सरकारी परवाना की जमीन पर दबंगों का कब्जा! बोधगया में महादलित परिवारों का फूटा गुस्सा, बोले– 'रहने नहीं देते, जान से मारने की देते हैं धमकी'
गया: गया जिले के बोधगया प्रखंड अंतर्गत अमर बीघा गांव में बिहार सरकार द्वारा महादलित परिवारों को आवंटित परवाना की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। शनिवार को दर्जनों महादलित परिवारों, विशेषकर महिलाओं ने गांव के कुछ लोगों पर सरकारी जमीन पर जबरन कब्जा करने, मकान नहीं बनने देने और लगातार जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया। पीड़ितों का कहना है कि सरकार से मिली जमीन के सभी वैध कागजात और रसीद उनके पास मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने ही भूखंड पर रहने का अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने गांव के अरुण राय, सुरेंद्र राय, अशोक राय, मुकेश राय, कृष्णा राय और श्रीराम राय पर आरोप लगाया कि वे सरकारी परवाना की जमीन पर कब्जा कर उसे बेचने का प्रयास कर रहे हैं। महादलित समाज के कारू मांझी, देवनाथ मांझी, रुकीनिया देवी, चिंता देवी समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता है। उनका आरोप है कि दबंग प्रवृत्ति के लोग हथियार दिखाकर गांव छोड़ने की धमकी देते हैं, जिसके कारण पूरा परिवार भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर है।
पीड़ित कारू मांझी ने बताया कि सरकार ने उन्हें रहने के लिए करीब एक परवाना की जमीन आवंटित की थी। उन्होंने कहा कि जमीन से संबंधित सभी सरकारी दस्तावेज और रसीद उनके पास हैं, लेकिन जब भी वे उस जमीन पर मकान बनाने की कोशिश करते हैं, आरोपित लोग पहुंचकर काम रुकवा देते हैं और वहां से चले जाने की धमकी देते हैं। उन्होंने कहा कि आखिर वे अपने परिवार के साथ कहां रहें, यह समझ में नहीं आ रहा है।
महिला चिंता देवी ने बताया कि गांव में दबंगों के डर से उनका जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मारपीट और धमकी देकर प्रताड़ित किया जाता है। इतना ही नहीं, गांव में दूसरों के खेतों में मजदूरी या खेती का काम भी नहीं करने दिया जाता, जिससे परिवार की आमदनी का साधन भी खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने रहने और खाने दोनों का संकट खड़ा हो गया है।
गांव के रहने वाले दर्जनो महिला पुरुष ने यह भी आरोप लगाया कि मुकेश राय स्वयं को अधिवक्ता बताते हैं, लेकिन वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जमीन पर कब्जा कराने और उसे बेचने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इस संबंध में आरोपित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को भी लिखित रूप से सौंप दी है। उन्होंने मांग की है कि सरकार द्वारा आवंटित परवाना की जमीन पर उनका कब्जा दिलाया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सरकारी जमीन को कोई कब्जा कर नहीं सकता, उचित कार्रवाई होगी: बोधगया सीओ
उधर, इस मामले में बोधगया के अंचल अधिकारी (सीओ) ने कहा कि अभी तक यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर कोई भी व्यक्ति अवैध कब्जा कर उसे बेच नहीं सकता। जांच में यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब यह मामला प्रशासन की कार्रवाई पर टिका हुआ है।
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