हमारी माटी में प्राकृतिक संपदा का अद्भुत खजाना छिपा है। प्राकृति के अंदर साधारण सा दिखने वाला घास के महत्व और उसके प्रति जानकारी एवं उसके संरक्षण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से, जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार, कृत्यानंद मध्य विद्यालय, मलयपुर द्वारा एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का ध्येय बच्चों को उनके परिवेश में स्थित प्राकृतिक घासभूमियों और उनके पर्यावरणीय महत्व से रूबरू कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बिहार की संकटग्रस्त एवं जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत अधिसूचित महत्वपूर्ण देशी घास 'खस' (Vetiver) को करीब से देखा और समझा। बच्चों ने जाना कि अपनी गहरी जड़ों से मिट्टी के अपरदन को रोकने और भूजल स्तर को सहेजने वाली यह साधारण सी दिखने वाली घास वास्तव में प्रकृति का अनमोल उपहार है। इसकी जड़ों से मिलने वाला कीमती सुगंधित तेल सौंदर्य प्रसाधनों और इत्र में प्रयुक्त होता है, वहीं इससे चटाइयाँ व टोकरियाँ भी बनाई जाती हैं।
इस अनुभव ने बच्चों को यह गहराई से अहसास कराया कि घासभूमियाँ केवल खाली मैदान नहीं, बल्कि हमारी जैव विविधता और पारिस्थितिकी संतुलन की जीवनरेखा हैं। कृत्यानंद मध्य विद्यालय की यह पहल नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति आदर और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प जगाने की दिशा में एक अत्यंत सार्थक प्रयास सिद्ध हुई ।
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General Administration Department, Govt. of Bihar
Bihar Education Department
1 views | Jamui, Bihar | Sep 12, 2026