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सात निश्चय योजनाओं की समीक्षा, डीएम ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

बलिया/बेगूसराय (बी के गुलशन)। समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सात निश्चय एवं सात निश्चय-2 के अंतर्गत संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपविकास आयुक्त श्री आकाश चौधरी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में 1,247 आवेदन प्राप्त

बैठक में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) में कुल 1,247 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 तक 948 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके विरुद्ध 33.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। डीएम ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने तथा लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया।

कुशल युवा कार्यक्रम में बेगूसराय राज्य में चौथे स्थान पर

मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 353 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 285 आवेदनों को स्वीकृति दी गई, जबकि एक आवेदन अस्वीकृत किया गया।

वहीं, कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 3,336 आवेदन प्राप्त हुए और सभी आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। योजना का कुल प्राप्तांक 90.9 प्रतिशत रहा तथा राज्य स्तरीय रैंकिंग में बेगूसराय जिला चौथे स्थान पर है। डीएम ने इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ अधिक से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया।

सिंचाई क्षमता में 70 हेक्टेयर का विकास

हर खेत तक सिंचाई का पानी योजना के तहत जल संसाधन विभाग की लक्षित दो योजनाओं में डीपीआर निर्माण, कार्य प्रारंभ एवं कार्य पूर्ण करने की प्रगति 100 प्रतिशत पाई गई। इन योजनाओं से कुल 70 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का विकास किया गया है। लघु जल संसाधन विभाग के अंतर्गत इस श्रेणी में लक्ष्य शून्य दर्ज किया गया। डीएम ने सिंचाई योजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

196 शहरी वार्डों में नल-जल योजनाओं की समीक्षा

हर घर नल का जल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल सुविधा और अनुरक्षण कार्यों की स्थिति संतोषजनक पाई गई। शहरी क्षेत्रों में बेगूसराय नगर निगम सहित बरौनी, बलिया, बखरी, बीहट एवं तेघड़ा नगर निकायों के कुल 196 वार्डों में नल-जल योजनाओं के अनुरक्षण तथा उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की समीक्षा की गई। अधिकांश नगर निकायों में प्रगति संतोषजनक रही। डीएम ने शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और योजनाओं का नियमित अनुरक्षण सुनिश्चित करने को कहा।

बीहट में 10.02 करोड़ की लागत से शवदाह गृह तैयार

शवदाह गृह (मोक्षधाम) निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि बुडको के माध्यम से नगर परिषद बीहट क्षेत्र में 10.02 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति से निर्मित शवदाह गृह का निर्माण कार्य 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति के साथ पूर्ण कर लिया गया है। इसमें चार लकड़ी आधारित तथा दो इलेक्ट्रिक फर्नेस की व्यवस्था की गई है। डीएम ने निर्माण के बाद आवश्यक व्यवस्थाओं और संचालन संबंधी कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने का निर्देश दिया।

स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर

ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइट के अधिष्ठापन तथा घर-घर कचरा संग्रहण की प्रगति की समीक्षा की गई, जो बेहतर पाई गई। शहरी क्षेत्रों में कचरा संग्रहण, प्रबंधन एवं प्रसंस्करण से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा हुई। डीएम ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण को नियमित और व्यवस्थित रूप से संचालित करने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में डीएम श्री रिची पांडेय ने सभी विभागों को सात निश्चय एवं सात निश्चय-2 की योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने को कहा। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

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आईएएस अधिकारी की पहल पर बाढ़ पीड़ित परिवारों को मिला 4-4 लाख का मुआवजा

दो दिन पहले हुसैना दियारा में डूबने से हुई थी युवती और किशोरी की मौत

बलिया/बेगूसराय (बी के गुलशन)। इसे कहते हैं आईएएस अधिकारी के काम करने का तरीका। बेगूसराय जिले के बलिया प्रखंड अंतर्गत दियारा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के बीच मंगलवार को परमानंदपुर पंचायत के हुसैना दियारा में डूबने से एक युवती सहित एक किशोरी की मौत हो गई थी। घटना के महज दो दिन बाद गुरुवार को मृतकों के परिजनों को आपदा के तहत मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराई गई।

बताया जाता है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद बलिया के एसडीओ सह आईएएस अधिकारी अजय यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की। उनके पहल के बाद गुरुवार को मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।

बाढ़ के पानी में डूबने से परिवार के सदस्यों को खोने वाले परिजनों के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। ऐसे में घटना के कुछ ही समय बाद सरकारी सहायता उपलब्ध होने से पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिला है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस त्वरित पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के समय पीड़ित परिवारों तक सरकारी सहायता जल्द पहुंचना बेहद जरूरी है। एसडीओ सह आईएएस अधिकारी अजय यादव की पहल से महज दो दिनों के भीतर मुआवजा राशि उपलब्ध कराए जाने को प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता से जोड़कर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि बलिया प्रखंड का दियारा इलाका इन दिनों गंगा नदी की बाढ़ से प्रभावित है। कई गांवों और रास्तों पर बाढ़ का पानी फैलने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा राहत, बचाव और आपदा से प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
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श्री गुरू संत रविदास विकास शिविर में 2,641 आवेदन प्राप्त, 1,590 का हुआ निष्पादन

बेगूसराय (बी के गुलशन)। जिले के विभिन्न प्रखंडों के महादलित टोलों में गुरुवार को ‘श्री गुरू संत रविदास विकास शिविर’ का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और जनहितकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ त्वरित रूप से उपलब्ध कराना रहा।

शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। इस दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने आम लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आवास, पेयजल, स्वच्छता, रोजगार, पेंशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

जिला प्रशासन के अनुसार 10 सितंबर 2026 को आयोजित तीसरे शिविर तक जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 2,641 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1,590 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 1,051 आवेदन लंबित हैं। इस प्रकार प्राप्त कुल आवेदनों में 60.20 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया गया है।

प्रखंडवार उपलब्धियों की बात करें तो साहेबपुर कमाल में 100 प्रतिशत, खोदावन्दपुर में 91.30 प्रतिशत, नावकोठी में 85.71 प्रतिशत तथा बलिया में 85.19 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया गया है। शिविर में प्राप्त आवेदनों पर मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए अधिक से अधिक मामलों के त्वरित निष्पादन का प्रयास किया गया।

