कसरावद: सिंगाजी महाराज की छड़ी निशान पूजन परंपरा 16 पीढ़ियों से जारी, श्रावण से होली तक गांव-गांव पहुंचता है निशान
निमाड़ अंचल में संत परंपरा और लोक आस्था से जुड़ी कई धार्मिक परंपराएं आज भी पीढ़ियों से जीवंत हैं। ऐसी ही आस्था की अनूठी परंपरा परम पूज्य संत श्री सिंगाजी महाराज की छड़ी निशान पूजन की है। गांवों में श्रावण मास से शुरू होने वाली यह परंपरा करीब आठ माह तक चलती है और होलिका दहन से पूर्व इसका समापन होता है। शुक्रवार शाम 5 बजे की जानकारी अनुसार