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PRO JS Balaghat

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पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने कोसमी में 57.33 लाख रुपये के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

मेन रोड से स्कूल तक बनेगी सीमेंट कांक्रीट सड़क, सड़क के दोनों ओर होगा पौधारोपण

 मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 22 अक्टूबर को बालाघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत कोसमी में 57 लाख 33 हजार रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया।

ग्राम पंचायत कोसमी में प्रस्तावित विकास कार्यों के अंतर्गत मुख्य मार्ग (मेन रोड) से स्कूल तक सीमेंट कांक्रीट सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस सड़क के निर्माण से ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही, सड़क के दोनों ओर पौधारोपण भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

ग्राम पंचायत कोसमी में सड़क निर्माण एवं पौधारोपण की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देगी। सड़क निर्माण से आवागमन सुगम होने की उम्मीद है, वहीं सड़क के दोनों ओर पौधे लगाए जाने से क्षेत्र को हरित बनाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

भूमिपूजन कार्यक्रम में सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री राजकुमार कर्राहे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा लिल्हारे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री फूलचंद सहारे, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा, एसडीएम श्री गोपाल सोनी, श्रीमती मीना राहंगडाले, श्री कल्याण सिंह राणा, श्री आनंद कोचर, श्री अभय कोचर, श्री महेंद्र सुराना, श्री अभय सेठिया, ग्राम पंचायत कोसमी की सरपंच श्रीमती अंबिका नगपुरे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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कान्हा टाइगर रिजर्व में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित

149 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया, नि:शुल्क दवाइयां वितरित
कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र स्थित वन औषधालय में एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन एवं श्री शंकराचार्य स्वरूपानंद फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस तथा अभिषेक आई. मिश्रा मेमोरियल हॉस्पिटल, भिलाई का चिकित्सकीय सहयोग रहा। शिविर में कुल 149 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नि:शुल्क उपचार, चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाइयां वितरित की गईं।

शिविर का उद्देश्य कान्हा टाइगर रिजर्व के दुर्गम एवं संवेदनशील क्षेत्रों में कार्यरत वन अधिकारियों, कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही रिजर्व की सीमा से लगे वन ग्रामों के ग्रामीणों को सुलभ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना था। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा दल ने मरीजों की जांच की। इस दौरान रक्तचाप, मधुमेह एवं नेत्र संबंधी जांच के साथ महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं, हड्डियों से संबंधित रोगों तथा मौसमी बीमारियों की जांच की गई। चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श देने के साथ नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित कीं।

शिविर में कान्हा टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारियों, दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों तथा आसपास के वन ग्रामों के ग्रामीणों ने सहभागिता की। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन की इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ वन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना तथा वन अमले और स्थानीय ग्रामीणों के स्वास्थ्य का संरक्षण सुनिश्चित करना है। इस तरह के आयोजनों से वन विभाग एवं स्थानीय समुदाय के बीच सहयोग और विश्वास को भी मजबूती मिलती है।

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बेलगांव में कृषक क्षेत्र पाठशाला आयोजित, किसानों को दी उन्नत खेती की जानकारी
चना-सरसों की अंतरवर्तीय खेती, उतेरा फसल और प्राकृतिक खेती की तकनीकों से कराया अवगत

 जिले के किरनापुर विकासखंड के ग्राम बेलगांव में 21 अक्टूबर को कृषक क्षेत्र पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें आत्मा परियोजना के संचालक एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, बालाघाट के डॉ. रामनाथ पटेल ने किसानों को रबी फसलों की उन्नत खेती, फसल चक्र प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती की तकनीकों की जानकारी दी।

अंतरवर्तीय खेती से बढ़ाएं उत्पादन

डॉ. पटेल ने किसानों को रबी मौसम में चना, गेहूं और सरसों की उन्नत खेती की तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने चना एवं सरसों की 4:2 तथा गेहूं एवं सरसों की 9:1 के अनुपात में अंतरवर्तीय खेती करने की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के आधार पर मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों के अनुरूप संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। साथ ही एनपीके उर्वरकों के सही उपयोग की विधि भी समझाई।

धान कटाई के बाद खेतों का करें सदुपयोग

किसानों को खरीफ में धान की कटाई के बाद फसल चक्र प्रबंधन और स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति के लाभ बताए गए। उन्होंने कहा कि वर्षा आधारित धान की खेती करने वाले जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं हैं, वे धान की खड़ी फसल में मौजूद नमी का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए धान की कटाई से 15 से 20 दिन पहले अलसी एवं उड़द के बीजों का छिड़काव कर उतेरा फसल ली जा सकती है। इससे खेतों को खाली छोड़ने के बजाय उपलब्ध नमी का उपयोग कर अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