प्रशासन ने शिविरों में प्राप्त समस्याओं एवं आवेदनों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए प्रत्येक शिविर में वरीय पदाधिकारी की नियुक्ति की है। वरीय पदाधिकारी शिविर की व्यवस्थाओं की निगरानी के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों के बीच समन्वय स्थापित कर पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।

जिला प्रशासन ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविरों में प्राप्त शेष लंबित आवेदनों का भी नियमानुसार यथाशीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं एवं आवश्यक सेवाओं के लाभ से वंचित न रहे।

‘श्री गुरू संत रविदास विकास शिविर’ के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने तथा उनके अधिकार एवं उपलब्ध सुविधाओं का लाभ दिलाने की दिशा में पहल की जा रही है। यह अभियान सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ सरकारी योजनाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बेगूसराय में 3.80 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, 269 नावें और 62 चिकित्सा दल तैनात

बेगूसराय (बी के गुलशन)। जिले में गंगा एवं बूढ़ी गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार बनी हुई है। बाढ़ की वर्तमान स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आगामी तैयारियों को लेकर गुरुवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के मंत्री श्री रत्नेश सादा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष, बेगूसराय विधायक श्री कुंदन कुमार, अपर समाहर्ता श्री बृज किशोर चौधरी, नगर आयुक्त श्री सोमेश बहादुर माथुर सहित जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अभियंता मौजूद रहे।

8 अंचलों के 189 गांव बाढ़ की चपेट में

समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में जिले के आठ अंचलों, दो नगर निकाय एवं 37 पंचायतों में बाढ़ का प्रभाव है। कुल 189 गांव और 325 वार्ड प्रभावित हैं। बाढ़ से जिले की करीब 3,80,980 आबादी प्रभावित हुई है।

गंगा नदी का जलस्तर दीघा, गांधी घाट, हाथीदह एवं मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। वहीं बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर खगड़िया में भी खतरे के निशान से ऊपर है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे सक्रिय है और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

269 नावों से जारी है आवागमन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों तथा आवागमन के लिए कुल 269 नावें संचालित की जा रही हैं। इनमें 23 सरकारी और 246 निजी नाव शामिल हैं। बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी एवं शाम्हो में एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की गई है, जबकि बलिया में एनडीआरएफ की टीम तैनात है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पॉलीथीन शीट का वितरण भी जारी है। जिले में उपलब्ध 41,880 पॉलीथीन शीट में से अब तक 29,351 शीट जरूरतमंद परिवारों के बीच वितरित की जा चुकी हैं।

182 सामुदायिक रसोई संचालित

बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 228 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जिनमें वर्तमान में 182 केंद्र संचालित हैं। 9 सितंबर की शाम तक इन सामुदायिक रसोई के माध्यम से कुल 5,79,521 थाली भोजन कराया जा चुका है।

इसके अलावा 80 बाढ़ राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

82 हजार से अधिक लोगों का इलाज

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यापक व्यवस्था की गई है। कुल 62 चिकित्सा दल कार्यरत हैं, जिनमें 14 चलंत, 19 अस्थायी एवं 29 स्थायी चिकित्सा दल शामिल हैं। इसके साथ ही चार बोट एंबुलेंस भी संचालित हैं।

सदर अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश रोधी दवा, ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर सहित 122 प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अब तक 82,312 लोगों का चिकित्सा परीक्षण एवं उपचार किया जा चुका है।

39 हजार से अधिक पशु प्रभावित

बाढ़ के कारण पशुधन पर भी असर पड़ा है। पशुओं की देखभाल के लिए 46 पशु शिविर और आठ मेडिकल वैन संचालित किए जा रहे हैं। अब तक 39,375 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनमें 7,909 पशुओं का उपचार किया जा चुका है। पशुपालकों के बीच 1,418.05 क्विंटल पशुचारा वितरित किया गया है।

सभी 20 तटबंध सुरक्षित

बैठक में तटबंधों की सुरक्षा की भी समीक्षा की गई। जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। बेगूसराय, मंझौल, बलिया, तेघड़ा एवं बखरी क्षेत्र के सभी 20 तटबंध, जिनमें 10 मुख्य तटबंध और 10 जमींदारी बांध शामिल हैं, सुरक्षित पाए गए हैं। संवेदनशील स्थलों पर कटाव निरोधक कार्य भी पूर्ण कर लिए गए हैं।

पेयजल और फसल क्षति पर भी नजर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जल स्रोतों के अलावा जरूरत के अनुसार टैंकरों से भी पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। क्षतिग्रस्त चापाकलों की मरम्मत के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं।

कृषि क्षेत्र की समीक्षा में बताया गया कि जिले में बाढ़ संभावित कृषि क्षेत्र 27,034 हेक्टेयर है, जिसमें 33 प्रतिशत से अधिक प्रभावित क्षेत्र 19,504 हेक्टेयर आंका गया है। प्रभावित किसानों के लिए वैकल्पिक फसल योजना एवं बीज वितरण की तैयारी की गई है।

मंत्री ने दिए संवेदनशीलता के साथ राहत कार्य चलाने के निर्देश

समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, पशुचारा एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सामुदायिक रसोई, राहत शिविर, नाव परिचालन, चिकित्सा, पशु चिकित्सा एवं पेयजल समेत सभी आवश्यक सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

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ई-रिक्शा चालकों से कथित ‘गुंडा टैक्स’ वसूली का आरोप, कार्रवाई की मांग

बलिया/बेगूसराय (बी के गुलशन)। बलिया नगर क्षेत्र में ई-रिक्शा, टोटो एवं ऑटो चालकों से कथित रूप से ‘गुंडा टैक्स’ वसूले जाने का मामला सामने आया है। टैक्स नहीं देने पर सवारी को रिक्शा से उतारने, चालक के साथ मारपीट तथा महिला यात्रियों के साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर गुरुवार को बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालकों ने बलिया थाना अध्यक्ष, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

अनुमंडल पदाधिकारी को दिए आवेदन में ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि नगर क्षेत्र में सवारी लेकर आने-जाने वाले टोटो, ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों से कथित तौर पर 50 से 100 रुपये तक की राशि की मांग की जाती है। राशि नहीं देने पर रास्ते में सवारी को वाहन से उतार दिया जाता है और चालक के साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की जाती है। चालकों का कहना है कि इस तरह की कथित वसूली के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भय और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

