कुलदीप शर्मा के पहाड़ी गीतों पर देर रात तक झूमी मसूरी, शरदोत्सव की स्टार नाइट में उमड़ा उत्साह
12 साल बाद लौटे शरदोत्सव में हिमाचली लोक संस्कृति का रंग, संघर्ष से सफलता तक का सफर सुनाया; स्थानीय कलाकारों को मंच देने पर भी जोर
पहाड़ों की रानी मसूरी में शरदोत्सव की स्टार नाइट हिमाचली लोकगीतों के नाम रही। गुरुवार को टाउन हॉल परिसर में प्रसिद्ध लोक गायक कुलदीप शर्मा ने अपने सुपरहिट पहाड़ी गीतों से ऐसा समां बांधा कि युवा ही नहीं, बुजुर्ग भी देर रात तक झूमते नजर आए। ‘शिल्पा शिमले वालिए’, ‘दरोगा जी’ और ‘कुल्लू मनाली लागा मेला’ जैसे गीतों पर दर्शकों ने तालियों और नृत्य के साथ उत्साह बढ़ाया। 12 साल बाद आयोजित हो रहे शरदोत्सव में इस प्रस्तुति ने पहाड़ी लोक संस्कृति के प्रति लोगों की दीवानगी को फिर सामने रखा।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए कुलदीप शर्मा ने अपने जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि पढ़ाई में कई बार असफल होने के बावजूद संगीत के प्रति लगाव ने उन्हें नई पहचान दिलाई। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय प्रशंसकों के प्यार को देते हुए बताया कि वह अब तक तीन हजार से अधिक गीत गा चुके हैं। उनके अनुसार, 200 से ज्यादा गीतों को श्रोताओं ने खासा पसंद किया है। उन्होंने ब्रिटिश संसद, लंदन में हिमाचली लोक संगीत का प्रतिनिधित्व करने के अनुभव का भी जिक्र किया।
कुलदीप शर्मा ने बताया कि इंग्लैंड टूर पर आधारित उनका नया गीत जल्द रिलीज होगा, जिसमें उनकी पत्नी बीना शर्मा भी नजर आएंगी। उन्होंने मसूरी नगर पालिका, शरदोत्सव आयोजकों और मीडिया का आभार जताया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी के प्रयासों से जनता की लंबे समय से चली आ रही शरदोत्सव की मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि आयोजन में उत्तराखंड के लोक कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच दिया जा रहा है। जनता का भरपूर सहयोग इस उत्सव की सफलता का आधार है। उम्मीद है कि शरदोत्सव आने वाले वर्षों में भी मसूरी की सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
#cmuttrakhkhand #BJPNEWS #congressnews #GaneshJoshi #CongressParty #Congress #landslide #BJPGovernment #ganesh #uttarkhand #Congressman #CongressParty #GaneshJoshi #congressnews #BJPNEWS #cmuttrakhkhand
Mussoorie, Dehradun | Oct 9, 2026