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PRO JS Balaghat

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ग्रीष्मकालीन तिल की खेती बनी किसानों के लिए लाभ का सौदा, 

थुर्रेमेटा के कृषक ने पेश की मिसाल

     बालाघाट जिले में कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब खेतों में दिखाई देने लगे हैं। बिरसा विकासखंड के ग्राम थुर्रेमेटा के प्रगतिशील कृषक श्री शंकरलाल उइके ने कृषि विभाग से प्रदाय तिल प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन जायद मौसम में तिल की खेती कर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

      कृषक श्री उइके के खेत में तिल की फसल वर्तमान में अत्यंत अच्छी स्थिति में है। फसल की बढ़वार, पौधों का विकास एवं खेत की समग्र स्थिति को देखकर अच्छे उत्पादन की संभावना व्यक्त की जा रही है। कृषक ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सलाह के अनुसार समय पर बुवाई, सिंचाई तथा आवश्यक कृषि कार्य किए गए, जिसके परिणामस्वरूप फसल बेहतर अवस्था में पहुंची है।

      श्री शंकरलाल उइके ने ग्रीष्मकालीन तिल की खेती को लाभकारी बताते हुए कहा कि पारंपरिक फसलों के साथ तिल जैसी तिलहनी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रदर्शन कार्यक्रमों का लाभ उठाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।

       उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि तिल एक महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है। कम लागत और बेहतर मूल्य मिलने के कारण यह किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। विभाग द्वारा किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है।

        ग्राम थुर्रेमेटा में श्री शंकरलाल उइके के खेत में लहलहाती तिल की फसल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि वैज्ञानिक पद्धति और कृषि विभाग के सहयोग से किसान कम संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

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जिला स्तरीय बैंकर्स एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न
पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत बैंकों को प्रेषित ऋण प्रकरणों, उनकी स्वीकृति एवं ऋण वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजीव कुमार, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वय अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि शासन की स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सभी विभागों एवं बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय एवं बैंक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि विभागों द्वारा योजनाओं के अंतर्गत तैयार किए गए ऋण प्रकरण स्वीकृति एवं वितरण के लिए बैंकों को भेजे जा रहे हैं, इसलिए बैंक भी तत्परता के साथ इन प्रकरणों का परीक्षण कर स्वीकृति एवं ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन बैंकों में प्रकरण लंबित हैं, उनके जिला समन्वय अधिकारियों से नियमित संपर्क बनाए रखें तथा प्रकरणों की सतत मॉनिटरिंग करें।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं की विभागवार प्रगति एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारियों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि निर्धारित 332 प्रकरण बैंको को प्रषित किये गए जिसमें से 139 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, डॉ. भीमराव आंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना,टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना , बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना,    तथा संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों एवं बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। पशुपालन विभाग की आचार्य विद्यासागर योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि बालाघाट जनजातीय बहुल जिला है, इसलिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही स्वरोजगार से जुड़ सकें।
बैठक में अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि निजी क्षेत्र के कुछ बैंक इन योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने संबंधित बैंक अधिकारियों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं लाभार्थियों के नामांकन में विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण वितरण में तेजी लाने तथा वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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कम वसूली पर सीईओ सख्त, सात समितियों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश

बालाघाट जिले में कालातीत एवं अकालातीत ऋणों की वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक मृणाल मीना के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे वसूली अभियान के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिनव सिंह बघेल ने मंगलवार 3 जून को डोंगरमाली शाखा अंतर्गत विभिन्न समितियों का औचक निरीक्षण कर वसूली कार्यों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री बघेल सबसे पहले पैक्स समिति लड़सड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने ऋण वसूली की प्रगति का अवलोकन किया। समीक्षा के दौरान समिति में कार्यरत दो कर्मचारियों के उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं पाए जाने पर उन्होंने दोनों कर्मचारियों को अवैतनिक किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीओएस मशीन के माध्यम से किए जा रहे खाद वितरण का मिलान किया गया तथा खाद भंडार का भौतिक सत्यापन भी किया गया। जांच में खाद का स्टॉक सही पाया गया।

