आमतौर पर सरकार के मंत्री और बड़े अधिकारी कोई भी सिकायत सामने आने पर वहां के जिला उपायुक्त को सिकायत की जांच व कार्रवाई करने के आदेश दिए जाते हैं।
लेकिन यहां मंत्री की सलाह सुन सभी सकते में रह गए। वैसे भी DIPRO सीधे जिला उपायुक्त के अधीन काम करते हैं। ऐसे में इसे हम डीआईपीआरओ के नाम का खौफ समझें
या अधिकारी होने का !
सवाल पूछे जाने पर मंत्री जी ने खुद कुछ आदेश देने या कुछ कहने की बजाय चंडीगढ़ बैठे उच्च अधिकारी को सिकायत देने को बोल दिया।