खरीफ फसलों में बेहतर उत्पादन हेतु करें पौषण प्रबंधन
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कृषि विभाग विदिशा द्वारा गठित तकनीकी दल द्वारा विकासखंड विदिशा के ग्राम गुरारिया हवेली में दिनांक 07.09.2026 को सोयाबीन एवं उड़द की फसल में पीला मोजेक एवं कीट व्याधि से ग्रसित फसल का निरीक्षण किया गया। जिसमें उपसंचालक कृषि श्री सचिन जैन एवं जिला सलाहकार डॉ. डीके तिवारी, कृषि विस्तासर अधिकारी श्री हेमंत गुप्ता द्वारा उक्त ग्राम के किसानों के खेतों में भ्रमण कर सोयाबीन एवं उड़द की फसल की स्थिति का अवलोकन किया गया।
उक्त दल ने कृषक श्री घनश्याम सिंह किरार, श्री रामेश्वर किरार,श्री कमलेश किरार,श्री चंद्रशेखर किरार आदि कृषकों के खेतों पर खड़ी सोयाबीन एवं उड़द फसल का निरीक्षण किया। उक्तग ग्राम के कृषकों को सोयाबीन उवं उड़द की फसल की अवस्था को देखते हुये 0:0:50 पौषण प्रबंधन के लिये 1 किलोग्राम प्रिति एकड़ की दर से 100 लीटर पानी में छिड़काव की सलाह दी गई।
उक्त कृषि दल द्वारा वर्त्तमान स्थिति देखते हुए किसानो को निम्न सलाह दी गयी -
रायजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट रोग की शुरुआत पत्तियों पर पानी जैसे दाग़ के रूप मै दिखाई देती है, नियंत्रण नहीं करने पर पौधे पूर्णत: सुख जाते है, अतः रोग के लक्षण दिखाई देने पर सलाह है की तत्काल नियंत्रण हेतू अनुशंसित फफूँदनाशक फ्लूक्सापय्रोक्साड + पायरोक्लोस्ट्रोबीन (300 मिली / हे ) या पायरोक्लोस्ट्रोबीन एपोक्कोसीकोनाजोल + (750 मिली / हे )का अपने फसल पर छिड़काव करें।
पीला मोजेक /सोयाबीन मोज़ेक रोग के लक्षण (पत्तियों पर चितकबरापन पत्तियों मै कुरकुरापन होना ) दिखने पर प्रारंभिक अवस्था मै ही रोगग्रस्त पौधों को खेत मै उखाड़कर निष्कासित करे तथा इन रोगों को फैलाने वाले वाहक सफ़ेद मक्खी /एफीड की रोकथाम हेतू थायोमिथो क्सम + लेंबड़ा सायहेलोथरीन (125मिली /हे )या बीटासिफ़्लूथरीन (350मिली /हे ) या इसिटेमिप्रिड 25%+बायफ़ेंथरीन 25 % WG (250gm/हे ) का छिड़काव करे. इनके छिड़काव से तना मक्खी का भी नियंत्रण किया जा सकता है, यह भी सलाह है की सफ़ेद मक्खी के नियंत्रण हेतू कृषकगण अपने खेत मै विभिन्न स्थानों पर पीला स्ट्रीक ट्रैप लगाएं।
पत्ती खाने वाली तम्बाकू की इल्ली के नियंत्रण हेतू केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड द्वारा क्लोर एनट्रानीलीपोल 18.5 एस. सी.(150 मिली /हे) सहित कई अन्य रासायनिक कीटनाशकों की अनुशंसा की है जिनमें से किसी एक का छिड़काव किया जाने की सलाह है जैसे स्पाइनोटेरम 11.7 एस. सी (450मिली /हे ) या इमामेक्टिन बेंजोएट 1.90
एंथ्रेक्नोज एक फफूद जनित रोग है जिसकी शुरुआत सोयाबीन की पत्तियों की निचली सतह पर सिरे काली हो जाती है उचित समय पर इसका हेतु कार्बेंडाजिम 12% + मेंकोजेब 63% डब्लूयु. पी (1.25kg /हे)
पत्ती खाने वाली सेमीलूपर इल्ली के नियंत्रण हेतु केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड द्वारा क्लोरोएट्रे नीली पल 18.5 एक 150 मिली प्रति हेक्टेयर सहित अन्य कई कीटनाशकों को अनुशंसित किया गया है जैसे इमामैक्टिन बेंजोएट 01.90(425मिली /हे) या flubendiyamide 20 डब्ल्यू जी (250-300ग्राम /हे )। #vidisha #kisan
36 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Sep 9, 2026