सीईओ ने सदस्यता अभियान की भी समीक्षा करते हुए नए सदस्यों को नियमानुसार सभी सुविधाएं और लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने डोंगरमाली शाखा में पहुंचकर शाखा अंतर्गत आने वाली विभिन्न समितियों की वसूली प्रगति का गहन परीक्षण किया। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पैक्स समिति नवेगांव, आरंभा, भेंडारा, दीनी, बेनी, लड़सड़ा एवं मेंडकी में गत वर्ष की तुलना में ऋण वसूली की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए श्री बघेल ने संबंधित समितियों को कारण बताओ स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उपस्थित कर्मचारियों को कम वसूली पर कड़ी फटकार लगाते हुए वसूली कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर डोंगरमाली समिति द्वारा लक्ष्य के अनुरूप वसूली किए जाने पर सीईओ ने समिति के कर्मचारियों की सराहना की और बेहतर कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कर्मचारियों को वसूली अभियान में और अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने की सलाह दी।

निरीक्षण के क्रम में श्री बघेल ने खैरलांजी एवं रामपायली शाखाओं का भी दौरा किया। यहां उन्होंने सदस्यता अभियान, कालातीत एवं अकालातीत ऋण वसूली, पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मत्स्य पालन केसीसी, मध्यमकालीन ऋण, ईआरपी एवं सीबीएस सहित विभिन्न बैंकिंग गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने शाखा प्रबंधकों एवं समिति कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान समय ऋण वसूली के लिए महत्वपूर्ण है और सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

सीईओ ने कहा कि यदि समय-सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हुई तो संबंधित समितियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने समितियों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के भी निर्देश दिए तथा निरीक्षण के दौरान उपस्थित किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शाखा प्रबंधक आई.आर. भगत (रामपायली), मुकेश ठाकरे (खैरलांजी), जयकुमार नंदनवार (डोंगरमाली), एस.डी. अंकर, विनोद बिसेन सहित संबंधित समितियों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने ली पंजीयन अधिकारियों एवं एसडीएम की बैठक
अवैध कालोनियों के पंजीयन प्रतिबंधों पर की गई चर्चा

 कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 03 जून को पंजीयन विभाग के जिला पंजीयक, उप पंजीयक एवं सभी एसडीएम की बैठक लेकर जिले में अवैध कालोनियों के पंजीयन के संबंध में विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में जिला पंजीयक श्रीमती कीर्ति असाटी, बालाघाट एसडीएम श्री गोपाल सोनी, तहसीलदार श्री सुनील वर्मा उपस्थित थे। वारासिवनी, बैहर, कटंगी, लांजी, किरनापुर एवं परसवाड़़ा के एसडीएम वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से बैठक में उपस्थित थे। 

 बैठक में बताया गया कि किसी भी कॉलोनाइजर को नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका अधिनियम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत राज अधिनियम का पालन करना होगा। नगरीय आवास एवं विकास विभाग की अनुमति के बाद ही कालोनी का पंजीयन कराया जायेगा। अवैध कालोनी का पंजीयन नहीं किया जायेगा। बैठक में राजस्व एवं पंजीयन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन कॉलोनाइजरों की कॉलोनियां अवैध श्रेणी में हैं और वे उन्हें वैध कराना चाहते हैं, तो वे निर्धारित विधिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करें। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही संबंधित कॉलोनियों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने पर विचार किया जाएगा। शासकीय पट्टे वाली जमीन का विक्रय नहीं होगा और इसका पंजीयन भी नहीं किया जायेगा। 

बैठक में सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए गये कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की वर्तमान स्थिति से प्रशासन को अवगत कराएं। साथ ही संबंधित भूमि के खसरा अभिलेखों के कैफियत कॉलम क्रमांक-12 में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करना सुनिश्चित करें, ताकि अवैध कॉलोनियों से संबंधित जानकारी राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से दर्ज रहे। यह भी स्पष्ट किया गया कि नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनियों के मामलों में पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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कलेक्टर ने की म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड की समीक्षा
लंबित भुगतान शीघ्र कराने के दिए निर्देश

कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में 03 जून को कलेक्टर सभाकक्ष में म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रबंधक सिविल सप्लाई श्री हरीश कोरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में धान उपार्जन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री मीना ने विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धान उपार्जन वर्ष 2024-25 में कुल 1 लाख 30 हजार 805 किसानों का पंजीयन हुआ था, जिनसे 5 लाख 49 हजार 961 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। वहीं धान उपार्जन वर्ष 2025-26 में 1 लाख 30 हजार 37 किसानों का पंजीयन हुआ, जिनसे 6 लाख 8 हजार 570 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।

कलेक्टर श्री मीना ने दोनों उपार्जन वर्षों के अंतर्गत किसानों के लंबित भुगतान की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शेष भुगतान की राशि का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।

बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं खरीदी की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 4 हजार 388 किसानों का पंजीयन हुआ, जिनसे 8 हजार 384 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है।

इसके अलावा धान उपार्जन से संबंधित प्राप्त सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री मीना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में उपार्जन कार्यों की प्रगति, भुगतान व्यवस्था तथा शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

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अवैध रूप से धान बीज विक्रय करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
बिना लायसेंस के सानू पटले और पलक बिसेन द्वारा गांव में घूम-घूम कर बेचा जा रहा था धान बीज

विकासखंड बैहर के विभिन्न ग्रामों में बिना वैध अनुज्ञप्ति के धान बीजों का अवैध विक्रय किए जाने के मामले में कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना बैहर को पत्र प्रेषित किया है।

कृषि विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी कि दिनांक 31 मई 2026 को ग्राम गोहारा तथा 01 जून 2026 को ग्राम भंडेरी के काशीटोला एवं ग्राम पोला-पटपरी में श्री कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, बैहर के प्रोपराइटर श्री सानू पटले एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न कंपनियों के धान बीज वाहन क्रमांक MP50ZG6496 के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को बेचे जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर कृषि विभाग बैहर के अनुविभागीय कृषि अधिकारी (एसडीओ) श्री एस.आर. धुर्वे द्वारा 02 जून को ग्राम काशीटोला एवं पोला-पटपरी तथा 03 जून को ग्राम गोहारा पहुंचकर किसानों के घरों में वितरित बीजों का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान पंचनामा तैयार कर तथ्यों का संकलन किया गया।

प्राथमिक जांच में पाया गया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा विभिन्न कंपनियों के धान बीज, जिनमें केशव खनक सीड्स प्राइवेट लिमिटेड (गोंदिया, महाराष्ट्र), जयकुंड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड (वडोदरा, गुजरात), जीनोमिक्स एग्री जेनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सिकंदराबाद, तेलंगाना) तथा सुमनजली सीड्स एंड फार्मर्स (हनमकोंडा, तेलंगाना) के बीज शामिल हैं, बिना वैध बीज अनुज्ञप्ति के क्षेत्र में विक्रय किए जा रहे थे।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार वाहन क्रमांक MP50ZG6496 के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के किसानों को अवैधानिक रूप से बीज बेचे जाने की पुष्टि हुई है। कृषि विभाग का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां किसानों के साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में आती हैं तथा इससे भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7, बीज अधिनियम 1966 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 की धारा 3 का उल्लंघन होता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ कृषि श्री एस.आर. धुर्वे ने श्री सानू पटले निवासी भीकेवाड़ा, तहसील परसवाड़ा, श्री पलक बिसेन निवासी भंडेरी, तहसील बैहर तथा वाहन मालिक श्री कुंजेलाल/नुरेलाल हिरवाने निवासी भोरवाही लिंगा, विकासखंड परसवाड़ा के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी बैहर को पत्र भेजा है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध विक्रय गतिविधि की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।

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जिले के सभी विद्यालयों में 1 से 30 जून तक मनाया जाएगा "मेगा APAAR दिवस"
राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के निर्देशानुसार जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 1 जून से 30 जून 2026 तक "मेगा APAAR दिवस" का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष अभियान प्रत्येक शनिवार को आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों की APAAR आईडी बनाना और उन्हें डिजिटल शैक्षणिक पहचान से जोड़ना है।

जिला परियोजना समन्‍वयक श्री जीपी बर्मन ने बताया कि इस कार्यक्रम में ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालयों में आमंत्रित किया जाएगा, जिनकी APAAR आईडी अभी तक नहीं बनी है। अभियान के तहत विशेष रूप से दो श्रेणियों के विद्यार्थियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, पहले वे विद्यार्थी जिनके पास आधार कार्ड उपलब्ध है लेकिन APAAR आईडी नहीं बनी है, तथा दूसरे वे विद्यार्थी जिनके पास आधार कार्ड भी उपलब्ध नहीं है।

"मेगा APAAR दिवस" के सफल संचालन के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड स्त्रोत समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों, जनशिक्षकों तथा शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य, प्रधान पाठक एवं प्रभारी प्रधान पाठकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शिविरों के माध्यम से अभिभावकों की उपस्थिति में विद्यार्थियों का नामांकन एवं APAAR आईडी निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी।