चालकों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण कथित रूप से वसूली करने वालों का मनोबल बढ़ता गया। चालकों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा ई-रिक्शा चालकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की।

मौके पर मौजूद नगर परिषद बलिया के सशक्त स्थायी समिति सदस्य सह वार्ड पार्षद अविनाश कुमार ने कहा कि ई-रिक्शा चालकों से कथित अवैध वसूली का मुद्दा नगर परिषद के सामान्य बोर्ड की बैठक में भी उठाया जा चुका है। इस संबंध में प्रशासन को पत्र भी भेजा गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के अभाव में ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता है।

वार्ड पार्षद ने कहा कि आज बलिया के अनुमंडल पदाधिकारी अजय यादव द्वारा आवेदन पर पहल किए जाने से चालकों में उम्मीद जगी है। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ई-रिक्शा चालकों से इस तरह की कथित वसूली बंद नहीं हुई और चालकों के साथ दुर्व्यवहार जारी रहा तो चालक के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मामले की शिकायत जिला से लेकर राज्य स्तर तक के संबंधित पदाधिकारियों से की जाएगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ई-रिक्शा, टोटो एवं ऑटो चालक मौजूद थे। चालकों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें राहत दिलाई जाए तथा भविष्य में किसी भी चालक या यात्री के साथ जबरदस्ती, गाली-गलौज अथवा मारपीट की घटना न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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450 किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण, डीएम ने कहा- मिट्टी और जल संरक्षण के लिए जरूरी

बेगूसराय (बी के गुलशन)। अर्थ गंगा के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तत्वावधान में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी, कंकौल में प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गई। जिला कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से करीब 450 किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय एवं उप विकास आयुक्त श्री आकाश चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान डीएम ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती से मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बेगूसराय में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। इसे और व्यापक एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को आवश्यक सहयोग एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

उप विकास आयुक्त श्री आकाश चौधरी ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से संवाद कर उनके अनुभव एवं व्यवहारिक चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने किसानों से अपने अनुभव दूसरे किसानों तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक किसानों को टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों से जोड़ने की अपील की।

कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र, खोदावंदपुर के प्रधान वैज्ञानिक-सह-प्रधान ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों पर तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने गौ-आधारित प्राकृतिक खेती, जैविक संसाधनों के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य, जैविक कार्बन सहित प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रक्रिया पर भी जानकारी दी गई।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत, VB-G RAM G-सह-नोडल पदाधिकारी, नमामि गंगे श्री बिट्टू कुमार सिंह ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कृषि और गंगा संरक्षण के बीच संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देने से किसानों के साथ-साथ जल स्रोतों और गंगा की निर्मलता को भी लाभ मिलेगा।

वहीं जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका श्री अविनाश कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आजीविका एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में जीविका की भूमिका की जानकारी दी।

कार्यशाला में प्रगतिशील किसानों रामकुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार चौधरी, जयशंकर सिंह एवं अशोक सिंह ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने खेती में अपनाई गई तकनीकों, परिणामों और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी अन्य किसानों को दी।

इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका सहित कृषि विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। बीटीएम, एटीएम, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, कृषि सखी, बीआरसी संचालक एवं विभिन्न प्रखंडों से आए किसान भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यशाला के दौरान प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, जैविक कार्बन, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं गंगा संरक्षण जैसे विषयों पर किसानों के साथ संवाद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि खेती को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय मिट्टी, जल, पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती एवं संबंधित गतिविधियों में उत्कृष्ट सहभागिता करने वाले किसानों एवं प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन श्रीमती खुशबू कुमारी, बीटीएम एवं श्री कुन्दन कुमार, एटीएम ने किया।

अंत में किसानों से वैज्ञानिक मार्गदर्शन के साथ प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने तथा मृदा एवं जल संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से स्वस्थ मिट्टी, सुरक्षित जल, समृद्ध किसान और निर्मल गंगा के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 34 प्रकार के ई-चालानों पर मिलेगी 50% तक की छूट

बेगूसराय (बी के गुलशन)। आगामी 12 सितंबर 2026, शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का त्वरित एवं आपसी सुलह के आधार पर निष्पादन कराने के लिए जिले में कुल 20 अस्थायी बेंचों का गठन किया गया है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश श्री करुणानिधि प्रसाद आर्य ने बताया कि बेगूसराय सदर मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर में 15 बेंच गठित किए गए हैं। इसके अलावा बखरी, मंझौल, तेघड़ा एवं बलिया अनुमंडल न्यायालयों में एक-एक तथा रेलवे न्यायालय के लिए एक बेंच का गठन किया गया है।

दिनकर भवन में तीन विशेष बेंच

वाहन चालकों एवं वाहन मालिकों की सुविधा को देखते हुए शहर के दिनकर भवन (टाउन हॉल), नगर निगम चौक, बेगूसराय में मोटर वाहन ई-चालान के मामलों के निष्पादन के लिए तीन विशेष बेंच बनाए गए हैं। इन बेंचों पर केवल मोटर वाहन ई-चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई एवं आपसी सुलह के आधार पर निष्पादन किया जाएगा।

इस व्यवस्था से वाहन मालिकों और चालकों को अपने लंबित ई-चालान के निपटारे के लिए न्यायालय परिसर जाने की आवश्यकता कम होगी।

34 प्रकार के ट्रैफिक चालान में 50% तक छूट

सचिव ने बताया कि बिहार सरकार के परिवहन विभाग द्वारा 30 अप्रैल 2026 को प्रकाशित राजपत्र के आलोक में राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत लंबित चालानों के निष्पादन में आम नागरिकों को राहत दी गई है। कुल 34 प्रकार के ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों में सुलह के आधार पर 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।

इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाना, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना, निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना, बिना प्रदूषण प्रमाण-पत्र वाहन चलाना, बिना इंश्योरेंस वाहन चलाना, लाल बत्ती का उल्लंघन, स्टॉप लाइन अथवा जेब्रा क्रॉसिंग का उल्लंघन तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने जैसे मामले शामिल हैं।

