भागलपुर, 2 सितंबर 2026. ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान (MRMA) 2.0’ कार्यक्रम के अंतर्गत मीरन चौक, भागलपुर में रेशम उत्पादन से निकलने वाले अपशिष्ट के सतत उपयोग एवं मूल्यवर्धन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री राकेश कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र भागलपुर, श्री श्याम प्रकाश उद्योग विस्तार पदाधिकारी जिला उद्योग केंद्र भागलपुर, डॉ. कर्मवीर जेना, वैज्ञानिक-डी, CSB-CTRTI, रांची तथा श्री आकाश शर्मा, वैज्ञानिक-बी, भागलपुर,श्री एम. डी. नसीमुद्दीन अंसारी उपस्थित रहे।
डॉ. कर्मवीर जेना ने रेशम उत्पादन के दौरान उत्पन्न होने वाले अपशिष्टों के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेशम अपशिष्ट को बेकार समझने के बजाय सेरिसिन, प्यूपा प्रोटीन, प्यूपा तेल, चिटिन-चिटोसान तथा अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित कर अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित किए जा सकते हैं।
श्री राकेश कुमार ने रेशम उत्पादकों एवं हितधारकों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आय में वृद्धि और सतत रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को रेशम अपशिष्ट के संग्रह, प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।
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9 views | Bhagalpur, Bihar | Sep 2, 2026