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PRO JS Balaghat

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दुनिया में हर मां के लिए उसका बच्चा सर्वश्रेष्ठ, माड़ी के डेढ़ वर्षीय सोन सिंग को मिली नई जिंदगी
आरबीएसके और मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से निःशुल्क हुई हार्ट सर्जरी, स्वस्थ होकर घर लौटा मासूम
 दुनिया में हर मां के लिए उसका बच्चा सबसे अनमोल और सर्वश्रेष्ठ होता है। मां की आंखों में अपने बच्चे के स्वस्थ भविष्य के सपने होते हैं, लेकिन जब वही बच्चा किसी गंभीर बीमारी से जूझता है, तो पूरा परिवार चिंता में डूब जाता है। ऐसे कठिन समय में यदि शासन की जनकल्याणकारी योजना सहारा बन जाए और बच्चे को नया जीवन मिल जाए, तो यह किसी वरदान से कम नहीं होता। कुछ ऐसी ही भावुक और प्रेरणादायी कहानी है बालाघाट जिले के बैहर विकासखंड के ग्राम माड़ी निवासी डेढ़ वर्षीय सोन सिंग मरकाम की, जो हृदय रोग से पीड़ित था। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के माध्यम से मासूम की हार्ट सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क कराई गई। अब सोन सिंग स्वस्थ है और अपने परिवार के बीच लौट आया है।

आरबीएसके ने समय पर पहचानी बीमारी
    ग्राम माड़ी निवासी सोन सिंग मरकाम बार-बार बीमार पड़ रहा था। बच्चे की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए आरबीएसके की चिकित्सक डॉ. भारती ठाकरे ने उसकी बीमारी का चिन्हांकन किया। बेहतर उपचार के लिए उसे जिला चिकित्सालय बालाघाट में भर्ती कराया गया। यहां सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बच्चे का परीक्षण किया और हृदय रोग की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेषज्ञ उपचार एवं सर्जरी कराने की सलाह दी।

     कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दहिया के मार्गदर्शन में बच्चे के उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। 6 अक्टूबर को आयोजित शिविर में सोन सिंग की ईको जांच कराई गई। जांच के आधार पर उसे पीडीए डिवाइस क्लोजर प्रक्रिया से उपचारित करने की सलाह दी गई।

योजना ने उठाया 75 हजार रुपये के उपचार का खर्च
    मासूम के बेहतर उपचार में आर्थिक परेशानी बाधा न बने, इसके लिए मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के अंतर्गत 7 अक्टूबर को 75 हजार रुपये की उपचार राशि स्वीकृत की गई। इसी दिन बच्चे को आगे के उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया। वहां 8 अक्टूबर को उसकी हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।

     सर्जरी के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार हुआ और चिकित्सकों की देखरेख में वह तेजी से स्वस्थ होने लगा। 10 अक्टूबर को उसे अस्पताल से सफलतापूर्वक डिस्चार्ज कर दिया गया। जिस बच्चे की बार-बार बिगड़ती तबीयत से परिवार चिंतित रहता था, उसे स्वस्थ देखकर परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

108 एंबुलेंस से जबलपुर पहुंचा मासूम, कैशलेस हुआ उपचार
      बच्चे के उपचार से लेकर अस्पताल तक पहुंचाने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक, आरबीएसके श्री राजाराम चक्रवर्ती ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां कराईं। सोन सिंग को 108 एंबुलेंस के माध्यम से जबलपुर भेजा गया और योजना के अंतर्गत उसका कैशलेस उपचार कराया गया। सर्जरी के बाद स्वस्थ होने पर बच्चे को वापस घर भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।

शासन की योजना बनी परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद
      सोन सिंग के परिजनों ने बच्चे के सफल उपचार पर मध्यप्रदेश शासन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद लाभकारी है। इस योजना के कारण उनके बच्चे का पूरा उपचार निःशुल्क हो सका और उन्हें इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ी।

        सोन सिंग की यह कहानी बताती है कि समय पर बीमारी की पहचान, स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं मिलकर किसी परिवार की सबसे बड़ी चिंता को खुशियों में बदल सकती हैं। डेढ़ वर्षीय सोन सिंग का स्वस्थ होकर घर लौटना केवल एक सफल सर्जरी नहीं, बल्कि एक मां की उम्मीदों, परिवार की खुशियों और मासूम के बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है।

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आरबीएसके ने दो वर्षीय बच्चे के चेहरे पर लौटाई मुस्कान, कटे होंठ और फटे तालू की नि:शुल्क सर्जरी

स्माइल ट्रेन फाउंडेशन के सहयोग से जबलपुर में हुआ ऑपरेशन, 

शासन ने घर से अस्पताल तक उपचार की पूरी व्यवस्था की

 राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से बिरसा विकासखंड के मुरकुट्टा-घुम्मुर निवासी दो वर्षीय बालक के चेहरे पर अब नई मुस्कान लौट आई है। जन्मजात कटे होंठ एवं फटे तालू की समस्या से जूझ रहे इस बच्चे की जबलपुर स्थित अस्पताल में स्माइल ट्रेन फाउंडेशन के सहयोग से नि:शुल्क सर्जरी कराई गई। उपचार के बाद बच्चे के चेहरे में आए बदलाव से परिवार बेहद खुश है।

     मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न सिंह दहिया ने बताया कि बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड अंतर्गत मुरकुट्टा-घुम्मर निवासी दो वर्षीय बालक सुरेंद्र धुर्वे, पिता राम सिंह धुर्वे को कटे होंठ एवं फटे तालू की समस्या थी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने बच्चे की पहचान कर सर्जरी के लिए चिह्नित किया था। कलेक्टर कुमार सत्यम के निर्देशन में बच्चे के उपचार की व्यवस्था की गई।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर की मदद

      डॉ. दहिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार बच्चे को सर्जरी के लिए भेजने का प्रयास कर रही थी, लेकिन बच्चा उपचार के लिए तैयार नहीं हो रहा था और परिवारजन भी उसे बाहर ले जाने में संकोच कर रहे थे। ऐसी स्थिति में पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से पहल की। बच्चे को बालाघाट लाया गया और यहां से एंबुलेंस के माध्यम से जबलपुर स्थित दुबे सर्जिकल एंड डेंटल हॉस्पिटल भेजा गया, जहां स्माइल ट्रेन फाउंडेशन के माध्यम से उसकी सर्जरी नि:शुल्क कराई गई।

परिवार को नहीं करना पड़ा कोई खर्च

     बच्चे के पिता राम सिंह धुर्वे ने बताया कि उन्हें उपचार कराने में काफी देर हो गई। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि सर्जरी से बच्चे के चेहरे में इतना बदलाव आ सकता है। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा उपचार में सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि बच्चे को घर से अस्पताल ले जाने, सर्जरी कराने और उपचार के बाद वापस घर पहुंचाने तक शासन की ओर से पूरी मदद मिली। परिवार को उपचार के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा।

