Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Bhopal
सपा
Uttarpradesh
Haryana

अखिलेश बोला यस मुसलमान गया फ़स #reels #shorts #trending #hindu #muslim #viral #explore #trending #yt

Uttar Pradesh, India | Jul 28, 2026

MORE NEWS

हरदोई गूजर में 24 लाख का मरघट निर्माण! 

जमीन पर न निर्माण, न ढांचा—ऑनलाइन रिकॉर्ड में भुगतान का खेल?

जनपद जालौन के डकोर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम हरदोई गूजर से सरकारी विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है।
 उपलब्ध ‘मेरी पंचायत’ ऑनलाइन रिकॉर्ड के स्क्रीनशॉट में मरघट निर्माण से संबंधित कार्यों पर लाखों रुपये के भुगतान का विवरण दिखाई दे रहा है, जबकि ग्रामीणों के साथ मौके पर किए गए निरीक्षण में निर्माण कार्य मौके पर दिखाई नहीं देने का दावा किया गया है।

ऑनलाइन रिकॉर्ड में Marghat Nirman कार्य के लिए अनुमानित लागत ₹24.36 लाख और व्यय ₹23,28,583 दर्शाया गया है। 
रिकॉर्ड में कार्य को 4th State Finance Commission से संबंधित बताया गया है। 
वहीं भुगतान संबंधी स्क्रीनशॉट में KHUSI CONTRACTOR AND SUPPLIERS के नाम से अलग-अलग मदों में भुगतान दर्ज दिखाई देता है।

एक अन्य रिकॉर्ड में Antesthi Sthal Nirman Hetu Bhugtan के नाम से क्रमशः ₹4,98,038, ₹3,70,980, ₹58,205, ₹78,844 और ₹3,23,366 जैसी धनराशियों के भुगतान का विवरण दिखाई दे रहा है। 
इन सभी रिकॉर्डों की वास्तविकता और कार्य की भौतिक स्थिति की आधिकारिक जांच जरूरी है।

 सबसे बड़ा सवाल—24 लाख खर्च हुए तो मरघट कहां है?

ग्रामीणों का आरोप है कि मरघट निर्माण के नाम पर सरकारी धनराशि खर्च दिखाई जा रही है, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य नहीं दिख रहा। 
मौके पर सिर्फ झाड़ियां/देशी झंकार जैसी स्थिति दिखाई देने की बात कही गई है।

यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड में लाखों रुपये का खर्च दर्ज है तो—

 क्या खंड विकास अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया था?

 क्या ग्राम पंचायत सचिव ने निर्माण कार्य का सत्यापन किया?

 यदि निरीक्षण हुआ था तो निर्माण की वास्तविक स्थिति क्या पाई गई?

 बिना निर्माण के भुगतान कैसे हुआ?

 क्या माप पुस्तिका (MB), बिल-वाउचर और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र मौजूद हैं?

 क्या भुगतान से पहले जियो-टैग/फोटो के आधार पर सत्यापन किया गया?

 एक ही कार्य के लिए अलग-अलग भुगतान किस आधार पर किए गए?

 क्या संबंधित ठेकेदार/फर्म ने वास्तव में मौके पर काम कराया?

 यदि काम हुआ है तो उसकी वर्तमान भौतिक स्थिति कहां है?

 रिकॉर्ड बनाम जमीन की हकीकत की जांच जरूरी

यह मामला केवल आरोपों के आधार पर निष्कर्ष निकालने का नहीं, बल्कि ऑनलाइन भुगतान रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति का आधिकारिक मिलान कराने का है।
 यदि जांच में रिकॉर्ड के मुताबिक भुगतान और जमीन पर कार्य के बीच अंतर मिलता है तो जिम्मेदार अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित भुगतान प्राप्तकर्ता की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

खबर चलने के बाद क्या जिला प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराएगा?
 क्या तकनीकी टीम से नाप-जोख कराकर यह पता लगाया जाएगा कि आखिर लाखों रुपये का मरघट निर्माण जमीन पर कहां हुआ?