डीएसआर और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग पर जोर

डॉ. पटेल ने धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) पद्धति की जानकारी देते हुए बताया कि इससे धान की कटाई के बाद रबी फसलों की समय पर बोनी करने में सुविधा मिल सकती है। स्टेप सीडर एवं सुपर सीडर मशीनों के माध्यम से चना, गेहूं और सरसों की कतारों में बुवाई तथा अन्य कृषि कार्य किए जा सकते हैं। इन तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत एवं समय के बेहतर प्रबंधन के साथ उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा सकते हैं।

प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की सलाह

खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व की जानकारी दी गई। फसलों में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए जीवामृत, घनजीवामृत, पीएसबी कल्चर, राइजोबियम कल्चर एवं अन्य जैविक खादों के उपयोग के बारे में बताया गया। साथ ही किसानों को जैविक संसाधन केंद्र से नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्नि अस्त्र एवं दशपर्णी अर्क प्राप्त कर फसलों में कीट-व्याधियों के नियंत्रण के लिए उपयोग करने अथवा इन प्राकृतिक उत्पादों को स्वयं तैयार करने की सलाह दी गई।

इस दौरान ग्राम बेलगांव में धान की डीएसआर पद्धति के तहत किए गए प्रदर्शन तथा बेलगांव एवं जानवा स्थित जैविक संसाधन केंद्र का निरीक्षण भी किया गया। किसानों को कृषि की उन्नत एवं प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाकर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

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धान खरीदी की तैयारियों की कलेक्टर ने की समीक्षा

गोदामों का चिन्हांकन, बारदानों की व्यवस्था और राइस मिलर्स से अनुबंध करने के निर्देश

कलेक्टर श्री आदित्य सिंह की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को जिला उपार्जन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था, धान का परिवहन, गोदामों एवं ओपन कैप में भंडारण तथा कस्टम मिलिंग की तैयारियों की समीक्षा की गई।

कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान के सुरक्षित भंडारण के लिए आवश्यकता के अनुसार गोदामों का चिन्हांकन समय पर कर लिया जाए। किसानों से खरीदे जाने वाले धान की कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स से शीघ्र अनुबंध करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे राइस मिलर्स उपार्जन केंद्रों से सीधे धान का उठाव कर मिलिंग कर सकें। राइस मिलर्स को उनकी मिलिंग क्षमता के अनुसार ही धान उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, धान खरीदी के लिए पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि धान खरीदी से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर ली जाएं, ताकि उपार्जन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कस्टम मिलिंग के संबंध में राइस मिलर्स के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन, कृषि उपसंचालक श्री फूलसिंह मालवीय, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री संत कुमार भलावी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के महाप्रबंधक श्री अभिनव सिंह बघेल, वेयरहाउस के जिला प्रबंधक श्री पटले, नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी तथा उपार्जन समिति के सदस्य अधिकारी उपस्थित थे।

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मंत्री श्री पटेल ने गर्रा में ई-लायब्रेरी का उद्घाटन किया और 124 करोड के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया

कोई भी मजरा-टोला सडक से वंचित नही रहेगा --- मंत्री श्री प्रहलाद पटेल

मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 22 अक्टूबर को बालाघाट जिले के प्रवास के दौरान लालबर्रा विकासखंड की ग्राम पंचायत गर्रा में नवनिर्मित ई-लायब्रेरी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 124 करोड़ 06 लाख रुपये की लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही, उन्होंने जिला सरपंच संघ के सम्मेलन को भी संबोधित किया।

इस अवसर पर बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री राजकुमार कर्राहे, श्री विवेक विक्की पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा लिल्हारे, जिला पंचायत सीईओ सुश्री तनुश्री मीणा, शिक्षाविद् श्रीमती लता ऐलकर, श्री अभय सेठिया, अखिल भारतीय पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक सिंह सेंगर, जिला पंचायत सदस्य श्री डूलेंद्र ठाकरे, सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत गर्रा के सरपंच श्री वैभव बिसेन, श्री विशाल बिसेन, अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

ग्राम पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए राशि की कमी नहीं : मंत्री श्री पटेल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों के पास विकास के लिए राशि की कमी नहीं है। ग्राम पंचायत गर्रा ने ई-लायब्रेरी शुरू कर युवाओं के लिए एक अच्छी पहल की है। 16वें वित्त आयोग की राशि भारत सरकार से सीधे ग्राम पंचायतों में आ रही है। प्रदेश सरकार द्वारा भी छठा वित्त आयोग शुरू किया जा रहा है, जिसकी राशि भी ग्राम पंचायतों को सीधे मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें इस राशि का उपयोग नल-जल योजना के संचालन में कर सकती हैं। ग्राम पंचायतों को टैक्स लेने का अधिकार है। वे अपने क्षेत्र में नियमानुसार टैक्स लेकर अपनी आय बढ़ाएं। ग्राम पंचायत जब ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराती है, तो उसे जलकर लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

