बेगूसराय में स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा, बैंकों को लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
PMFME योजना में 412 आवेदनों में 130 स्वीकृत, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के 62 लाभुकों को मिला ऋण
बेगूसराय: समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में बुधवार को जिला पदाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति एवं जिला उद्योग टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्योग प्रोत्साहन योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान डीएम ने बैंकों में लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने, पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को आवश्यक निर्देश दिए।
PMFME योजना में 241 आवेदन लंबित
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 412 आवेदन अग्रसारित किए गए हैं। इनमें से 130 आवेदनों को स्वीकृति मिली है। इसके साथ जिले की स्वीकृति दर 36.21 प्रतिशत रही और बिहार में बेगूसराय को नौवां स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, 103 मामलों में ऋण राशि का वितरण किया गया है। वितरण दर 28.69 प्रतिशत रही, जिसके आधार पर जिला राज्य स्तर पर 12वें स्थान पर है। समीक्षा के दौरान विभिन्न बैंकों में योजना से संबंधित 241 आवेदन लंबित पाए गए।
डीएम रिची पांडेय ने निर्देश दिया कि योजना की प्रगति रिपोर्ट में स्वीकृत, वितरित और अस्वीकृत आवेदनों का स्पष्ट विवरण शामिल किया जाए। साथ ही लंबित आवेदनों का प्रखंडवार एवं बैंक शाखावार प्रतिवेदन तैयार करने को कहा, ताकि संबंधित प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी आवेदनों के निष्पादन में सहयोग कर सकें। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने और जिले की रैंकिंग में सुधार लाने पर भी जोर दिया।
योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, जागरूकता अभियान और आवेदन सहायता शिविर आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया।
UCO बैंक ने PMFME में सर्वाधिक आवेदन किए स्वीकृत
बैंकवार समीक्षा में बताया गया कि PMFME योजना के तहत यूको बैंक ने सर्वाधिक 43 आवेदनों को स्वीकृति दी और 30 मामलों में ऋण वितरित किया। भारतीय स्टेट बैंक ने 20 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की तथा 18 मामलों में ऋण का वितरण किया। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक ने 12 आवेदनों को स्वीकृति दी और 10 लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराया।
डीएम ने संबंधित बैंक प्रबंधकों को लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों के माध्यम से कुल 1,291 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें प्रथम चरण में 1,013 तथा द्वितीय चरण में 954 आवेदनों की अनुशंसा की जा चुकी है, जबकि 411 आवेदनों को तृतीय चरण में अंतिम स्वीकृति मिली है।
बैंकों को भेजे गए 199 आवेदनों में से 72 को स्वीकृति प्रदान की गई है और 62 लाभुकों को ऋण वितरित किया जा चुका है। वहीं, 10 आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित हैं, जबकि 110 आवेदन बैंकों द्वारा अस्वीकृत किए गए हैं।
बैंकवार आंकड़ों के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक ने 45 आवेदनों को स्वीकृति दी और 41 मामलों में ऋण वितरित किया। यूको बैंक ने 12 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान करते हुए 10 मामलों में ऋण दिया। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक ने आठ आवेदनों को स्वीकृति दी और सभी आठ मामलों में ऋण राशि का वितरण सुनिश्चित किया।
पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना प्राथमिकता
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि स्वरोजगार और उद्योग स्थापना के इच्छुक पात्र लाभुकों के आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित या अस्वीकृत नहीं किया जाए। आवेदन में किसी प्रकार की कमी होने पर उसे नियमानुसार दूर कराने में सहयोग किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों और बैंक शाखाओं के बीच समन्वय स्थापित कर ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर बल दिया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वरोजगार योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, आवेदन प्रक्रिया में सहायता, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा तथा प्रखंड और बैंक शाखा स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक कारीगरों, खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों और अन्य इच्छुक लाभुकों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता मिल सके।
बैठक में जीएम डीआईसी सुश्री ज्ञानेश्वरी किरण सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।