जिला शिक्षा केन्द्र ने सभी संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया है कि अभियान को गंभीरता से संचालित करते हुए अधिकतम विद्यार्थियों को इसका लाभ दिलाया जाए, ताकि प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक पहचान डिजिटल रूप से सुरक्षित और एकीकृत की जा सके। यह अभियान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की डिजिटल शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है तथा सभी विद्यालयों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को गणवेश प्रदाय करने का निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्‍यक्षता में 02 जून को हुई प्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में शासकीय शालाओं में कक्षा पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 से निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है। निविदा प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को अधिकृत किया गया है। शासकीय शालाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व 2 जोडी गणवेश प्रदाय किया जाना लक्षित है। इससे समय सीमा में विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त गणवेश प्रदाय सुनिश्चित हो सकेगा।

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मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 11 जून तक आवेदन आमंत्रित

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

उप संचालक मत्स्योद्योग श्रीमती पूजा रोडगे ने बताया कि वर्ष 2022-23 से प्रदेश में संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत विभिन्न नवाचार गतिविधियों को शामिल किया गया है। इनमें ग्रामीण तालाबों में झींगा पालन, ग्रामीण तालाबों में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण तथा स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना जैसी गतिविधियां प्रमुख हैं। योजना का लाभ व्यक्तिगत मत्स्य पालकों, ग्रामीण तालाबों के पट्टाधारकों, मछुआ समूहों, स्व-सहायता समूहों एवं मछुआ सहकारी समितियों को दिया जाएगा। चयनित हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 11 जून 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदक आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन जिला मत्स्योद्योग कार्यालय, बालाघाट में निर्धारित समयावधि के भीतर जमा कर सकते हैं। योजना संबंधी अधिक जानकारी के लिए आवेदक कार्यालय उप संचालक मत्स्योद्योग, बालाघाट से संपर्क कर सकते हैं।
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बालाघाट जिले में अगले पांच दिनों तक हल्की बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल से प्राप्त 5 दिवसीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बालाघाट जिले में 3 जून से 7 जून 2026 तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। वहीं हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

जिला कृषि मौसम इकाई एवं कृषि विज्ञान केंद्र, बड़गांव के वैज्ञानिक डा धर्मेन्द्र अगासे ने बताया कि जारी पूर्वानुमान के अनुसार उक्त अवधि में अधिकतम तापमान 38.6 से 40.3 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25.2 से 26.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय वायुमंडलीय आर्द्रता 51 से 56 प्रतिशत तथा दोपहर में 25 से 28 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दिनों में सामान्य हवा की गति 6 से 7 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जो मुख्यतः दक्षिण-पूर्व दिशा से चलेगी। हालांकि गरज-चमक और आंधी के दौरान हवा की रफ्तार अचानक बढ़कर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

कृषि विज्ञान केंद्र, बालाघाट ने किसानों को मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है। साथ ही आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खेतों एवं खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं रुकने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई है। जिला कृषि मौसम इकाई ने किसानों से मौसम संबंधी नवीनतम जानकारी एवं कृषि परामर्श के लिए नियमित रूप से कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जारी सलाह का पालन करने का आग्रह किया है।

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ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जून
जिले में किसानों के पंजीयन के लिए बनाये गये 13 केन्द्र

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ग्रामीण परिवेश से राष्ट्रीय पहचान तक

बालाघाट के युवा सिद्धार्थ गेडाम का ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ में राष्ट्रीय स्तर पर चयन

प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के सामने संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। इसका सशक्त उदाहरण बालाघाट जिले के ग्राम मंझारा (भरवेली) निवासी युवा एवं नेशनल वॉलिंटियर सिद्धार्थ गेडाम हैं, जिनका भारत सरकार के महत्वाकांक्षी माय भारत के अंतर्गत संचालित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) में राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बीच हासिल की गई यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है।

भारत सरकार द्वारा संचालित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उद्देश्य देश के सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास करना है। कार्यक्रम के माध्यम से सीमा क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना, जनभागीदारी को बढ़ावा देना तथा गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाना प्रमुख लक्ष्य है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में चयनित युवाओं को देश के सीमावर्ती राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जैसे लद्दाख, हिमाचलप्रदेश, उत्‍तराखण्‍ड तथा जम्‍मु और कश्‍मीर के चयनित गांवों में कार्य करने और वहां के जीवन, चुनौतियों तथा विकास गतिविधियों को निकट से समझने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागी सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सामुदायिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता अभियान, युवा संवाद तथा अनुभवात्मक शिक्षण जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