 यह जांच का विषय है—सरकारी धन का एक-एक रुपया जनता के टैक्स से आता है।

आपके गांव में भी विकास कार्यों के नाम पर ऐसा कोई मामला सामने आया है?
 कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
वीडियो को आखिर तक देखिए और अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

#जालौन #उरई #डकोर #हरदोईगूजर #ग्रामपंचायत #मेरीपंचायत #मरघटनिर्माण #विकासकार्य #सरकारीधन #सरकारीपैसा #भ्रष्टाचार #विकासमेंभ्रष्टाचार #पंचायतभ्रष्टाचार #पंचायत #ग्रामप्रधान #सचिव #खंडविकासअधिकारी #BDO #जालौनन्यूज #उरईन्यूज #डकोरन्यूज #ब्रेकिंगन्यूज #ग्राउंडरिपोर्ट #ग्राउंडरियलिटी #जनताकीसच्चाई 
#जांचकीमांग #सरकारीयोजना #सरकारीखर्च #विकासकाकार्य 
#उत्तरप्रदेश

हरदोई गूजर में 24 लाख का मरघट निर्माण! जमीन पर न निर्माण, न ढांचा—ऑनलाइन रिकॉर्ड में भुगतान का खेल? जनपद जालौन के डकोर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम हरदोई गूजर से सरकारी विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। उपलब्ध ‘मेरी पंचायत’ ऑनलाइन रिकॉर्ड के स्क्रीनशॉट में मरघट निर्माण से संबंधित कार्यों पर लाखों रुपये के भुगतान का विवरण दिखाई दे रहा है, जबकि ग्रामीणों के साथ मौके पर किए गए निरीक्षण में निर्माण कार्य मौके पर दिखाई नहीं देने का दावा किया गया है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में Marghat Nirman कार्य के लिए अनुमानित लागत ₹24.36 लाख और व्यय ₹23,28,583 दर्शाया गया है। रिकॉर्ड में कार्य को 4th State Finance Commission से संबंधित बताया गया है। वहीं भुगतान संबंधी स्क्रीनशॉट में KHUSI CONTRACTOR AND SUPPLIERS के नाम से अलग-अलग मदों में भुगतान दर्ज दिखाई देता है। एक अन्य रिकॉर्ड में Antesthi Sthal Nirman Hetu Bhugtan के नाम से क्रमशः ₹4,98,038, ₹3,70,980, ₹58,205, ₹78,844 और ₹3,23,366 जैसी धनराशियों के भुगतान का विवरण दिखाई दे रहा है। इन सभी रिकॉर्डों की वास्तविकता और कार्य की भौतिक स्थिति की आधिकारिक जांच जरूरी है। सबसे बड़ा सवाल—24 लाख खर्च हुए तो मरघट कहां है? ग्रामीणों का आरोप है कि मरघट निर्माण के नाम पर सरकारी धनराशि खर्च दिखाई जा रही है, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य नहीं दिख रहा। मौके पर सिर्फ झाड़ियां/देशी झंकार जैसी स्थिति दिखाई देने की बात कही गई है। यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड में लाखों रुपये का खर्च दर्ज है तो— क्या खंड विकास अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया था? क्या ग्राम पंचायत सचिव ने निर्माण कार्य का सत्यापन किया? यदि निरीक्षण हुआ था तो निर्माण की वास्तविक स्थिति क्या पाई गई? बिना निर्माण के भुगतान कैसे हुआ? क्या माप पुस्तिका (MB), बिल-वाउचर और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र मौजूद हैं? क्या भुगतान से पहले जियो-टैग/फोटो के आधार पर सत्यापन किया गया? एक ही कार्य के लिए अलग-अलग भुगतान किस आधार पर किए गए? क्या संबंधित ठेकेदार/फर्म ने वास्तव में मौके पर काम कराया? यदि काम हुआ है तो उसकी वर्तमान भौतिक स्थिति कहां है? रिकॉर्ड बनाम जमीन की हकीकत की जांच जरूरी यह मामला केवल आरोपों के आधार पर निष्कर्ष निकालने का नहीं, बल्कि ऑनलाइन भुगतान रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति का आधिकारिक मिलान कराने का है। यदि जांच में रिकॉर्ड के मुताबिक भुगतान और जमीन पर कार्य के बीच अंतर मिलता है तो जिम्मेदार अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित भुगतान प्राप्तकर्ता की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। खबर चलने के बाद क्या जिला प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराएगा? क्या तकनीकी टीम से नाप-जोख कराकर यह पता लगाया जाएगा कि आखिर लाखों रुपये का मरघट निर्माण जमीन पर कहां हुआ? यह जांच का विषय है—सरकारी धन का एक-एक रुपया जनता के टैक्स से आता है। आपके गांव में भी विकास कार्यों के नाम पर ऐसा कोई मामला सामने आया है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। वीडियो को आखिर तक देखिए और अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #जालौन #उरई #डकोर #हरदोईगूजर #ग्रामपंचायत #मेरीपंचायत #मरघटनिर्माण #विकासकार्य #सरकारीधन #सरकारीपैसा #भ्रष्टाचार #विकासमेंभ्रष्टाचार #पंचायतभ्रष्टाचार #पंचायत #ग्रामप्रधान #सचिव #खंडविकासअधिकारी #BDO #जालौनन्यूज #उरईन्यूज #डकोरन्यूज #ब्रेकिंगन्यूज #ग्राउंडरिपोर्ट #ग्राउंडरियलिटी #जनताकीसच्चाई #जांचकीमांग #सरकारीयोजना #सरकारीखर्च #विकासकाकार्य #उत्तरप्रदेश

