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PRO JS Balaghat

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एसएसपी महाविद्यालय वारासिवनी में प्रेमचंद जयंती पर व्याख्यान एवं साहित्यिक आयोजन संपन्न

शासकीय शंकर साव पटेल महाविद्यालय वारासिवनी में स्नातकोत्तर परिषद हिन्दी के सौजन्य से प्रेमचंद साहित्य जागरूकता क्लब के अंतर्गत कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। महाविद्यालय के इंदिरा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर तथा प्रेमचंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एस. गेडाम, हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. रक्षा निकोसे, प्रो. कृष्णा पराते, प्रो. नरेन्द्र डोंगरे, प्रो. सरिता नागवंशी एवं डॉ. टीना बिसेन सहित शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

'प्रेमचंद के कथा साहित्य एवं भारतीय समाज' विषय पर आयोजित व्याख्यान में छात्र-छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए। प्रो. सरिता नागवंशी ने प्रेमचंद साहित्य की महत्ता बताते हुए विद्यार्थियों को लेखन कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। प्रो. कृष्णा पराते ने विद्यार्थियों से प्रेमचंद के साहित्य पर शोध एवं अध्ययन के लिए आगे आने का आह्वान किया, जबकि डॉ. टीना बिसेन ने प्रेमचंद के जीवन परिचय एवं उनके साहित्यिक अवदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. रक्षा निकोसे ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य समाज के प्रत्येक वर्ग की संवेदनाओं और समस्याओं को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि स्त्री, पुरुष, किसान, मजदूर, जमींदार, पूंजीपति, बालक और वृद्ध सहित समाज के हर वर्ग का यथार्थ प्रेमचंद की रचनाओं में दिखाई देता है। उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिवेश में प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'ईदगाह' की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कहानी बाल मनोविज्ञान, पारिवारिक मूल्यों तथा पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी को समझने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में परिषद के सचिव प्रो. कृष्णा पराते ने आभार व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन सह सचिव प्रो. नरेन्द्र डोंगरे ने किया।

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जिला प्रशिक्षण केंद्र बालाघाट में स्काउट-गाइड की एक दिवसीय बैठक संपन्न

जिला प्रशिक्षण केंद्र बालाघाट में भारत स्काउट एवं गाइड जिला संघ द्वारा एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित स्काउट-गाइड गतिविधियों की समीक्षा करना, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना तथा संगठन को अधिक प्रभावी एवं सक्रिय बनाना था। कार्यक्रम में जिले भर से लगभग 150 स्काउट-गाइड एवं स्काउटर-गाइडरों ने सहभागिता की।

बैठक का आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती धनश्री जैन के निर्देशानुसार विद्यालय स्तर पर स्काउट-गाइड गतिविधियों को अधिक सक्रिय रूप से संचालित करने के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान भारत स्काउट एवं गाइड जिला संघ बालाघाट के अध्यक्ष श्री छगन हनवत, जिला संगठन आयुक्त श्री इनेंद्र डहरवाल, जिला प्रशिक्षण आयुक्त श्री डोलीराम भगत, कोषाध्यक्ष श्री भेजेंद्र चौधरी, सचिव श्री राजकुमार टेमरे, जिला काउंसलर श्री हरिप्रसाद देशमुख, जिला संगठन आयुक्त (गाइड) श्रीमती लक्ष्मी विष्णु पटले, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) श्रीमती नीता बोपचे, श्रीमती जुंगा भलावी, श्रीमती उमावती मार्को, श्रीमती रेवती उइके सहित अन्य पदाधिकारी एवं स्काउटर-गाइडर उपस्थित रहे।

बैठक में आगामी प्रशिक्षण शिविरों, सेवा कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण तथा अन्य जिला स्तरीय गतिविधियों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित स्काउटर-गाइडरों ने अपने सुझाव साझा करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने स्काउट-गाइड की सेवा भावना को जन-जन तक पहुँचाने तथा विद्यालयों में गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का संकल्प लिया।

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कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय जयंती मनाई गई

शासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. निधि ठाकुर की अध्यक्षता तथा आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ के तत्वावधान में रसायन शास्त्र विभाग द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत महान वैज्ञानिक एवं भारतीय रसायन शास्त्र के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती मनाई गई।

कार्यक्रम में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन, व्यक्तित्व एवं भारतीय विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1892 में कोलकाता में बंगाल केमिकल एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड की स्थापना कर स्वदेशी उद्योग और भारतीय विज्ञान को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की थी। इस अवसर पर छात्राओं को स्वदेशी तकनीक से निर्मित औषधीय रसायनों, उनकी आणविक संरचना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा में रसायन शास्त्र के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन एवं कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे छात्राओं को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभारी डॉ. सरोज घोड़ेश्वर, रसायन शास्त्र विभाग के श्री सुनील कुमार राणा एवं डॉ. मनिका चौबे का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि विद्वान, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कार्यक्रम से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। अंत में सभी छात्राओं को स्वल्पाहार वितरित किया गया।

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पीजी कॉलेज में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय जयंती पर वैज्ञानिक परंपरा पर हुआ मंथन

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ एवं रसायन शास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आधुनिक भारतीय रसायन विज्ञान के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे के संरक्षण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की जिला नोडल अधिकारी डॉ. कंचन मसराम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के चित्र पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने आचार्य राय के जीवन, व्यक्तित्व एवं वैज्ञानिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारतीय रसायन विज्ञान का अग्रदूत बताया। ऑनलाइन अतिथि व्याख्यान में देवी अहिल्या होलकर साइंस कॉलेज, इंदौर के सहायक प्राध्यापक डॉ. रुपेश कुशवाह ने इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री एवं ग्रीन केमेस्ट्री विषय पर विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक आयामों तथा आचार्य राय के अनुसंधानों, स्वदेशी रासायनिक उद्योगों और वैज्ञानिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और अनुसंधान की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