सिद्धार्थ गेडाम ने अपनी मेहनत, अध्ययनशीलता और सामान्य ज्ञान के दम पर इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यक्रम में स्थान बनाया है। उनकी यह उपलब्धि अचानक नहीं आई, बल्कि वर्षों के निरंतर प्रयास और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का परिणाम है।

उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ इससे पूर्व भी कई राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। वे माय भारत बजट क्‍वेस्‍ट कार्यक्रम के अंतर्गत भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ बजट विषय पर आयोजित वर्चुअल संवाद में सहभागिता कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय युवा संसद कार्यक्रम में मध्‍यप्रदेश लेजिस्‍लेटिव असेंबली में बालाघाट जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया था, जिसकी व्यापक सराहना हुई थी।

सामाजिक जागरूकता, युवा नेतृत्व, राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न मंचों पर सिद्धार्थ लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करने की उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों, तो किसी भी पृष्ठभूमि का युवा देश के बड़े मंचों तक पहुंच सकता है।

सिद्धार्थ गेडाम की यह उपलब्धि बालाघाट जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण भारत की प्रतिभाएं आज राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और आने वाले समय में देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं।
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हौसलों की उड़ान: एक पैर से दिव्यांग कार्तिक ने पाई नौकरी, अब कमा रहे 40 हजार रुपये प्रतिमाह

दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिलने पर कोई भी बाधा सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती। इसका प्रेरणादायक उदाहरण बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड के ग्राम भीमोड़ी निवासी 22 वर्षीय युवा कार्तिक दिलीप बंबूरे हैं, जिन्होंने शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत की है।

कार्तिक एक पैर से चलने में असमर्थ हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी शारीरिक चुनौती को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। रोजगार की तलाश के दौरान उन्हें लांजी स्थित दृष्टि कंप्यूटर एजुकेशन इंस्टीट्यूट के संचालक सचिन चावड़ा के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित रोजगार मेलों की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अवसर का लाभ उठाने का निर्णय लिया और रोजगार मेले में भाग लिया।
जिला प्रशासन बालाघाट द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जा रहे रोजगार मेलों ने कार्तिक के जीवन की दिशा बदल दी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें अहमदाबाद स्थित Yazaki India Private Limited में रोजगार का अवसर मिला। वर्तमान में वे कंपनी में कार्यरत हैं और प्रतिमाह लगभग 30 से 40 हजार रुपये का वेतन अर्जित कर रहे हैं।

कार्तिक बताते हैं कि यदि उन्हें रोजगार मेले की जानकारी और उचित मार्गदर्शन नहीं मिलता, तो शायद उन्हें यह अवसर प्राप्त नहीं हो पाता। आज वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवार को भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही समय पर मिला अवसर और मार्गदर्शन किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
रोजगार प्राप्त करने के बाद कार्तिक ने कलेक्टर मृणाल मीना से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की रोजगारोन्मुखी पहल और रोजगार मेलों ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। कार्तिक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिले के अन्य युवाओं को भी ऐसे अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।

कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने कार्तिक की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। रोजगार मेले युवाओं और कंपनियों के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहे हैं, जिससे अनेक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।

कार्तिक की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो रोजगार की तलाश में हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी हों, यदि संकल्प मजबूत हो और सही अवसर मिल जाए, तो सफलता निश्चित रूप से हासिल की जा सकती है।

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खनिज संसाधन विभाग के सचिव ने डीएमएफ कार्यों को लेकर वीडियों कांफ्रेंस में दिये निर्देश

संशोधित नियमों के अनुसार होंगे डीएमएफ की राशि से कार्य

प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्‍याण योजना 2024 के नये नियमों के परिप्रेक्ष्‍य में खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री आलोक सिंह एवं संचालक श्री फ्रेंक नोबल ए ने 02 जून को वीडियों कांफ्रेंस के माध्‍यम से सभी जिलो के कलेक्‍टर को निर्देश दिये। वीडियों कांफ्रेंस में भारत सरकार के निर्देश पर डीएमएफ के नियमों में किये गए संशोधन के संबंध में विस्‍तार से बताया गया। इस वीडियों कांफ्रेंस में कलेक्‍टर श्री मृणाल मीना, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, उपसंचालक खनिज सुश्री फरहत जहॉ, सहायक यंत्री श्री भास्‍कर शिव एवं अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।

