#Balrampur ! आपदा से निपटने की परख: #बलरामपुर की तीनों तहसीलों में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल, चीनी मिल में एथनॉल लीकेज पर किया गया रेस्क्यू...
#बलरामपुर। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राहत आयुक्त कार्यालय के निर्देशन में शुक्रवार को जिले में भूकम्प, औद्योगिक रसायन रिसाव और अग्निकांड से बचाव को लेकर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के नेतृत्व में जिले की तीनों तहसीलों—सदर, तुलसीपुर और उतरौला में एक साथ यह पूर्वाभ्यास (मॉक ड्रिल) संपन्न हुआ।
अभियान की मुख्य मॉक ड्रिल नगर स्थित बलरामपुर चीनी मिल के केमिकल डिवीजन में हुई, जहां भूकंप के कारण एथनॉल प्लांट में गैस लीकेज और आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही इंसीडेंट कमांडर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संदीप केला ने वायरलेस से अलर्ट जारी किया। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह और सीडीओ हिमांशु गुप्ता तुरंत मेडिकल, पुलिस व अग्निशमन दल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ, एसएसबी, फायर ब्रिगेड और मिल के सुरक्षाकर्मियों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 15 फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
तहसील और विद्यालयों में भी परखी गई मुस्तैदी
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील तुलसीपुर परिसर में आग लगने की घटना पर दमकल टीम ने तुरंत काबू पाने का अभ्यास किया। वहीं, तहसील उतरौला के मो. यूसुफ उस्मानी इंटर कॉलेज में भूकंप व अग्निकांड से स्कूली बच्चों के बचाव की मॉक ड्रिल की गई, जहां छात्रों को आपदा के समय 'क्या करें और क्या न करें' की बारीकियां सिखाई गईं।
आपदा प्रबंधन के लिए संवेदनशीलता जरूरी:
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बताया कि बलरामपुर जिला भूकंप संवेदनशीलता के लिहाज से 'जोन-4' में आता है। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभागों के 'रिस्पॉन्स टाइम' को जांचना और आम जनता व कर्मचारियों को आपात स्थितियों में शांत रहकर त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना है। एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह और सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने कहा कि ऐसे अभ्यासों से जिले के संसाधनों का मूल्यांकन होता है और कमियों को सुधारने का मौका मिलता है।
इस मॉक ड्रिल में एसएसबी, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, एनसीसी और आपदा मित्र सहित कई विभागों की सक्रिय सहभागिता रही।
#balrampur #dmbalrampur