रसायन शास्त्र विभाग के प्रो. राकेश पटले ने आचार्य राय के शोध कार्यों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की जानकारी दी, जबकि प्रो. सुखचंद्र ऐड़े ने भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय वैज्ञानिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के दौरान स्नातक प्रथम वर्ष से लेकर एमएससी अंतिम वर्ष तक के विद्यार्थियों के लिए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. डुलेश्वरी टेम्भरे ने किया तथा आभार प्रो. खिलेश्वर ठाकरे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. उषा सिंह, डॉ. रचना कोरी, प्रो. राहुल बाबा मेश्राम, डॉ. योगिता पटले, डॉ. ताराचंद बड़घैया सहित विभाग के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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कलेक्‍टर श्री कुमार सत्‍यम ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा
लंबित प्रकरणों के संवेदनशीलता के साथ निराकरण के दिये निर्देश

03 अगस्‍त को कलेक्‍ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा (टीएल) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नवागत कलेक्‍टर श्री कुमार सत्‍यम ने समय सीमा संबंधी प्रकरणों की समीक्षा कर उनके निराकरण के निर्देश दिये। बैठक में विभिन्‍न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा सीएम हेल्पलाइन के मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, श्री डी.पी. बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, एसडीएम श्री गोपाल सोनी, वारासिवनी एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

कलेक्‍टर श्री कुमार सत्‍यम ने सर्वप्रथम सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री सत्यम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सीएम हेल्‍पलाईन की शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम एवं ई-सेवा से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्‍होंने सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अंतर्गत ऋण स्वीकृति के प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिये गए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जिले में मलेरिया नियंत्रण के लिए की गई कार्यवाही की जानकारी ली गई। साथ ही हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज जैसी गैर-संचारी बीमारियों की नियमित निगरानी एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्‍टर श्री सत्‍यम ने महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग को जर्जर शासकीय भवनों एवं खाली परिसरों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बैठक में पेंशन प्रकरणों, लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत आधार अपडेट, प्रधानमंत्री किसान पोर्टल पर किसानों के पंजीयन सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री सत्यम ने सभी अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं, समय-सीमा प्रकरणों एवं जनहित से जुड़े मामलों का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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महिलाओं और बच्चों के हित में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान, 31 अगस्त तक करें आवेदन

महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिलाओं एवं बच्चों के हित में उत्कृष्ट, साहसिक एवं प्रेरणादायी कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं से वर्ष 2025 के राज्य एवं जिला स्तरीय विभागीय पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। राज्य स्तर पर रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार, राजमाता विजयराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार, श्री विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान, मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार, राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार तथा अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। इसके अलावा जिला स्तरीय मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार के लिए भी पात्र अभ्यर्थी आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित वन स्‍टॉप सेंटर की प्रशासिका सुश्री रचना चौधरी ने बताया कि इसके अंतर्गत ऐसे व्यक्ति एवं संस्थाएं आवेदन के पात्र हैं, जिन्होंने महिलाओं एवं बच्चों को हिंसा, उत्पीड़न और शोषण से संरक्षण, उनके पुनर्वास, बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, साक्षरता, पर्यावरण संरक्षण तथा उनके अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए साहस और वीरता का परिचय देने वाले व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक एवं पात्र व्यक्ति अथवा संस्थाएं निर्धारित प्रारूप में अपने आवेदन 31 अगस्त 2026 तक जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कलेक्ट्रेट कार्यालय, बालाघाट में जमा कर सकते हैं।

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जिले में 03, अगस्त तक 626 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड
वारासिवनी तहसील में सबसे अधिक 825 मिलीमीटर और खैरलांजी तहसील में सबसे कम 392 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड

बीते 24 घंटे में जिले में 01 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड

चालू वर्षा सत्र में बालाघाट जिले में 01 जून से 03 अगस्त 2026 तक कुल 626 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष 2025 में इसी अवधि में 833 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मिलीमीटर है और इसमें से 817 मिलीमीटर वर्षा 01 जून से 01 अगस्त  2026 की अवधि में हो जाना चाहिए।

कार्यालय अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त  जानकारी के अनुसार 03 अगस्त को प्रात: 08 बजे समाप्त  हुए 24 घंटों के दौरान बालाघाट तहसील में 00 मिमी, वारासिवनी में 00 मिमी, बैहर में 00 मिमी, लांजी में 01 मिमी, कटंगी में 05 मिमी, किरनापुर में 00 मिमी, खैरलांजी में 00 मिमी, लालबर्रा में 04 मिमी, बिरसा में 00 मिमी, परसवाड़ा में 00 मिमी एवं तिरोड़ी तहसील में 00 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। इस प्रकार जिले में बीते 24 घंटे में 01 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।

इस प्रकार चालू वर्ष  में 01 जून से 03 अगस्त 2026 तक सबसे अधिक 825 मिलीमीटर वर्षा वारासिवनी तहसील में दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम 392 मिलीमीटर वर्षा खैरलांजी तहसील में रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में बालाघाट तहसील में 818 मिलीमीटर, बैहर में 672 मिलीमीटर, लांजी में 600 मिलीमीटर, कटंगी में 545 मिलीमीटर, किरनापुर में 733 मिलीमीटर, लालबर्रा में 638 मिलीमीटर, बिरसा में 483 मिलीमीटर, परसवाड़ा में 544 मिलीमीटर एवं तिरोड़ी में 632 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

            वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान बालाघाट तहसील में 1080 मिलीमीटर, वारासिवनी में 1205 मिलीमीटर, बैहर में 983 मिलीमीटर, लांजी में 544 मिलीमीटर, कटंगी में 813 मिलीमीटर, किरनापुर में 804 मिलीमीटर, खैरलांजी में 356 मिलीमीटर, लालबर्रा में 996 मिलीमीटर, बिरसा में 590 मिलीमीटर, परसवाड़ा में 1003 मिलीमीटर तथा तिरोड़ी में 781 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

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लोकसभा में गूंजी बालाघाट-सिवनी के किसानों की आवाज, सांसद भारती पारधी ने उठाई जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाओं की मांग