इसके अलावा बिना प्राधिकार के वाहन चलाने, ओवरलोड सवारी ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों का भी लोक अदालत में सुलह के आधार पर निष्पादन किया जाएगा।

वाहन मालिकों से अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत लंबित ई-चालानों का कम राशि में आपसी सुलह के आधार पर निष्पादन कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। इससे लोगों को न्यायालय की लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और समय की भी बचत होगी।

उन्होंने वाहन मालिकों एवं चालकों से अपील की कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने लंबित ई-चालान के निष्पादन के लिए 12 सितंबर को दिनकर भवन में आयोजित विशेष बेंच में उपस्थित हों।

ई-चालान के निष्पादन के लिए आने वाले पक्षकारों को अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चालान की प्रति एवं आधार कार्ड साथ लाने की सलाह दी गई है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर आपसी सुलह के माध्यम से अपने लंबित मामलों का निष्पादन कराएं और सरकार की ओर से उपलब्ध रियायत का लाभ उठाएं।
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बेगूसराय के 2.63 लाख पेंशन लाभुकों के खाते में 30.35 करोड़ रुपये ट्रांसफर

बेगूसराय (बी के गुलशन)। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत बेगूसराय जिले के 2,63,338 लाभुकों के बैंक खातों में अगस्त 2026 की पेंशन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे भेजी गई। इस मद में कुल 30 करोड़ 35 लाख 97 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।

गुरुवार को मुख्यमंत्री, बिहार श्री सम्राट चौधरी द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभुकों के खातों में पेंशन राशि हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बेगूसराय स्थित एनआईसी कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग सुश्री नेहा कुमारी सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभुक उपस्थित रहे।

जिले में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत हस्तांतरित राशि में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 1,26,704 लाभुकों को 15 करोड़ 12 लाख 10 हजार 300 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 65,197 लाभुकों को 7 करोड़ 18 लाख 32 हजार 800 रुपये तथा लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 30,263 लाभुकों को 3 करोड़ 42 लाख 61 हजार 500 रुपये शामिल हैं।

इसी प्रकार बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के 22,992 लाभुकों को 1 करोड़ 74 लाख 18 हजार 600 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 15,644 लाभुकों को 2 करोड़ 60 लाख 77 हजार 600 रुपये तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना के 2,538 लाभुकों को 27 लाख 96 हजार 200 रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संबल प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। DBT के जरिए राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में पहुंचने से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुगमता एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। सीधे बैंक खाते में राशि हस्तांतरित होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और पात्र लाभुकों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने में सुविधा होती है।

प्रशासन के अनुसार DBT व्यवस्था से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ी है। वहीं वृद्धजनों, विधवाओं एवं दिव्यांगजनों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में भी सहूलियत हो रही है। इससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभुकों तक पहुंच रहा है।

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वर्चस्व की लड़ाई में चली गोली से किशोर की मौत, आक्रोशित लोगों ने जाम की सड़क

रास्ते में साहु भवन व मस्जिद के पास हो रहे झगड़े को रुक कर देख रहा था मो समीर
संवाददाता मुकेश कुमार
मंगलवार की देर रात लगभग दो बजे कृष्णाष्टमी मेला देखकर अपनी बहन के साथ घर लौट रहे एक किशोर की गोली लगने से मौत हो गई. घटना तेघड़ा थानाक्षेत्र अंतर्गत साहू भवन व मस्जिद के पास देर रात 02 बजे की बताई जा रही है. जबकि मृतक की पहचान तेघड़ा नगर परिषद वार्ड संख्या 13 निवासी मी आशिक का 16 वर्षीय पुत्र दसवीं कक्षा का छात्र मी समीर के रूप में हुआ है. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई.

लोगों के अनुसार, दो पक्षों में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर घटनास्थल पर तनाव का माहौल था. इसी बीच मृतक किशोर कृष्णाष्टमी मेला देखकर घर जा रहा था, तो रास्ते में साहु भवन और मस्जिद के पास वर्चस्व की लड़ाई होता देख वह रूककर देखने लगा. इसी बीच दबंगों के द्वारा फिर फायरिंग की गई और गोली मृतक लगी. घटक कायम सीतको काम और मोहल्ले वाले गोली लगने से घायल किशोर को आनन फानन में तेघड़ा अनुमंडल अस्पताल इलाज के लिए ले गये. लेकिन अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने घायल को देखते ही मृत घोषित कर दिया.घटना की सूचना तेघड़ा थाना पुलिस की दी गई. तेघड़ा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की छानबीन में जुट गई और शव को कब्जा में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय ले गये. पोस्टमार्टम उपरांत शव तेघड़ा पहुंचते ही बुधवार की सुबह आक्रोशित लोगों ने मस्जिद चौक के पास शव कोगोली लगने से किशोर की मौत के बाद सड़क जाम करते आक्रोशित लोग.सदर अस्पताल में शोकाकुल परिजन.
रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे और घटना में शामिल अपराधी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. घटना की सूचना पर डीएसपी कृष्ण कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले से एसपी बेगूसराय को अवगत कराया. एसपी बेगूसराय घटना को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की और पीड़ित परिजन से बात कर मामला शांत कराया.

वहीं एसपी के निर्देश पर एफएसएल टीम घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किया. वहीं एसपी बेगूसराय मनीष, एसडीओ नीरज कुमार सिन्हा एवं डीएसपी तेघड़ा कृष्ण

कुमार के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ. दो घंटा से अधिक समय तक सड़क जाम कर लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन. स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार की रात करीब दो बजे कुछ अपराधी आपस में वर्चस्व को लेकर भिड़ गए, दोनों ग्रुप अपराधिक घटना और नशा करोबार से जोनों और सी दोगान देखी पिस्तौल से

