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PRO JS Balaghat

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सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के साथ प्रवेश उत्सव का हुआ शुभारंभ

स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार शासकीय सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ वृक्षारोपण कर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।

संस्था प्राचार्य श्री हुमराज पटले ने बताया कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में 15 जून से 30 जून 2026 तक प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। इसी क्रम में विद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विधायक श्री विवेक (विक्की भैया) पटेल, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल, एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल, समाजसेवी श्री शैलेन्द्र शेट्टी, प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले सहित बड़ी संख्या में पालक, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया तथा उन्हें शासन की विभिन्न छात्रहितैषी योजनाओं की जानकारी दी।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म एवं साइकिलों का वितरण किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ मध्यान्ह भोजन किया तथा विद्यालय की रसायन, भौतिकी एवं जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय एवं कक्षाओं का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के साथ नासा टूर एवं विज्ञान मंथन-इसरो यात्रा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण-पत्र एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। संस्था प्रमुख एवं प्राचार्य श्री हुमराज पटले ने विद्यार्थियों को विद्यालय की परिकल्पना, विजन एवं मिशन से अवगत कराते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन तथा सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के महत्व पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में सांसद श्रीमती भारती पारधी ने महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए बालिकाओं को शिक्षा एवं कौशल विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। विधायक श्री विवेक पटेल ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए। वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने विद्यार्थियों को गुरुजनों के सम्मान, खेलकूद एवं सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन पुस्तकालय शिक्षक श्री कमल टेम्भरे ने किया तथा आभार प्रदर्शन परीक्षा प्रभारी श्री लखन रिनायत ने किया। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों, पालकों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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सिरपुर में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत जागरूकता कार्यक्रम एवं किसानों का पंजीयन

किसानों को रसायनमुक्त एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत 23 जून 2026 को विकासखंड कटंगी की ग्राम पंचायत सिरपुर में जागरूकता कार्यक्रम एवं किसान पंजीयन अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, इसके लाभ तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले ने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय में कृषि लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जबकि प्राकृतिक खेती के माध्यम से स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, आच्छादन एवं वाफसा जैसी प्राकृतिक खेती की प्रमुख तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही गो-आधारित कृषि, जैविक संसाधनों के उपयोग, संतुलित पोषण प्रबंधन तथा फसल विविधीकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से खेती की लागत में कमी आती है, मिट्टी की जैविक सक्रियता बढ़ती है तथा उत्पादित कृषि उपज की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में किसानों का राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत पंजीयन भी किया गया। पंजीकृत किसानों को विभाग द्वारा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे प्राकृतिक खेती को सफलतापूर्वक अपनाकर लाभ प्राप्त कर सकें।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाएं। विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में इसी प्रकार के जागरूकता एवं पंजीयन कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

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टीएल बैठक में कलेक्‍टर ने की समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा
23 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों के समय-सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, श्री डी.पी. बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

जर्जर स्कूल भवनों में कक्षाएं न लगाने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर श्री मीना ने जिला शिक्षा अधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक एवं सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को सख्त निर्देश दिए कि जिले के किसी भी जर्जर शाला भवन में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। उन्होंने इस संबंध में प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि वर्षा ऋतु में किसी विद्यालय की छत से पानी टपकने या दीवारों का प्लास्टर गिरने जैसी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर श्री मीना ने उपसंचालक कृषि को एपीसी बैठक में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके।

बिजली सुरक्षा एवं सोलर ऊर्जा को बढ़ावा
बैठक में विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री को निर्देशित किया गया कि जिले में कहीं भी बिजली के झूलते या लटकते तार नहीं रहने चाहिए, जिनसे दुर्घटना की आशंका हो। ऐसे तारों का सुधार कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अक्षय ऊर्जा अधिकारी एवं विद्युत विभाग को अधिक से अधिक शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के लिए अनुबंध प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि 24 भवनों में अनुबंध हो चुका है तथा दो दिनों में आठ और भवनों को शामिल किया जाएगा।

वन पट्टाधारक किसानों को मिले सभी सुविधाएं
कलेक्टर ने उपसंचालक कृषि एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ को निर्देशित किया कि वन पट्टाधारक किसानों को खरीफ फसलों के लिए बीज एवं खाद उपलब्ध कराई जाए तथा सभी पात्र किसानों के केसीसी कार्ड बनाए जाएं। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए गए कि आहार अनुदान योजना के अंतर्गत सभी पात्र बैगा महिलाओं को समय पर लाभ मिले। कोई भी पात्र हितग्राही योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा को निर्देशित किया गया कि कामधेनु योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पशुपालकों के प्रकरण तैयार कर उन्हें बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा लंबित ऋण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।

आंगनवाड़ी केंद्रों में तकनीक आधारित शिक्षा पर बल
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्ध एलईडी टीवी के माध्यम से बच्चों को शिक्षा एवं ज्ञानवर्धक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को प्रशिक्षित करने को कहा गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रसूति सहायता योजना एवं जननी सुरक्षा योजना के लंबित प्रकरणों का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि इन योजनाओं के मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों एवं दस्तावेजों का संकलन कर उनके डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

संबल योजना एवं बीमा योजनाओं की समीक्षा
श्रम पदाधिकारी, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ को संबल योजना के अंतर्गत अनुग्रह सहायता प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अधिक से अधिक हितग्राहियों को जोड़ने पर बल दिया गया।

बैठक में आगामी 28 जून को आयोजित होने वाले सघन पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो निरोधक दवा से वंचित न रहे। अभियान में सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी मामलों पर सख्ती
बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा कर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में संपन्न हुआ ‘आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026’ का समापन समारोह

जनजातीय कार्य विभाग एवं राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026’ का भव्य समापन समारोह 23 जून को भोपाल स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी), अचारपुरा, ईंटखेड़ी परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित पारंपरिक शिल्प एवं कलाकृतियों को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना, उन्हें डिज़ाइन नवाचार, प्रशिक्षण तथा विपणन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था।

समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं विशिष्ट आतिथ्य में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ. विद्या राकेश, प्रबंध निदेशक एनआईडी, रामलाल रौतेल, अध्यक्ष मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग, भगत सिंह नेताम, सदस्य मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग, मंगल सिंह धुर्वे, सदस्य मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग, विष्णु खत्री, विधायक बेरसिया, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा तथा कमिश्नर तरुण राठी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं जनजातीय कलाकार उपस्थित रहे।

समारोह में जनजातीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई उत्कृष्ट कलाकृतियों और शिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। अतिथियों ने कलाकारों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर है। सरकार कलाकारों को प्रशिक्षण, विपणन एवं आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनके उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनजातीय शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी शिल्पकारों को सम्मानित किया गया तथा कार्यशाला के माध्यम से प्राप्त अनुभवों और उपलब्धियों को साझा किया गया। महोत्सव ने जनजातीय कला एवं शिल्प को नई पहचान देने के साथ कलाकारों को व्यापक मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वारासिवनी क्षेत्र के तीन ग्रामों में किसानों का पंजीयन, बनाया गया क्लस्टर

जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को रसायनमुक्त कृषि पद्धति से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार जागरूकता एवं पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 23 जून को वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगोड़ी, बघोली एवं कोलीवाड़ा को मिलाकर प्राकृतिक खेती के लिए एक क्लस्टर का गठन किया गया तथा किसानों का पंजीयन कार्य संपन्न कराया गया।

उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत जिले में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से तीन ग्राम पंचायतों को एक क्लस्टर के रूप में विकसित करते हुए किसानों का पंजीयन कराया गया। पंजीयन कार्य में किसान मित्र दीदियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए किसानों से संपर्क स्थापित किया और उन्हें प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी प्रदान की।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के स्थान पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैविक संसाधनों का उपयोग किया जाता है, जिससे खेती की लागत में कमी आती है और भूमि की उर्वरता तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। साथ ही किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त होती है, जिससे उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ती हैं।

अभियान के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, आच्छादन तथा वाफसा जैसी पद्धतियों की जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है बल्कि जल संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा देती है।

श्री मालवीय ने कहा कि जिले में प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिए क्लस्टर आधारित मॉडल पर कार्य किया जा रहा है, ताकि एक ही क्षेत्र के अधिक से अधिक किसान इस पद्धति को अपनाकर सामूहिक रूप से लाभान्वित हो सकें। आने वाले समय में अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसी प्रकार पंजीयन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे प्राकृतिक खेती से जुड़कर कम लागत में टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि को अपनाएं तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त करें।

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28 जून को जिलेभर में चलेगा सघन पल्स पोलियो अभियान
1.77 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो रोधी दवा

पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को सशक्त बनाने के लिए बालाघाट जिले में आगामी 28 जून 2026, रविवार को सघन पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जन्म से लेकर 5 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो निरोधक दवा की दो बूंद खुराक पिलाई जाएगी। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की दवा पिलाने की अपील की है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि जिले में इस अभियान के अंतर्गत 1 लाख 77 हजार 56 बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान के अंतर्गत विकासखंड बैहर में 13,204, बिरसा में 15,926, कटंगी में 22,787, खैरलांजी में 13,941, किरनापुर में 18,939, लालबर्रा में 17,185, लामता में 18,577, लांजी में 17,331, परसवाड़ा में 13,401, रामपायली में 12,537, वारासिवनी में 3,247 तथा बालाघाट नगरीय क्षेत्र में 9,981 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

जिले में बनाए गए 1792 पोलियो बूथ

डॉ. उपलप ने बताया कि जन्म से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में 1792 पोलियो बूथ एवं टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। अभियान के सफल संचालन हेतु 3652 टीकाकरण कर्मचारियों तथा 225 पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य आवागमन स्थलों पर बच्चों को दवा पिलाने के लिए 38 ट्रांजिट टीमों तथा दूरस्थ एवं विशेष क्षेत्रों में पहुंचने के लिए 30 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है।

सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक पिलाई जाएगी दवा

28 जून को सभी पोलियो बूथों एवं टीकाकरण केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बच्चों को पोलियो निरोधक दवा की खुराक दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित समय के भीतर निकटतम पोलियो केंद्र पर अवश्य लेकर आएं।

छूटे हुए बच्चों तक घर-घर पहुंचेगी टीम

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यदि किसी कारणवश कोई बच्चा 28 जून को पोलियो की दवा लेने से वंचित रह जाता है, तो 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान करेंगी और उन्हें पोलियो की खुराक पिलाएंगी। हालांकि विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे घर पर टीम के आने की प्रतीक्षा न करें और 28 जून को ही अपने बच्चों को दवा पिलाना सुनिश्चित करें।

जनभागीदारी से बनेगा अभियान सफल

जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के बच्चों को भी पोलियो बूथ तक पहुंचाने में सहयोग करें। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो रोधी दवा पिलाना आवश्यक है। प्रशासन ने समाजसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पोलियो उन्मूलन की दिशा में यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है, ताकि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।
 
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 एमपी ई-सेवा पोर्टल से घर बैठे मिल रही हैं शासकीय सेवाएं, नागरिकों से ऑनलाइन आवेदन करने की अपील

प्रदेश के नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और त्वरित रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा एमपी ई-सेवा पोर्टल एवं एमपी ई-सेवा मोबाइल एप संचालित किया जा रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

शासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार एमपी ई-सेवा पोर्टल पर राजस्व, कृषि एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण, शिक्षा, नगरीय विकास, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन सहित अनेक विभागों की नागरिक-केंद्रित सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो जाती है।

पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र, लाइसेंस, कर संबंधी सेवाएं, योजनाओं की पात्रता जांच, ऑनलाइन आवेदन, आवेदन की स्थिति की रियल-टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल प्रमाण-पत्र डाउनलोड सहित अनेक सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है। इसके साथ ही नागरिक अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति भी ऑनलाइन देख सकते हैं।