 लोकसभा के मानसून सत्र में नियम 377 के अंतर्गत बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र की सांसद भारती पारधी ने क्षेत्र के किसानों से जुड़े जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और वाटरशेड विकास परियोजनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से बालाघाट-सिवनी में नई वाटरशेड परियोजनाओं को स्वीकृति देने तथा वर्ष 2013-14 में परसवाड़ा में बंद हुई वाटरशेड परियोजना को पुनः शुरू करने की मांग की।

लोकसभा में प्रस्तुत अपने वक्तव्य में सांसद ने कहा कि बालाघाट और सिवनी कृषि प्रधान जिले हैं, जहां अधिकांश किसान वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं। अनियमित वर्षा, गिरते भू-जल स्तर और सीमित सिंचाई संसाधनों के कारण किसानों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र का बड़ा हिस्सा एक फसलीय होने से किसानों की आय भी प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (PMKSY-WDC) जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन बालाघाट-सिवनी जैसे जल संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र को अब तक नई वाटरशेड परियोजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है।

सांसद भारती पारधी ने मांग की कि क्षेत्र में नई वाटरशेड परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी दी जाए तथा परसवाड़ा की बंद परियोजना को दोबारा प्रारंभ किया जाए। उनका कहना था कि इससे वर्षा जल संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार, सिंचाई का विस्तार, कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वह लगातार संसद में बालाघाट-सिवनी क्षेत्र के किसानों, रेलवे, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही हैं। नियम 377 के अंतर्गत इस विषय का चयन होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

नियम 377 के तहत मिला स्थान

लोकसभा के नियम 377 के तहत सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र या राष्ट्रीय महत्व के जनहित के विषय सदन के समक्ष रखने का अवसर मिलता है। प्रत्येक बैठक के लिए प्राप्त प्रस्तावों में से सीमित विषयों का ही चयन किया जाता है। इस बैठक के लिए चयनित 30 विषयों में सांसद भारती पारधी का प्रस्ताव चौथे क्रम पर शामिल किया गया, जिसे उनकी सक्रिय संसदीय भूमिका और जनहित के मुद्दों के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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रक्षाबंधन पर डाक विभाग की विशेष पहल, बालाघाट व वारासिवनी में खुले विशेष राखी बुकिंग काउंटर, विदेश भेजने की भी सुविधा

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहनों तक राखियां समय पर पहुंचाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। डाक विभाग द्वारा बालाघाट प्रधान डाकघर एवं वारासिवनी मुख्य डाकघर में 3 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक (रविवार एवं अन्य अवकाश को छोड़कर) प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक विशेष राखी डाक एवं पार्सल बुकिंग काउंटर संचालित किए जाएंगे।

इन विशेष काउंटरों के माध्यम से नागरिक स्पीड पोस्ट और पार्सल सेवा द्वारा राखी के साथ उपहार सामग्री भी आसानी से भेज सकेंगे। इसके अलावा विदेशों में रहने वाले भाई-बहनों के लिए इंटरनेशनल स्पीड पोस्ट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिससे ट्रैकिंग सुविधा के साथ कई देशों में सुरक्षित एवं समयबद्ध तरीके से राखी भेजी जा सकेगी। डाक विभाग ने सावन माह के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल वितरण की व्यवस्था भी की है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे विशेष राखी बुकिंग काउंटरों की सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी राखियां समय पर अपने प्रियजनों तक पहुंचाएं।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=बालाघाट nis:value=बालाघाट nis:enabled=true nis:link/> के नए कलेक्टर कुमार सत्यम ने संभाला कार्यभार, संवेदनशीलता और पारदर्शिता होगी प्राथमिकता

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वर्ष 2017 बैच के अधिकारी श्री कुमार सत्यम ने सोमवार 03 अगस्तय को बालाघाट जिले के नए कलेक्टर के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने जिला अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और प्रशासन की कार्यशैली को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।

कलेक्टर श्री कुमार सत्यम ने कहा कि प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड विजिट करने, समस्याओं का मौके पर जाकर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रो-एक्टिव होकर कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। साथ ही बालाघाट जिले को विकास और सुशासन के हर पैमाने पर प्रदेश के अग्रणी जिलों में बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

कलेक्टर श्री सत्यम ने आगामी 7 अगस्त से प्रारंभ होने वाले मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार आयोजित होने वाले शिविरों में सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता और निष्ठा के साथ निर्वहन करें तथा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दें।

उल्लेखनीय है कि श्री कुमार सत्यम इससे पूर्व एसडीएम डिंडोरी, एसडीएम सौंसर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत मंदसौर तथा अतिरिक्त कलेक्टर ग्वालियर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ अब बालाघाट जिले को मिलेगा।

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बफर क्षेत्र में बाघ के हमले से महिला की मौत, 
परिजनों को तत्काल मिली सहायता राशि

       कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में रविवार रात बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। घटना परिक्षेत्र खापा (बफर) की बीट कुमादेही अंतर्गत ग्राम पर्रापुर (स्कूल टोला), थाना बैहर, तहसील परसवाड़ा की है।

      कान्हा टाइगर रिजर्व मलाजखंड अनुभाग के एसडीओ श्री सुनील कुमार पंद्रे ने बताया कि ग्राम पर्रापुर निवासी श्रीमती सुगनी बाई (45 वर्ष), पति श्री बुधराम पर रात्रि के समय एक बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

      घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया तथा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई। शासन के प्रावधानों के तहत मृतका के परिजनों को तत्काल अग्रिम सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। शेष अनुग्रह सहायता राशि भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियमानुसार प्रदान की जाएगी।

      घटना के बाद कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्र और आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों को वन्यजीवों की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए जागरूक कर रही हैं।

      वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें तथा वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। यदि कहीं भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम वन अधिकारी या वन विभाग को दें।

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नशा मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम : प्रधान जिला न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण

      जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालाघाट द्वारा एस.एम. देव होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, गायखुरी के छात्र-छात्राओं के लिए जिला न्यायालय परिसर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री प्राणेश कुमार प्राण के मार्गदर्शन एवं मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।

     शिविर को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण ने नालसा (नशा पीड़ितों के लिए विधिक सहायता एवं नशा उन्मूलन हेतु विधिक सेवाएं) योजना-2015 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण विशेषकर युवा वर्ग मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं की चपेट में आ रहा है। नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

     उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की भी जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को कानूनों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

      कार्यक्रम में न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री सतीश शर्मा ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, साइबर अपराधों से बचाव, न्यायालयीन प्रक्रियाओं तथा आम नागरिकों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी। उन्होंने 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की।

     शिविर में न्यायिक अधिकारी, एस.एम. देव होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के अध्यापक श्री अभिजीत चट्टोपाध्याय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को कानून, सामाजिक उत्तरदायित्व और नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया।

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  टीएल बैठक में हुई समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा

28 जुलाई को कलेक्‍ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा (टीएल) बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कलेक्‍टर श्री मृणाल मीना ने समय सीमा संबंधी प्रकरणों की समीक्षा कर उनके निराकरण के निर्देश दिये। बैठक में उर्वरक वितरण एवं उपलब्धता, लंबित राजस्व प्रकरण, सड़क एवं पुल निर्माण, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा सीएम हेल्पलाइन के मामलों की समीक्षा की गई।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री एमआर कोल, श्री  यादव, एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

उर्वरक वितरण पर विशेष जोर

कलेक्टर श्री मीना ने किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को ई-टोकन के माध्यम से बिना किसी परेशानी के उर्वरक मिलना चाहिए। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 8,571 मीट्रिक टन यूरिया, 64 मीट्रिक टन डीएपी तथा 7,534 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। कलेक्‍टर श्री मीना ने कटंगी और लांजी के एसडीएम को नजूल से संबंधित लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

सड़क और ओवरब्रिज निर्माण कार्यों की समीक्षा

बैठक में गर्रा रोड ओवरब्रिज पर प्रकाश व्यवस्था का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि 45 दिनों के भीतर 70 विद्युत पोल स्थापित कर ओवरब्रिज तथा सर्विस रोड पर प्रकाश व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी। वहीं भटेरा रोड ओवरब्रिज का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने और डायवर्सन रोड की मरम्मत दो दिनों में पूरी कर 30 जुलाई से यातायात शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए।

लाड़ली लक्ष्मी और स्कूल भवनों के उपयोग पर निर्देश

कलेक्टर श्री मीना ने निर्देश दिए कि जिन बालिकाओं की लाड़ली लक्ष्मी योजना की छात्रवृत्ति आधार अपडेट नहीं होने के कारण रुकी हुई है, उनका आधार अपडेट जल्द कराया जाए। साथ ही सांदीपनि विद्यालयों के विलय के बाद रिक्त हुए स्कूल भवनों का अन्य विभागों द्वारा उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी एसडीएम को परीक्षण करने के निर्देश दिए।

महिला एवं बाल विकास विभाग को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और शौचालय निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिला आपूर्ति अधिकारी को राशन हितग्राहियों की ई-केवाईसी शत-प्रतिशत पूर्ण कराने तथा श्रम विभाग, जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में अधिक से अधिक पात्र लोगों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए।

धीमी प्रगति पर अधिकारियों को चेतावनी

कुसुम-बी योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापना में प्रगति नहीं होने पर अक्षय ऊर्जा अधिकारी को एक सप्ताह में सुधार लाने, अन्यथा वेतन रोकने की चेतावनी दी गई। कामधेनु योजना में ऋण स्वीकृति की धीमी प्रगति पर उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाओं तथा उद्यानिकी विभाग की योजनाओं में धीमी प्रगति पर सहायक संचालक को भी सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया गया।

रपटो एवं पुल पुलियाओं पर पानी होने पर कोई भी पार न करें

बैठक में 27 जुलाई को किरनापुर क्षेत्र के ग्राम पिपलगांव कला और कोसमारा के बीच रपटे को पार करते समय पंचायत सचिव की पानी में बहने से हुई मृत्यु की घटना पर गंभीर चर्चा हुई। कलेक्टर श्री मीना ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की महाप्रबंधक को रपटे पर बैरिकेडिंग नहीं कराने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं किरनापुर एसडीएम को ड्यूटी से अनुपस्थित कोटवार के विरुद्ध सेवा भूमि वापस लेने और निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संबंधित विभागों और एसडीएम को निर्देशित किया गया कि बारिश के दौरान पुल-पुलियों और रपटों पर पानी होने की स्थिति में लोगों को किसी भी हाल में पार नहीं करने दिया जाए तथा पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी पर सख्ती

बैठक में सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री मीना ने सभी अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी की लापरवाही से जिले की ग्रेडिंग प्रभावित होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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कलेक्टर ने कृषि एवं जनजातीय कार्य विभाग की सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समक्ष में की सुनवाई
शासकीय ट्रेक्‍टर ट्राली बेचने पर एफआईआर के निर्देश

कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने मंगलवार 28 जुलाई को कृषि एवं जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की समक्ष में सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करते हुए पात्र मामलों में त्वरित कार्रवाई करने तथा शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के साथ प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान वारासिवनी तहसील के ग्राम कायदी निवासी जितेन्द्र की शिकायत पर कलेक्टर ने गंभीर रुख अपनाया। शिकायत में बताया गया था कि कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के अंतर्गत ग्राम के आत्मा समूह को उपलब्ध कराए गए पावर ट्रैक्टर एवं ट्रॉली में से ट्रॉली को समिति के अध्यक्ष योगराज चौरावार द्वारा बेच दिया गया, जिससे किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री मीना ने उप संचालक कृषि को संबंधित समिति अध्यक्ष के विरुद्ध थाना में एफआईआर दर्ज कराने तथा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
किरनापुर विकासखंड के ग्राम सेवती निवासी चेतराम बहेकार द्वारा वर्ष 2025-26 में चना बीज पर अनुदान राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत पर उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि अनुदान राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। शासन से बजट प्राप्त होते ही बीज प्रदाय करने वाली बोलगांव सोसायटी को राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। इस जानकारी के आधार पर शिकायत के निराकरण के निर्देश दिए गए।
खैरलांजी विकासखंड के ग्राम गजपुर की बीज उत्पादक समिति के होलूराम पटले की वर्ष 2019 में कृषि विभाग को 35 क्विंटल धान बीज प्रदाय करने के बाद 01 लाख 45 हजार 665 रुपये के भुगतान नहीं होने संबंधी शिकायत की भी सुनवाई हुई। जांच में पाया गया कि बीज प्रदाय के संबंध में वर्क ऑर्डर एवं संबंधित अधिकारी को बीज सौंपने का कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया है। कलेक्टर श्री मीना ने शिकायतकर्ता को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पर नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही और शिकायत का निराकरण करने के निर्देश दिए।
जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित प्रकरणों में तिरोड़ी तहसील के ग्राम कोसुम्बा निवासी आकाश ने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को प्रकरण की जांच कर पात्र पाए जाने पर शीघ्र प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा छात्रवृत्ति भुगतान से संबंधित दो शिकायतों की भी समक्ष में सुनवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि छात्रवृत्ति भुगतान की प्रक्रिया जारी है और पात्र विद्यार्थियों के खातों में शीघ्र ही राशि जमा कर दी जाएगी। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय-सीमा में प्रभावी एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

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कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि, एसएसपी महाविद्यालय में मनाया गया कारगिल विजय दिवस

शासकीय शंकर साव पटेल महाविद्यालय, वारासिवनी में एनसीसी इकाई एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी वीरता, साहस और राष्ट्रभक्ति को नमन किया गया।

आयुक्त उच्च शिक्षा के निर्देशानुसार तथा 6 म.प्र. बटालियन एनसीसी, बालाघाट के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल विनीत कमल गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एस. गेड़ाम ने की। कार्यक्रम का संचालन एनसीसी अधिकारी मेजर डॉ. हेमन्त कुमार मण्डाले ने किया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. गेड़ाम ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मनों से अपनी भूमि को पुनः हासिल किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा केवल सेना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है और सभी को राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए। वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. रक्षा निकोसे ने अपने संबोधन में कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शहादत से आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहना चाहिए।

एनएसएस अधिकारी श्री कृष्णा पराते ने कैडेट्स एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना प्रत्येक युवा का कर्तव्य है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को कारगिल विजय पर आधारित एक प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

कार्यक्रम में क्रीड़ा अधिकारी श्री विकास साहू सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, एनसीसी एवं एनएसएस के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। आयोजन में अंडर ऑफिसर कृष नेवारे, क्वार्टर मास्टर प्रफुल्ल गोटेकर, सीपीएल आयुषी राहंगडाले, सीनियर कैडेट सुरभि मिश्रा सहित लगभग 30 एनसीसी कैडेट्स एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के तकनीकी सहयोग में कैडेट कृष्णा वंजारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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कारगिल विजय दिवस पर मलाजखंड महाविद्यालय में विविध कार्यक्रमों का आयोजन
शासकीय महाविद्यालय, मलाजखंड में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता तथा भारतीय सेना के शौर्य एवं बलिदान के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना रहा।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.के. धुर्वे के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. आर.के. पिवहरे के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर नमन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को कारगिल विजय दिवस के ऐतिहासिक महत्व, भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्र की सुरक्षा में उनके अतुलनीय योगदान से अवगत कराया गया। साथ ही राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए और विद्यार्थियों को देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहने का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम में डॉ. एस.एल. मंडावी, डॉ. बी.डी. दुबे, डॉ. राजेश बोरकर एवं श्री संजय रनकुहे की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम का प्रभावी एवं आकर्षक संचालन प्रो. विशाल दमाहे ने किया। समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. एम.के. धुर्वे ने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें देशभक्ति, साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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डायरिया रोको अभियान के तहत पीएचई विभाग ने जल स्रोतों की जांच कर स्वच्छता का दिया संदेश

 जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा 'डायरिया रोको अभियान' प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत वारासिवनी विकासखंड के ग्राम कौलीवाड़ा एवं कटंगटोला में जल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच, स्वच्छता जागरूकता एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं।

कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके के निर्देशन में पीएचई विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत, आंगनवाड़ी केंद्र एवं विद्यालयों का भ्रमण किया। इस दौरान पीएमयू समन्वयक शीतल मिश्रा एवं हरीश झा तथा ब्लॉक समन्वयक प्रतांशी पाठक, शुभम सहारे आई एस ए फील्ड समन्वयक, फनीश रंगारे एवं रानी सिंह राजपूत ने ग्रामीणों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति में विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया।

एफटीके किट से हुई पेयजल की गुणवत्ता की जांच

भ्रमण के दौरान टीम ने फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से पेयजल स्रोतों की रासायनिक गुणवत्ता की जांच की। साथ ही ग्रामीणों को स्वयं एफटीके किट का उपयोग कर पानी की जांच करने का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे दूषित पानी की पहचान कर सुरक्षित पेयजल का उपयोग कर सकें।

हाथ धोने के छह चरणों की दी जानकारी

अभियान के दौरान स्वच्छता को बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय बताते हुए टीम ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को हैंड वॉश के छह चरणों का प्रदर्शन कर सही तरीके से हाथ धोने की जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि भोजन बनाने और खाने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक है।

स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई अपनाने की अपील

पीएचई विभाग की टीम ने ग्रामीणों से हमेशा स्वच्छ, शुद्ध एवं ढका हुआ पानी पीने तथा जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि किसी जल स्रोत के आसपास गंदगी दिखाई दे तो उसकी तत्काल सफाई कराएं। विभाग का कहना है कि स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और जनजागरूकता के माध्यम से ही डायरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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 जिले में 28, जुलाई तक 508 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड
किरनापुर तहसील में सबसे अधिक 660 मिलीमीटर और खैरलांजी तहसील में सबसे कम 309 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड

चालू वर्षा सत्र में बालाघाट जिले में 01 जून से 28 जुलाई 2026 तक कुल 508 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष 2025 में इसी अवधि में 804 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मिलीमीटर है और इसमें से 720 मिलीमीटर वर्षा 01 जून से 28 जुलाई  2026 की अवधि में हो जाना चाहिए।

कार्यालय अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त  जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को प्रात: 08 बजे समाप्त  हुए 24 घंटों के दौरान बालाघाट तहसील में 40 मिमी, वारासिवनी में 18 मिमी, बैहर में 33 मिमी, लांजी में 40 मिमी, कटंगी में 01 मिमी, किरनापुर में 28 मिमी, खैरलांजी में 25 मिमी, लालबर्रा में 10 मिमी, बिरसा में 83 मिमी, परसवाड़ा में 16 मिमी एवं तिरोड़ी तहसील में 07 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। इस प्रकार जिले में बीते 24 घंटे में 28 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।

इस प्रकार चालू वर्ष  में 01 जून से 28 जुलाई 2026 तक सबसे अधिक 660 मिलीमीटर वर्षा किरनापुर तहसील में दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम 309 मिलीमीटर वर्षा खैरलांजी तहसील में रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में बालाघाट तहसील में 644 मिलीमीटर, वारासिवनी में 614 मिलीमीटर, बैहर में 573 मिलीमीटर, लांजी में 515 मिलीमीटर, कटंगी में 410 मिलीमीटर,  लालबर्रा में 519 मिलीमीटर, बिरसा में 392 मिलीमीटर, परसवाड़ा में 450 मिलीमीटर एवं तिरोड़ी में 505 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

            वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान बालाघाट तहसील में 1036 मिलीमीटर, वारासिवनी में 1195 मिलीमीटर, बैहर में 921 मिलीमीटर, लांजी में 491 मिलीमीटर, कटंगी में 813 मिलीमीटर, किरनापुर में 756 मिलीमीटर, खैरलांजी में 350 मिलीमीटर, लालबर्रा में 971 मिलीमीटर, बिरसा में 571 मिलीमीटर, परसवाड़ा में 960 मिलीमीटर तथा तिरोड़ी में 771 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

आम जन से अपील की गई है कि वर्षा के दिनों में नदी नालों में बाढ़ होने और पुल पुलियों पर पानी बह रहा हो तो, उसे पार न करें। थोड़ी सी लापरवाही से जान जा सकती है अतः पुल पुलियों पर पानी बह रहा हो तो सतर्कता और सावधानी बरतें, पानी उतरने का इंतजार करें और सुरक्षित होने पर ही पुल पुलियों को पार करें। किसी भी आपात स्थिति से सहायता के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय बालाघाट के कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 07632-240102 पर सम्पर्क करें।

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अमानक उर्वरक  के क्रय विक्रय एवं भण्‍डारण पर लगाया गया प्रतिबंध

अधिसूचित प्राधिकारी एवं उपसंचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने मप्र राज्‍य विपणन संघ मर्यादित लांजी की संस्‍था से लिये गए उर्वरक सिंगल सुपर फास्‍फेट के नमूने प्रयोगशाला जांच में अमानक पाये जाने पर बैच क्रमांक बीपीएम/25/06/066 के जिले में क्रय विक्रय एवं भण्‍डारण पर तत्‍काल प्रतिबंध लगा दिया है।

उर्वरक निरीक्षक द्वारा 07 जुलाई 2026 को उक्‍त बैच के सिंगल सुपर फास्‍फेट उर्वरक के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए उज्‍जैन भेजे गए थे। ब्‍लू फोस्‍फेट लिमिटेड मावली जिला उदयपुर द्वारा निर्मित उक्‍त उर्वरक के नमूने प्रयोगशाला जांच में अमानक पाए जाने के कारण यह कार्यवाही की गई है। उर्वरक निर्माता कंपनी को भी नोटिस जारी किया गया है कि उनके द्वारा अमानक पाये गए लॉट का उर्वरक कहॉ कहॉ कितनी मात्रा में प्रदाय किया गया है। निर्माता कंपनी को 07 दिनों के भीतर स्‍पष्‍टीकरण प्रस्‍तुत करने कहा गया है।

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दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की सघन जांच, 
प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए 14 नमूने 

     प्रदेश एवं जिले में दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दूध डेयरी, मिल्क कलेक्शन सेंटर, चिलिंग सेंटर, मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट एवं रिटेल मिल्क काउंटरों का सघन निरीक्षण किया गया।

       निरीक्षण के दौरान खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन की वैधता, परिसर की साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। इस अभियान के अंतर्गत हीरा स्वीट्स एवं जय श्री स्वीट्स (हनुमान चौक, बालाघाट), लिल्हारे मिल्क कलेक्शन सेंटर (मोहगांव धपेरा), लालबर्रा मिल्क कलेक्शन सेंटर (लालबर्रा), मिल्क कलेक्शन सेंटर (तुमाड़ी, वारासिवनी), दुग्ध सेवा समिति (खैरलांजी) तथा मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट (चीचटोला, खैरलांजी) का निरीक्षण किया गया।

      जांच में सभी संस्थानों के खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन वैध पाए गए। हालांकि दो स्थानों पर साफ-सफाई एवं अन्य अनियमितताओं के चलते संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए।

      कार्रवाई के दौरान विभिन्न केंद्रों से छाछ, पनीर, दही, खोवा, गाय का दूध, भैंस का दूध एवं मिश्रित दूध सहित कुल 14 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। सभी नमूनों को परीक्षण हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

      इस निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री योगेश डोंगरे एवं श्रीमती गीता टांडेकर उपस्थित रहे।

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जनसुनवाई में सुनी गईं आवेदकों की समस्याएँ
105 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए

प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई की श्रृंखला में 28 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्‍यक्षता में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्‍त कलेक्‍टर श्री राहुल नायक, श्री एमआर कोल, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री प्रदीप कौरव तथा एसडीएम श्री गोपाल सोनी ने आवेदकों की समस्याएँ सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में 105 आवेदक अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे।

            किरनापुर निवासी निशा उइके बैहर के ग्राम सोनपुरी निवासी शंकर मसराम के खिलाफ जबरन भूमि पर कब्जा करने की शिकायत लेकर आयी थी। निशा का कहना था कि उसकी बड़ी माँ की पुत्री सरयू मसराम मानसिक एवं शारीरिक रूप से दिव्यांग है, जिसकी पैतृक भूमि पर शंकर मसराम ने जबरन कब्जा कर खेती की जा रही है। शंकर मसराम के ऐसा करने से सरयू के भरण-पोषण और उपचार के लिए भूमि का उपयोग नहीं हो पा रहा है। निशा ने दिव्यांग महिला को उसकी भूमि का कब्जा दिलाने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस प्रकरण में बैहर तहसीलदार को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

            बालाघाट तहसील के वार्ड नं 01 सिद्धार्थ नगर निवासी राजेंद्र चौरागडे वॉर्ड में शिव साईं मंदिर के सामने दोनों तरफ नाली बनवाने की माँग लेकर आये थे। राजेंद्र ने बताया कि मंदिर के सामने की नाली में पानी की निकासी सही तरह से नहीं होने से गंदे पानी का जमाव हो रहा है, जिससे कि वार्ड वासियों को मच्छर व अत्यधिक दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। अतः शीघ्र नाली निर्माण का कार्य सुनिश्चित किया जाए। इस प्रकरण में सीएमओ बालघाट को  आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

            किरनापुर के ग्राम सालेटेका निवासी प्रकाश डोंगरे महिन्द्रा एंड महिन्द्रा फाइनेंस कंपनी के खिलाफ अतिरिक्त राशि की मांग कर परेशान करने की शिकायत लेकर आये थे। प्रकाश का कहना था कि वर्ष 2018 में 50 हजार का होम लोन लेने के बाद उन्होंने निर्धारित किस्तों का नियमित भुगतान किया, फिर भी कंपनी 09 हजार रुपए की राशि बकाया बता रही है। प्रकाश ने बताया कि कंपनी द्वारा उससे अतिरिक्त राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है। अतः मामले की जांच कर उचित समाधान कराने कराया जाए। इस प्रकरण में अग्रणी बैंक प्रबंधक को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।

            खैरलांजी तहसील अंतर्गत ग्राम बकोड़ी निवासी वर्षा राणा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत कराने की मांग लेकर आयी थी। उन्होंने बताया कि पीएम आवास प्लस सूची में उनके सत्यापन के दौरान गलत तरीके से उनके नाम पर चार पहिया वाहन दर्ज कर दिया गया, जबकि उनके पास कोई वाहन नहीं है। वर्षा ने कहा कि इस त्रुटि के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से जांच कर त्रुटि सुधारते हुए शीघ्र आवास स्वीकृत करने की मांग की है। इस प्रकरण में जिला पंचायत की परियोजना अधिकारी आवास को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया है।

            लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से सेवानिवृत्त हेडपंप तकनीशियन कृष्ण कुमार चौहान लंबित वार्षिक वेतन वृद्धि का एरियर दिलाने की मांग लेकर आये थे। उन्होंने बताया कि नियमित नियुक्ति और परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के बावजूद वर्षों से वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ और उसका एरियर नहीं मिला है। कृष्ण कुमार का कहना है कि विभागीय आदेशों के बाद भी उनका प्रकरण लंबित रखा गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर शीघ्र लंबित एरियर का भुगतान कराने की मांग की है। इस प्रकरण में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

            जनसुनवाई में बैहर तहसील के ग्राम जाल्‍दा के ग्रामीण वन विभाग की भूमि का पट्टा दिलाने की मांग लेकर आये थे। उनका कहना था कि वन विभाग के बीट क्रमांक 1910 एवं 1911 की भूमि की दो बार नाप-जोख हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से प्रकरण लंबित रहने के कारण पात्र लोगों को वन भूमि का पट्टा नहीं मिल सका है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर वन भूमि का पट्टा आवंटित करने की मांग की है। इस प्रकरण में एसडीओ फॉरेस्ट को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

            खैरलांजी तहसील के ग्राम भौरगढ़ निवासी तेजराम करंडे शिकायत लेकर आये थे कि कुछ लोगों ने सीसी रोड तोड़कर शौचालय का गंदा पानी उनके मकान के सामने सार्वजनिक मार्ग पर छोड़ दिया है, जिससे गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। शिकायत में सरपंच एवं सचिव पर नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया गया है। तेजराम ने मामले की जांच कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इस प्रकरण में जनपद सीईओ खैरलांजी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

            जनसुनवाई में लालबर्रा तहसील अंतर्गत ग्राम पनबिहरी निवासी विनोद ब्रम्हे ने बिना लिखित नोटिस निजी भूमि पर जांच करने के आरोप में हल्का पटवारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि पटवारी बिना किसी वैधानिक आदेश या प्रकरण के उनकी लगानी भूमि पर पहुंचकर खसरा-नक्शा की मांग करते हुए जांच का दबाव बना रहे थे। आवेदक का आरोप है कि लिखित आदेश मांगने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जबकि खसरा एवं नक्शा शासकीय पोर्टल पर उपलब्ध हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। इस प्रकरण में लालबर्रा तहसीलदार को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

            खैरलांजी तहसील के ग्राम झरिया निवासी पूरनलाल मेश्राम एवं शिवराम परिहार वन अधिकार अधिनियम के तहत वन भूमि का पट्टा दिलाने की मांग लेकर आये थे। उनका कहना था कि वह वर्ष 1982 से पूर्व से मुरझड़ बीट के कम्पार्टमेंट क्रमांक 474 स्थित लगभग तीन एकड़ वन भूमि पर खेती करता आ रहा है। उन्होंने स्वयं को गरीब एवं गरीबी रेखा के अंतर्गत पात्र बताते हुए वन भूमि पर अधिकार का दावा किया है। अतः मामले की जांच कर वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत भूमि का पट्टा प्रदान किया जाए। इस प्रकरण में एसडीओ फॉरेस्ट को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।