लोगों के अनुसार, उक्त वारदात के समय मृतक मो समीर सड़क के किनारे खड़ा होकर विवाद देख रहा था. इसी बीच चली गोली उसे लग गई. और वह घटनास्थल पर ही गिर गया. उक्त घटना के बाद उक्त स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया और मौके का फायदा उठाकर दोनों गुटों के अपराधी वहां से फरार हो गए, लोगों को के बीच यह भी चर्चा का विषय है कि घटनास्थल और आसपास इलाके में इस तरह वर्चस्व को लेकर आये दिन झगड़ा और गोलीबारी होते रहती है. लेकिन प्रशासन इस दिशा में कोई कार्रवाई करना उचित नहींसमझती. इस कारण एक युवक को जान से हाथ धोना पड़ा.
शव पहुंचते ही आक्रोशित हुए ग्रामीण, दो घंटे रहा रोड जाम बेगूसराय सदर
अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद जब मृतक समीर का शव तेघड़ा उसके घर पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जमा हो गए,

घटना से आक्रोशित लोगों ने बाजार के मस्जिद चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने लगे और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. करीब दो घंटे तक सड़क जाम रहने से इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. वहीं सड़क जाम और विरोध-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसपी बेगूसराय मनीष, डीएसपी कृष्ण कुमार और एसडीओ नीरज कुमार सिन्हा मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय दिलाने का भरोसा दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया.
एक नामजद, डर के कारण लोग नाम बताने से कतरा रहे ग्रामीण

स्थानीय लोगों का दावा है कि गोली चलाने वाले अपराधियों की पहचान कई लोग जानते हैं, लेकिन कथित अपराधियों के डर से खुलकर उनका नाम लेने से लोग परहेज कर रहे हैं. ग्रामीणों में घटना को लेकर भय का

माहौल है. इसी बीच मृतक के भाई मो मुमताज ने तेघड़ा थाना में आवेदन देकर एक नामजद एवं अन्य के खिलाफ छोटे भाई की गोलीमार कर हत्या करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है. स्थानीय स्तर पर लोगों में नशा करोबार को लेकर दबंगई में की जाने वाली गोलीबारी की चर्चा है. पुलिस अब गोलीबारी के कारणों, अन्य आरोपितों की पहचान और घटना में इस्तेमाल हथियार की जांच में जुटी है. 16 साल के मासूम की मौत ने बेगूसराय जिले सहित तेघड़ा में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए है. अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर वर्चस्व की इस लड़ाई में निर्दोष समीर की जान लेने वाले आरोपी कब तक गिरफ्तार होता है. डीएसपी तेघड़ा ने कहा आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. घटना के सभी बिन्दुओं पर जांच चल रही है. बहुत
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की 9 टीमें नियमित कर रहीं उपचार

बलिया/बेगूसराय (बी के गुलशन)। बलिया प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ के बीच स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बलिया की नौ टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से कार्य कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच एवं उपचार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बाढ़ से उत्पन्न होने वाली विभिन्न बीमारियों से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। शिविरों में चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच एवं चिकित्सीय परामर्श देने के बाद आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को इलाज के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

बताया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन 2,000 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं। बाढ़ के दौरान होने वाली बीमारियों की रोकथाम को लेकर भी लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी जा रही है।

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अनुमंडलीय अस्पताल बलिया में भी समय पर चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।

स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लेने के लिए बलिया अनुमंडल पदाधिकारी श्री अजय कुमार यादव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सहित जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा समय-समय पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को गंभीरता से लेते हुए उनका ससमय निराकरण कराया जा रहा है।

प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया गया है कि आपदा की इस स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुचारू रखा जाएगा। चिकित्सीय टीमें प्रभावित इलाकों में नियमित रूप से पहुंचकर मरीजों का उपचार करेंगी तथा जरूरत के अनुसार दवाएं एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बाढ़ के कारण जहां एक ओर लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की लगातार सक्रियता से प्रभावित परिवारों को स्थानीय स्तर पर इलाज और दवा की सुविधा मिल रही है। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी जारी रखी जा रही है।
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पंचायत विकास में अब स्वास्थ्य और पोषण भी बनेगा प्राथमिकता

बेगूसराय। पंचायतों का विकास अब केवल सड़क, नाली और भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा, पोषण, स्वच्छता और बीमारी से बचाव जैसे मुद्दे भी ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। ‘विकसित पंचायत, विकसित बेगूसराय’ के लक्ष्य को साकार करने के उद्देश्य से पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को स्वास्थ्य एवं पोषण आधारित विकास को लेकर प्रशिक्षण दिया गया।

जिला पंचायत संसाधन केंद्र, कंकौल में ग्राम पंचायत विकास योजना एवं सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, मुखिया, पंचायत सचिव तथा प्रखंड एवं पंचायत कार्यपालक सहायकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. गोपाल मिश्रा, जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. संजय सिंह, सदर प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिवाकर, नोडल पदाधिकारी प्रवीण कुमार एवं रवि कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

प्रशिक्षण के दौरान पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि ज्ञानोदय प्रकाश एवं दीपक मिश्रा ने ‘स्वस्थ ग्राम’ थीम के तहत पंचायतों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करते समय गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की निगरानी, संस्थागत प्रसव तथा मां एवं नवजात शिशु की समुचित देखभाल को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय पोषण माह, एनीमिया मुक्त भारत एवं टीबी मुक्त भारत अभियान में पंचायतों की सक्रिय भागीदारी पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, मच्छर नियंत्रण तथा विभिन्न बीमारियों की रोकथाम को लेकर पंचायत स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।

प्रशिक्षण में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) को प्रभावी स्वास्थ्य मंच के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े कार्यक्रमों को गांव के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी एवं जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों से जीपीडीपी में ‘स्वस्थ ग्राम’ थीम को शामिल कर निर्धारित संकेतकों के आधार पर ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने का आग्रह किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ ग्राम निर्माण के लिए सामूहिक शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और बीमारी की रोकथाम को विकास योजनाओं से जोड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
दियारा क्षेत्र में बाढ़ और रात्रि का अंधेरा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का डीएम ने किया निरीक्षण, राहत कार्यों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

बेगूसराय: जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने बुधवार को जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सामुदायिक किचन में भोजन व्यवस्था, पशुचारा और राहत सामग्री के वितरण की जानकारी ली।

