गंजबासौदा में व्यापारियों को बताए अग्नि सुरक्षा के उपाय, फायर NOC की अनिवार्यता पर दिया जोर
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प्रतिष्ठानों में अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकासी मार्ग एवं सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने की समझाइश
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गंजबासौदा में व्यापारियों एवं विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी देने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अनुभा जैन के नेतृत्व में आयोजित बैठक में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ श्री मयंक कुमार जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री अशोक वर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में व्यापारी एवं प्रतिष्ठान संचालक उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य व्यापारियों को अग्नि सुरक्षा के मानकों, आग लगने के संभावित कारणों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं सुरक्षित प्रतिक्रिया के प्रति जागरूक करना रहा। अधिकारियों ने व्यापारियों से कहा कि अग्नि सुरक्षा को केवल औपचारिकता न मानते हुए अपने प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों एवं ग्राहकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।
SDERF टीम ने दिया अग्निशामक यंत्र के उपयोग का प्रशिक्षण -
बैठक में एसडीईआरएफ टीम द्वारा आग क्या है, आग के विभिन्न प्रकार, आग लगने के संभावित कारण तथा अलग-अलग प्रकार की आग के लिए उपयुक्त अग्निशामक यंत्रों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। टीम द्वारा फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। व्यापारियों को समझाया गया कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले स्वयं की एवं आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। परिस्थितियां सुरक्षित होने पर उपयुक्त अग्निशामक यंत्र का उपयोग कर आग को प्रारंभिक स्तर पर नियंत्रित करने का प्रयास किया जा सकता है।
शॉर्ट सर्किट और ज्वलनशील पदार्थों से बचाव पर जोर -
बैठक में विद्युत शॉर्ट सर्किट, गैस सिलेंडर, ज्वलनशील पदार्थों के अनुचित भंडारण तथा अन्य कारणों से होने वाली आगजनी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखने, आपातकालीन निकासी मार्ग को हमेशा खुला रखने, विद्युत वायरिंग की नियमित जांच कराने तथा पर्याप्त वेंटिलेशन सहित आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की समझाइश दी गई।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए फायर NOC अनिवार्य -
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार निर्धारित श्रेणी के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए फायर NOC (अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र) प्राप्त करना अनिवार्य है। जिन प्रतिष्ठानों द्वारा अभी तक फायर NOC प्राप्त नहीं की गई है, उनके संचालकों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर फायर NOC प्राप्त करने की अपील की गई। साथ ही सभी प्रतिष्ठान संचालकों से अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों एवं निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
अग्नि सुरक्षा को औपचारिकता न मानें : SDM -
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अनुभा जैन ने व्यापारियों से कहा कि अग्नि सुरक्षा को केवल औपचारिकता के रूप में न लें। प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मचारियों तथा वहां आने वाले ग्राहकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए आग से बचाव के उपकरणों की उपलब्धता, निकासी मार्ग तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं नियमित रूप से जांची जानी चाहिए।
आपात स्थिति में 101/112 पर तत्काल सूचना दें -
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ श्री मयंक कुमार जैन ने कहा कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल 101/112 पर सूचना दें और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। यदि परिस्थितियां सुरक्षित हों, तो उपलब्ध अग्निशामक उपकरण का उपयोग कर प्रारंभिक स्तर पर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा सकता है। उन्होंने व्यापारियों से अपने कर्मचारियों को भी समय-समय पर अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन निकासी का प्रशिक्षण देने की अपील की।
बैठक के माध्यम से व्यापारियों को यह संदेश दिया गया कि सतर्कता, सुरक्षित कार्यप्रणाली और समय पर की गई कार्रवाई से आगजनी की घटनाओं में होने वाले जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अधिकारियों ने सभी व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करने तथा आवश्यक कमियों को तत्काल दूर करने का आग्रह किया। #vidisha
149 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Sep 10, 2026