*गंगा खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर, रामगंगा भी खतरे के मुहाने पर*
*उफनती नदियों के बीच नाव से बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचीं एसडीएम श्वेता साहू, तहसीलदार के साथ ग्रामीणों से किया सीधा संवाद*
*अमृतपुर*
गंगा और रामगंगा के बढ़े जलस्तर ने अमृतपुर तहसील के गंगा पार क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ की चुनौती बढ़ा दी है। गंगा का जलस्तर 137.15 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से करीब पांच सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 137.5 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। दोनों नदियों के बढ़े जलस्तर से गंगा पार क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं।बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उप जिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू ने तहसीलदार शशांक सिंह के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर मौके की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।एसडीएम और तहसीलदार ने अंबरपुर मड़ैया, तौफीक की मड़ैया, चित्रकूट समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से बाढ़ के पानी, आवागमन, राहत व्यवस्था और जरूरी सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। एसडीएम श्वेता साहू ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में प्रशासन उनके साथ है और जरूरतमंद परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को करीब से देखने के साथ जलस्तर और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ली। संबंधित कर्मचारियों को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रहने तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के नाव से प्रभावित गांवों तक पहुंचने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।
*दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में*
गंगा और रामगंगा के बढ़े जलस्तर से करनपुर घाट, फखरपुर, माखन नगला, किराचन, सुभानपुर, बनारसीपुर, आसमपुर मांझा, मांझा स्कूल, बलीपट्टी रानी गांव, रतनपुर रम्हौआ, हमीरपुर, कुडरी, सारंगपुर, पंचम नगला, कालिका नगला, कुम्हरौर, कंचनपुर, सबलपुर, बरुआ, तीसराम की मड़ैया, आशा की मड़ैया, अमैयापुर, अंबरपुर मड़ैया और तौफीक की मड़ैया समेत कई गांव प्रभावित हैं।
कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी है।
गंगा के खतरे के निशान से ऊपर और रामगंगा के खतरे के बेहद करीब पहुंचने के बाद प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। एसडीएम श्वेता साहू ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा तथा जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।