निरीक्षण की शुरुआत मटिहानी प्रखंड के बलहपुर-2 पंचायत स्थित राजकीयकृत जीतलाल प्लस टू विद्यालय, नयागांव में संचालित सामुदायिक किचन से हुई। इसके बाद बलहपुर-1 पंचायत के लिए तीनमुहानी चौक पर संचालित सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया गया। डीएम ने सामुदायिक किचन की पंजी की जांच की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को निर्धारित मैन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान पॉलीथिन वितरण को लेकर मिली शिकायतों पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं, पशुचारा के लिए उपलब्ध कराए जा रहे भूसा को लेकर मिल रही शिकायतों को भी गंभीरता से लेते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद डीएम ने कौआटोल क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बरौनी प्रखंड के मल्हीपुर दक्षिण पंचायत तथा तेघड़ा प्रखंड के रातगांव में भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें मिल रही राहत एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

बछवाड़ा प्रखंड के चमथा-3 पंचायत में निरीक्षण के दौरान डीएम को बताया गया कि क्षेत्र में पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें सुरक्षित रखने के लिए निकटवर्ती समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला हरपुर बोचहा के मैदान में रखा गया है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को वहां पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पेयजल एवं अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली राहत सामग्री के वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सामुदायिक किचन में भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मैन्यू और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

डीएम के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरतने तथा बाढ़ प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

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*बाल विकास परियोजना बरौनी अंतर्गत बथौली पंचायत के केंद्र संख्या- 134 पर 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ 

संवाददाता मुकेश कुमार बरौनी प्रखंड
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी श्रीमती प्रीति कुमारी द्वारा दिप प्रज्ज्वलित कर किया गया।*
*सीडीपीओ श्रीमती प्रिति कुमारी द्वारा बताया गया कि पोषण माह 9 सितम्बर 26 से 08 अक्टूबर 26 तक आयोजित होना है। इस बार पोषण माह के  मुख्य थीम (विषय) "हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी" रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति पूरे समाज और समुदाय में स्वामित्व व जिम्मेदारी की भावना जगाना है।*
*प्रखंड समन्वयक श्री रौशन कुमार द्वारा विभिन्न विषयों पर आयोजित होने वाले गतिविधियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया साथ ही साथ आयोजित गतिविधियों का प्रत्येक दिन पोषण अभियान जन आंदोलन के डैशबोर्ड में एंट्री करने हेतु बताया गया।*
*आयोजित होने वाले गतिविधियों*
*1.आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन: स्थानीय स्तर पर मिलने वाले पोषक तत्वों, विभिन्न प्रकार के खाद्य समूहों और प्रोटीन से भरपूर खान-पान को बढ़ावा देना।* *2.आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा गर्म पका हुआ भोजन : पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP) के तहत स्वच्छता, गुणवत्ता और मोटे अनाज (मिलेट्स) व मौसमी सब्जियों को शामिल कर मेन्यू में बदलाव करना।* *3.सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही : नवगठित आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों (AMCs) के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाना और समाज की भागीदारी तय करना।*
*4.बाल विकास हेतु पोषण एवं प्रारंभिक उद्दीपन: 0 से 6 वर्ष के बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनके मानसिक व संज्ञानात्मक विकास (ECCE) को आपस में जोड़ना।*
*5.प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती और धात्री महिलाओं को मातृत्व लाभ और सही पोषण सहायता सुनिश्चित करना।*
 *मौके पर सीडीपीओ प्रीति कुमारी प्रखंड समन्वयक रौशन कुमार,महिला पर्यवेक्षिका  प्रीतम कुमारी,आंगनबाड़ी सेविका,मानवी कुमारी,संगीता,पूनम, मीणा तथा लाभुक उपस्थित थे।*
बेगूसराय में बाढ़ से 95 हजार से अधिक परिवार प्रभावित, 269 नावें और 57 मेडिकल कैंप तैनात

बेगूसराय/बीके गुलशन: जिले में गंगा सहित विभिन्न नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। बुधवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में अपर समाहर्ता श्री बृज किशोर चौधरी ने प्रेस वार्ता कर जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति और प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

अपर समाहर्ता ने बताया कि जिले में वर्तमान जलस्तर 43.28 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 43.52 मीटर है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन तथा राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कुल 269 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें 23 सरकारी और 246 निजी नावें शामिल हैं।

बचाव एवं सर्च ऑपरेशन के लिए एसडीआरएफ की टीमें बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो प्रखंडों में तैनात हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीम बलिया प्रखंड में मुस्तैद है।

180 सामुदायिक रसोई में मिल रहा भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 180 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 4,01,467 थाली भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं जरूरतमंद परिवारों के बीच 25,357 पॉलिथीन शीट्स वितरित की गई हैं, जबकि प्रशासन के पास 41,880 पॉलिथीन शीट्स का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

57 मेडिकल कैंप और बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 57 मेडिकल कैंप लगातार संचालित किए जा रहे हैं। नदी तटीय और जलमग्न क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से एक बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मेडिकल टीमों द्वारा अब तक 14,545 लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं प्राथमिक उपचार किया जा चुका है।

पशुधन की सुरक्षा के लिए 38 पशु चिकित्सा शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां अब तक 4,236 पशुओं का उपचार किया गया है। पशुपालकों के बीच 1,280.31 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।

27 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र प्रभावित

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा प्रभावित इलाकों में स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 45 अस्थायी शौचालय संचालित हैं और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 31 नए चापाकल लगाए गए हैं।

कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार जिले में कुल 27,034 हेक्टेयर कृषि रकबा प्रभावित हुआ है। इनमें 19,504 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति का प्रारंभिक आकलन किया गया है।

सभी तटबंध सुरक्षित, 24 घंटे निगरानी

जल संसाधन विभाग द्वारा जिले के सभी तटबंधों की 24×7 निगरानी की जा रही है। प्रशासन के अनुसार वर्तमान में जिले के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तटबंध सुरक्षा दल और संबंधित पदाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

8 प्रखंडों के 189 गांव और 39 पंचायत प्रभावित

जिला प्रशासन के अनुसार जिले के 8 प्रखंडों के 189 गांव और 39 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इनमें 37 ग्राम पंचायतें और 2 नगर पंचायतें शामिल हैं। बाढ़ से लगभग 95,245 परिवारों की 3,80,980 आबादी प्रभावित हुई है।

जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंचाने को प्राथमिकता देने की बात कही है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और प्रभावी बनाया जा रहा है।