Kalpi, Jalaun | Aug 1, 2026

हरदोई गूजर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल! 

गेट से अंदर घुसते ही घास-फूस का अंबार, कंपाउंड में फैली गंदगी और करीब आधा बीघा क्षेत्र में खड़ी झाड़ियां—क्या इसी माहौल में हो रहा मरीजों का इलाज?

डकोर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम हरदोई गूजर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय इन दिनों व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। 
अस्पताल परिसर में गेट से प्रवेश करते ही चारों तरफ घास-फूस और झाड़ियां दिखाई देने की बात सामने आई है। 
ग्रामीणों का कहना है कि परिसर में लंबे समय से साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

सबसे बड़ा सवाल कर्मचारियों और डॉक्टर की उपलब्धता को लेकर उठ रहा है। 
ग्रामीणों के अनुसार डॉक्टर कभी-कभी निजी कारणों से अस्पताल नहीं पहुंच पाते, हालांकि सामान्य दिनों में डॉक्टर के आने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।

लेकिन सवाल तब और गंभीर हो जाता है जब ग्रामीणों का दावा है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में वार्ड बॉय मरीजों को दवा देता है।

 सवाल यह है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में मरीजों को दवा देने की अनुमति वार्ड बॉय को किसने दी?
 क्या अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति में मरीजों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था है?
 क्या संबंधित अधिकारियों को अस्पताल की वास्तविक स्थिति की जानकारी है?
 परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में घास-फूस और झाड़ियों की सफाई आखिर क्यों नहीं कराई गई?
 क्या स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल का नियमित निरीक्षण करते हैं?
 अगर डॉक्टर मौजूद नहीं हैं तो मरीजों की जांच और उपचार की जिम्मेदारी किसकी है?
 क्या वार्ड बॉय द्वारा दवा वितरण की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप है?

 वीडियो को आखिर तक जरूर देखिए, वार्ड बॉय ने कैमरे के सामने क्या कहा और ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर क्या-क्या बातें बताईं।

अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच करता है या फिर ग्रामीणों के सवाल यूं ही अनसुने रह जाते हैं।

 आप भी बताइए—क्या आपके गांव में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है? 
अगर है तो क्या डॉक्टर समय से पहुंचते हैं और मरीजों को नियमित उपचार मिलता है?

अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

#ब्रेकिंग_न्यूज #उरई #जालौन #डकोर #हरदोईगूजर #राजकीयआयुर्वेदिकचिकित्सालय #आयुर्वेदिकअस्पताल 
#जालौन_न्यूज #उरई_न्यूज #डकोर_ब्लॉक #स्वास्थ्य_व्यवस्था #स्वास्थ्य_विभाग #सरकारी_अस्पताल #अस्पताल_की_हकीकत 
#डॉक्टर #वार्डबॉय #मरीज #ग्रामीणों_की_आवाज #जनता_के_सवाल #जिम्मेदार_कौन #सरकारी_व्यवस्था #स्वास्थ्य_सेवा #ग्रामीण_स्वास्थ्य #अव्यवस्था #साफ_सफाई #जमीनी_हकीकत #ग्राउंड_रिपोर्ट #वायरल_वीडियो #लोकल_न्यूज #जालौन_ब्रेकिंग #