            वीडियों कांफ्रेंस में बताया गया कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्‍याण योजना 2024 के संबंध में 14 मई 2026 को राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है। जिसके तहत अब डीएमएफ के कार्य कराये जाएंगे। नये नियमों के अनुसार अब डीएमएफ की राशि से मुख्‍य खनिज की खदानों से 15 किमी की परिधि में प्रत्‍यक्ष रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्र में तथा 25 किमी की परिधि में अप्रत्‍यक्ष रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्र में काम कराये जाएंगे। डीएमएफ की 70 प्रतिशत राशि का उपयोग उच्‍च प्राथमिकता वाले क्षेत्र में और 30 प्रतिशत अन्‍य प्राथमिकता वाले क्षेत्र में करना होगा। उच्‍च प्राथमिकता क्षेत्र में अतिरिक्‍त रूप से आवास, कृषि एवं पशुपालन का क्षेत्र शामिल किया गया है। डीएमएफ की कुल वार्षिक प्राप्ति का 70 प्रतिशत प्रत्‍यक्ष प्रभावित क्षेत्र में उपयोग करना होगा।

            बैठक में बताया गया कि नये नियमों के अनुसार डीएमएफ की वार्षिक प्राप्‍ति 10 करोड से अधिक होने पर कुल प्राप्ति का 10 प्रतिशत अक्षय निधि के रूप में रखे जाने का प्रावधान है। डीएमएफ के कार्यों की पंचवर्षीय योजना तैयार कर , जिला खनिज प्रतिष्‍ठान के मण्‍डल द्वारा इसका अनुमोदन कराना होगा। डीएमएफ की राशि का राज्य स्‍तर पर या अन्‍य जिलों मे अंतरण प्रतिबंधित रहेगा। डीएमएफ के कार्यों का सीएजी में सूचीबद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट तथा सीएजी द्वारा आडिट कराया जाएगा।

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ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी जारी है पोषण आहार वितरण,
गोवारीटोला आंगनवाड़ी केंद्र में बांटी गयी रेडी टू ईट खाद्य सामग्री

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शासन के निर्देशानुसार बाल विकास परियोजना बालाघाट ग्रामीण अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में 1 जून से 15 जून तक बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। अवकाश अवधि के दौरान बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को पोषण आहार की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा रेडी टू ईट (आरटीई) खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा है।

इसी क्रम में सोमवार 2 जून को बालाघाट ग्रामीण परियोजना के चांगोटोला सेक्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनखार के गोवारीटोला आंगनवाड़ी केंद्र में हितग्राहियों को रेडी टू ईट खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। वितरण कार्यक्रम के दौरान केंद्र में पंजीकृत बच्चों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में पोषण आहार उपलब्ध कराया गया, जिससे अवकाश अवधि में भी उनके पोषण स्तर को बनाए रखा जा सके।

बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र चौकसे ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से रेडी टू ईट सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा हितग्राहियों को संतुलित आहार, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जा रही है।

विभाग का उद्देश्य है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी बच्चों एवं महिलाओं को पोषण संबंधी सेवाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे तथा कुपोषण की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। विभाग द्वारा वितरण कार्य की नियमित निगरानी भी की जा रही है ताकि सभी पात्र हितग्राहियों तक समय पर पोषण आहार पहुंच सके।

रेडी टू ईट वितरण कार्यक्रम से ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राहियों में संतोष देखा गया और उन्होंने विभाग की इस पहल की सराहना की। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी सभी केंद्रों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वितरण कार्य जारी रखा जाएगा।

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ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जून
जिले में किसानों के पंजीयन के लिए बनाये गये 13 केन्द्र

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ग्रामीण परिवेश से राष्ट्रीय पहचान तक

बालाघाट के युवा सिद्धार्थ गेडाम का ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ में राष्ट्रीय स्तर पर चयन

प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के सामने संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। इसका सशक्त उदाहरण बालाघाट जिले के ग्राम मंझारा (भरवेली) निवासी युवा एवं नेशनल वॉलिंटियर सिद्धार्थ गेडाम हैं, जिनका भारत सरकार के महत्वाकांक्षी माय भारत के अंतर्गत संचालित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) में राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बीच हासिल की गई यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है।

