गंगा नदी के जलस्तर में कमी के बावजूद बछवाड़ा प्रखंड के दियारा इलाके की पांच पंचायतों दादूपुर, बिशनपुर चमथा एक, दो और तीन के हालात नहीं सुधरे हैं। इन पंचायतों को जोड़ने वाली कई सड़कों पर अब भी पानी भरा है।
लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है और वे घुटने, कमर और छाती भर पानी में चल रहे हैं। घरों और उनके आसपास एवं दरवाजों पर भी पानी जमा है और कई गांव में आने-जाने के लिए नाव ही एक सहारा है। जिससे कई दिक्कतें आ रही हैं। दियारा क्षेत्र के कई स्कूलों में कमर और घुटने भर पानी है। उप स्वास्थ्य केंद्र चमथा में भी पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो रही है।
गौरतलब हो कि पिछले 10 दिनों से दियारा इलाके की ये पांच पंचायतें बाढ़ जैसे हालात से जूझ रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। सरकारी स्तर पर बाढ़ से निपटने की व्यवस्थाएं तो की गईं, लेकिन लोगों तक पूरी मदद नहीं पहुंच पाई।
पिछले दो दिनों से गंगा का जलस्तर कम हो रहा है, जिससे लोग थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि, लोगों का आरोप है कि उन तक सरकारी व्यवस्थाएं नहीं पहुंचीं और क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मेहता उनसे मिलने तक नहीं आए।
पीड़ित सरस्वती देवी, मंजू देवी, कामिनी देवी, शांति देवी, दामोदर बिंद, जितेंद्र पासवान, प्रमोद यादव, राजो राय, दुखित राम, मुंशी राय, दुखों पासवान, अनिल कुमार, मनीष कुमार, संजय राय, सूरज पासवान, गिरधारी राय और नागेश्वर राय ने बताया कि बाढ़ के पानी से उन्हें काफी कठिनाइयां हुईं। जीवन जीने और आने-जाने में परेशानी हुई, जिससे खानपान और स्वास्थ्य पर गंभीर संकट आ गया। नाव नहीं मिलने के कारण दवाई और घरेलू सामान के लिए घंटों और दिनों का इंतजार करना पड़ा। खास तौर पर पशुओं के चारे को लेकर काफी कठिनाइयों हुई, जिस वजह से मवेशी दिन भर तक भूखे रहे।
उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्थाएं ठीक से नहीं पहुंचीं और लोग किसी तरह गुजारा कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मेहता दियारा की पांचों पंचायतों के गांवों में फंसे बाढ़ पीड़ितों तक ना पहुंचे और ना ही उनसे मिले, वे सिर्फ सड़कों तक ही सीमित रहे, क्षेत्र के विधायक से जो उम्मीद थी, उस पर वह खड़े नहीं उतर पाए और लोगों को अपने हालात पर जीने के लिए छोड़ दिए।
Bachhwara, Begusarai | Sep 12, 2026