हरदोई गूजर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल! गेट से अंदर घुसते ही घास-फूस का अंबार, कंपाउंड में फैली गंदगी और करीब आधा बीघा क्षेत्र में खड़ी झाड़ियां—क्या इसी माहौल में हो रहा मरीजों का इलाज? डकोर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम हरदोई गूजर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय इन दिनों व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। अस्पताल परिसर में गेट से प्रवेश करते ही चारों तरफ घास-फूस और झाड़ियां दिखाई देने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि परिसर में लंबे समय से साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है। सबसे बड़ा सवाल कर्मचारियों और डॉक्टर की उपलब्धता को लेकर उठ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार डॉक्टर कभी-कभी निजी कारणों से अस्पताल नहीं पहुंच पाते, हालांकि सामान्य दिनों में डॉक्टर के आने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। लेकिन सवाल तब और गंभीर हो जाता है जब ग्रामीणों का दावा है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में वार्ड बॉय मरीजों को दवा देता है। सवाल यह है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में मरीजों को दवा देने की अनुमति वार्ड बॉय को किसने दी? क्या अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति में मरीजों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था है? क्या संबंधित अधिकारियों को अस्पताल की वास्तविक स्थिति की जानकारी है? परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में घास-फूस और झाड़ियों की सफाई आखिर क्यों नहीं कराई गई? क्या स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल का नियमित निरीक्षण करते हैं? अगर डॉक्टर मौजूद नहीं हैं तो मरीजों की जांच और उपचार की जिम्मेदारी किसकी है? क्या वार्ड बॉय द्वारा दवा वितरण की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप है? वीडियो को आखिर तक जरूर देखिए, वार्ड बॉय ने कैमरे के सामने क्या कहा और ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर क्या-क्या बातें बताईं। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच करता है या फिर ग्रामीणों के सवाल यूं ही अनसुने रह जाते हैं। आप भी बताइए—क्या आपके गांव में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है? अगर है तो क्या डॉक्टर समय से पहुंचते हैं और मरीजों को नियमित उपचार मिलता है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #ब्रेकिंग_न्यूज #उरई #जालौन #डकोर #हरदोईगूजर #राजकीयआयुर्वेदिकचिकित्सालय #आयुर्वेदिकअस्पताल #जालौन_न्यूज #उरई_न्यूज #डकोर_ब्लॉक #स्वास्थ्य_व्यवस्था #स्वास्थ्य_विभाग #सरकारी_अस्पताल #अस्पताल_की_हकीकत #डॉक्टर #वार्डबॉय #मरीज #ग्रामीणों_की_आवाज #जनता_के_सवाल #जिम्मेदार_कौन #सरकारी_व्यवस्था #स्वास्थ्य_सेवा #ग्रामीण_स्वास्थ्य #अव्यवस्था #साफ_सफाई #जमीनी_हकीकत #ग्राउंड_रिपोर्ट #वायरल_वीडियो #लोकल_न्यूज #जालौन_ब्रेकिंग #

Kalpi, Jalaun | Aug 1, 2026

उरई में दबंगई का मामला 

राजमिस्त्री ठेकेदार पर दबंगों का हमला, मारपीट में फोड़ा सिर—मौके से फरार हुए आरोपी!

उरई कोतवाली क्षेत्र के कोंच रोड स्थित विधि महाविद्यालय के पास राजमिस्त्री ठेकेदार के साथ दबंगों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।
 आरोप है कि दबंगों ने ठेकेदार के साथ मारपीट की और उसके सिर में चोट पहुंचाई, जिससे वह घायल हो गया। 
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित ने उरई कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 
पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 
घटना के पीछे क्या वजह रही और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।

 सवाल यह है कि आखिर खुलेआम मारपीट करने वाले दबंगों पर पुलिस कब शिकंजा कसेगी?

#BreakingNews #Jalaun #Urai #UraiNews #JalaunNews #CrimeNews #UPNews #UttarPradesh #UraiKotwali #Police #Crime #BreakingJalaun #JalaunPolice #मारपीट #दबंगई #उरई #जालौन #क्राइम #पुलिस #कानूनव्यवस्था #कोंचरोड #विधिमहाविद्यालय #राजमिस्त्री #ठेकेदार #घटना #तहरीर #कार्रवाई #दबंग #ViralNews #LatestNews