   आरबीएसके टीम ने उपलब्ध कराईं सभी सुविधाएं

     जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक आरबीएसके राजाराम चक्रवर्ती ने बच्चे को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और कैशलेस उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से बच्चे की सर्जरी संभव हो सकी। बच्चे के परिवार ने इस मानवीय पहल के लिए सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया।

    राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से जन्मजात विकृतियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इस बच्चे का सफल उपचार जरूरतमंद बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

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कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय में अखिल भारतीय शिक्षा समागम का आयोजन
शासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय, बालाघाट में 5 से 10 अक्टूबर 2026 तक ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. निधि ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘एनईपी : शिक्षा से विकसित भारत’ है। इसका उद्देश्य छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना से जोड़ना है।

समागम के अंतर्गत 5 अक्टूबर को ‘2047 में शिक्षा की परिकल्पना’ विषय पर डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 15 छात्राओं ने भाग लिया। वहीं 6 अक्टूबर को ‘शिक्षा में एआई का प्रयोग’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें पक्ष की ओर से कु. लिशिका वराड़े तथा विपक्ष की ओर से कु. प्रिया मेश्राम ने अपने विचार प्रस्तुत किए। 8 अक्टूबर को एनईपी 2020 के अंतर्गत लोकनृत्य एवं हस्तकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से छात्राओं ने भारतीय संस्कृति, कला और परंपराओं का प्रदर्शन किया।

9 अक्टूबर को ‘भारत में शिक्षा का भविष्य’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें डॉ. सुनील कुमार मासुलकर, डॉ. दीपरत्ना मासुलकर, डॉ. अनुभूति सेंडीमन, डॉ. सरोज घोड़ेश्वर, डॉ. स्वाति खोब्रागड़े, डॉ. राहुल सूर्यवंशी एवं डॉ. मनिका चौबे सहित प्राध्यापकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन 10 अक्टूबर को किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय परिवार एवं छात्राओं की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। इस समागम के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा में नवाचार, तकनीकी उपयोग और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व को समझने का अवसर मिल रहा है।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री_जन_विश्वास_अभियान nis:value=मुख्यमंत्री_जन_विश्वास_अभियान nis:enabled=true nis:link/> एवं सेवा सेतु के अंतर्गत बकोडा में लगाया गया जिला स्तरीय शिविर
योजनाओं की जानकारी के साथ आमजन की समस्‍याऍ सुनी गई 
उद्यमियों से किया गया संवाद
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टीबी मुक्त भारत के संकल्प के साथ विद्यार्थियों को किया जागरूक
राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में 8 अक्टूबर को महाविद्यालय के कक्ष क्रमांक-2 में राष्ट्रीय टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री नीरज सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को टीबी की रोकथाम, बचाव एवं उन्मूलन के उपायों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर दिल्ली से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम एवं जोश टीम ऐप की लॉन्चिंग का सीधा ऑनलाइन प्रसारण भी किया गया।

कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के खैरलांजी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर श्री प्रवीण शुक्ला ने प्रोजेक्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को क्षय रोग के लक्षण, बचाव एवं रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसके उन्मूलन के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

महाविद्यालय के प्राचार्य श्री नीरज सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थी समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे टीबी से संबंधित सही जानकारी आमजन तक पहुंचाएं और शासन के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सहयोग करें।

राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेड रिबन क्लब के कार्यक्रम अधिकारी श्री रोहित कुमार पाण्डेय ने जोश टीम ऐप की लॉन्चिंग एवं इसके उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई जा सकती है। इसके लिए विद्यार्थियों को जागरूक एवं सक्रिय बनाना आवश्यक है, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ. एस.के. अब्दुस शमीम, श्री खीनेश ठाकरे, डॉ. प्रतिभा राजपूत, श्री वीरेंद्र कुमार पटले, सुश्री शालिनी मेश्राम, श्री अमर सिंह गोंड सहित महाविद्यालय के अन्य कर्मचारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान एवं सेवा सेतु के अंतर्गत बकोडा में लगाया गया जिला स्तरीय शिविर
योजनाओं की जानकारी के साथ आमजन की समस्‍याऍ सुनी गई
उद्यमियों से किया गया संवाद

 मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूर्ण होने पर 02 अक्‍टूबर से 10 अक्‍टूबर तक चलने वाले सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत 09 अक्‍टूबर को लालबर्रा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम बकोडा के शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय परिसर में में जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया तथा उनके आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई और क्षेत्र के उद्यमियों से संवाद किया गया।  

शिविर के दौरान विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे, जनपद उपाध्‍यक्ष श्री किशोर पालीवाल, जिला पंचायत सदस्‍य श्री डुलेंद्र ठाकरे, पूर्व जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्रीमती रेखा बिसेन, जनपद सदस्‍य, ग्राम पंचायत बकोडा की सरपंच श्रीमती पुष्‍पा नागेश्‍वर, पांढरवानी सरपंच श्री अनीष खान एवं अन्‍य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। शिविर में जिला पंचायत की मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा, जनपद सीईओ सुश्री फिरदौस शाह, तहसीलदार श्री भूपेंद्र अहिरवार एवं सभी विभागों के जिला एवं खण्‍ड स्‍तरीय अधिकारी उपस्थित थे। 

विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने शिविर में अपने संबोधन में कहा कि जन विश्‍वास शिविर में ग्रामीणजन अपनी समस्‍याओं के निराकरण के लिए बडी आशाऍ लेकर आते है, उनके आवेदनों पर तत्‍परता के साथ कार्यवाही होना चाहिए। उन्‍होंने लालबर्रा क्षेत्र के मछुवारों की समस्‍या का शीघ्र निदान करने की अपेक्षा की। उन्‍होंने धान फसल को माहु कीट से हुए नुकसान की ओर ध्‍यान आकर्षित कराते हुए इसका सर्वे कर किसानों को राहत राशि दिलाने की आवश्‍यकता बनायी। उन्‍होंने पनबिहरी के मिनी स्‍टेडियम का मरम्‍मत कार्य कराने कहा।

जिला पंचायत सदस्‍य श्री डुलेंद्र ठाकरे ने लालबर्रा क्षेत्र में समर्थन मूल्‍य पर धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्‍टूबर से आगे बढाने की आवश्‍यकता बतायी और कहा कि पंजीयन केंद्रो की संख्‍या भी बढाई जानी चाहिए जिससे किसान सुगमता से अपना पंजीयन करा सके।  

बकोडा में आयोजित इस शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं नागरिकों के आवेदन प्राप्‍त करने के लिए अलग-अलग काउंटर बनाये गए थे। आमजन को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय प्रदर्शनी भी लगायी गई थी। शिविर के दौरान आधार पंजीयन, आधार अपडेशन एवं किसानों के धान पंजीयन की भी व्‍यवस्‍था की गई थी। शिविर के दौरान उपसंचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय, आत्‍मा परियोजना के जिला प्रबंधक श्री रामनाथ पटेल, उपसंचालक पशु चिकित्‍सा सेवाऍ डॉ. घनश्‍याम परते, श्रम अधिकारी श्री राकेश ठाकरे एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।