भारत सरकार द्वारा संचालित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उद्देश्य देश के सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास करना है। कार्यक्रम के माध्यम से सीमा क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना, जनभागीदारी को बढ़ावा देना तथा गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाना प्रमुख लक्ष्य है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में चयनित युवाओं को देश के सीमावर्ती राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जैसे लद्दाख, हिमाचलप्रदेश, उत्‍तराखण्‍ड तथा जम्‍मु और कश्‍मीर के चयनित गांवों में कार्य करने और वहां के जीवन, चुनौतियों तथा विकास गतिविधियों को निकट से समझने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागी सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सामुदायिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता अभियान, युवा संवाद तथा अनुभवात्मक शिक्षण जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

सिद्धार्थ गेडाम ने अपनी मेहनत, अध्ययनशीलता और सामान्य ज्ञान के दम पर इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यक्रम में स्थान बनाया है। उनकी यह उपलब्धि अचानक नहीं आई, बल्कि वर्षों के निरंतर प्रयास और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का परिणाम है।

उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ इससे पूर्व भी कई राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। वे माय भारत बजट क्‍वेस्‍ट कार्यक्रम के अंतर्गत भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ बजट विषय पर आयोजित वर्चुअल संवाद में सहभागिता कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय युवा संसद कार्यक्रम में मध्‍यप्रदेश लेजिस्‍लेटिव असेंबली में बालाघाट जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया था, जिसकी व्यापक सराहना हुई थी।

सामाजिक जागरूकता, युवा नेतृत्व, राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न मंचों पर सिद्धार्थ लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करने की उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों, तो किसी भी पृष्ठभूमि का युवा देश के बड़े मंचों तक पहुंच सकता है।

सिद्धार्थ गेडाम की यह उपलब्धि बालाघाट जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण भारत की प्रतिभाएं आज राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और आने वाले समय में देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं।
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मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 11 जून तक आवेदन आमंत्रित

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

उप संचालक मत्स्योद्योग श्रीमती पूजा रोडगे ने बताया कि वर्ष 2022-23 से प्रदेश में संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत विभिन्न नवाचार गतिविधियों को शामिल किया गया है। इनमें ग्रामीण तालाबों में झींगा पालन, ग्रामीण तालाबों में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण तथा स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना जैसी गतिविधियां प्रमुख हैं। योजना का लाभ व्यक्तिगत मत्स्य पालकों, ग्रामीण तालाबों के पट्टाधारकों, मछुआ समूहों, स्व-सहायता समूहों एवं मछुआ सहकारी समितियों को दिया जाएगा। चयनित हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 11 जून 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदक आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन जिला मत्स्योद्योग कार्यालय, बालाघाट में निर्धारित समयावधि के भीतर जमा कर सकते हैं। योजना संबंधी अधिक जानकारी के लिए आवेदक कार्यालय उप संचालक मत्स्योद्योग, बालाघाट से संपर्क कर सकते हैं।
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बालाघाट जिले में अगले पांच दिनों तक हल्की बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल से प्राप्त 5 दिवसीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बालाघाट जिले में 3 जून से 7 जून 2026 तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। वहीं हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

जिला कृषि मौसम इकाई एवं कृषि विज्ञान केंद्र, बड़गांव के वैज्ञानिक डा धर्मेन्द्र अगासे ने बताया कि जारी पूर्वानुमान के अनुसार उक्त अवधि में अधिकतम तापमान 38.6 से 40.3 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25.2 से 26.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय वायुमंडलीय आर्द्रता 51 से 56 प्रतिशत तथा दोपहर में 25 से 28 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दिनों में सामान्य हवा की गति 6 से 7 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जो मुख्यतः दक्षिण-पूर्व दिशा से चलेगी। हालांकि गरज-चमक और आंधी के दौरान हवा की रफ्तार अचानक बढ़कर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

कृषि विज्ञान केंद्र, बालाघाट ने किसानों को मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है। साथ ही आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खेतों एवं खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं रुकने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई है। जिला कृषि मौसम इकाई ने किसानों से मौसम संबंधी नवीनतम जानकारी एवं कृषि परामर्श के लिए नियमित रूप से कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जारी सलाह का पालन करने का आग्रह किया है।

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पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को गणवेश प्रदाय करने का निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्‍यक्षता में 02 जून को हुई प्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में शासकीय शालाओं में कक्षा पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 से निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है। निविदा प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को अधिकृत किया गया है। शासकीय शालाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व 2 जोडी गणवेश प्रदाय किया जाना लक्षित है। इससे समय सीमा में विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त गणवेश प्रदाय सुनिश्चित हो सकेगा।

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