अगले तीन साल में प्रदेश का कोई भी मजरा-टोला सड़क से वंचित नहीं रहेगा

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि गर्रा में जिले के 124 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। इनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्य भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई यह योजना गांवों के लिए वरदान है। आने वाले तीन साल के बाद प्रदेश का कोई भी मजरा-टोला सड़क से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने रहवासी क्षेत्रों के नए मापदंड निर्धारित किए हैं। इसके तहत 20 मकान, 100 की आबादी अथवा 6 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र को टोला-मजरा मानकर वहां पक्की सड़क पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 500 की आबादी वाले टोले-मजरे तक सड़क पहुंचाने के लिए टेंडर हो चुके हैं।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम जनमन) में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 27 लाख 50 हजार लोगों की आवास प्लस सूची में शामिल सभी हितग्राहियों के आवास स्वीकृत कर दिए गए हैं। अब छूटे हुए लोगों के लिए तीसरा सर्वे शुरू किया जा रहा है।

प्रदेश में 2,472 ग्राम पंचायत भवन दिसंबर 2026 तक होंगे पूर्ण

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उनके द्वारा प्रदेश में 2,472 ग्राम पंचायत भवन स्वीकृत किए गए थे, जो दिसंबर 2026 तक पूर्ण होकर लोकार्पित कर दिए जाएंगे। इसी प्रकार, 3,700 से अधिक सामुदायिक भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी लागत 25 लाख रुपये से कम नहीं है। पांच हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों को दो सामुदायिक भवन दिए जा रहे हैं। जिन पंचायतों में ग्राम पंचायत भवन नहीं था, उन्हें सबसे पहले ग्राम पंचायत भवन स्वीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 106 जनपद पंचायत भवन स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के चार नए जिलों एवं दतिया जिले के लिए जिला पंचायत भवन भी स्वीकृत किए गए हैं।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना में कार्यों पर कोई रोक नहीं है। ग्राम पंचायतें मनरेगा की तरह ही इस योजना के अंतर्गत भी कार्य करा सकती हैं। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामसभा एवं ग्राम पंचायत की बैठकों में पंचों एवं सदस्यों का शामिल नहीं होना चिंतन का विषय है। सभी पंचों को ग्राम पंचायत की बैठकों में तथा ग्रामीणों को ग्रामसभा की बैठकों में अवश्य शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत समितियों को अधिकार देने जा रही है, जिससे वे अपनी पंचायत के विकास से संबंधित निर्णय ले सकें।

ई-लायब्रेरी से क्षेत्र के युवाओं को मिलेगी बेहतर सुविधा : सांसद श्रीमती भारती पारधी

सांसद श्रीमती भारती पारधी ने ग्राम पंचायत गर्रा में सरपंच श्री वैभव बिसेन द्वारा ई-लायब्रेरी प्रारंभ करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं को ज्ञानवर्धन के लिए अच्छी सुविधा मिलेगी और वे पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि बालाघाट जिले के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। प्रदेश में होने वाली प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा में बालाघाट जिले के युवा अपना परचम लहराते हैं। प्रदेश के हर जिले में बालाघाट की नर्सिंग छात्राएं सेवाएं देती हुई मिल जाती हैं।

किसानों की सिंचाई समस्या के समाधान के लिए भीमगढ़ जलाशय से दिलाया पानी

सांसद श्रीमती पारधी ने कहा कि उनके द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों की सिंचाई संबंधी समस्या को देखते हुए उन्होंने भीमगढ़ जलाशय से बालाघाट जिले के हिस्से का पानी छुड़वाया है। इसकी अगले एक दिन में ढूटी नहर से वारासिवनी एवं उसके आसपास के क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम को विधायक श्री राजकुमार कर्राहे एवं श्री विवेक विक्की पटेल ने भी संबोधित किया।

124 करोड़ 06 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

कार्यक्रम में 124 करोड़ 06 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इसमें मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक 1 एवं 2, जिला बालाघाट के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 62 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण शामिल है। इन कार्यों में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 04 मार्ग एवं 23 ब्रिज, क्षतिग्रस्त ब्रिजों के पुनर्निर्माण के अंतर्गत 11 ब्रिज तथा मुख्यमंत्री मजराटोला योजना के अंतर्गत 22 मार्गों के कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आर.सी.पी.एल.डब्ल्यू.ई.ए. योजना के अंतर्गत 02 कार्यों का लोकार्पण किया गया।

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अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम ने किया मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट का दौरा