            जनसुनवाई में बालाघाट तहसील अंतर्गत वार्ड क्रमांक 3 के निवासी शोऐब खान कच्ची सड़क और जलभराव की समस्या लेकर आए थे। उसने बताया कि बारिश के कारण सड़क पर जलभराव और कीचड़ से वार्डवासियों तथा स्कूली बच्चों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड निवासी शेख अब्दुल्लाह की ओर से भी इसी समस्या के निराकरण नहीं होने का उल्लेख किया गया। आवेदकों ने कच्ची सड़क पर गिट्टी बिछाकर जल निकासी की व्यवस्था कराने और शीघ्र समाधान की मांग की है। इस प्रकरण में सीएमओ बालाघाट को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

            वारासिवनी तहसील के ग्राम सिकंद्रा पटेलटोला निवासी बालकृष्ण पारधी पड़ोसी किशोर मंडले के खिलाफ शिकायत लेकर आये थे कि वह खेत की मेड़ पर लगे सीमेंट के खंभे और तार तोड़ देता है तथा विरोध करने पर चाकू से जान से मारने की धमकी देता है। आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी फसल को मवेशियों से चरवाकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है और गांव में अशांति का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपी के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस प्रकरण में एसडीएम वारासिवनी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

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कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में पहुंचे आवेदकों ने कलेक्टर श्री मीना को अपनी शिकायत से अवगत कराया। इस दौरान जनसुनवाई में उपस्थित शिकायत संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्या निराकरण करने के निर्देश दिए।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=बालाघाट nis:value=बालाघाट nis:enabled=true nis:link/> में शुरू हुई CRISP की SUHAAS परियोजना,

लांजी से गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग अभियान का शुभारंभ

ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एवं मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गैर-संचारी बीमारियों (NCD) की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Centre for Research in Schemes and Policies (CRISP) द्वारा मध्यप्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संचालित SUHAAS (SUHAAS) परियोजना का शुभारंभ अब बालाघाट जिले में किया गया है। जिले के लांजी विकासखंड को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है।

परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सोमवार 27 जुलाई को कलेक्टर श्री मृणाल मीणा की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में CRISP के संस्थापक सदस्य एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री राधेश्याम जुलानिया तथा परियोजना के सलाहकार श्री मनोहर अगनानी ने स्वास्थ्य विभाग, आजीविका मिशन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को परियोजना की कार्यप्रणाली एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी।

'Know Your Family' अभियान के तहत होगा घर-घर स्वास्थ्य सर्वे

श्री राधेश्याम जुलानिया ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वयं सहायता समूह की दीदियाँ, आशा कार्यकर्ता एवं सीएचओ संयुक्त रूप से 'Know Your Family' अभियान संचालित करेंगे। इसके तहत प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर घर-घर स्वास्थ्य सर्वे एवं स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी परिवार इस अभियान से वंचित नहीं रहना चाहिए। यदि किसी पंचायत में स्क्रीनिंग पूरी करने में अधिक समय लगे तो अवधि बढ़ाई जा सकती है, लेकिन प्रत्येक परिवार की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।

30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की होगी स्क्रीनिंग

परियोजना सलाहकार श्री मनोहर अगनानी ने बताया कि SUHAAS परियोजना के अंतर्गत 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की जांच की जाएगी। स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित सभी हितग्राहियों का विवरण एनसीडी (NCD) पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनका नियमित फॉलोअप और उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंDने बताया कि उच्चा रक्ताचाप एक साईलेंस किलर है। अत: 30 वर्ष से अधिक की आयु के सभी लोगों को इसकी नियमित रूप से जांच करना चाहिए और दवायें लेना चाहिए। अधिकांश लोग इसकी जांच नहीं कराते हैं, जिसके कारण उन्हेंं इसका पता ही नही चलता है। लोग इस बात से भी डरते हैं कि एक बाद दवा लेने के बाद इसे हर समय लेना पड़ेगा। लेकिन यह जीवन की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में लगभग 45 दिनों के भीतर स्क्रीनिंग अभियान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के दौरान लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तंबाकू एवं नशे से दूरी तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।

छह ग्राम पंचायतों में आयोजित हुई कार्यशालाएं

परियोजना के शुभारंभ के साथ ही आज SUHAAS परियोजना के अंतर्गत लांजी विकासखंड की छह ग्राम पंचायतों—बड़गांव (म), देवलगांव, केरेगांव, दहेगांव, फोफसा एवं साडरा में गैर-संचारी रोगों (NCD) की रोकथाम एवं नियंत्रण के उद्देश्य से जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में आशा कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं ग्रामीणों को घर-घर सर्वेक्षण, स्क्रीनिंग प्रक्रिया, समय पर जांच एवं उपचार तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

मुरैना के बाद अब बालाघाट में होगा विस्तार

कार्यशाला में बताया गया कि मध्यप्रदेश में SUHAAS परियोजना का सफल संचालन सबसे पहले मुरैना जिले में किया गया। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब इसका विस्तार बालाघाट जिले में किया जा रहा है। परियोजना की शुरुआत लांजी विकासखंड से होगी, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से जिले के अन्य विकासखंडों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।

सभी विभागों के समन्वय से चलेगा अभियान

कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, आशा कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वयं सहायता समूह की दीदियाँ आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों की समय पर स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान कर प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सके और लोगों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाया जा सके।

कार्यशाला में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेन्द्र सुन्द्रियाल, स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम श्री संजय तुरकर, लांजी के बीएमओ डॉ. अक्षय उपराड़े, बीपीएम श्री मनीष पांडे, आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक सुश्री श्वेता महतो सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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