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विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 को लेकर बेगूसराय में जागरूकता अभियान तेज

बेगूसराय/बीके गुलशन: वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2027’ को लेकर बेगूसराय जिले में तैयारियां एवं जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है।

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को लेकर ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) के बेगूसराय जिला कार्यालय द्वारा जिले के युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

विकसित भारत क्विज में शुरू हुआ ऑनलाइन पंजीकरण

VBYLD 2027 की बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के प्रथम चरण के रूप में ‘विकसित भारत क्विज़’ शुरू हो चुका है। इच्छुक युवा आधिकारिक पोर्टल "mybharat.gov.in" (https://reference-url-citation.invalid/0) पर ऑनलाइन पंजीकरण कर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।

जारी जानकारी के अनुसार 15 से 29 वर्ष की आयु वाले युवा इसमें भाग लेने के पात्र हैं। पंजीकरण के दौरान यदि रेफरल कोड उपलब्ध हो तो उसका उपयोग करने की भी अपील की गई है।

क्विज एवं निबंध लेखन के बाद चयनित प्रतिभागी जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। विभिन्न राज्यों से चयनित श्रेष्ठ युवा प्रतिनिधियों को 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय संवाद में शामिल होने का अवसर मिलेगा। यहां युवाओं को नीति-निर्माताओं और प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का अवसर प्राप्त होगा।

तीन प्रमुख ट्रैक में युवाओं को मिलेगा मंच

कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक ट्रैक, इनोवेट फॉर भारत ट्रैक और युवा संसद ट्रैक शामिल किए गए हैं। सांस्कृतिक ट्रैक में लोक नृत्य, लोक गीत, पेंटिंग, भाषण और कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

वहीं, इनोवेट फॉर भारत ट्रैक के अंतर्गत ‘डिजाइन फॉर भारत’, ‘हैक फॉर सोशल कॉज’ और ‘युवा उद्यमी चुनौती’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से युवाओं के नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

युवा संसद ट्रैक के फाइनलिस्टों को सीधे नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय संवाद में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

युवाओं से अधिकाधिक भागीदारी की अपील

जिला युवा अधिकारी विवेक ने बेगूसराय जिले के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और युवाओं से इस राष्ट्रीय अभियान में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने युवाओं से "mybharat.gov.in पोर्टल" (https://reference-url-citation.invalid/1) पर यथाशीघ्र अपना पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा है।

जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक युवाओं को इस राष्ट्रीय मंच से जोड़ना और उनमें नेतृत्व, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है।

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आपदा में संवेदना, उत्सव में संस्कृतिः यही सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान हैं तेघरा विधायक रजनीश कुमार

संवाददाता मुकेश कुमार बरौनी प्रखंड बीहट

जनसेवा केवल मंचों से दिए जाने वाले भाषणों का नाम नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जनता के बीच धरातल पर खड़े रहने का संकल्प है। इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं तेघरा के वर्तमान विधायक। जिस समर्पण और दूरदृष्टि के साथ उन्होंने अपने क्षेत्र में आयोजित 'श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला' को एक भव्य और राजकीय गरिमा प्रदान करने में अपना अमूल्य योगदान दिया है, वह वास्तव में अनुकरणीय है।

एक ओर जहाँ उन्होंने सांस्कृतिक आस्था और लोक परंपराओं के इस पावन उत्सव को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका के समय उनका मानवीय पक्ष खुलकर सामने आया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें करना, स्वयं जलमग्न क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लेना और पीडितों के बीच मौजूद रहकरराहत सामग्री पहुँचाना यह दर्शाता है कि उनके लिए जनता का सुख-दुख सर्वोपरि हैविधायक जी ने यह साबित कर दिखाया है कि जीवन में आपदा और उत्सव दोनों के संतुलन को कैसे साधा जाता है। उन्होंने जहाँ एक तरफ बाढ़ पीड़ितों के आँसू पोंछने का अपना नैतिक दायित्व बखूबी निभाया, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और जन-आस्था की लौ को भी धुंधला नहीं होने दिया।

जनता के लिए 24×7 उपलब्ध जनप्रतिनिधि

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विधायक जी की सबसे बड़ी खासियत उनकी सादगी और सुलभता है। यदि कोई भी आम नागरिक उन्हें किसी समस्या के लिए फोन करता है, तो उनका त्वरित प्रयास रहता है कि उस काम का समाधान जल्द से जल्द हो। वे अपने समय का एक बड़ा हिस्सा सीधे जनता के बीच बिताते हैं।

इस बार तेघरा विधानसभा की जनता यह साफ महसूस कर रही है कि क्षेत्र को एक बेहद ईमानदार, कर्मठ और वादे का पक्का प्रतिनिधि मिला है। जो समय उन्होंने क्षेत्र की विकासयोजनाओं और जनसेवा में दिया है, उसी का परिणाम है कि आज जनता का भी उन्हें भरपूर सहयोग और स्नेह मिल रहा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnews nis:value=BreakingNews nis:enabled=true nis:link/>
बेगूसराय में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ, ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ बनी थीम

बेगूसराय/बीके गुलशन: मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत बुधवार को बेगूसराय जिले में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय के निर्देश पर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक साथ विभिन्न पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका, आशा, एएनएम, जनप्रतिनिधि, अभिभावक और स्थानीय समुदाय के लोगों ने भाग लिया।

इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम “हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखी गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति सामुदायिक सहभागिता और स्वामित्व की भावना को मजबूत करना है।

पोषण शपथ और संवाद का आयोजन

पोषण माह के शुभारंभ के अवसर पर विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण शपथ, पोषण संवाद, संतुलित एवं पौष्टिक आहार की जानकारी तथा स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही बच्चों की वृद्धि एवं विकास की नियमित निगरानी तथा एनीमिया से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई।

गर्भवती और धात्री महिलाओं को उचित पोषण, स्वास्थ्य तथा मातृ-शिशु देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गईं।

इन विषयों पर रहेगा विशेष जोर

राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आहार में विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं गर्म पका भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा बाल विकास के लिए पोषण एवं प्रारंभिक उद्दीपन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का शत-प्रतिशत लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा।