उद्यमियों से संवाद, आत्मनिर्भरता की साझा की सफलता की कहानी

शिविर में उद्यम संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत जिला पंचायत सीईओ सुश्री तनुश्री मीणा की उपस्थिति में विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय एवं उद्यम स्थापित करने वाले हितग्राहियों से संवाद किया गया। संवाद के दौरान आजीविका मिशन के स्‍वसहायता समूह से जुडकर अपना व्‍यवसाय कर आत्‍मनिर्भर बनने वाली महिला प्रियंका पटले, सविता खोब्रागढे, दुर्गेश्‍वरी मेश्राम, सरस्‍वता कोटेकर, रूबी खरे ने अपने संघर्ष एवं सफल होने की कहानी साझा की। इस दौरान उन्‍होंने अपनी समस्‍या भी बतायी और अपेक्षा की कि आजीविका मिशन के माध्‍यम से उनका निराकरण किया जाएगा। इस दौरान युवा उद्यमी संतोष मस्‍करे, युवराज लिल्‍हारे एवं युवराज शेण्‍डे से भी संवाद किया गया और उनके द्वारा अपने व्‍यवसाय के संबंध में बताया गया।  

शिविर में 228 आवेदन प्राप्‍त हुए

बकोडा में आयोजित जन विश्‍वास शिविर में पंचायत विभाग से संबंधी 89, राजस्‍व से 78, महिला एवं बाल विकास विभाग से 01, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी से 03, उद्योग विभाग से 03, खाद्य आपूर्ति विभाग से 28, पशुपालन विभाग से 02, कृषि से 03, शिक्षा से 03, मत्‍स्य पालन से 05, सहकारिता से 03, विद्युत विभाग से 05, लोक निर्माण विभाग से 01, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग से 03 एवं प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना से संबंधित 03 आवेदन प्राप्‍त हुए है। इन आवेदनों पर तत्‍परता के साथ कार्यवाही कर निराकरण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गए है।
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धान उपार्जन के लिए 01 लाख 10 हजार किसानों का हुआ पंजीयन
10 अक्‍टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्‍य पर किसानों से धान, ज्‍वार एवं बाजरा की खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्‍टूबर निर्धारित है। अब तक जिले के 01 लाख 10 हजार किसानों का पंजीयन किया जा चुका है।

            जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी श्री संत कुमार भलावी ने बताया कि समर्थन मूल्‍य पर धान खरीदी के लिए लालबर्रा तहसील में 16 हजार 605, खैरलांजी में 13 हजार 210, लांजी में 11 हजार 100, बालाघाट में 11 हजार 300, कटंगी में 9200, वारासिवनी में 12 हजार 100, बिरसा में 8600, किरनापुर में 11 हजार 500, परसवाडा में 6500, तिरोडी में 5300 एवं बैहर तहसील में 4500 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है।

जिले में किसान पंजीयन के लिए समिति स्तर पर कुल 118 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अधिकृत सीएससी सेंटर, कियोस्क, एमपी ऑनलाइन एवं साइबर कैफे के माध्यम से भी निर्धारित पंजीयन शुल्क 50 रुपये का भुगतान कर किसान अपना पंजीयन करा सकते है।

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बैहर-बिरसा के 57 गांवों में स्वास्थ्य सर्वे जारी, अब तक 40,848 बच्चों का टीकाकरण पूर्ण
745 भर्ती बच्चों में से 737 स्वस्थ होकर लौटे घर, आज 03 को डिस्‍चार्ज किया
जिले के बैहर एवं बिरसा विकासखंड के 57 गांवों में मौसमी बीमारियों, सर्दी-खांसी, बुखार, चर्मरोग, मीजल्स, स्कैबीज और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

09 अक्‍टूबर तक 49,988 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच के दौरान सर्दी-खांसी एवं बुखार के 6,397, मलेरिया के 1,105, दाने के साथ बुखार के 539 तथा चर्मरोग के 255 मरीज चिन्हित किए गए। कुल 8,296 मरीजों में से 7,551 का उपचार घर पर किया गया, जबकि 745 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से उपचार के बाद 737 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं और 08 मरीजों का उपचार जारी हैं। 09 अक्‍टूबर को एहतियात के तौर पर 02 नये मरीजों को भर्ती किया गया है और 03 मरीजों को स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार के बाद डिस्‍चार्ज किया गया है।

अभियान के तहत 1,563 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक, ओआरएस एवं जिंक टैबलेट वितरित की गईं। वहीं, 1,476 बच्चों को आयरन सिरप दिया गया तथा 1,368 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। इसके अलावा अब तक 907 टीकाकरण सत्रों के माध्यम से 40,848 बच्चों का टीकाकरण किया गया है।

बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक छिड़काव एवं फॉगिंग भी कराई जा रही है। इसके तहत 75 गांवों के 9,979 मकानों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया, जबकि 45 गांवों के 8,653 घरों में इनडोर एवं आउटडोर फॉगिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रख रही हैं। घर-घर सर्वेक्षण, उपचार, टीकाकरण और मच्छर नियंत्रण गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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स्‍वामित्‍व योजना में कार्य नही करने पर 07 पटवारी निलंबित
72 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

 प्रदेश शासन की स्‍वामित्‍व योजना के अंतर्गत कार्य नही करने पर जिले के 07 पटवारियों को निलंबन की कार्यवाही की गई है। इसके साथ ही 72 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि क्‍यों उनके विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जाए।

            राजस्‍व अनुभाग वारासिवनी के अंतर्गत पटवारी सोमराज बघेल, अंकुश भलावी, किरनापुर अनुभाग के अंतर्गत पटवारी साधना लिल्‍हारे, विनीत नागवंशी, कविता राजपूत, बालाघाट अनुभाग के अंतर्गत संजय चतुर्वेदी एवं उमा यादव को स्‍वामित्‍व योजना में कार्य नही करने पर तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
            स्‍वामित्‍व योजना में कार्य नही करने पर वारासिवनी अनुभाग के पटवारी आदित्‍य सिंह तोमर, ईती गुप्‍ता, रोहन उइके, निशा बांजनघाटे, धनेश्‍वर हनोते, परसवाडा अनुभाग के बैजनाथ त्‍यागी, अभिलाष वंशपाल, बैहर अनुभाग के अशोक मेरावी, अलीशा गुप्‍ता, सौरभ रघुवंशी, सर्वज्ञ राय, राजेश कुर्वेती, रविप्रकाश कोर्राम, लक्ष्‍मण महोबिया, कुलदीप परते, विक्रम इडपाचे, हेमंत उइके, वर्षा अजीत, घनश्‍याम नागेश, कटंगी अनुभाग के प्रदीप शर्मा, शिवांशु, ललीता राणा, आशीष मंदारी, साधना गौतम, किरनापुर अनुभाग के विनीत पुसाम, अभय चौरसिया, अभिषेक भार्गव, आकाश सिंह, अंशुल चौरे, मनीष बिसेन, मनीष गायकवाड, पूनम राणा, प्रार्थना यादव, रिया सिंह गौर, राहुल त्रिपाठी, साक्षी पटले, संजय भदौरिया, शीतल दुरूगकर, विजय गुर्जर, विपुल पटले, रामकिशोरी सिंह, हरेश  कुमार, मीनल उइके, मोनिका बिसेन, आशी बर्वे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इसी प्रकार लांजी अनुभाग में इंद्रपाल मडावी, संजय धारणे, पारध भगत, देवेंद्र शरणागत, भूपेंद्र रिन्‍हायत, बालाघाट अनुभाग में भावना बिसेन, वंदना सिंह राजपूत, आयुषी ठाकरे, साकेत भलावी, अतुल रजक, अरविंद गुर्जर, डिलेश्‍वरी बिसेन, अंजली तिलगाम, निखिल चौहान, अनिमेष तिवारी, मन्‍नु भारती, चंद्रसेन भारती, ईला अजीत, राहुल मवई, ओमप्रकाश दुबे, देवेंद्र चतुर्वेदी, अचल साहब, गगन अंगुर, श्रुति टेकाम, सिद्धार्थ बडोले, अभिलाषा भट्टी एवं गीता चकोले को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि क्‍यों न उनके विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जाए।  

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मैगी नूडल्स के दो बैच के नमूने जांच के लिए भेजे
पतंजलि घी के संदिग्ध बैच की तलाश में बालाघाट, लालबर्रा और बैहर में जांच
 वाधवानी एजेंसीज के अमानक घी पर न्यायालयीन कार्रवाई शुरू

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन बालाघाट द्वारा जिले में लगातार जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन मध्य प्रदेश के निर्देशानुसार बालाघाट स्थित नेस्ले एजेंसी आशीष मार्केटिंग की जांच कर मैगी नूडल्स के अलग-अलग दो बैच के नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है।

पतंजलि घी के बैच की तलाश में दुकानों की जांच

खाद्य सुरक्षा प्रशासन को छिंदवाड़ा जिले से लिए गए पतंजलि घी के नमूने की जांच रिपोर्ट असुरक्षित प्राप्त होने के बाद वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार बालाघाट जिले में संबंधित बैच की उपलब्धता की जांच की गई। संबंधित घी का बैच नंबर FAWB 260017 तथा निर्माण तिथि अप्रैल 2026 बताई गई है। इस बैच के घी की उपलब्धता का पता लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने ऋषि कॉम्प्लेक्स परिसर स्थित महादेव इंटरप्राइजेज, महावीर चौक स्थित बाफना ट्रेडर्स, लालबर्रा स्थित वसंत कुमार अशोक कुमार फर्म तथा बैहर स्थित साई ट्रेडर्स के स्टॉक रिकॉर्ड की जांच की।

जांच के दौरान दुकानों में उपलब्ध पतंजलि घी का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन मौके पर संबंधित बैच नंबर का घी नहीं मिला। खाद्य सुरक्षा प्रशासन मध्य प्रदेश द्वारा इस बैच के घी को रिकॉल किया गया है, ताकि बाजार में इसकी बिक्री रोकी जा सके और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अमानक घी पर न्यायालयीन कार्रवाई शुरू

खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा पूर्व में घी की गुणवत्ता को लेकर की गई कार्रवाई के दौरान बालाघाट की वाधवानी एजेंसीज से वास्तु घी का नमूना लिया गया था। जांच में नमूना अमानक पाए जाने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालयीन कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इस मामले में अधिनियम की धारा 46(4) के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण, नमूना संग्रहण और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मैगी नूडल्स के नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा बाजार में अमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
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तीन पटवारियों को नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए किया भारमुक्त

 वारासिवनी एसडीएम श्री श्रीष प्यासी ने बताया कि जिले में स्थानांतरित पटवारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए भारमुक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि वारासिवनी तहसील में पदस्थ पटवारी गिरधारी भगत का 9 जून 2025 को बिरसा तहसील में स्थानांतरण किया गया था। उन्हें बिरसा तहसील में कार्यभार ग्रहण करने के लिए 9 अक्टूबर 2026 को वारासिवनी से भारमुक्त कर दिया गया है।

इसी प्रकार लालबर्रा तहसील में पदस्थ पटवारी मयंक राजावत का 15 जून 2026 को बैहर तहसील में स्थानांतरण किया गया था। उन्हें बैहर तहसील में कार्यभार ग्रहण करने के लिए भारमुक्त किया गया है। वहीं, पटवारी पवन रावत का भी 15 जून 2026 को लालबर्रा तहसील से लांजी तहसील में स्थानांतरण किया गया था। उन्हें लांजी तहसील में कार्यभार ग्रहण करने के लिए 9 अक्टूबर 2026 को भारमुक्त कर दिया गया है।

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मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत जन सेवा के विस्तार के लिए प्रति शुक्रवार आयोजित होने वाले  जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन आज 09 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत लालबर्रा के पी.एम. श्री शासकीय हाईस्कूल बकोड़ा में किया गया। इस जन संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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कृषि नवाचार और स्थानीय उत्पादों को मिला मंच
लांजी में एक जिला एक उत्पाद एवं कृषक संगोष्ठी, जैव संसाधन केंद्र और आजीविका समूहों के स्टॉल बने आकर्षण
 कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों को स्थानीय संसाधनों से जोड़ते हुए विकासखंड लांजी के उत्कृष्ट मैदान में गुरुवार को एक जिला एक उत्पाद (ODOP) एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में किसानों को कृषि की नवीन तकनीकों, जैव संसाधनों, फसल विविधीकरण और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उत्पादों को आय के बेहतर साधन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का आयोजन परियोजना संचालक आत्मा समिति बालाघाट डॉ. रामनाथ पटेल एवं उपसंचालक कृषि फूलसिंह मालवीय के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग एवं आत्मा समिति द्वारा जैव संसाधन केंद्र (BRC) का स्टॉल लगाया गया। यहां किसानों को जैव संसाधनों के उपयोग, कृषि में उनके महत्व तथा खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने से संबंधित जानकारी दी गई।
वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के स्व-सहायता समूहों द्वारा भी स्टॉल लगाया गया। समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिससे ग्रामीण महिलाओं के समूहों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बाजार से जोड़ने का अवसर मिला।
खेती में बदलाव से आय के नए अवसर
कृषक संगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया कि खेती को केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित रखने के बजाय किसान अपनी स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग के अनुसार फसल एवं कृषि गतिविधियों में विविधीकरण कर सकते हैं। जैव संसाधनों के उपयोग और स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन से कृषि को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित कृषि सखियों और प्रगतिशील किसानों ने भी कृषि क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए। किसानों के बीच आपसी संवाद के माध्यम से खेती में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा हुई।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनपद पंचायत लांजी अध्यक्ष श्रीमती अर्चना खोंगल रहीं। इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष अजय अवसरे, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकित सिंघई, जनपद पंचायत सदस्य रेवाजी एवं दिनेश लांडे, एनआरएलएम ब्लॉक मॉनिटर राजाराम परते, सुनीता चंदने एवं अतीत फूलमारी सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि विभाग की ओर से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कुलदीप गनवीर, विकासखंड तकनीकी प्रबंधक अजय बिजेवार सहित लांजी विकासखंड की कृषि सखियों ने सहभागिता की।
प्रगतिशील किसानों ने बढ़ाया उत्साह
संगोष्ठी में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों मरठे, अनिल बुंधानसा, हेमेंद्र उमरे एवं नंदकिशोर कामरी सहित अन्य किसानों ने सहभागिता की। किसानों ने कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम ने किसानों, कृषि विभाग और ग्रामीण आजीविका समूहों के बीच संवाद का मंच उपलब्ध कराया। एक जिला एक उत्पाद, जैव संसाधन और स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को एक साथ मंच मिलने से स्थानीय स्तर पर उत्पादन से लेकर बाजार तक की संभावनाओं पर चर्चा को गति मिली। इससे किसानों एवं ग्रामीण समूहों को अपनी स्थानीय क्षमता को आय के अवसरों में बदलने के लिए प्रोत्साहन मिला।

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दिव्यांगजनों को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने आयोजित हुआ रोजगार मेला

सहायक उपकरण, बस पास और यूडीआईडी कार्ड सहित विभिन्न सुविधाओं के लिए लगाए गए स्टॉल; 400 हितग्राही लाभान्वित

स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी, लखपति दीदियों को किया गया सम्मानित

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, बालाघाट द्वारा डॉ. रेड्डी फाउंडेशन, जबलपुर के सहयोग से सान्दीपनि विद्यालय, बालाघाट में दिव्यांगजनों के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में लगभग 400 हितग्राही लाभान्वित हुए।<nis:link nis:type=tag nis:id=सेवा_संकल्प_अभियान nis:value=सेवा_संकल्प_अभियान nis:enabled=true nis:link/>
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छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देने एक दिवसीय जागरूकता शिविर आयोजित
सेवा सेतु अभियान के तहत विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया जागरूक

 सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सेवा सेतु अभियान के तहत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से गुरुवार को महाविद्यालय के कक्ष क्रमांक-2 में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, उनके उद्देश्य तथा पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के निर्देशानुसार, महाविद्यालय के प्राचार्य नीरज सिंह ठाकुर के निर्देशन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेड रिबन क्लब के कार्यक्रम अधिकारी रोहित कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं सेवा संकल्प अभियान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

छात्रवृत्ति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी

शिविर में महाविद्यालय के छात्रवृत्ति प्रभारी वीरेंद्र कुमार पटले ने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं एवं उपलब्ध योजनाओं की जानकारी देते हुए योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया।

प्राचार्य नीरज सिंह ठाकुर ने कहा कि शासन द्वारा विद्यार्थियों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचना आवश्यक है। विद्यार्थियों को योजनाओं के प्रति जागरूक कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पात्र विद्यार्थियों को इनका अधिकतम लाभ मिल सके।

सेवा सेतु अभियान के उद्देश्य पर हुई चर्चा

कार्यक्रम अधिकारी रोहित कुमार पाण्डेय ने सेवा सेतु अभियान की रूपरेखा एवं उसके क्रियान्वयन की जानकारी विद्यार्थियों को दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक किया जा सकता है। छात्रवृत्ति योजनाओं का उचित लाभ लेकर विद्यार्थी अपनी शिक्षा जारी रखते हुए अपने करियर को सही दिशा प्रदान कर सकते हैं।

इस अवसर पर डॉ. एस.के. अब्दुस शमीम ने भी सेवा सेतु अभियान के विभिन्न पहलुओं पर छात्र-छात्राओं से चर्चा की तथा विद्यार्थियों से योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ. एस.के. अब्दुस शमीम, खीनेश ठाकरे, डॉ. प्रतिभा राजपूत, वीरेंद्र कुमार पटले, शालिनी मेश्राम, अमर सिंह गोंड, विक्रांत, पल्लवी, शिखा, वैभव, सुनील एवं वृंदा सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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सूरज की रोशनी बनी राधेश्याम की खेती की ताकत

कुसुम-बी योजना से मिला 3 हॉर्सपावर का सोलर पंप,

अब सिंचाई के लिए न बिजली की चिंता, न बिल का बोझ

खेती में सबसे बड़ी जरूरत पानी की होती है। बारिश अनिश्चित हो तो किसान की चिंता और बढ़ जाती है। खेत में कुआं होने के बावजूद यदि सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर रहना पड़े, तो फसल की लागत और परेशानी दोनों बढ़ जाती हैं। बालाघाट जिले की खैरलांजी तहसील के ग्राम सावरी के किसान राधेश्याम पताहे भी लंबे समय तक ऐसी ही परिस्थितियों से जूझते रहे। लेकिन अब उनकी खेती की तस्वीर बदल गई है। प्रधानमंत्री कृषक मित्र कुसुम-बी योजना के माध्यम से खेत के कुएं में 3 हॉर्सपावर का सोलर पंप स्थापित होने के बाद राधेश्याम सिंचाई के मामले में आत्मनिर्भर बन गए हैं।
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मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, विशेष शिविरों में मिले 5055 आवेदन, 09 अक्टूबर को भी लगेंगे कैंप
 विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित रह गए पात्र नागरिकों के नाम अब दोबारा सूची में शामिल किए जा रहे हैं। इसके लिए बीएलओ द्वारा घर-घर संपर्क अभियान चलाकर पात्र लोगों से आवश्यक दस्तावेज लिए जा रहे हैं।

अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी डी.पी. बर्मन ने बताया कि एसआईआर के दौरान अनमैप्ड अथवा तार्किक विसंगतियों के कारण जिन पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, वे बीएलओ के संपर्क अभियान के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए फार्म-6 भरना होगा। फार्म-6 के साथ किसी प्रकार का घोषणा पत्र देने की आवश्यकता नहीं है।

जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के 1785 मतदान केंद्रों पर 7 और 8 अक्टूबर को लगाए गए विशेष शिविरों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कुल 5055 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें बैहर से 977, लांजी से 1243, परसवाड़ा से 819, बालाघाट से 931, वारासिवनी से 607 और कटंगी से 478 आवेदन शामिल हैं।

18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवा भी कर सकते हैं आवेदन

ऐसे युवा, जिन्होंने 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, वे भी फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। वहीं 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं से भी अग्रिम रूप से फार्म-6 भरवाए जा रहे हैं। पात्र मतदाताओं की सुविधा के लिए 9 अक्टूबर को भी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा रैन बसेरों, श्रमिक बस्तियों तथा बेघर एवं वंचित वर्ग के पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए आवश्यकता अनुसार विशेष शिविर लगाए जाएंगे।

ईसीआईनेट से घर बैठे भर सकते हैं फार्म-6

मतदाता ईसीआईनेट एप के माध्यम से घर बैठे यह भी जांच सकते हैं कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है या नहीं। नाम नहीं होने की स्थिति में इसी एप के जरिए ऑनलाइन फार्म-6 भरकर आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन करने पर आवेदन सीधे संबंधित बीएलओ की आईडी में पहुंच जाता है। निर्वाचन विभाग ने पात्र नागरिकों और नए मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय रहते अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

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लोकनृत्य और लोकनाट्य के जरिए विद्यार्थियों ने दिखाई भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय शंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट में ‘A Vision for Education in 2047’ के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न लोकनृत्य एवं लोकनाट्य प्रस्तुत कर भारतीय ज्ञान, संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय लोक विरासत को विकसित भारत 2047 की संकल्पना से जोड़ा। प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता और आधुनिक समय में उसकी प्रासंगिकता को प्रदर्शित किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है। इसके लिए भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों और स्थानीय विरासत का संरक्षण भी जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. डुलेश्वरी टेम्भरे ने किया। आयोजन में नोडल अधिकारी प्रो. विनोद आड़े, प्रो. सुखचंद एड़े, प्रो. चित्रमाला भिमटे एवं डॉ. राकेश कुमार चौरे का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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जन्‍म मृत्‍यु रजिस्‍ट्रेशन कराने में देरी की तो बढेगी मुश्किल
कलेक्‍टर ने जिला स्‍तर पर आदेश जारी किए

जन्‍म और मृत्‍यु के रजिस्‍ट्रेशन से जुडे नियमों में बडा बदलाव हो गया है। जन्‍म एवं मृत्‍यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधान 01 अक्‍टूबर से लागू हो गए है। नए कानून में जन्‍म या मृत्‍यु का रजिस्‍ट्रेशन कराने में देरी होने पर प्रक्रिया को पहले के मुकाबले ज्‍यादा सख्‍त किया गया है। खास तौर पर 2 साल से ज्‍यादा देर से किए जाने वाले रजिस्‍ट्रेशन के लिए प्रथम श्रेणी न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट के आदेश की जरूरत हाोगी। जन्‍म और मृत्‍यु पंजीकरण से जुडे इस संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने पारित किया था। राष्‍ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह पिछले म‍हीने कानून बन गया।

नए कानून का मुख्‍य उद्देश्‍य जन्‍म और मृत्‍यु की घटनाओं की जानकारी समय पर दर्ज कराना है। सरकार का कहना है कि इसके जरिए जन्‍म और मृत्‍यु की घटनाओं की समय पर रिपोर्टिंग को बढावा मिलेगा। यह कानून मूल जन्‍म एवं मृत्‍यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में बदलाव करता है। 2023 में भी इस कानून में संशोधन किया गया।

इस संबंध में कलेक्‍टर कुमार सत्‍यम ने जिला स्‍तर पर आदेश जारी कर दिए है। जारी आदेश में सभी रजिस्‍ट्रार को दिशा निर्देश दिये गए है और निर्देशित किया गया है कि प्रावधान के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। जन्‍म और मृत्‍यु रजिस्‍ट्रीकरण अधिनियम की धारा 13 (3) में संशोधन विलंबित पंजीयन के लिए जारी आदेश के अनुसार किसी ऐसे जन्‍म या मृत्‍यु की सूचना जो घटना के एक वर्ष बाद लेकिन दो वर्ष के भीतर रजिस्‍ट्रार को दी जाती है, उसका रजिस्‍ट्रेशन केवल डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट या सब-डिविजनल मजिस्‍ट्रेट या डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट द्वारा अधिकृत एक्‍जीक्‍यूटिव मजिस्‍ट्रेट के आदेश पर ही किया जाएगा।

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बिरसा-बैहर के 57 गांवों में स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी
40,835 बच्‍चों का टीकाकरण पूर्ण, 734 मरीज स्‍वस्‍थ होकर घर लौटे
आज 09 मरीजों को डिस्‍चार्ज किया गया

 जिले के बिरसा और बैहर क्षेत्र के 57 गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सघन स्वास्थ्य सर्वेक्षण और उपचार अभियान चलाया जा रहा है। मौसमी बीमारियों, सर्दी-खांसी, बुखार, चर्मरोग, मीजल्स, स्कैबीज और मलेरिया सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच की जा रही है।

08 अक्‍टूबर तक 49,553 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच के दौरान सर्दी-खांसी एवं बुखार के 6,320, मलेरिया के 1,101, दाने के साथ बुखार के 539 तथा चर्मरोग के 255 मरीज चिन्हित किए गए। कुल 8,215 मरीजों में से 7,472 का उपचार घर पर किया गया, जबकि 743 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से उपचार के बाद 734 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं और 09 मरीजों का उपचार जारी हैं। 08 अक्‍टूबर को एहतियात के तौर पर 06 नये मरीजों को भर्ती किया गया है और 09 मरीजों को स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार के बाद डिस्‍चार्ज किया गया है।

बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान 1,544 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक, ओआरएस और जिंक टैबलेट वितरित किए गए। वहीं 1,447 बच्चों को आयरन सिरप दिया गया तथा 1,348 बच्चों को एल्बेंडाजोल की टैबलेट खिलाई गई।टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 905 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 40,835 बच्चों का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में आज 75 गांवों के 9,774 मकानों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया, जबकि 45 गांवों के 8,653 घरों में इनडोर एवं आउटडोर फॉगिंग कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और ग्रामीणों को बीमारी से बचाव एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक कर रही हैं।

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धान उपार्जन के लिए 94 हजार से अधिक किसानों का हुआ पंजीयन

118 केंद्रो पर 10 अक्‍टूबर तक ही किसान करा सकेंगे पंजीयन

बालाघाट 08 अक्‍टूबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्‍य पर किसानों से धान, ज्‍वार एवं बाजरा की खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्‍टूबर निर्धारित है। अब तक जिले के 94 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन किया जा चुका है।

            जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी श्री संत कुमार भलावी ने बताया कि समर्थन मूल्‍य पर धान खरीदी के लिए लालबर्रा तहसील में 14 हजार 427, खैरलांजी में 11 हजार 128, लांजी में 9557, बालाघाट में 9534, कटंगी में 8176, वारासिवनी में 10 हजार 172, बिरसा में 7489, किरनापुर में 9163, परसवाडा में 5653, तिरोडी में 4671 एवं बैहर तहसील में 3902 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है।

जिले में किसान पंजीयन के लिए समिति स्तर पर कुल 118 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अधिकृत सीएससी सेंटर, कियोस्क, एमपी ऑनलाइन एवं साइबर कैफे के माध्यम से भी निर्धारित पंजीयन शुल्क 50 रुपये का भुगतान कर किसान अपना पंजीयन करा सकते है।

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जनसुनवाई में सुनी गईं आवेदकों की समस्याएँ
136 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए

 प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई की श्रृंखला में 29 सितम्‍बर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री कुमार सत्‍यम निर्देशन में जिला पंचायत की मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा एवं अपर कलेक्‍टर श्री डीपी बर्मन ने आवेदकों की समस्याएँ सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में 136 आवेदक अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे।

जनसुनवाई में लालबर्रा तहसील अंतर्गत बडगांव निवासी वैशाली भालेकर आंगनवाडी सहायिका के रिक्‍त पद पर ज्‍वाईनिंग नही दिये जाने की शिकायत लेकर आयी थी। वैशाली का कहना था कि उसने आंगनवाडी केंद्र क्रमांक 02 दशहराटोला (लोहारा) में आंगनवाडी सहायिका के रिक्‍त पद के आवेदन किया था और चयन सूची में उसका नाम प्रथम स्‍थान पर है, किंतु अब तक उसे सहायिका के पद पर भर्ती नही किया गया है। उसने शीघ्र उसे ज्‍वाईनिंग लेटर प्रदान करने की मांग की है। इस प्रकरण में महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी को आवश्‍यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।

ग्राम लामता निवासी नंदकिशोर चावले स्वामित्व योजना के तहत भूमि स्वामी हक प्रदान करने की मांग लेकर आये थे। उसका कहना था कि खसरा नंबर 258 की आबादी भूमि पर वह करीब 1980 से काबिज हैं और उनका कब्जा राजस्व प्रलेख में भी दर्ज है, इसके बावजूद स्वामित्व योजना के तहत उनका नाम भूमि स्वामी हक में नहीं जोड़ा गया और न ही पट्टा जारी किया गया। अत: उसने स्वामित्व योजना के अंतर्गत पट्टा प्रदान करने की मांग की है। इस प्रकरण में एसडीएम बालाघाट को आवश्‍यक कार्यवाही करने कहा गया है।

कटंगी तहसील अंतर्गत ग्राम उमरी निवासी पुष्पलता अपनी पुश्तैनी भूमि पर बने मकान का पट्टा प्रदान करने की मांग लेकर आयी थी उसने बताया कि शासन की पट्टा प्रक्रिया के तहत ड्रोन से सर्वे किया गया, लेकिन उनकी भूमि और मकान का नाप नहीं किया गया है। पुष्‍पलता का कहना है कि वह लंबे समय से मकान में निवासरत हैं और ग्राम पंचायत में भवन, स्वच्छता व प्रकाश कर भी जमा कर रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मकान का ड्रोन सर्वे कराकर शीघ्र पट्टा प्रदान करने की मांग की है। इस प्रकरण में एसडीएम बालाघाट को आवश्‍यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।

लालबर्रा तहसील अंतर्गत ग्राम चिल्लौद निवासी नेहरूलाल मसराम अपनी नातन को हास्‍टल सुविधा दिलाये जाने की मांग लेकर आये थे। उसका कहना था कि उसकी नातन सुहाना परते कक्षा 9वीं की छात्रा है जो रोजाना करीब 16-17 किमी दूर बालाघाट बस से आती-जाती है और बस पकड़ने के लिए 3 किमी पैदल चलना पड़ता है। सुहाना ने कक्षा 8वीं में 86.5 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और अब वह हास्‍टल में रहकर अध्‍ययन करना चाहती है। अत: उसे उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट में हॉस्टल सुविधा उपलब्ध करायी जाए। इस प्रकरण में सहायक आयुक्‍त जनजातीय कार्य विभाग को आवश्‍यक कार्यवाही करने कहा गया है।

बैहर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत परसाटोला के ग्राम करेली निवासी महेश कातरे रोजगार प्रदाय करने की मांग लेकर आये थे। महेश का कहना था कि वह शरीर से विकलांग है और उसके घर के भरण पोषण की जिम्‍मेदारी उसी पर है। उसने बताया कि वह गोंड जनजाति का निवासी है और उसे ग्राम में रोजगार का कोई साधन उपलब्‍ध नही हो पा रहा है। उसने प्रशासन से रोजगार प्रदाय करने की मांग की है। इस प्रकरण में एसडीएम बैहर को आवश्‍यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।

 लांजी तहसील के वार्ड क्रमांक 04 के वार्डवासी आबादी भूमि का पट्टा प्रदान किए जाने की मांग लेकर आये थे। उनका कहना था कि खसरा नंबर 88/1 की शासकीय भूमि पर वार्डवासी करीब 70-80 वर्षों से मकान व हाताबाड़ी बनाकर निवास कर रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि पूर्व में तहसीलदार एवं नगर परिषद को कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक पट्टा जारी करने की कार्रवाई नहीं हुई है। अत: भूमि की जांच कर वार्डवासियों को पट्टा जारी करने के लिए उचित कार्यवाही की जाए। इस प्रकरण में एसडीएम लांजी को आवश्‍यक कार्यवाही करने कहा गया है।

जनसुनवाई में तिरोडी तहसील के ग्राम महकेपार निवासी अशोक सोनवाने ने स्थाई पटेल पद पर नियुक्ति को लेकर प्रशासन से शिकायत की। उसने बताया कि वह करीब 20-25 वर्षों से ग्राम के स्थाई पटेल का दायित्व निभा रहा था, लेकिन करीब दो वर्ष पूर्व उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त कर दिया गया। अशोक ने बताया कि ग्राम सभा का फर्जी प्रस्ताव तैयार कर उसे मृत घोषित करते हुए मोरेश्वर बाघमारे को स्थाई पटेल नियुक्त किया गया है। अशोक ने मामले की जांच कर आवश्‍यक कार्यवाही करने की मांग की है। इस प्रकरण में एसडीएम कटंगी एवं एसडीओपी कटंगी को मामले की जांच करने कहा गया है।

जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम कनकी निवासी चंद्रकला मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि अगस्त 2026 के बाद नहीं मिलने की शिकायत लेकर आयी थी। उसने बताया कि माह फरवरी से जुलाई 2026 तक उन्हें प्रतिमाह 1,500 रुपए की राशि प्राप्त हुई, जबकि अगस्त में 250 रुपए प्रदर्शित होने के बाद भुगतान बंद हो गया। उसका कहना है कि उसका आवेदन स्वीकृत है और बैंक खाते में DBT भी सक्रिय है, इसके बावजूद राशि का भुगतान रुक गया है। अत: भुगतान की स्थिति की जांच कर योजना की पात्र राशि पुनः दिलायी जाए। इस प्रकरण में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी को आवश्‍यक कार्यवाही करने कहा गया है।

