बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत चमथा दो पंचायत को जोड़ने वाली सड़क उप स्वास्थ्य केंद्र चमथा से पटपर और गोपटोल के रास्ते में कमर, घुटने और छाती तक पानी है। पंचायत के सैकड़ों घरों और उनके आसपास भी पानी लगा हुआ है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
सरकारी स्तर से सामुदायिक किचन, पॉलीथिन शीट और पशु चारे जैसी मदद पहुंचाने का दावे किए गये। हालांकि, जमीन पर लोगों को यह सुविधाएं ठीक से नहीं मिलीं।
पंचायत के मुखिया राकेश कुमार राय, सरपंच राजेश कुमार अपने लोगों के साथ कमर, घुटने और छाती तक भरे पानी में चलकर चमथा दो के कई वार्डों के प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से बात की और पर्याप्त पॉलीथिन शीट, पशुचारा समेत दूसरी सुविधाएं देने का भरोसा दिलाया।
मुखिया राकेश कुमार राय ने कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से दियारा के लोग त्राहिमाम में हैं। लेकिन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बाढ़ पीड़ितों से मिलने न आना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में कहा जाता था कि सरकारी खजाने पर पहला हक बाढ़ पीड़ितों और आपदा का है। आखिरकार वह समय कहां गया? अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री होते तो अब तक सबके खाते में पैसा आ गया होता। उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित नहीं किया गया है। इस वजह से आम लोग सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि सिर्फ एक समय का भोजन देने से कुछ नहीं होगा। उनकी मांग है कि दियारा को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए।