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PRO JS Balaghat

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बिरसा में वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) दावों के बेहतर निष्पादन के उद्देश्य से जनपद पंचायत बिरसा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैहर के मार्गदर्शन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साथी अनुसंधान एवं सामाजिक कल्याण संगठन, बालाघाट ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों, वन अधिकार समितियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की क्षमता का विकास कर वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिरसा श्री नितिन भट्ट ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के सफल क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों एवं वन अधिकार समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राहियों को अधिनियम का लाभ दिलाने की अपील की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के सचिव, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष एवं सचिव, पटवारी, वन रक्षक, जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी, छात्रावास अधीक्षक तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षक श्री गौरव शर्मा एवं श्री रितेश देशमुख ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रमुख प्रावधानों, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर), ग्राम सभा की भूमिका, दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, दावों के परीक्षण एवं अनुमोदन की प्रक्रिया सहित अधिनियम के कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए ग्राम स्तर पर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों से अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा पात्र वनवासियों एवं जनजातीय समुदायों को उनके वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए इसे ग्राम स्तर पर वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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15 से 30 जुलाई तक चलेगा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान
जनभागीदारी से नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान
बालाघाट जिले में 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित होने वाले "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान के सफल संचालन को लेकर मंगलवार 14 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल से लाइव संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री निहित उपाध्याय, डीएसपी (आईजी कार्यालय) श्री राजाराम धाकड़, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत ठाकुर, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य श्री मौसम बिसेन, एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। जिस प्रकार डकैतों और नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई, उसी तरह अब हर प्रकार के नशे पर रोक लगाने के लिए ड्रग माफिया, तस्करों और नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण अभियान है, जिसकी सफलता के लिए सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।
बैठक की शुरुआत में पुलिस विभाग द्वारा अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। अधिकारियों को अभियान के चार प्रमुख आयाम—इन्फोर्समेंट एवं इंटेलिजेंस ऑपरेशन, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स कंट्रोल, डिमांड एवं हार्म रिडक्शन तथा कैपेसिटी बिल्डिंग एवं कोऑर्डिनेशन—की जानकारी दी गई। साथ ही पिछले अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा कर इस वर्ष इसे और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने कहा कि "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" केवल पुलिस विभाग का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से अपने-अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करते हुए नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बैठक में कहा कि अभियान अवधि के दौरान जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में नशामुक्ति विषय पर रैलियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, संगोष्ठियां, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएं, मानव श्रृंखला तथा अन्य जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का प्रभावी निर्वहन करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करे, ताकि अधिक से अधिक नागरिक अभियान से जुड़ें और वर्ष 2029 तक नशामुक्त समाज के लक्ष्य को साकार करने में अपनी भागीदारी निभाएं। बैठक के अंत में विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं तथा सभी अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर कलेक्टर सख्त
लापरवाही पर नोटिस और वेतन कटौती के निर्देश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने मंगलवार 14 जुलाई को कृषि, स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की लंबित 17 शिकायतों की समक्ष में सुनवाई कर प्रकरणों की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान 4 शिकायतों का तत्काल निराकरण कर उन्हें बंद कराया गया, जबकि शेष शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री मीना ने शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब एवं पोर्टल पर गलत या अपूर्ण जवाब दर्ज करने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्रसूति सहायता और नसबंदी मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 200 दिनों से अधिक समय से लंबित सात शिकायतों की सुनवाई के दौरान परसवाड़ा के ग्राम डोंगरिया की सुकवंती मरकाम, लालबर्रा के नंदकिशोर देवाहे तथा वारासीवनी के ग्राम कोचेवाही की मोनिका द्वारा नसबंदी ऑपरेशन असफल होने पर मुआवजे की मांग की गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि सुकवंती मरकाम एवं नंदकिशोर देवाहे के मामलों में मुआवजा स्वीकृत हो चुका है और शासन से राशि प्राप्त होते ही उनके खातों में जमा करा दी जाएगी, जबकि मोनिका का प्रकरण पात्रता के अभाव में स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा महकेपार की उषा काड़ेकर, आरती उइके, बोरगांव (किरनापुर) की विनीता मर्सकोले तथा बालाघाट के डालीराम लिल्हारे द्वारा संबल योजना के अंतर्गत मिलने वाली 16 हजार रुपये की प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की गई थी। कलेक्टर ने इन शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के समय संबल कार्ड की पात्रता की भी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके।
फसल बीमा और कृषक सहायता मामलों में सख्ती
कृषि विभाग की शिकायतों की सुनवाई में तिरोड़ी के राजेंद्र, कोहका के ओमकार, खैरलांजी की रामरी तथा ग्राम दिघोरी के मोहम्मद खालिक की फसल बीमा राशि नहीं मिलने संबंधी शिकायतों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाना है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को बीमा कंपनी से समन्वय कर भुगतान की राशि और समयसीमा की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
वारासिवनी तहसील के ग्राम नरोड़ी की हेमलता चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता नहीं मिलने की 216 दिनों से लंबित शिकायत की सुनवाई के दौरान पाया गया कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रकरण के निराकरण में लापरवाही बरती गई और जांच के लिए मामला विलंब से एसडीएम के पास भेजा गया। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एल-1 अधिकारी एवं उप संचालक कृषि को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उज्ज्वला योजना की शिकायतों पर कार्रवाई
सुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत नए गैस कनेक्शन नहीं मिलने से संबं
धित पांच शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जो 350 दिनों से अधिक समय से लंबित थीं। कलेक्टर श्री मीना ने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं गैस एजेंसी के अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र निराकरण कर बंद कराने के निर्देश दिए। उज्ज्वला योजना की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर कटंगी के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।
कलेक्टर श्री मीना ने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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15 जुलाई को जिला पंचायत की कृषि समिति की बैठक

आगामी 15 जुलाई को जिला पंचायत की कृषि समिति की बैठक का आयोजन किया गया है। समिति के सभापति श्री टामेश्वर पटले की अध्यक्षता में आयोजित समिति की यह बैठक जिला पंचायत कार्यालय सभाकक्ष में दोपहर 01 बजे से प्रारंभ होगी। इस बैठक में कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना के कार्यों की समीक्षा की जायेगी। इसके साथ ही उद्यानिकी, मत्‍स्‍योद्योग, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के कार्यों एवं योजनाओं की भी समीक्षा की जायेगी। समिति के सभी सदस्यों एवं संबंधित अधिकारियों को बैठक में उपस्थित रहने के लिए सूचित कर दिया गया है।

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जिला न्यायालय परिसर सहित छह न्यायालय परिसरों की सफाई एवं उद्यान रखरखाव के लिए निविदाएं आमंत्रित

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट द्वारा जिला न्यायालय परिसर, परिवार न्यायालय परिसर बालाघाट तथा तहसील न्यायालय वारासिवनी, बैहर, कटंगी एवं लांजी परिसरों में यांत्रिक सफाई (मैकेनाइज्ड क्लीनिंग) एवं उद्यान/पौधरोपण के रखरखाव कार्य के लिए प्रतिष्ठित एवं अधिकृत एजेंसियों से ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।

निविदाएं मध्य प्रदेश शासन के ई-टेंडर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार की जाएंगी। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 सायं 5:00 बजे निर्धारित की गई है। प्राप्त निविदाओं को 25 अगस्त 2026 को सायं 5:00 बजे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय, बालाघाट में खोला जाएगा। निविदा प्रक्रिया से संबंधित प्री-बिड बैठक 13 अगस्त 2026 को सायं 5:00 बजे जिला न्यायालय, बालाघाट में आयोजित होगी, जिसमें इच्छुक एजेंसियां भाग लेकर निविदा संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगी।

निविदा की विस्तृत शर्तें एवं अन्य आवश्यक जानकारी मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश शासन के ई-टेंडर पोर्टल तथा जिला न्यायालय, बालाघाट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई हैं। इच्छुक एवं पात्र एजेंसियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने का आग्रह किया गया है।

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जिला परिवहन कार्यालय में मासिक किराये पर वाहन उपलब्ध कराने 18 जुलाई तक आमंत्रित की गईं निविदाएं

जिला परिवहन कार्यालय बालाघाट द्वारा कार्यालयीन कार्यों के लिए मासिक किराये पर वाहन उपलब्ध कराने हेतु वाहन स्वामियों से 18 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे तक सीलबंद निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। निर्धारित समय सीमा तक प्राप्त होने वाली निविदाओं को 23 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे खोला जाएगा। निविदा प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुसार संपन्न की जाएगी।

जारी शर्तों के अनुसार किराये पर उपलब्ध कराया जाने वाला वाहन टैक्सी परमिटधारी होना आवश्यक है तथा उसका मॉडल तीन वर्ष से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। पात्र वाहन स्वामी निर्धारित समयावधि में अपनी सीलबंद निविदाएं जिला परिवहन कार्यालय में जमा कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला परिवहन कार्यालय बालाघाट से सम्पर्क किया जा सकता है।

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15 जुलाई को जिला पंचायत की संचार एवं संकर्म समिति की बैठक

आगामी 15 जुलाई को जिला पंचायत की संचार एवं संकर्म समिति की बैठक का आयोजन किया गया है। समिति के सभापति की अध्यक्षता में आयोजित समिति की यह बैठक जिला पंचायत कार्यालय सभाकक्ष में प्रात: 11 बजे से प्रारंभ होगी। इस बैठक में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विभागों द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की जायेगी। समिति के सभी सदस्यों  एवं संबंधित अधिकारियों को बैठक में उपस्थित रहने के लिए सूचित कर दिया गया है।

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एनआई एक्ट के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए 18 जुलाई को लगेगी विशेष लोक अदालत

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट श्री प्राणेश कुमार प्राण के मार्गदर्शन में 18 जुलाई 2026 को जिले में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जिला न्यायालय बालाघाट एवं तहसील न्यायालय लांजी, कटंगी और वारासिवनी में परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के लंबित प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर शीघ्र निराकरण किया जाएगा।

विशेष लोक अदालत की तैयारियों के तहत न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं संबंधित पक्षकारों के साथ प्री-सिटिंग बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में अधिक से अधिक लंबित प्रकरणों को विशेष लोक अदालत में रेफर कर आपसी सहमति से उनका निराकरण कराने की रणनीति पर चर्चा की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी देकर उन्हें समझौते के माध्यम से विवादों के शीघ्र समाधान के लिए प्रेरित करें, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें एनआई एक्ट की धारा 138 से संबंधित लंबित प्रकरणों का अधिक से अधिक संख्या में समझौते के आधार पर निराकरण कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित पक्षकारों से विशेष लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित निराकरण कराने की अपील की है।

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कासनाला पुल निर्माण के लिए तीन किसानों की भूमि क्रय प्रस्तावित, 15 दिन में मांगी गई आपत्तियां

वारासिवनी तहसील के अंतर्गत बुदबुदा-नदीटोला मार्ग स्थित कासनाला में जलमग्नीय पुल निर्माण के लिए तीन भूमिस्वामियों की कुल 0.279 हेक्टेयर भूमि क्रय किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह भूमि लोक निर्माण विभाग के सेतु निर्माण संभाग, बालाघाट के पक्ष में क्रय की जाएगी।

प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संबंध में यदि किसी व्यक्ति को कोई दावा अथवा आपत्ति हो तो वह सूचना जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर कलेक्ट्रेट कार्यालय में उपस्थित होकर अपना दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। प्रस्ताव के अनुसार बुदबुदा निवासी झामसिंह पिता रामलाल की 0.129 हेक्टेयर, रमेश पिता तिलकचंद की 0.089 हेक्टेयर तथा राधेश्याम पिता रामलाल की 0.061 हेक्टेयर भूमि पुल निर्माण कार्य के लिए क्रय किए जाने का प्रस्ताव है। प्रशासन ने संबंधित पक्षों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने दावा-आपत्तियां प्रस्तुत करने का आग्रह किया है।

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16 एवं 17 जुलाई को लगेगा IFMIS केयर्स कैंप,
तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए विभागों से मांगी जानकारी

            संचालनालय, कोष एवं लेखा के निर्देशानुसार आईएफएमआईएस (IFMIS) सॉफ्टवेयर से संबंधित तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 16 एवं 17 जुलाई 2026 को जिला कोषालय बालाघाट में विशेष "IFMIS Cares Camp" का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला कोषालय अधिकारी श्री दीपक राणा ने जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) को इस कैंप में उपस्थित रहने कहा हैं।

सभी आहरण संवितरण अधिकारियों से कहा गया है कि अपने कार्यालयों में लंबित पुरानी एवं नई IFMIS संबंधी तकनीकी समस्याओं का विवरण निर्धारित प्रपत्र में भरकर 15 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला कोषालय में उपलब्ध कराएं। प्राप्त शिकायतों का पंजीयन कर कैंप के दौरान उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा। इसके अलावा 15 जुलाई 2026 को कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में प्रात: 11 बजे से आयोजित समीक्षा बैठक में सभी संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बैठक में IFMIS प्रणाली से जुड़े लंबित प्रकरणों, तकनीकी समस्याओं एवं उनके समाधान की समीक्षा की जाएगी।

जिला कोषालय अधिकारी ने सभी डीडीओ से निर्धारित समय सीमा में समस्याओं की जानकारी उपलब्ध कराने और कैंप का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है, ताकि IFMIS प्रणाली के संचालन में आ रही तकनीकी बाधाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

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योजनाओं की लक्ष्य पूर्ति एवं किसानों को बीज वितरण में लापरवाही पर कटंगी के कृषि विस्तार अधिकारी सलील दीक्षित निलंबित 

     कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने कृषि विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही एवं लक्ष्य पूर्ति में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर विकासखंड कटंगी के कृषि विस्तार अधिकारी श्री सलील दीक्षित (क्षेत्र देवरी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी लांजी निर्धारित किया गया है।

      16 मई 2026 को आयोजित विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सुपर सीडर, बेलर, स्प्रिंकलर, पाइपलाइन, एआईएफ तथा जे-फार्म पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों के विरुद्ध  श्री सलील दीक्षित की शून्य प्रगति पाई गई थी। इसके अलावा स्वाइल हेल्थ एवं फर्टिलिटी योजना के तहत वर्ष 2026-27 में मिट्टी के नमूने एकत्रित कर प्रयोगशाला भेजने के निर्धारित 70 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 21 नमूनों की ही प्रगति दर्ज की गई। किसानों को वितरण हेतु तिल एवं उड़द बीज का निर्धारित लक्ष्य भी श्री दीक्षित द्वारा पूरा नहीं किया गया।

     इस संबंध में 26 मई 2026 को कृषि विस्तार अधिकारी श्री सलील दीक्षित को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनके द्वारा निर्धारित अवधि तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

    इन तथ्यों के आधार पर कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कटंगी के कृषि विस्तार अधिकारी श्री सलील दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी, लांजी निर्धारित किया गया है तथा इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

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प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में चलेगा “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान

15 से 30 जुलाई तक विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए किया जाएगा जागरूक

विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान संचालित किया जाएगा। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलेगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को अभियान के अंतर्गत समयबद्ध रूप से जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अभियान के दौरान विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स और स्काउट गाइड युवाओं को नशा मुक्त समाज के निर्माण का संदेश देंगे। अभियान की शुरुआत 15 जुलाई 2026 को होगी। जागरूकता रैली, ड्रग अवेयरनेस रन की गतिविधियां होंगी। इस दौरान स्थानीय मीडिया के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे तथा नशा मुक्ति से जुड़े पम्पलेट वितरित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को नशा मुक्त जीवन की शपथ भी दिलाई जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता के लिए रील्स एवं शॉर्ट फिल्म निर्माण तथा उनका प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही नशा मुक्ति विषय पर विशेष व्याख्यान और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन आयोजित होंगे।

उच्च शिक्षण संस्थानों के आसपास तम्बाकू, सिगरेट या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं हो, इस संबंध में भी जागरूकता सुनिश्चित की जाएगी। चित्रकला, निबंध, पेंटिंग, स्लोगन, रंगोली एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी नशा मुक्ति का संदेश देंगे। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान का उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना और शिक्षण संस्थानों के माध्यम से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहभागिता सुनिश्चित करना है।

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डायरिया रोको अभियान: बिरसा के सुरवाही, गोरखपुर और गर्राटोला में पेयजल की गुणवत्ता जांची, ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक
बालाघाट जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम एवं ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा डायरिया रोको अभियान के अंतर्गत लगातार जनजागरूकता एवं जल गुणवत्ता परीक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके के निर्देशन में पीएमयू समन्वयक श्रीमती शीतल मिश्रा एवं श्री हरीश झा तथा ब्लॉक समन्वयक श्री फनीश रंगारे ने विकासखंड बिरसा के ग्राम सुरवाही, गोरखपुर एवं गर्राटोला की ग्राम पंचायतों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं।

अभियान के दौरान विभागीय टीम ने ग्रामीणों की उपस्थिति में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पेयजल स्रोतों के पानी की गुणवत्ता की जांच की। परीक्षण के दौरान पानी की रासायनिक शुद्धता का आकलन किया गया तथा ग्रामीणों को स्वयं एफटीके किट का उपयोग कर पानी की जांच करने की विधि भी सिखाई गई, ताकि वे समय-समय पर अपने पेयजल की गुणवत्ता का परीक्षण कर दूषित पानी के सेवन से बच सकें।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को हैंड वॉश के छह चरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर सही तरीके से हाथ धोने की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भोजन बनाने और खाने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत अपनाकर डायरिया सहित अनेक जलजनित बीमारियों से प्रभावी बचाव किया जा सकता है।
समन्वयकों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे हमेशा स्वच्छ एवं ढककर रखा गया पेयजल ही उपयोग करें, जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा गंदगी दिखाई देने पर तत्काल उसकी सफाई करें। उन्होंने कहा कि सजगता, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल का उपयोग ही डायरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है। 

पीएचई विभाग ने बताया कि डायरिया रोको अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न गांवों में जल गुणवत्ता परीक्षण, स्वच्छता जागरूकता और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

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शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बालाघाट में तीन दिवसीय एआई फैकल्टी डेवलपमेंट प्रशिक्षण संपन्न

 शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, बालाघाट में 9 से 11 जुलाई 2026 तक Bhartcare एवं IBM के संयुक्त सहयोग से तीन दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फैकल्टी डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराते हुए शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रशासनिक कार्यों में एआई के प्रभावी और उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग के लिए सक्षम बनाना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री आर. एम. सोनवे सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, आधुनिक एआई टूल्स तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।

एआई टेक्नोलॉजी ट्रेनर श्री प्रमेय तिवारी ने लाइव डेमो एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्न एआई आधारित अनुप्रयोगों का व्यावहारिक अभ्यास कराया। इस दौरान शिक्षण, मूल्यांकन, कार्यालयीन कार्यों, शैक्षणिक प्रबंधन, कंटेंट निर्माण, प्रस्तुतीकरण, दस्तावेज़ तैयार करने, डेटा विश्लेषण, प्रश्न-पत्र निर्माण तथा शिक्षण सामग्री विकसित करने में एआई के उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों में उभरती हुई कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीकों के प्रति जागरूकता एवं तकनीकी दक्षता का विकास हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी श्री शैलेष सिन्ह ने Bhartcare, IBM एवं प्रशिक्षक श्री प्रमेय तिवारी का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा डिजिटल शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान प्रत्येक शिक्षक के लिए समय की आवश्यकता बन गया है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की कार्यकुशलता, नवाचार क्षमता और तकनीकी दक्षता को नई दिशा प्रदान करते हैं, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं उद्योगोन्मुखी तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

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विश्व युवा कौशल दिवस पर छात्राओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की दी जानकारी
शासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय, बालाघाट में सोमवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निधि ठाकुर ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी शिक्षा, उद्यमिता तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में पॉलिटेक्निक कॉलेज, बालाघाट के अतिथि वक्ता श्री बी.आर. मरावी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान और तकनीकी दक्षता जैसे व्यावहारिक कौशलों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न शासकीय कौशल विकास योजनाओं तथा स्वरोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी।

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सांसद श्रीमती भारती पारधी के प्रयास रंग लाए, बालाघाट में ही संचालित होगा रेंजर कॉलेज

बालाघाट जिले के लिए बड़ी राहत और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में बहुप्रतीक्षित रेंजर कॉलेज अब बालाघाट में ही संचालित होगा। कॉलेज के प्रस्तावित स्थानांतरण पर रोक लगने के बाद सांसद श्रीमती भारती पारधी ने सोमवार को रेंजर कॉलेज परिसर का निरीक्षण कर वर्ष 2014 के बाद प्रारंभ होने जा रहे नए बैच के प्रशिक्षण की तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती पारधी ने रेंजर कॉलेज में पौधारोपण भी किया।

निरीक्षण के दौरान सांसद श्रीमती  पारधी ने कॉलेज की अधोसंरचना, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा आवश्यक प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) श्री गौरव चौधरी, वनमंडलाधिकारी (दक्षिण सामान्य) श्री नित्यानंदम  एल, वनमंडलाधिकारी (उत्तर सामान्य) श्री रेशम सिंह धुर्वे सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि रेंजर कॉलेज को जबलपुर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच सांसद श्रीमती भारती पारधी ने इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए संसद में नियम 377 के अंतर्गत कॉलेज को बालाघाट में ही यथावत संचालित रखने की मांग रखी थी। उनके प्रयासों के बाद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र  यादव ने संस्थान को बालाघाट में संचालित रखने का सकारात्मक आश्वासन दिया था, जिसके बाद अब कॉलेज का संचालन बालाघाट में ही सुनिश्चित हो गया है।

निरीक्षण के दौरान सांसद श्रीमती भारती पारधी ने वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि रेंजर कॉलेज का बालाघाट में बने रहना जिले के युवाओं और वन शिक्षा के क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्थान के सुचारू संचालन, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा। रेंजर कॉलेज के पुनः संचालन से जिले के युवाओं को वन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे बालाघाट की शैक्षणिक एवं संस्थागत पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।

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दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान: पहले दिन पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन की दी जानकारी

मध्य प्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण के प्रथम दिवस सोमवार को विकासखंड बालाघाट के विभिन्न ग्रामों में पशुपालकों से सीधा संवाद कर उन्हें आधुनिक एवं वैज्ञानिक पशुपालन के लिए जागरूक किया गया।

विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज पुशाम ने ग्राम कोचेवाड़ा, बुढ़िया गांव एवं अत्री का भ्रमण कर पशुपालकों से संपर्क स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, नस्ल सुधार कार्यक्रम तथा संतुलित पशुपोषण (आहार प्रबंधन) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को अपनाने से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है, जिससे पशुपालकों की आय भी बढ़ती है।

अभियान के दौरान श्री अशुल नागोसे, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी, लामता, के साथ गौ सेवक एवं गौ मैत्री भी उपस्थित रहे। टीम ने पशुपालकों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया।

भ्रमण के दौरान ग्राम कोचेवाड़ा के सरपंच श्री सुशील कटरे तथा बुढ़िया गांव के सरपंच श्री लखन लाल बघेले से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की गई। इस अवसर पर दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के उद्देश्यों, पशुपालकों के हित में संचालित विभागीय गतिविधियों तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विभाग ने बताया कि अभियान के तहत आगामी दिनों में भी विकासखंड के विभिन्न गांवों में पहुंचकर पशुपालकों से सीधा संवाद किया जाएगा तथा उन्हें वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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माय भारत जिला सलाहकार समिति की बैठक संपन्न, 15 से 29 वर्ष के सभी युवाओं का पोर्टल पर पंजीयन कराने के निर्देश
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित माय भारत की जिला सलाहकार समिति की बैठक सोमवार को कलेक्टर सभा कक्ष में कलेक्टर श्री मृणाल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के प्रारंभ में जिला युवा अधिकारी श्री प्रांजल अग्रवाल ने माय भारत की गतिविधियों, उद्देश्यों एवं युवाओं के लिए संचालित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके बाद कलेक्टर श्री मीणा ने निर्देश दिए कि जिले के 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के सभी युवाओं का माय भारत पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। उन्होंने जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थानों, एनसीसी, एनएसएस, भारत स्काउट एवं गाइड, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई तथा अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों का अधिक से अधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि माय भारत के अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में युवा मंडलों एवं व्यक्तिगत युवाओं के पंजीयन की जिम्मेदारी जनपद पंचायतों, अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) एवं तहसीलदारों को सौंपी गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि माय भारत के स्वयंसेवकों के सहयोग से गांव-गांव में विशेष पंजीयन अभियान चलाकर अधिक से अधिक युवाओं को पोर्टल से जोड़ा जाए।
बैठक में जनसंपर्क विभाग को भी निर्देशित किया गया कि माय भारत की गतिविधियों एवं योजनाओं का सोशल मीडिया, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिकाधिक युवा इस पहल से जुड़कर इसका लाभ प्राप्त कर सकें। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी विभागों से समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी श्री प्रांजल अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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डायरिया रोको अभियान के तहत पांच गांवों में हैंडपंपों का सुधार
पेयजल स्रोतों का किया गया क्लोरीनीकरण

बालाघाट जिले में संचालित डायरिया रोको अभियान के तहत सोमवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा लालबर्रा, लांजी एवं किरनापुर विकासखंड के ग्राम धपेरा, सिर्रा, बड़गांव, साडरा एवं सेवती में पेयजल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान पीएचई विभाग की टीम ने गांवों का भ्रमण कर खराब पड़े हैंडपंपों का सुधार कार्य कराया, जिससे ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही सुधारे गए हैंडपंपों सहित गांव के सभी हैंडपंपों में जर्मेक्स डालकर क्लोरीनीकरण किया गया, ताकि पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं का नाश हो सके और जलजनित बीमारियों, विशेषकर डायरिया, के फैलने की आशंका को कम किया जा सके।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्षा ऋतु में जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनीकरण एवं रखरखाव आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले में डायरिया रोको अभियान के अंतर्गत लगातार गांव-गांव पहुंचकर पेयजल स्रोतों को सुरक्षित बनाया जा रहा है। इस अवसर पर विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि वे हमेशा पानी को छानकर एवं ढककर रखें, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें तथा डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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डायरिया रोको अभियान के तहत पांच गांवों में हैंडपंपों का सुधार, पेयजल स्रोतों का किया गया क्लोरीनीकरण

बालाघाट जिले में संचालित डायरिया रोको अभियान के तहत सोमवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा लालबर्रा, लांजी एवं किरनापुर विकासखंड के ग्राम धपेरा, सिर्रा, बड़गांव, साडरा एवं सेवती में पेयजल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान पीएचई विभाग की टीम ने गांवों का भ्रमण कर खराब पड़े हैंडपंपों का सुधार कार्य कराया, जिससे ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही सुधारे गए हैंडपंपों सहित गांव के सभी हैंडपंपों में जर्मेक्स डालकर क्लोरीनीकरण किया गया, ताकि पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं का नाश हो सके और जलजनित बीमारियों, विशेषकर डायरिया, के फैलने की आशंका को कम किया जा सके।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्षा ऋतु में जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनीकरण एवं रखरखाव आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले में डायरिया रोको अभियान के अंतर्गत लगातार गांव-गांव पहुंचकर पेयजल स्रोतों को सुरक्षित बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि वे हमेशा पानी को छानकर एवं ढककर रखें, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें तथा डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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कुटकी उत्पादन को बढ़ावा: गोवारी के किसान यशवंत वरकड़े को वितरित किया गया उन्नत बीज

बालाघाट जिले में मोटे अनाज (श्रीअन्न) के उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बैहर तहसील के ग्राम गोवारी निवासी कृषक यशवंत वरकड़े को कृषि विभाग की ओर से कुटकी का उन्नत बीज वितरित किया गया।

उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि किसानों को जलवायु अनुकूल एवं कम लागत वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किसान यशवंत वरकड़े को कुटकी बीज उपलब्ध कराया गया, ताकि वे खरीफ मौसम में इसकी वैज्ञानिक खेती कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि कुटकी एक पोषक तत्वों से भरपूर श्रीअन्न फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। यह कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी अच्छी पैदावार देने वाली फसल है तथा कम लागत में किसानों को बेहतर लाभ दिलाने में सहायक सिद्ध होती है। शासन द्वारा भी श्रीअन्न फसलों के उत्पादन एवं उपभोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बीज वितरण के साथ किसान को कुटकी की वैज्ञानिक खेती, बीज उपचार, समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन संबंधी तकनीकी जानकारी भी प्रदान की। किसानों से अपील की गई कि वे कृषि विभाग के मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर श्रीअन्न फसलों का रकबा बढ़ाएं और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। कृषि विभाग ने विश्वास व्यक्त किया कि उन्नत बीज एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने से जिले में कुटकी उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

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टीएल बैठक में हुई समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा
13 जुलाई को कलेक्‍ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा (टीएल) बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कलेक्‍टर श्री मृणाल मीना ने समय सीमा संबंधी प्रकरणों की समीक्षा कर उनके निराकरण के निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक एवं श्री मायाराम कोल, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव, एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

जर्जर भवनों की पहचान एवं डिस्मेंटल करने के निर्देश
कलेक्‍टर श्री मीना ने बैठक में जिले के नगरीय क्षेत्रों में स्थित जर्जर भवनों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि जिन भवनों के गिरने और जनहानि होने की संभावना हो, उन भवनों को डिस्‍मेंटल करने की कार्यवाही की जाए। जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में ऐसे शासकीय एवं अशासकीय भवनों को चिन्हित करने एवं उन्‍हें डिस्‍मेंटल करने कहा गया। इस दौरान बताया गया कि नगरीय क्षेत्र बालाघाट में 11 शासकीय एवं 20 प्राइवेट भवनों को चिन्हित किया गया है। इसी प्रकार वारासिवनी में 05 शासकीय एवं 03 प्रायवेट भवनों को चिन्हित किया गया है। नगरीय क्षेत्र मलाजखंड में 10 जर्जर भवनों को डिस्‍मेंटल कर दिया गया है।
जर्जर भवनों में संचालित संस्थानों पर रोक एवं यात्री वाहनों की सघन जांच के निर्देश
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्‍त जनजाति कार्य विभाग, सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्‍वयक एवं सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग कल्‍याण को निर्देशित किया गया कि जिले में कहीं पर भी जर्जर भवन में आंगनवाड़ी केंद्र, शालाओं की कक्षाएं एवं छात्रावास संचालित न हों। यदि कहीं ऐसी स्थिति हो तो उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और अन्य भवनों में इनका संचालन किया जाए। कलेक्‍टर श्री मीना ने जिला परिवहन अधिकारी को सख्‍त निर्देश दिये कि जिले में संचालित यात्री वाहनों की सघन जांच करें और नियम विरुद्ध एवं बिना फिटनेस के संचालित बसों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र के एसडीओपी के साथ बैठक कर टेम्पो, ऑटो, पिकअप एवं अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी ढोने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बीज वितरण, सोलर योजनाओं एवं कुसुम-बी योजना की समीक्षा
बैठक में उपसंचालक कृषि को निर्देशित किया गया कि किसानों को वितरण के लिए आने वाले बीजों का शीघ्र वितरण किया जाए। यदि किसी कर्मचारी के घर पर किसानों को वितरण के लिए आया बीज पाया जाता है तो ऐसे कर्मचारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को जिले में संचालित नलजल योजनाओं में रेस्को मोड में सोलर कनेक्शन लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। अक्षय ऊर्जा अधिकारी को कुसुम-बी योजना के अंतर्गत सोलर पंप के लिए लंबित 228 प्रकरणों में बैंक से ऋण स्वीकृत कराने तथा अग्रणी बैंक प्रबंधक को इसमें सहयोग करने के निर्देश दिए गए।
श्रमिक पंजीयन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में प्रगति के निर्देश
बैठक में श्रम अधिकारी को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन करने के निर्देश दिए गए। सभी अधिकारियों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए गए। जनपद पंचायत परसवाड़ा के सीईओ को संबल योजना में पंजीयन के लिए लंबित 06 प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

आंगनवाड़ी, पेयजल एवं मत्स्य पालन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को 03 से 06 वर्ष आयु के बच्चों का शाला पूर्व शिक्षा के लिए लक्ष्य के अनुरूप पंजीयन कराने तथा सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन एवं उनमें शौचालय निर्माण का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को भण्डेरी में जर्जर हो चुकी पानी की टंकी को शीघ्र डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए गए। नगर पालिका बालाघाट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को वाटर फिल्टर प्लांट एवं जल प्रदाय करने वाली टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए। सहायक संचालक मत्स्योद्योग को मत्स्य पालन के लिए जलाशयों में लक्ष्य के अनुरूप केज कल्चर लगाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें
बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्‍टर श्री मीना ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 50 दिनों से अधिक की लंबित शिकायतों का तत्परता के साथ निराकरण किया जाए। जिन विभागों में 500 दिनों से अधिक की शिकायत लंबित पाई जाएगी, उसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाने तथा यह राशि उनके वेतन से काटने के निर्देश दिए गए।

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एसएसपी महाविद्यालय वारासिवनी में प्रवेश मेले के माध्यम से विद्यार्थियों को मिल रहा प्रवेश का सुनहरा अवसर

शासकीय शंकरसाव पटेल महाविद्यालय, वारासिवनी में उच्च शिक्षा विभाग, भोपाल के निर्देशानुसार 08 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक प्रवेश मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले का उद्देश्य अतिरिक्त सीएलसी (CLC) राउंड के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ते हुए प्रवेश प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है।

प्रवेश मेला प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक संचालित किया जा रहा है। महाविद्यालय में आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को उसी दिन पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं संशोधन, दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन तथा प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को विषयवार एवं श्रेणीवार रिक्त सीटों की जानकारी, उपलब्ध पाठ्यक्रमों का विवरण तथा उनके अनुरूप विषय चयन संबंधी परामर्श भी दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी रुचि और पात्रता के अनुसार सही निर्णय ले सकें।

महाविद्यालय प्रशासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित अवधि के भीतर प्रवेश मेले का लाभ उठाकर अपनी प्रवेश संबंधी प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की है। यह प्रवेश मेला प्राचार्य डॉ. एस.एस. गेडाम के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
 
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गांव की साधारण बहू से बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल: निशा उईके की प्रेरक सफलता की कहानी

        कहते हैं कि यदि हौसले बुलंद हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। यह बात बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड की अति संवेदनशील ग्राम पंचायत खुर्सीटोला के ग्राम वालेगांव की रहने वाली निशा नरेंद्र उईके ने सच कर दिखाया है। कभी कृषि मजदूरी कर परिवार चलाने वाली निशा आज अपनी मेहनत, ईमानदारी और लगन के दम पर न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।

      लांजी मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर और जिला मुख्यालय से करीब 75 किलोमीटर दूर बसे वालेगांव में आजीविका के सीमित साधन हैं। अधिकांश परिवार खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं तथा कई परिवार रोजगार के लिए पलायन भी करते हैं। निशा का परिवार भी इन्हीं परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहा था। कम कृषि भूमि और सीमित आय के कारण परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता था।

          स्व-सहायता समूह से बदली जिंदगी

      10 फरवरी 2022 को मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांव में शक्ति आजीविका स्व-सहायता समूह का गठन हुआ। निशा उईके इस समूह से जुड़ीं और अन्य महिलाओं की तरह प्रति सप्ताह 20 रुपये की बचत शुरू की। स्नातक शिक्षित होने के कारण उन्होंने समूह की बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाई और समूह के रिकॉर्ड एवं लेखा-जोखा का जिम्मा संभाल लिया।

     उनकी कार्यशैली और जिम्मेदारी देखकर ग्राम संगठन ने उन्हें बुक कीपर नियुक्त किया। इसके बाद वे गांव के अन्य 11 स्व-सहायता समूहों के दस्तावेजों के संधारण और लेखा कार्य में भी सहयोग करने लगीं।

       30 हजार के ऋण से शुरू किया कारोबार

      समूह की पहली सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) से 30 हजार रुपये का ऋण लेकर निशा ने गांव में साड़ियों का छोटा व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने व्यापार के साथ लेखा-जोखा भी व्यवस्थित रखा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी।

          कंप्यूटर ऑपरेटर से बनीं आत्मनिर्भर

    जब निर्भया संकुल स्तरीय संगठन (CLF) में कंप्यूटर ऑपरेटर की आवश्यकता हुई तो समूह की महिलाओं ने निशा का नाम प्रस्तावित किया। चयन प्रक्रिया के बाद 30 सितंबर 2024 को उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर का दायित्व मिला।

     शुरुआत में उन्हें केवल 2 हजार रुपये मासिक मानदेय मिला, लेकिन उन्होंने इसे सीखने का अवसर माना। निशा का कहना है कि "आजीविका मिशन ऐसा मंच है, जहां इंसान सीखकर काम नहीं करता, बल्कि काम करके सीखता है।"सीमित संसाधनों के बावजूद वे कभी साइकिल से तो कभी अन्य लोगों के साथ कार्यालय पहुंचती रहीं। उन्होंने लगातार प्रशिक्षण लिए, ऑडिट का कार्य सीखा और अपने कार्यों से अधिकारियों तथा संकुल स्तरीय संगठन का विश्वास जीता। उनकी मेहनत को देखते हुए उनका मानदेय बढ़कर 2250, फिर 2500 और बाद में 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।

               स्कूटी खरीदी, बढ़ा सम्मान

       लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर निशा ने अपने पति के सहयोग से स्कूटी खरीदी। अब वे स्वयं स्कूटी चलाकर समय पर कार्यालय पहुंचती हैं। आज गांव में उनका सम्मान बढ़ चुका है और लोग उन्हें एक सफल एवं आत्मनिर्भर महिला के रूप में पहचानते हैं। निशा की सफलता में उनके पति का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकीं।

           महिला सशक्तिकरण की बनीं प्रेरणा

      निशा उईके मानती हैं कि यदि वे आजीविका मिशन से नहीं जुड़तीं, तो शायद उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। आज वे स्व-सहायता समूहों के संचालन, लेखा-जोखा, ऑडिट और कंप्यूटर कार्यों में दक्ष हैं तथा अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।उनका कहना है, "मैं जीवन में कहीं भी रहूं, लेकिन यह कभी नहीं भूलूंगी कि मेरे जीवन को नई दिशा और पहचान आजीविका मिशन ने दी है। "निशा उईके की यह कहानी बताती है कि जब महिलाओं को अवसर, विश्वास और सही मार्गदर्शन मिलता है तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन जाती हैं।

                "नारी बढ़ेगी, विकास गढ़ेगी"

      निशा उईके की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि स्व-सहायता समूह केवल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मिक सशक्तिकरण का मजबूत मंच हैं। गांव की एक साधारण महिला का यह सफर आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।

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लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी: बालाघाट की 3.44 लाख बहनों के खातों में पहुंचे 50.13 करोड़ रुपये

      मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 12 जुलाई को भिंड जिले के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी कर प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये अंतरित किए। इस अवसर पर बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 लाड़ली बहनों के खातों में 50 करोड़ 13 लाख 43 हजार 100 रुपये की राशि पहुंची। योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500-1500 रुपये जमा किए गए।

     जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम देखा और योजना की राशि प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

       विकासखंडवार लाभार्थी एवं अंतरित राशि

    ग्रामीण क्षेत्रों में बैहर की 19,459 बहनों के खातों में 2 करोड़ 92 लाख 88 हजार 500 रुपये, बालाघाट की 37,380 बहनों को 5 करोड़ 60 लाख 70 हजार रुपये, बिरसा की 26,971 बहनों को 4 करोड़ 04 लाख 56 हजार 500 रुपये, कटंगी की 34,711 बहनों को 5 करोड़ 20 लाख 66 हजार 500 रुपये, खैरलांजी की 31,300 बहनों को 4 करोड़ 69 लाख 50 हजार रुपये, किरनापुर की 38,387 बहनों को 5 करोड़ 75 लाख 80 हजार 500 रुपये, लालबर्रा की 37,255 बहनों को 5 करोड़ 58 लाख 82 हजार 500 रुपये, लांजी की 38,207 बहनों को 5 करोड़ 73 लाख 10 हजार 500 रुपये, परसवाड़ा की 22,139 बहनों को 3 करोड़ 32 लाख 08 हजार 500 रुपये तथा वारासिवनी की 32,930 बहनों के खातों में 4 करोड़ 93 लाख 95 हजार रुपये अंतरित किए गए।

       नगरीय क्षेत्रों में भी पहुंची योजना की राशि

     नगरीय निकायों में नगर पालिका बालाघाट की 8,817 बहनों को 1 करोड़ 32 लाख 25 हजार 500 रुपये, नगर पालिका मलाजखंड की 5,828 बहनों को 87 लाख 42 हजार रुपये, नगर पालिका वारासिवनी की 3,756 बहनों को 56 लाख 34 हजार रुपये, नगर परिषद बैहर की 2,654 बहनों को 39 लाख 81 हजार रुपये, नगर परिषद कटंगी की 2,413 बहनों को 36 लाख 19 हजार 500 रुपये तथा नगर परिषद लांजी की 2,384 बहनों को 35 लाख 76 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई।

जून 2023 से अब तक 1688 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

       जून 2023 में योजना प्रारंभ होने से लेकर 12 जुलाई 2026 तक बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 से अधिक लाड़ली बहनों को 1688 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है।

     कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेन्द्र सुंदरियाल, बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र चौकसे, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं।
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