उत्पादन, स्थानीय रोजगार, सीएसआर गतिविधियों और श्रमिकों के कल्याण पर की चर्चा

 मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम ने 22 अक्टूबर को हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की इकाई मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट (एमसीपी) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना प्रबंधन के साथ समीक्षा बैठक कर तांबा उत्पादन, स्थानीय रोजगार, भूमि संबंधी मामलों, सीएसआर गतिविधियों तथा श्रमिकों के कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने परियोजना की भूमिगत खदान का निरीक्षण कर चल रही खनन गतिविधियों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

दौरे के दौरान बैहर के अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री अनिकेत शांडिल्य, श्री प्रवीण मेश्राम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनुपमा नेताम, खनिज अधिकारी सुश्री फरहत जहां, सहायक आयुक्‍त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर तथा वन विभाग, जनजातीय कार्य विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। एमसीपी प्रबंधन के साथ आयोजित बैठक का नेतृत्व महाप्रबंधक एवं कार्यकारी निदेशक श्री प्रवीण दवे ने किया। बैठक में एजीएम (एक्सप्लोरेशन) श्री वी.एन. मिश्रा, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री प्रमोद कुमार, मुख्य प्रबंधक (सीएसआर) श्री हिमांशु शेखर पाणिग्रही सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में तांबा उत्पादन एवं भविष्य की योजनाओं, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर, भूमि अधिग्रहण एवं अतिक्रमण से संबंधित मामलों, आसपास के गांवों में संचालित कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों तथा स्थानीय लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य एवं अस्पताल सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा टर्मिनल टैक्स से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

आयोग के सदस्य श्री नेताम ने मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन भारतीय खनिज मजदूर संघ (बीकेएमएस) के अध्यक्ष श्री डी.आर. पटले एवं महामंत्री श्री हेमंत भगत से भी मुलाकात की। इस दौरान श्रमिकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों तथा उनके कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। समीक्षा बैठक के बाद श्री नेताम एवं उनके साथ आए अधिकारियों ने मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट की भूमिगत खदान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खनन गतिविधियों और सुरक्षा उपायों का निरीक्षण कर परियोजना के संचालन से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
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मंत्री श्री पटेल ने गर्रा में ई-लायब्रेरी का उद्घाटन किया और 124 करोड के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया

कोई भी मजरा-टोला सडक से वंचित नही रहेगा --- मंत्री श्री प्रहलाद पटेल

बालाघाट, 22 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 22 अक्टूबर को बालाघाट जिले के प्रवास के दौरान लालबर्रा विकासखंड की ग्राम पंचायत गर्रा में नवनिर्मित ई-लायब्रेरी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 124 करोड़ 06 लाख रुपये की लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही, उन्होंने जिला सरपंच संघ के सम्मेलन को भी संबोधित किया।

इस अवसर पर बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री राजकुमार कर्राहे, श्री विवेक विक्की पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा लिल्हारे, जिला पंचायत सीईओ सुश्री तनुश्री मीणा, शिक्षाविद् श्रीमती लता ऐलकर, श्री अभय सेठिया, अखिल भारतीय पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक सिंह सेंगर, जिला पंचायत सदस्य श्री डूलेंद्र ठाकरे, सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत गर्रा के सरपंच श्री वैभव बिसेन, श्री विशाल बिसेन, अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
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पीपरझिरी में किसानों को दी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी
डीएसआर पद्धति, प्राकृतिक खेती और जैविक कीट नियंत्रण के उपाय बताए

  ग्राम पीपरझिरी में कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती एवं फसलों में कीट नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय एवं सहायक संचालक कृषि श्री राजेश कुमार खोबरागड़े ने किसानों को धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) पद्धति, प्राकृतिक खेती तथा खेत बचाओ कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती में नीमास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र के उपयोग और उनके लाभों के बारे में बताया। उन्होंने फसलों में लगने वाले कीटों की रोकथाम के लिए प्राकृतिक उपाय अपनाने तथा रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के संबंध में भी जानकारी दी। इस दौरान किसानों को खेत बचाओ कार्यक्रम के उद्देश्यों, कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को लाभकारी बनाने के उपायों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने किसानों से आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि तकनीकों को अपनाने और उपलब्ध कृषि योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

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सांसद श्रीमती भारती पारधी का दौरा कार्यक्रम

बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी 23 अक्‍टूबर को प्रात: 9:30 बजे बालाघाट से बिरसा विकासखंड के सालेवाडा के लिए प्रस्‍थान करेंगी। सांसद श्रीमती पारधी दोपहर 12 बजे सालेवाडा में नवनिर्मित मंगल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगी और दोपहर 2 बजे बालाघाट के लिए प्रस्‍थान करेंगी। इसके पश्‍चात वे अपरान्‍ह 4 बजे हरिमंगलम लॉन में आयोजित जीतो लेडिज विन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगी।

