉ. राजेश नायक (प्रसिद्ध बॉक्सर, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग टीम के सेलेक्टर मेंबर एवं अंतर्राष्ट्रीय रेफरी) ने अपने खेल अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को लक्ष्य के प्रति एकाग्रता, निरंतर अभ्यास और कभी हार न मानने का मूलमंत्र दिया। भूगोल विभाग के कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों और छात्र-छात्राओं की जीवंत भागीदारी रही और लाइव प्रसारण का तकनीकी संचालन अत्यंत सुव्यवस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान मीडिया जगत से श्री सुरभित दत्त (छपरा टुडे) एवं श्री गनपत आर्यन (संजीवनी समाचार) विशेष रूप से  उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की विस्तृत कवरेज की और छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
ब्रेकिंग -पुल के रेलिंग से गिरे बिरम परसा (रिविलगंज) के अर्जुन की सौंधी नदी में डूबकर हुई मौत।
छपरा में स्थानीय पेट्रोल पंप के निकट स्थित प्री-स्कूल, ब्रह्मपुर , छपरा में सावन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम में विद्यालय के सभी सदस्यों के साथ-साथ विद्यार्थियों की माताओं और अभिभावकों ने भारी संख्या में भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गीतों और सावन के उल्लास के साथ हुई। इस अवसर पर माताओं और बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने बड़े उत्साह के साथ अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उपस्थित अतिथियों और माताओं ने इस शानदार आयोजन की भरपूर सराहना की।विद्यालय के प्रबंधन ने सफल आयोजन के लिए सभी आगंतुकों, माताओं और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम सभी के लिए बेहद यादगार और आनंददायक रहा।
प्राचार्य- सुरभि रानी 
निदेशक -गीता देवी
मारुति मानस मंदिर छपरा 

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जेपी यूनिवर्सिटी में छात्रों की आवाज़ दबाने और 'छात्र युवा संसद' को सांप्रदायिक रंग देने की साजिश का आइसा ने किया पर्दाफास

छपरा: जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपी यूनिवर्सिटी) में विगत 19 अगस्त को छात्र संगठन आइसा (AISA) द्वारा आयोजित 'छात्र युवा संसद' की  सफलता और उसमें उमड़े छात्रों के जनसैलाब से घबराकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्वविद्यालय प्रशासन घटिया राजनीति पर उतर आए हैं। आइसा के जिला अध्यक्ष कुणाल कौशिक ने एक बयान जारी कर एबीवीपी द्वारा कार्यक्रम में बजाए गए फैज अहमद फैज के विश्वप्रसिद्ध क्रांतिकारी नज़्म "हम देखेंगे" पर जताई गई आपत्ति को पूरी तरह से भ्रामक, अनर्गल और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली साजिश करार दिया है।
कुणाल कौशिक ने स्पष्ट किया कि 1979 में प्रसिद्ध शायर फैज अहमद फैज द्वारा लिखी गई और 1986 में इकबाल बानो द्वारा गाई गई यह नज़्म दुनिया भर में तानाशाही और सत्ता के अन्याय के खिलाफ क्रांति तथा प्रतिरोध का प्रतीक है। इस नज़्म की पंक्तियों ("बस नाम रहेगा अल्लाह का...") को तोड़-मरोड़ कर पेश करना और इसे धार्मिक कोण देना एबीवीपी, भाजपा और आरएसएस की छात्र विरोधी तथा हिंदू-मुस्लिम विभाजनकारी राजनीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
Aisa जिला सचिव विकाश ने कहा (जेपी यूनिवर्सिटी) में आयोजित 'छात्र युवा संसद' में गूंजे फैज अहमद फैज के विश्वप्रसिद्ध तराने को लेकर जारी विवाद पर आइसा के जिला सचिव ने सख्त रुख अपनाया है। आइसा जिला सचिव ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एबीवीपी और उनके नेता धर्म का चश्मा उतारकर विश्वविद्यालय के प्रांगण में आएं और उन हजारों परेशान छात्रों से बात करें जो वर्षों से अपनी डिग्री, पेंडिंग रिजल्ट और लेट- सत्र (Session Delay) के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
आइसा नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन के सामने निम्नलिखित मुख्य बिंदु एवं मांगे रखीं:
छात्र मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास: जेपी यूनिवर्सिटी में 2018-2020 सत्र के पास-आउट छात्रों को अब तक डिग्री न मिलना, 500 अंक की परीक्षा में 900 अंक दे दिया जाना, और प्रथम सेमेस्टर के अंकपत्रों पर तीसरे सेमेस्टर का अंक दर्ज होना जैसी भारी प्रशासनिक धांधलियां व्याप्त हैं। एबीवीपी इन वास्तविक समस्याओं पर मौन रहकर केवल सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का काम कर रही है।, आपसी भाईचारे और एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले एबीवीपी के नेताओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

छात्रों को बांटने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने वाली ताकतों के बहकावे में न आएं। आइसा हर छात्र के अधिकार, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और बेहतर भविष्य के लिए सड़क से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक अपनी लड़ाई पूरी मजबूती से रखेगा