एमपी ई-सेवा पोर्टल में सिंगल साइन-ऑन (SSO) एवं इंटीग्रेटेड पेमेंट गेटवे जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बन गई है। ऑनलाइन भुगतान एवं दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन से समय और संसाधनों की भी बचत होती है।

राज्य शासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे एमपी ई-सेवा पोर्टल अथवा एमपी ई-सेवा मोबाइल एप के माध्यम से सिटीजन लॉगिन कर स्वयं आवेदन करें और विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करें। शासन का मानना है कि डिजिटल माध्यम से सेवाओं की उपलब्धता से पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रक्रियाएं तेज होंगी तथा नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं प्राप्त होंगी।
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बालाघाट जिले में 24 से 27 जून तक हल्की वर्षा एवं आंधी-तूफान की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल से प्राप्त पांच दिवसीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बालाघाट जिले में 24 जून से 27 जून 2026 के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस अवधि में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने, हल्की वर्षा होने तथा कहीं-कहीं बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना व्यक्त की गई है।

जिला कृषि मौसम इकाई, कृषि विज्ञान केन्द्र बडगांव-बालाघाट के वैज्ञानिक डॉ. धमेंद्र अगासे ने बताया कि जारी पूर्वानुमान के अनुसार इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने किसानों एवं आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में जिले का अधिकतम तापमान 38.3 से 38.7 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25.3 से 25.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं सुबह के समय वायुमंडलीय आर्द्रता 75 से 76 प्रतिशत तथा दोपहर में 56 से 57 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस अवधि में दक्षिण दिशा से लगभग 6 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। कृषि विज्ञान केन्द्र ने किसानों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने तथा बिजली गिरने एवं तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। जिला कृषि मौसम इकाई ने बताया कि मौसम संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए किसान नियमित रूप से विभागीय सलाह एवं मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें।

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जीपीएफ मिसिंग क्रेडिट प्रकरणों के निराकरण के लिए 24 एवं 25 जून को विशेष कैम्प
प्रकरण का निराकरण नहीं होने पर डीडीओ एवं कार्यालय प्रमुख होंगें जिम्मेदार

जिला कोषालय बालाघाट द्वारा कर्मचारियों के मिसिंग क्रेडिट संबंधी प्रकरणों के निराकरण के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष (कक्ष क्रमांक-205) में विशेष कैम्प 22 से 25 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसके बावजूद कई आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) के प्रतिनिधि अथवा लिपिक आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिससे लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है।

जिला कोषालय अधिकारी श्री दीपक राणा ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत खेदजनक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित कार्यालयों के प्रतिनिधि की अनुपस्थिति के कारण कर्मचारियों के जीपीएफ मिसिंग क्रेडिट के प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पाता है, तो विशेष कैम्प की अवधि समाप्त होने के बाद भविष्य में होने वाली किसी भी देरी अथवा समस्या की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं कार्यालय की होगी।

जिला कोषालय अधिकारी श्री राणा ने सभी संबंधित विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे विशेष कैम्प के शेष दो दिनों 24 एवं 25 जून 2026 को अपने प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। प्रतिनिधि जीपीएफ शेड्यूल, वेतन बिल (सैलरी बिल) तथा कैशबुक सहित सभी आवश्यक एवं प्रमाणित दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों, ताकि लंबित जीपीएफ मिसिंग क्रेडिट प्रकरणों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण किया जा सके। जिला कोषालय ने संबंधित अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए निर्धारित अवधि में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।

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ज्ञान भारतम् मिशन को लेकर प्रशासन सक्रिय
प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण हेतु जिलेभर में चलेगा विशेष अभियान

          भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित "ज्ञान भारतम् मिशन" के तहत बालाघाट जिले में प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज, दस्तावेजीकरण एवं डिजिटलीकरण के लिए व्यापक अभियान शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन ने सभी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों एवं राजस्व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

         कलेक्टर कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा विकसित "ज्ञान भारतम् एप" के माध्यम से नागरिक अपने पास सुरक्षित पुरानी साहित्यिक, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की हस्तलिखित पांडुलिपियों की जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कमिश्नरों एवं कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया था।

            प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जिले के निजी शोध संस्थानों, महाविद्यालयों, पुस्तकालयों, मंदिरों, मठों, आश्रमों, निजी ट्रस्टों तथा अन्य संस्थाओं में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान कर उनकी जानकारी ज्ञान भारतम् एप पर दर्ज करवाएं। इसके साथ ही आम नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

           गौरतलब है कि "ज्ञान भारतम् मिशन" की घोषणा केंद्रीय बजट 2025 में की गई थी। मिशन का मुख्य उद्देश्य देशभर में बिखरी हुई हस्तलिखित ज्ञान-संपदा का सर्वेक्षण कर उसे डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।

           जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपि उपलब्ध हो, तो उसकी जानकारी ज्ञान भारतम् एप पर अपलोड कर इस राष्ट्रीय अभियान में सहभागी बनें। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग से जिले में उपलब्ध दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण और दस्तावेजीकरण अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=बालाघाट nis:value=बालाघाट nis:enabled=true nis:link/> में ‘माई भारत’ अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन
 युवाओं ने समझी खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली

            युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के ‘माई भारत’ (MY Bharat) पोर्टल के अंतर्गत बालाघाट जिले में 5 दिवसीय पायलट अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (Experiential Learning Program-ELP) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), रबी विपणन वर्ष की तैयारियों तथा खाद्य विभाग की विभिन्न गतिविधियों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।

            कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैदानी स्तर पर शासकीय कार्यप्रणाली समझाने के लिए विभिन्न स्थलों का भ्रमण कराया गया। इसमें गोंगलाई वेयरहाउस, खुर्सोड़ी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (PDS Shop) तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, खुर्साड़ी का दौरा शामिल रहा। इस दौरान युवाओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली, भंडारण व्यवस्था एवं विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

          कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी एवं प्रतिभागियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी गतिविधियों का समयबद्ध संचालन किया गया। अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन, प्रबंधन एवं क्रियान्वयन में खाद्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से श्री सुनील किरार (कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी), श्री पहल सिंह वलाड़ी (कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी) तथा श्री उत्सव वर्मा (AG-3) ने कार्यक्रम की रूपरेखा को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने और युवाओं का मार्गदर्शन करने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

            कार्यक्रम के समापन अवसर पर जी.एस. धुर्वे ने तीनों प्रतिभागी युवाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम ने युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

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एसएसपी महाविद्यालय वारासिवनी में मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
शासकीय शंकर साव पटेल कला, वाणिज्य एवं विधि महाविद्यालय वारासिवनी, जिला बालाघाट में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रभारी प्राचार्य डॉ. रक्षा निकोसे के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री कृष्णा पराते के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रही, जिसका उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा तथा आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन माध्यम से कोलकाता में आयोजित मुख्य समारोह का प्रसारण देखा गया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सभी प्रतिभागियों ने सुना। इसके पश्चात श्री प्रकाश कठाने के सहयोग से उपस्थित महाविद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को विभिन्न योगाभ्यास एवं प्राणायाम गतिविधियां कराई गईं। इनमें भ्रामरी, अनुलोम-विलोम तथा कपालभाति जैसी महत्वपूर्ण योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया तथा उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई।

अपने संबोधन में प्रभारी प्राचार्य डॉ. रक्षा निकोसे ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग करना चाहिए, जिससे उनका शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास हो सके। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री कृष्णा पराते ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने सभी को योग अपनाने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि योग के माध्यम से स्वस्थ, निरोग एवं तनावमुक्त समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में श्रीमती सरिता नागवंशी, श्रीमती टीना बिसेन, श्री डी.एल. एड़े, श्री राजेश तुमरामे, श्री संतोष त्रिवेदी, श्री महेन्द्र कुमार डोंगरे, श्री संतोष गोखले, श्रीमती रश्मिबाला पारधी, श्रीमती चिन्तामणी अवरिया सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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लालबर्रा महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य एवं समय प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के परिपालन में शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में विद्यार्थियों एवं स्टाफ के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं समय प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समय प्रबंधन के महत्व को समझाना था।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन कर्तल ध्वनि के साथ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे ने कहा कि विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सामंजस्य स्थापित करते हुए अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण करने और सकारात्मक कार्यशैली अपनाने से तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है तथा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।

मुख्य अतिथि प्रो. सुखचन्द ऐड़े, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जटाशंकर त्रिवेदी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट ने अपने उद्बोधन में सकारात्मक सोच, धैर्य एवं आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप कार्य करने तथा अनावश्यक तनाव से बचने की सलाह दी। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम ने कहा कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सदैव सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में संलग्न रहना चाहिए। उन्होंने योग एवं प्राणायाम को मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए नियमित अभ्यास करने पर बल दिया।

कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक अहिरवार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्रीमती भूमेश्वरी ठाकरे द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. निर्मल कीर्ति गेडाम, डॉ. देवराज चैरे, श्रीमती संध्या भलावे, डॉ. आशा कारे, श्रीमती अनिभा शरणागत, डॉ. आरती विश्वकर्मा, श्री व्यंकट नागपुरे, श्रीमती सरिता ऐड़े, श्री पीतम मुरते, श्रीमती वंदना कुर्वे, श्री मिनेश पंचेश्वर, श्री निशांत तलवरे सहित महाविद्यालय के स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।

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पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बालाघाट में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय द्वारा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित सामान्य योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

प्रातःकाल विद्यालय के आवासीय मैदान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ योग प्रार्थना के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्राचार्य श्री अरुण कुमार तुमसरे के मार्गदर्शन एवं खेल शिक्षक श्री अर्जुन कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ। योगाभ्यास की शुरुआत सूक्ष्म व्यायाम से की गई, जिसके बाद खड़े होकर किए जाने वाले विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया। इनमें ताड़ासन, वृक्षासन तथा त्रिकोणासन प्रमुख रहे। इसके पश्चात बैठकर किए जाने वाले आसनों में वज्रासन, वक्रासन एवं भद्रासन का अभ्यास कराया गया। वहीं लेटकर किए जाने वाले आसनों में भुजंगासन, सेतुबंधासन, अर्धहलासन, पवनमुक्तासन तथा शवासन का अभ्यास किया गया। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास में भाग लिया।

योगासनों के बाद प्राणायाम सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अनुलोम-विलोम, शीतली तथा भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। तत्पश्चात ध्यान संबंधी योगिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मानसिक शांति और एकाग्रता के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को विभिन्न योगासनों और प्राणायाम के लाभों, उनके सही अभ्यास की विधि तथा योगाभ्यास करने के उचित समय एवं तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। योग को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य श्री अरुण कुमार तुमसरे ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए दैनिक जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं स्वस्थ जीवन के संकल्प के साथ किया गया।

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एपीसी ने कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य एवं पशुपालन विभागों की समीक्षा की
खरीफ फसलों के उत्पादन बढ़ाने एवं विभागीय योजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश

 कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) श्री के.सी. गुप्ता ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों, किसानों को उर्वरक उपलब्धता, मत्स्य उत्पादन, पशुपालन योजनाओं एवं विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बालाघाट जिला मुख्यालय से आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री क्षितिज कराड़े, सहायक संचालक मत्स्य सुश्री पूजा रोगड़े, कॉपरेटिव बैंक के सीईओ श्री अभिनव सिंह बघेल तथा उप संचालक पशुपालन डॉ. घनश्याम परते उपस्थित रहे। इसके अलावा जबलपुर एवं सागर संभाग के कलेक्टर एवं संभागायुक्त भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त श्री गुप्ता ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को समय पर और आवश्यकता अनुसार खाद प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि यदि कोई किसान अतिरिक्त उर्वरक की मांग करता है तो उसे रोकने के बजाय उसकी आवश्यकता का कारण जानकर उचित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

श्री गुप्ता ने जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किसानों को सोयाबीन जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे धान आधारित खेती के क्षेत्रफल में संतुलन आएगा तथा जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने मत्स्य अधिकारियों को मछली उत्पादन गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करना चाहते हैं। ऐसे में पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं की जानकारी एवं लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभिन्न जिलों में संचालित केज कल्चर परियोजनाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान श्री गुप्ता ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लक्ष्यों की शीघ्र पूर्ति के निर्देश दिए। कुछ जिलों में लखपति गौपालक दीदी योजना एवं क्षीरधारा ग्राम योजना की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं पर विशेष ध्यान देने और परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए तथा विभागीय गतिविधियों में तेजी लाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि खरीफ सीजन प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है l वहीं सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें।

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पशुपालन और मशरूम उत्पादन से बदली जिंदगी: खुमेश्वरी पटले बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

कहते हैं कि यदि अवसर, मार्गदर्शन और मेहनत एक साथ मिल जाएं तो सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है। बालाघाट जिले के खैरलांजी विकासखंड के ग्राम मोहगांव (बड़ा) की निवासी श्रीमती खुमेश्वरी पटले ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। कभी सीमित आय और आर्थिक चुनौतियों से जूझने वाली खुमेश्वरी आज पशुपालन और मशरूम उत्पादन के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुकी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।

खुमेश्वरी पटले का जीवन भी सामान्य ग्रामीण परिवारों की तरह संघर्षों से भरा था। परिवार की आय सीमित थी और घरेलू जरूरतों को पूरा करना आसान नहीं था। वर्ष 2017 में उन्होंने आरडीजीआई जय दुर्गावती स्वयं सहायता समूह की सदस्यता ग्रहण की। यही वह मोड़ था जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। समूह से जुड़ने के बाद खुमेश्वरी को नियमित बचत, बैंकिंग प्रणाली, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। आजीविका मिशन के मार्गदर्शन और समूह की सहयोगी व्यवस्था ने उनमें आत्मविश्वास पैदा किया। उन्होंने पशुपालन और मशरूम उत्पादन को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया और पूरे समर्पण के साथ इस दिशा में कार्य शुरू किया।
समूह से जुड़ने से पहले खुमेश्वरी पटले के परिवार की मासिक आय लगभग 10 हजार 500 रुपये थी, जबकि स्वयं उनकी आय मात्र 04 हजार रुपये प्रतिमाह थी। लेकिन मेहनत, प्रशिक्षण और समूह के सहयोग से उन्होंने धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार किया। सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) तथा अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने उद्यम को मजबूत बनाया। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्तमान में खुमेश्वरी पटले की स्वयं की मासिक आय 10 हजार  रुपये तक पहुंच गई है, जबकि उनके परिवार की कुल मासिक आय लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है। पशुपालन और मशरूम उत्पादन से होने वाली आय ने उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना भी पहले की अपेक्षा अधिक आसान हो गया है।

खुमेश्वरी बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह केवल बचत और ऋण का माध्यम नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त मंच है। समूह से जुड़ने के बाद उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित हुई और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिला। आज वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और स्वरोजगार गतिविधियां अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं। खुमेश्वरी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक भी बन सकती हैं। खुमेश्वरी की यह प्रेरक यात्रा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सफलता की जीवंत कहानी है। उनका संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए उम्मीद और आत्मनिर्भरता का संदेश बन गया है।