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कलेक्टर आदित्य सिंह ने जिला चिकित्सालय का किया आकस्मिक निरीक्षण
खराब बेड बदलने, स्वच्छता व्यवस्था सुधारने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश
 कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने 22 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे जिला चिकित्सालय बालाघाट का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री सूर्य प्रकाश उके उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने महिला वार्ड, मेडिकल वार्ड, नवजात शिशुओं के उपचार के लिए संचालित विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू), कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), बच्चा वार्ड और डे केयर यूनिट सहित अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से चर्चा कर नाश्ता एवं भोजन मिलने के समय की जानकारी भी ली।
एनआरसी में माताओं को रोजगारमूलक गतिविधियों का प्रशिक्षण देने के निर्देश
पोषण पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि केंद्र में बच्चों के साथ आने वाली माताओं को विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाए। इससे बच्चों के उपचार के दौरान माताएं अपना समय उपयोगी गतिविधियों में लगा सकेंगी और रोजगारमूलक कार्यों का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकेंगी।
खराब बेड बदलने और अनुपयोगी सामग्री हटाने के निर्देश
कलेक्टर श्री सिंह ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि अस्पताल में खराब हो चुके अथवा उपयोग के योग्य नहीं रहने वाले बेड को तत्काल बदलने की कार्रवाई की जाए। अस्पताल परिसर के भीतर एवं बाहर पड़ी अनुपयोगी सामग्री को हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल के सभी वार्डों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने, खिड़कियों एवं दरवाजों पर जालियां लगाने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान लॉन्ड्री का कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त कर किसी अन्य व्यक्ति को कार्य सौंपने के निर्देश दिए गए।
साफ-सफाई में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने अस्पताल परिसर एवं सभी वार्डों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में कहीं भी खुले में पानी बहता हुआ नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी भी आकस्मिक निरीक्षण कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता संबंधी अव्यवस्था मिलने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जिला चिकित्सालय में सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता भी परखी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने जिला चिकित्सालय की कैंटीन का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां उपलब्ध बर्तनों और मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की जानकारी ली। मरीजों के लिए तैयार किए गए नाश्ते की गुणवत्ता जांचने के लिए उन्होंने स्वयं नाश्ता चखकर उसका परीक्षण किया।
कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों को स्वच्छ वातावरण में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।

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विकसित शहरों की पहचान है बेहतर नागरिक सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग। मध्यप्रदेश इसी विजन के साथ आगे बढ़ रहा है।

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बलराम तालाब से बदली किसान की तस्वीर, मत्स्य पालन से हर साल एक लाख रुपये की अतिरिक्त आय

जल संरक्षण के साथ खेती को मिला सहारा, किसान विनोद मरावी के लिए आजीविका का बना नया साधन

  जल संरक्षण के प्रयास जब आजीविका के नए अवसरों से जुड़ते हैं, तो किसानों के लिए समृद्धि के रास्ते खुलने लगते हैं। बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम बलगांव के कृषक श्री विनोद उर्फ परसराम मरावी ने बलराम तालाब के माध्यम से इस बात को साबित किया है। कृषि विभाग के सहयोग से वर्ष 2023-24 में उनके खेत में निर्मित बलराम तालाब ने न केवल वर्षा जल के संरक्षण और सिंचाई की सुविधा बढ़ाने में मदद की, बल्कि मत्स्य पालन के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी प्रदान किया। इस पहल से किसान को प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है।

वर्षा पर निर्भरता बनी थी चुनौती

कृषक श्री मरावी परंपरागत रूप से कृषि कार्य करते आ रहे थे। उनके पास 6.478 हेक्टेयर कृषि भूमि है। खेती में वर्षा पर निर्भरता, अनियमित बारिश और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें कृषि कार्यों के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जल संकट का असर कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने के प्रयासों पर भी पड़ता था। ऐसे में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और खेती के साथ आय का अतिरिक्त साधन विकसित करना उनके लिए आवश्यक था।

बलराम तालाब बना बदलाव का आधार

कृषक की समस्या को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग द्वारा उन्हें जल संरक्षण और कृषि विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विभाग के सहयोग से वर्ष 2023-24 में उनके खेत में बलराम तालाब का निर्माण कराया गया। तालाब का उद्देश्य वर्षा जल का संग्रहण कर सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना तथा कृषि गतिविधियों को बेहतर बनाना था। तालाब के निर्माण से खेत में वर्षा जल का संग्रहण संभव हुआ। इससे उपलब्ध जल संसाधनों का उपयोग करने और कृषि कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहायता मिली। इसके साथ ही तालाब का उपयोग मत्स्य पालन के लिए भी किया जाने लगा, जिससे खेती के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने का एक नया अवसर मिला।