उरई में दबंगई का मामला राजमिस्त्री ठेकेदार पर दबंगों का हमला, मारपीट में फोड़ा सिर—मौके से फरार हुए आरोपी! उरई कोतवाली क्षेत्र के कोंच रोड स्थित विधि महाविद्यालय के पास राजमिस्त्री ठेकेदार के साथ दबंगों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दबंगों ने ठेकेदार के साथ मारपीट की और उसके सिर में चोट पहुंचाई, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने उरई कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के पीछे क्या वजह रही और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। सवाल यह है कि आखिर खुलेआम मारपीट करने वाले दबंगों पर पुलिस कब शिकंजा कसेगी? #BreakingNews #Jalaun #Urai #UraiNews #JalaunNews #CrimeNews #UPNews #UttarPradesh #UraiKotwali #Police #Crime #BreakingJalaun #JalaunPolice #मारपीट #दबंगई #उरई #जालौन #क्राइम #पुलिस #कानूनव्यवस्था #कोंचरोड #विधिमहाविद्यालय #राजमिस्त्री #ठेकेदार #घटना #तहरीर #कार्रवाई #दबंग #ViralNews #LatestNews

Kalpi, Jalaun | Aug 1, 2026

उरई तहसील की सरकारी गाड़ी ले जाने की कोशिश? 
चौकीदार ने गेट पर रोका

उरई/जालौन नवीन तहसील परिसर में शुक्रवार 31 जुलाई की शाम करीब 4 बजे सरकारी वाहन को लेकर हड़कंप मच गया।
 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के अनुसार, एक युवक तहसीलदार की सरकारी गाड़ी में बैठकर उसे मुख्य गेट की ओर ले गया, लेकिन चौकीदार को शक होने पर उसने गेट खोलने से इनकार कर दिया और युवक को रोक लिया गया।

वायरल जानकारी में युवक का नाम राजा बाबू पासवान बताया जा रहा है। 
दावा है कि वाहन में चाबी लगी थी और चालक किसी काम से गया था।
 घटना के बाद पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आई है।

 बड़े सवाल

सरकारी गाड़ी में चाबी क्यों छोड़ी गई? 
युवक वाहन तक पहुंचा कैसे? CCTV में क्या सामने आएगा? अगर चौकीदार समय पर नहीं रोकता तो क्या वाहन परिसर से बाहर चला जाता?

 नोट: यह खबर वायरल वीडियो, तस्वीरों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर है। 
खबर तैयार होने तक तहसीलदार, पुलिस या किसी अन्य अधिकारी का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 
चोरी के प्रयास की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

आपकी क्या राय है?
 कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

#उरई #जालौन #उरईन्यूज #जालौनन्यूज #BreakingNews #ViralNews #ViralVideo #सरकारीगाड़ी #तहसीलदार #तहसील #चौकीदार #वाहनचोरी #चोरीकाप्रयास #UPNews #UPPolice #CrimeNews #UraiNews #JalaunNews #उरईब्रेकिंग #जालौनब्रेकिंग #बड़ीखबर #ताजाखबर #उत्तरप्रदेश #NewsAlert

उरई तहसील की सरकारी गाड़ी ले जाने की कोशिश? चौकीदार ने गेट पर रोका उरई/जालौन नवीन तहसील परिसर में शुक्रवार 31 जुलाई की शाम करीब 4 बजे सरकारी वाहन को लेकर हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के अनुसार, एक युवक तहसीलदार की सरकारी गाड़ी में बैठकर उसे मुख्य गेट की ओर ले गया, लेकिन चौकीदार को शक होने पर उसने गेट खोलने से इनकार कर दिया और युवक को रोक लिया गया। वायरल जानकारी में युवक का नाम राजा बाबू पासवान बताया जा रहा है। दावा है कि वाहन में चाबी लगी थी और चालक किसी काम से गया था। घटना के बाद पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आई है। बड़े सवाल सरकारी गाड़ी में चाबी क्यों छोड़ी गई? युवक वाहन तक पहुंचा कैसे? CCTV में क्या सामने आएगा? अगर चौकीदार समय पर नहीं रोकता तो क्या वाहन परिसर से बाहर चला जाता? नोट: यह खबर वायरल वीडियो, तस्वीरों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर है। खबर तैयार होने तक तहसीलदार, पुलिस या किसी अन्य अधिकारी का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। चोरी के प्रयास की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #उरई #जालौन #उरईन्यूज #जालौनन्यूज #BreakingNews #ViralNews #ViralVideo #सरकारीगाड़ी #तहसीलदार #तहसील #चौकीदार #वाहनचोरी #चोरीकाप्रयास #UPNews #UPPolice #CrimeNews #UraiNews #JalaunNews #उरईब्रेकिंग #जालौनब्रेकिंग #बड़ीखबर #ताजाखबर #उत्तरप्रदेश #NewsAlert

Kalpi, Jalaun | Jul 31, 2026

जालौन आबकारी विभाग की रेड के बीच सोता दिखा सिपाही, कार्रवाई पर उठे सवाल!

