#बालाघाट
कम लागत, छोटी जगह और अच्छी कमाई, मशरूम उत्पादन से स्वरोजगार की राह दिखा रहा कृषि विज्ञान केंद्र
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राणा हनुमान सिंह कृषि विज्ञान केंद्र, बड़गांव, बालाघाट में तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 28 से 30 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के 40 ग्रामीण युवक-युवतियों, कृषि सखियों एवं बीएससी कृषि अंतिम वर्ष के रावे विद्यार्थियों ने भाग लेकर मशरूम उत्पादन की तकनीकी जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. खुष्याल सहारे के मार्गदर्शन तथा वैज्ञानिक डॉ. एस.आर. धुवारे के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की विभिन्न तकनीकों से अवगत कराने के साथ ही इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. एस.आर. धुवारे ने बताया कि मशरूम की खेती कम लागत और सीमित स्थान में शुरू की जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवक-युवतियां इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। बाजार में मशरूम की बढ़ती मांग को देखते हुए इसका उत्पादन किसानों एवं युवाओं के लिए आय का अच्छा अवसर बन सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन के लिए भूसा एवं पराली का चयन, उसका उपचार, उचित तापमान बनाए रखने, नमी प्रबंधन तथा उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण में सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ प्रायोगिक अभ्यास पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों से मशरूम उत्पादन के लिए भूसे का उपचार कराने तथा मशरूम बैग भरने की प्रक्रिया का अभ्यास करवाया गया। इससे उन्हें मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक तकनीकों को समझने और भविष्य में स्वयं उत्पादन शुरू करने के लिए आवश्यक जानकारी मिली।
कार्यक्रम में मशरूम के उपयोग और मूल्य संवर्धन के महत्व को भी समझाया गया। प्रतिभागियों को मशरूम टमाटर सूप, मशरूम पकौड़ा, मशरूम कटलेट, मशरूम मैक्रोनी, मशरूम कोफ्ता, मशरूम अचार, मशरूम शिशु आहार एवं मशरूम पुलाव सहित विभिन्न व्यंजन बनाने की विधियों की जानकारी दी गई। इससे मशरूम के विविध उपयोगों और उससे संबंधित उद्यम की संभावनाओं के बारे में भी बताया गया।
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में जिले के 40 ग्रामीण युवक-युवतियों, कृषि सखियों तथा बीएससी कृषि अंतिम वर्ष के रावे विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल संचालन में कृषि विज्ञान केंद्र की श्रीमती अन्नपूर्णा शर्मा एवं श्री दिलीप कुमार शिव ने विशेष सहयोग प्रदान किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी देकर स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा।
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4 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Oct 30, 2026