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फसल ऋण प्रक्रिया हुई सरल, अब वर्षभर के लिए एक साख सीमा
नए किसान क्रेडिट कार्ड की ऑनलाइन स्वीकृति को लेकर सहकारी बैंक में एक दिवसीय कार्यशाला
 किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत किसानों को फसल ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब खरीफ एवं रबी सीजन के लिए अलग-अलग साख सीमा के स्थान पर किसानों को वर्षभर के लिए एक साख सीमा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही नवीन किसान क्रेडिट कार्ड की ICMIS पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकृति की प्रक्रिया भी लागू की जा रही है।
इस नई व्यवस्था की जानकारी बैंक अधिकारियों एवं संस्था प्रबंधकों तक पहुंचाने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, बालाघाट मुख्यालय में 29 सितंबर को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक कुमार सत्यम के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यशाला में बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिनव सिंह बघेल, प्रबंधक लेखा पी. जोशी एवं प्रभारी प्रबंधक प्रवास मुख्यालय राजेश नगपुरे उपस्थित रहे। जिले की विभिन्न शाखाओं एवं सहकारी संस्थाओं के शाखा प्रबंधक और संस्था प्रबंधकों ने कार्यशाला में सहभागिता की।
खरीफ-रबी की अलग सीमा के स्थान पर वर्षभर एक साख सीमा
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर रौनक चैकसे एवं रोहित ढोढ़रे ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से फसल ऋण की नवीन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत खरीफ एवं रबी के लिए अलग-अलग साख सीमा निर्धारित करने के स्थान पर किसानों को वर्षभर के लिए एक साख सीमा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके साथ ही नए किसान क्रेडिट कार्ड की स्वीकृति को ICMIS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जाने की प्रक्रिया के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित शाखा प्रबंधकों एवं संस्था प्रबंधकों ने नई फसल ऋण प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। मास्टर ट्रेनरों ने सभी प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को समझाया।
कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिनव सिंह बघेल ने कहा कि नई व्यवस्था से किसानों के लिए फसल ऋण प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम होगी। उन्होंने शाखा एवं संस्था प्रबंधकों से कहा कि वर्षभर के लिए एक साख सीमा की नई व्यवस्था के संबंध में जिले के किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।
कार्यशाला में मुख्य शाखा बालाघाट सहित लामता, किरनापुर, वारासिवनी, रामपायली, खमरिया, खैरलांजी, भानेगांव, लांजी, साडरा, कटंगी, तिरोड़ी, लालबर्रा, बैहर, बिरसा, परसवाड़ा एवं डोंगरमाली शाखाओं के शाखा प्रबंधक तथा संबंधित संस्थाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।

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धान से आगे बढ़ा खेती का दायरा, समन्वित कृषि ने घनश्याम की आय को दिए नए रास्ते
पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को खेती से जोड़ा, अब सालभर आमदनी का जरिया
बालाघाट। खेती में बदलाव केवल फसल बदलने से नहीं, बल्कि खेती से जुड़े अलग-अलग आय स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने से भी आता है। बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड के ग्राम बड़गांव निवासी किसान घनश्याम पारधी पिता जीवनलाल पारधी ने इसी सोच को अपनाकर अपनी खेती को नई दिशा दी है। कभी केवल धान की खेती पर निर्भर रहने वाले घनश्याम आज धान के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को अपनाकर समन्वित कृषि की मिसाल बन गए हैं।
पहले धान की खेती, अब आय के कई साधन
घनश्याम बताते हैं कि पहले वे केवल धान की खेती करते थे। खेती से होने वाली आमदनी सीमित थी और आय मुख्य रूप से एक ही फसल पर निर्भर रहती थी। मौसम या फसल से जुड़ी परिस्थितियों का सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ता था।
समय के साथ उन्होंने खेती को पारंपरिक तरीके से करने के बजाय समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाने का निर्णय लिया। धान की खेती के साथ उन्होंने पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को जोड़ा। इससे उनके खेत और उससे जुड़े संसाधनों का बेहतर उपयोग होने लगा तथा आय के नए रास्ते भी खुले।
एक ही खेत से कई गतिविधियां
समन्वित कृषि प्रणाली का फायदा यह हुआ कि घनश्याम अब केवल धान की फसल पर निर्भर नहीं हैं। फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मछली पालन और उद्यानिकी से उन्हें अलग-अलग समय पर आमदनी प्राप्त होती है। इस व्यवस्था ने खेती को उनके लिए केवल मौसमी गतिविधि न रखकर सालभर चलने वाले आय के साधन में बदलने में मदद की है।
घनश्याम कहते हैं, “पहले की स्थिति अलग थी, आज स्थिति बदल गई है। अब मुझे लाभ हो रहा है और मैं इससे बहुत खुश हूं।” उनके अनुसार, अलग-अलग कृषि गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़ने से खेती का जोखिम कम करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलती है। अब वे अपनी मेहनत का लाभ पहले की तुलना में बेहतर तरीके से प्राप्त कर पा रहे हैं।
शासन की योजनाओं से मिला संबल
घनश्याम बताते हैं कि समन्वित कृषि को अपनाने में उन्हें शासन की योजनाओं से भी सहयोग मिला। उन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है।
दूसरे किसानों के लिए बने प्रेरणा
 घनश्याम पारधी की कहानी यह संदेश देती है कि खेती को केवल एक फसल तक सीमित रखने के बजाय उपलब्ध संसाधनों के अनुसार फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को जोड़कर आय के कई स्रोत तैयार किए जा सकते हैं। लांजी क्षेत्र के किसान घनश्याम ने अपनी मेहनत और नई कृषि पद्धति को अपनाकर यह दिखाया है कि समन्वित कृषि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रभावी माध्यम बन सकती है। उनकी सफलता अन्य किसानों को भी पारंपरिक एकल फसल प्रणाली से आगे बढ़कर कृषि के विविध आयामों को अपनाने की प्रेरणा दे रही है।

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विश्व रेबीज दिवस पर 30 पालतू श्वानों का निःशुल्क टीकाकरण

जिला पशु चिकित्सालय में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में बताए रेबीज से बचाव के उपाय

विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर 29 सितंबर को पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा जिला पशु चिकित्सालय, बालाघाट में निःशुल्क रेबीज टीकाकरण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान 30 पालतू श्वानों का निःशुल्क रेबीज टीकाकरण किया गया। साथ ही पशुपालकों एवं आम नागरिकों को रेबीज जैसी गंभीर एवं घातक बीमारी से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन पशुपालन विभाग के उप संचालक डॉ. घनश्याम परते के विशेष निर्देशन में किया गया। प्रभारी जिला पशु चिकित्सालय डॉ. पंकज पुषाम के नेतृत्व तथा सिविल सर्जन डॉ. राजेश्वर सिंह नगपुरे के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में पालतू श्वानों एवं बिल्लियों का निःशुल्क रेबीज टीकाकरण किया गया। इस अवसर पर पशुपालकों को रेबीज के संक्रमण के कारण, संभावित लक्षण, बचाव के उपाय तथा पशुओं के नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। पशु के काटने अथवा उसके व्यवहार में असामान्य परिवर्तन दिखाई देने पर लापरवाही न बरतते हुए तत्काल पशु चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करने की सलाह भी दी गई।

उप संचालक डॉ. घनश्याम परते ने पशुपालकों एवं नागरिकों से अपील की कि वे अपने पालतू श्वानों का निर्धारित समय पर रेबीज टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि पालतू पशुओं के नियमित टीकाकरण के साथ उनके स्वास्थ्य एवं व्यवहार पर निगरानी रखना भी जरूरी है। जागरूकता और समय पर टीकाकरण के माध्यम से रेबीज के संक्रमण को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. पूजा धुर्वे एवं डॉ. बादल पटले सहित पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उन्होंने पशुपालकों एवं नागरिकों को रेबीज से बचाव तथा पालतू पशुओं की देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के माध्यम से “रेबीज से बचाव ही सुरक्षा है” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पशुपालक एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
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