उरई-जालौन बाईपास स्थित मून बार में आबकारी विभाग की छापेमारी के दौरान सामने आए एक वीडियो ने पूरी कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। 
वीडियो में एक सिपाही कथित तौर पर सोता हुआ दिखाई दे रहा है।
 वहीं बताया जा रहा है कि बार में छापेमारी और जांच की कार्रवाई आबकारी इंस्पेक्टर व अन्य कर्मचारियों द्वारा पूरी की गई।

 अब बड़ा सवाल—जब बार में विभाग की रेड चल रही थी, तब ड्यूटी पर मौजूद सिपाही वीडियो में आराम करता हुआ क्यों नजर आ रहा है?
 क्या यह महज कुछ समय का दृश्य है या फिर कार्रवाई के दौरान वास्तव में लापरवाही हुई?
 इन सवालों का जवाब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

 वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हैं। 
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक किसी संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 
इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य की स्वतंत्र पुष्टि और सिपाही का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।

 स्पष्ट कर दें कि यह खबर सामने आए वीडियो/दृश्य के आधार पर तैयार की गई है। इ
समें लगाए गए सवाल वीडियो में दिखाई देने वाली स्थिति और सार्वजनिक चर्चा पर आधारित हैं।
 संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 अब सवाल जनता से—आपको क्या लगता है, ड्यूटी के दौरान इस तरह की स्थिति पर विभाग को जवाबदेही तय करनी चाहिए या पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए?

 आपकी क्या राय है?
 कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

#Jalaun #Urai #MoonBar #BreakingNews #JalaunNews #UraiNews #ExciseDepartment #ExciseRaid #आबकारीविभाग #आबकारीछापेमारी #मूनबार #उरई #जालौन #ब्रेकिंगन्यूज #UPNews #UttarPradeshNews #ViralVideo #ViralNews #NewsUpdate #LatestNews #GroundReport #ExclusiveNews #BigBreaking #BreakingUpdate #PoliceNews #DepartmentalAction #Accountability #Raid #BarRaid

जालौन आबकारी विभाग की रेड के बीच सोता दिखा सिपाही, कार्रवाई पर उठे सवाल! उरई-जालौन बाईपास स्थित मून बार में आबकारी विभाग की छापेमारी के दौरान सामने आए एक वीडियो ने पूरी कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। वीडियो में एक सिपाही कथित तौर पर सोता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं बताया जा रहा है कि बार में छापेमारी और जांच की कार्रवाई आबकारी इंस्पेक्टर व अन्य कर्मचारियों द्वारा पूरी की गई। अब बड़ा सवाल—जब बार में विभाग की रेड चल रही थी, तब ड्यूटी पर मौजूद सिपाही वीडियो में आराम करता हुआ क्यों नजर आ रहा है? क्या यह महज कुछ समय का दृश्य है या फिर कार्रवाई के दौरान वास्तव में लापरवाही हुई? इन सवालों का जवाब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक किसी संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य की स्वतंत्र पुष्टि और सिपाही का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। स्पष्ट कर दें कि यह खबर सामने आए वीडियो/दृश्य के आधार पर तैयार की गई है। इ समें लगाए गए सवाल वीडियो में दिखाई देने वाली स्थिति और सार्वजनिक चर्चा पर आधारित हैं। संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अब सवाल जनता से—आपको क्या लगता है, ड्यूटी के दौरान इस तरह की स्थिति पर विभाग को जवाबदेही तय करनी चाहिए या पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #Jalaun #Urai #MoonBar #BreakingNews #JalaunNews #UraiNews #ExciseDepartment #ExciseRaid #आबकारीविभाग #आबकारीछापेमारी #मूनबार #उरई #जालौन #ब्रेकिंगन्यूज #UPNews #UttarPradeshNews #ViralVideo #ViralNews #NewsUpdate #LatestNews #GroundReport #ExclusiveNews #BigBreaking #BreakingUpdate #PoliceNews #DepartmentalAction #Accountability #Raid #BarRaid

Kalpi, Jalaun | Jul 31, 2026