जिला प्रशासन के निर्देशानुसार अभियान के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा तथा इन गतिविधियों की प्रविष्टि जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर की जाएगी।

कई विभागों के बीच समन्वय

पोषण अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए आईसीडीएस के साथ स्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, जीविका, शिक्षा, कृषि, पीएचईडी, कल्याण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों और सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।

जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में संबंधित सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका, प्रखंड समन्वयक, सेविका-सहायिका, आशा, एएनएम, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही।

जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य सामूहिक सहभागिता के माध्यम से कुपोषण और एनीमिया मुक्त, स्वस्थ एवं सुपोषित बेगूसराय का निर्माण करना है।
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बेगूसरायः प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव और विधायक रजनीश कुमार ने तेघड़ा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

 संवाददाता मुकेश कुमार तेघड़ा

.तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मालीपुर, दक्षिण बिंचोली, निपानिया, मदरापुर एवं बरौनी-2 के बाढ़ प्रभावित इलाकों का बिहार सरकार के सहकारिता विभाग के माननीय मंत्री सह बेगूसराय जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामकृपाल यादव एवं तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार ने संयुक्त रूप से दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा।

निरीक्षण के क्रम में मंत्री एवं विधायक ने राहत शिविरों में भोजन की गुणवत्ता (क्वालिटी किचन), शौचालय, शुद्ध पेयजल, पॉलीथिन शीट (पन्नी) वितरण सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की गहन समीक्षा की।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूदभ्रमण के दौरान मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) तेघड़ा, पुलिस उपअधीक्षक (DSP) तेघड़ा, अंचलाधिकारी (CO) तेघड़ा सहित विभिन्न संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकारियों को कड़े निर्देश बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए माननीय प्रभारी मंत्री श्री रामकृपाल यादव ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अविलंब दुरुस्त करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत सामग्री के वितरण और पेयजल-स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, बेगूसराय में 20 बेंच गठित

बेगूसराय/बीके गुलशन: आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता और अधिकाधिक सुलहनीय मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय श्री ऋषिकांत ने की।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि 12 सितंबर को वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसमें सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।

20 बेंचों का किया गया गठन

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 20 बेंच गठित किए गए हैं। इनमें 15 बेंच बेगूसराय मुख्यालय, चार बेंच अनुमंडल न्यायालय बखरी, मंझौल, तेघड़ा और बलिया तथा एक बेंच बरौनी रेलवे न्यायालय में गठित किया गया है।

इसके अलावा ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए दिनकर भवन में तीन विशेष बेंच बनाए गए हैं।

ई-चालान से लेकर बैंक ऋण तक मामलों का होगा निष्पादन

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर 1 सितंबर 2026 से ही प्री-लिटिगेशन एवं प्री-सिटिंग के माध्यम से मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएलएसए के एडीआर भवन में प्रतिदिन विशेष बेंच के माध्यम से ई-चालान, न्यायालय संबंधी मामले, बैंक ऋण, विद्युत, नापतौल, चेक बाउंस सहित विभिन्न सुलहनीय मामलों के समाधान की प्रक्रिया जारी है।

5 हजार से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य

जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत में 5,000 से अधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। आम लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करने के लिए पारा विधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) द्वारा गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है।

पीएलवी लोगों को उनके सुलहनीय मामलों के समाधान के लिए 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

समय और धन दोनों की होगी बचत

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिले के नागरिकों से अपील की कि जिनके मामले सुलहनीय हैं, वे राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कराएं।

उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निष्पादन आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा आपसी सद्भाव भी बना रहता है।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश श्री करूणानिधि प्रसाद ने भी मीडिया कर्मियों से राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने आम नागरिकों से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।
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बाढ़ में आवागमन नाव के सहारे।
गिरिराज सिंह के इस बयान पर आप लोगों की क्या प्रतिक्रिया है कमेंट में बताएं, 
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नेहा झा के बाद बरौनी में पकड़ी गई महिला तस्कर सरिता महतो, 87 ग्राम हेरोइन बरामद

बरौनी/बेगूसराय:- बरौनी जंक्शन पर रेलवे पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से 87 ग्राम हेरोइन, दो मोबाइल फोन और 8,051 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद हेरोइन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 98 लाख रुपये बताई जा रही है।

रेल पुलिस के अनुसार घटना 6 सितंबर 2026 की है। दोपहर करीब 12:56 बजे नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के बरौनी जंक्शन पहुंचने के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 के पूर्वी छोर पर पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर दो लोगों को पकड़ा। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से 87 ग्राम हेरोइन बरामद होने की बात सामने आई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवरंजन कुमार, पिता स्वर्गीय रामवृक्ष राय, निवासी बरियारपुर, थाना राजापाकर, जिला वैशाली तथा सरिता कुमारी देवी, पति बिरजू महतो, निवासी माधुरी चौक, थाना नगर, जिला समस्तीपुर के रूप में की गई है।

रेल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रेल थाना बरौनी कांड संख्या 174/74, दिनांक 6 सितंबर 2026 के तहत धारा 8(सी)/20(बी), एनडीपीएस एक्ट 1985 में मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला सरिता कुमारी देवी का पैतृक घर बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र में बताया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

रेलवे पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
बेगूसराय बलिया. प्रखंड क्षेत्र के परमानंदपुर पंचायत के हुसैना दियारा में मंगलवार को बाढ़ के पानी में नहाने के दौरान डूबने से दो किशोरियों की मौत हो गई। वहीं, दो किशोरियों को स्थानीय नाविकों एवं गोताखोरों की तत्परता से सुरक्षित बचा लिया गया। दोनों बचाई गई किशोरियों का निजी क्लीनिक में इलाज कराया जा रहा है। घटना के बाद हुसैना दियारा में शोक का माहौल है।
मृतकों की पहचान हुसैना दियारा निवासी प्रिंस कुमार की 12 वर्षीय पुत्री आकांक्षा कुमारी और इसी गांव के शैलेंद्र महतो उर्फ गुप्ता महतो की 22 वर्षीय पुत्री सपना कुमारी के रूप में हुई है। आकांक्षा कुमारी वर्ग सात की छात्रा थी।  मिली जानकारी अनुसार सपना कुमारी की शादी हो चुकी थी।
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बाढ़ /flood