मत्स्य पालन से प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रुपये की आय

बलराम तालाब ने श्री मरावी के लिए जल संरक्षण के साथ-साथ आजीविका का एक अतिरिक्त साधन विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तालाब में मत्स्य पालन के माध्यम से वे प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। इससे उन्हें परंपरागत खेती के अतिरिक्त कमाई का अवसर मिला है। यह पहल दर्शाती है कि खेतों में जल संरक्षण के लिए निर्मित तालाबों का उपयोग केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से मत्स्य पालन जैसी सहायक गतिविधियों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं।

जल संरक्षण से आर्थिक मजबूती की ओर

कृषि विभाग के सहयोग से निर्मित बलराम तालाब श्री विनोद उर्फ परसराम मरावी के लिए कृषि विकास और आर्थिक सुदृढ़ीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बना है। इससे वर्षा जल के संरक्षण, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता में सुधार और मत्स्य पालन के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिला है।

कृषक श्री मरावी की यह सफलता की कहानी बताती है कि जल संरक्षण के प्रभावी उपायों और कृषि के साथ सहायक गतिविधियों को अपनाकर किसान अपनी आय के नए स्रोत विकसित कर सकते हैं। बलराम तालाब जैसी पहल खेती को संबल देने के साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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बिरसा के तीन गांवों में मनाया गया जल अर्पण दिवस
नल-जल योजनाएं ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों को सौंपी गईं, जल संरक्षण का लिया संकल्प

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 21 अक्टूबर को विकासखंड बिरसा के ग्राम देवगांव म, मालुमझोला एवं बंदनिया में जल अर्पण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर नल-जल योजनाओं को औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत एवं स्थानीय समुदाय को हस्तांतरित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों ने सहभागिता कर जल संरक्षण और पेयजल स्रोतों की स्वच्छता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों ने जल संरक्षण के नारों के साथ प्रभात फेरी निकाली। इसके माध्यम से लोगों को पानी बचाने और जल के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। ग्रामीणों ने जल स्रोतों की पूजा-अर्चना कर जल वंदना की तथा नल-जल संरचनाओं का जल श्रृंगार किया। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, पानी का अपव्यय रोकने और प्रत्येक बूंद को सहेजने का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्राम सरपंच श्रीमती चंद्रकला केराम ने कहा कि शुद्ध पेयजल प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। नल-जल योजना से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और घरों तक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं को अपनी संपत्ति मानकर उनकी देखरेख करने तथा नियमित संचालन एवं रखरखाव में सहयोग करने की अपील की।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से ब्लॉक समन्वयक श्री फनीश रंगारे, पीएमयू समन्वयक श्री शीतल मिश्रा एवं श्री हरीश झा उपस्थित रहे। विभागीय टीम ने ग्रामीणों को नल-जल योजनाओं के तकनीकी पहलुओं तथा उनके सुचारु संचालन और रखरखाव की जानकारी दी। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सचिव श्री चिमन मेरावी, पंचगण, शासकीय माध्यमिक शाला के प्रधानाध्यापक श्री ठाकरे, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंप ऑपरेटर तथा ग्रामीणजन मौजूद रहे।

नल-जल योजनाओं का ग्राम पंचायत एवं समुदाय को हस्तांतरण होने पर ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और जल संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।
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ग्राम रट्टा में पांच एकड़ शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त
अतिक्रमणकारी से 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी जमा कराया, राजस्व दल ने की कार्रवाई
जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 21 अक्टूबर को तहसील बालाघाट के ग्राम रट्टा में राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने लगभग पांच एकड़ शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे शासन के कब्जे में लिया। कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रकरण में अधिरोपित 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी जमा कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम रट्टा निवासी रोमन लाल एवं जियालाल पिता राम चरण त्महे द्वारा पटवारी हल्का नंबर 17/42 के अंतर्गत खसरा नंबर 285 एवं 371 की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की सूचना हल्का पटवारी के माध्यम से प्राप्त हुई थी। उक्त भूमि बड़े झाड़ के जंगल मद में दर्ज है। इस पर तहसीलदार न्यायालय बालाघाट में प्रकरण पंजीबद्ध कर अभिलेखों एवं उपलब्ध तथ्यों की जांच तथा विधिवत सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए थे।
आदेश के परिपालन में संबंधित पक्षों को निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण हटाने और अर्थदंड जमा करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर 21 अक्टूबर को राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार बालाघाट श्रीमती मंजुला महोबिया, राजस्व निरीक्षक श्री हितेंद्र सिंह मर्सकोले, हल्का पटवारी श्री योगेश मेश्राम तथा पटवारी श्री किशोर पतले, श्री ओमप्रकाश दुबे एवं श्री गीत चाकोले सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा भूमि संबंधी नियमों का पालन करें।
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ग्राम रट्टा में पांच एकड़ शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त
अतिक्रमणकारी से 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी जमा कराया, राजस्व दल ने की कार्रवाई

जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 21 अक्टूबर को तहसील बालाघाट के ग्राम रट्टा में राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने लगभग पांच एकड़ शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे शासन के कब्जे में लिया। कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रकरण में अधिरोपित 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी जमा कराया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम रट्टा निवासी रोमन लाल एवं जियालाल पिता राम चरण त्महे द्वारा पटवारी हल्का नंबर 17/42 के अंतर्गत खसरा नंबर 285 एवं 371 की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की सूचना हल्का पटवारी के माध्यम से प्राप्त हुई थी। उक्त भूमि बड़े झाड़ के जंगल मद में दर्ज है। इस पर तहसीलदार न्यायालय बालाघाट में प्रकरण पंजीबद्ध कर अभिलेखों एवं उपलब्ध तथ्यों की जांच तथा विधिवत सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए थे।

आदेश के परिपालन में संबंधित पक्षों को निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण हटाने और अर्थदंड जमा करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर 21 अक्टूबर को राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।

कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार बालाघाट श्रीमती मंजुला महोबिया, राजस्व निरीक्षक श्री हितेंद्र सिंह मर्सकोले, हल्का पटवारी श्री योगेश मेश्राम तथा पटवारी श्री किशोर पतले, श्री ओमप्रकाश दुबे एवं श्री गीत चाकोले सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा भूमि संबंधी नियमों का पालन करें।

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अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्‍य श्री भगत सिंह नेताम का दौरा कार्यक्रम

 मध्‍यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्‍य श्री भगत सिंह नेताम 22 अक्‍टूबर को प्रात: 10:30 बजे दमोह से मलाजखंड के प्रस्‍थान करेंगे और प्रात: 11:30 बजे एचसीएल गेस्‍ट हाउस मलाजखंड में युनियन के अधिकारियों, पदाधिकारियों एवं कामगारों से चर्चा करेंगे। इसके पश्‍चात वे दोपहर 12 बजे एचसीएल सभागार में एचसीएल के अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे और दोपहर 2:30 बजे खदान का भ्रमण करेंगे। श्री नेताम शाम 05 बजे दमोह पहुंचेंगे और स्‍थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे।

            अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्‍य श्री नेताम 23 अक्‍टूबर को प्रात: 11:30 बजे दमोह से भरवेली पहुंचेंगे और भरवेली गेस्‍ट हाउस में युनियन के अधिकारियों, पदाधिकारियों एवं कामगारों से चर्चा करेंगे। दोपहर 12 बजे वे भरवेली माइन सभागार में भरवेली, उकवा एवं तिरोडी माइंस के अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे और दोपहर 2:30 बजे खदान का भ्रमण करेंगे। श्री नेताम अपरान्‍ह 4:30 बजे सर्किट हाउस बालाघाट में जनप्रतिनिधियों से भेंट करेंगे और शाम 06 बजे बालाघाट से दमोह के लिए प्रस्‍थान करेंगे।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=बालाघाट nis:value=बालाघाट nis:enabled=true nis:link/> में तीन बैच के घी असुरक्षित घोषित, बिक्री पर प्रतिबंध
खाद्य प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई, बाजार से उत्पाद वापस मंगाने के निर्देश

 मध्यप्रदेश में नकली एवं मिलावटी घी के विरुद्ध चल रही कार्रवाई के तहत बालाघाट जिले में भी विभिन्न ब्रांड के घी के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में तीन बैच के घी के नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। इसके बाद संबंधित बैच के घी के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए बाजार से उत्पाद वापस मंगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री योगेश डोंगरे ने बताया कि जांच के लिए लिए गए नमूनों में सोसाइटी घी के 500 मिलीलीटर पैक का बैच नंबर BRA2801G00126 शामिल है, जिसकी पैकिंग दिनांक 28 जनवरी 2026 है। इस नमूने की जांच रिपोर्ट क्रमांक 04100331-003/26-27, दिनांक 23 सितंबर 2026 में इसे असुरक्षित घोषित किया गया है। इसी प्रकार औषधा घी के 500 मिलीलीटर पैक, बैच नंबर BN J06, निर्माण तिथि 15 जून 2026 तथा औषधा देसी घी के 200 मिलीलीटर पैक, बैच नंबर KJ07, निर्माण तिथि 5 जुलाई 2026 के नमूने भी जांच में असुरक्षित पाए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट क्रमशः 04100331-001/26-27 एवं 04100331-002/26-27, दिनांक 23 सितंबर 2026 को जारी की गई हैं।

संबंधित विक्रेताओं एवं कंपनियों को निर्देश

खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच में असुरक्षित घोषित किए गए इन तीनों बैच के घी के विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में बालाघाट के केशर प्लाजा कॉम्प्लेक्स स्थित अरिहंत प्रोविजन, गायखुरी रोड स्थित श्री गायत्री इंटरप्राइजेज तथा संबंधित निर्माता कंपनियों को निषेध आदेश जारी कर सूचित किया गया है। संबंधित विक्रेताओं एवं निर्माताओं को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिबंधित बैच के घी को बाजार से तत्काल वापस मंगाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। आदेश का पालन नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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चार गांवों तक नहर से सिंचाई का पानी पहुंचाने के प्रयास
कलेक्टर के निर्देश पर जल संसाधन विभाग ने की पहल, कड़कना वितरक नहर में छोड़ा गया पानी

 बाघ अंतर्राज्यीय परियोजना की कड़कना वितरक नहर के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में ग्राम मोहारा में नहर के चैन क्रमांक 96 पर पानी चल रहा है। अब ग्राम भानेगांव, सेवती, कड़कना एवं कांद्रीकला तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सिंचाई विभाग, जल संसाधन संभाग के एसडीओ श्री घनश्याम मरावी ने बताया कि संबंधित ग्रामों तक नहर का पानी पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इन ग्रामों में नहर से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने की सूचना मिलने पर कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने मामले को संज्ञान में लिया था। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए किसानों को सिंचाई के लिए नहर से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश के बाद विभाग द्वारा नहर के माध्यम से संबंधित ग्रामों तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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23 अक्टूबर को चांगोटोला में लगेगा जिला स्‍तरीय जन-विश्वास शिविर, मौके पर होगा समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के अंतर्गत 23 अक्टूबर को विकासखंड बालाघाट अंतर्गत ग्राम चांगोटोला में जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर श्री आदित्‍य सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले इस शिविर में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शिविर का उद्देश्य आमजन की समस्याओं और शिकायतों का निराकरण करने के साथ शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की जानकारी लेना है।

शिविर के आयोजन से पहले अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर में प्राप्त होने वाले नए आवेदनों और शिकायतों का भी यथासंभव मौके पर समाधान किया जाएगा। शिविर में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं सहित खाद-बीज वितरण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।

जन-विश्वास अभियान के तहत अधिकारी केवल शिविर में ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों का भी निरीक्षण करेंगे। सड़कों, तालाबों, अमृत सरोवरों, बांधों, जल जीवन मिशन की संरचनाओं और शासकीय भवनों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोगिता की भी जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र, आईटीआई, सहकारी समितियों, कृषि मंडियों, पुलिस थानों, लोक सेवा केंद्रों और शासकीय देवस्थानों का निरीक्षण भी किया जाएगा। इन संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं तथा आमजन को मिल रही सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।

अभियान के दौरान खाद-बीज दुकानों, गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों, पटाखा एवं विस्फोटक लाइसेंसधारियों तथा अधिकृत शस्त्र विक्रेताओं के दस्तावेज और व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी। निजी विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली जाएगी।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान तथा शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं योजनाओं से संबंधित प्रकरण लेकर 23 अक्टूबर को चांगोटोला में आयोजित जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में उपस्थित होकर इसका लाभ उठाएं।

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पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
शहीद जवानों के परिजनों का शॉल-श्रीफल भेंट कर किया गया सम्मान
 पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर को पुलिस लाइन बालाघाट में कार्यक्रम आयोजित कर कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित कुमार शक्यवार के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में शहीद जवानों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने 01 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक की अवधि में देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बनत सीमा पुलिस बल के 154 जवानों की सूची का वाचन किया। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं पुलिस जवानों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में विधायक श्री मधु भगत, कलेक्टर श्री आदित्य सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण, नगर पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिर्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीतेश भार्गव, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत सिंह ठाकुर, वनमंडलाधिकारी श्री नित्यानंदम एल, बैहर एसडीएम श्री अनिकेत शांडिल्य, बालाघाट एसडीएम श्री गोपाल सोनी, पूर्व विधायक डॉ. योगेन्द्र निर्मल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री रमेश रंगलानी, समाजसेवी श्री ऋषभदास वैद्य सहित अन्य गणमान्य नागरिक, अधिकारी एवं पुलिस जवान उपस्थित थे।
10 जवानों की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। इन वीर जवानों की शहादत की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में पुलिस एवं विभिन्न सुरक्षा बलों के उन जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस कार्यक्रम में पिछले एक वर्ष की अवधि में देश के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों की सूची का वाचन किया जाता है।

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