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कन्या शिक्षा परिसर बिरसा में अतिथि शिक्षक के लिए 28 जून तक आवेदन आमंत्रित 
शासकीय माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर बिरसा(मलाजखंड) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न विषयों के अतिथि शिक्षक के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। आवेदन पत्र आवश्य क दस्तानवेजों के साथ 28 जून 2026 को शाम 04 बजे तक जमा किये जा सकते हैं। 
संस्था के प्राचार्य द्वारा बताया गया है कि हिंदी, अंग्रेजी, भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, गणित, भूगोल एवं इतिहास विषयों में अतिथि शिक्षक वर्ग-1 के एक-एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पदों के लिए अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में स्नातकोत्तर उपाधि के साथ बी.एड./एम.एड. की योग्यता होना आवश्यक है। इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित 28 जून 2026 तक कार्यालयीन समय में सायं 4 बजे तक जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ पूर्व कार्यानुभव, शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। सीटीईटी एवं एमपीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। साथ ही सीबीएसई विद्यालयों में अध्यापन अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को भी वरीयता दी जाएगी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी संस्था कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

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श्री भलावी ने जिला आपूर्ति अधिकारी का पदभार संभाला
मण्‍डला से स्‍थानांतरित होकर आये श्री संत कुमार भलावी ने 22 जून को जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी बालाघाट का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। बालाघाट में पदस्‍थ आपूर्ति अधिकारी आरके ठाकुर का कटनी स्‍थानांतरण हो गया है।

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श्री दीपक राणा ने कोषालय अधिकारी का पदभार ग्रहण किया
श्री दीपक राणा (उपसंचालक वित्त) द्वारा 19 जून को वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बालाघाट का पदभार ग्रहण कर लिया गया है। श्री राणा, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा वर्ष 2014 बैच के वित्त सेवा के अधिकारी हैं। पूर्व में पदस्थ श्री अमित मरावी का स्थानांतरण उपसंचालक केंद्रीकृत पेंशन सेल, भोपाल में किया गया है। श्री राणा ने पदभार ग्रहण करने के अवसर पर कोषालय परिवार के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा श्री राणा का स्वागत किया गया और उन्हें नवीन दायित्व के सफल निर्वहन हेतु शुभकामनाएं एवं बधाई दी गई।
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कृषि विज्ञान केंद्र बड़गांव में प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित, किसानों को सिखाए जहरमुक्त खेती के गुर

    कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बड़गांव, किरनापुर में 20 जून को प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराते हुए कम लागत में जहरमुक्त और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादन के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।

       कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सम्राट सारसवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं जनपद पंचायत किरनापुर के अध्यक्ष श्री राणा कल्याण सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्री यशवंत लिल्हारे, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जितेंद्र सिंह मोहरे, सांसद प्रतिनिधि श्री चुम्नेस लिल्हारे, किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष श्री महेश शरणागत तथा विधायक प्रतिनिधि श्री राम कुमार राणा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

       कार्यशाला के तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस.आर. धुवारे तथा कृषि महाविद्यालय बालाघाट के डॉ. रमेश अमूले ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में स्वास्थ्यवर्धक एवं रसायनमुक्त अन्न उत्पादन की आवश्यकता बढ़ रही है और प्राकृतिक खेती इसके लिए एक प्रभावी विकल्प है।

       विशेषज्ञों ने किसानों को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, ब्रह्मास्त्र, दशपर्णी, नीमास्त्र एवं अग्निअस्त्र जैसे प्राकृतिक खाद एवं कीटनाशकों के निर्माण और उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक कृषि ज्ञान को वैज्ञानिक तकनीकों के साथ जोड़कर खेती की लागत को काफी हद तक कम किया जा सकता है तथा उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार लाया जा सकता है।

    कार्यक्रम के दौरान परियोजना आत्मा समिति के विकासखंड तकनीकी प्रबंधक डॉ. जगदीश कोटारिया, अजय बिजेवार, स्वाति शुक्ला एवं आत्मा स्टाफ द्वारा विशेष प्राकृतिक खेती स्टॉल भी लगाया गया। स्टॉल में कृषि सखियों द्वारा तैयार उन्नत देसी बीज, जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी तथा प्राकृतिक दवाइयों का प्रदर्शन किया गया, जिसने किसानों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

    कार्यशाला में किसानों के उत्साह को देखते हुए वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि बालाघाट जिले में प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कृषि विस्तार अधिकारी श्री दीपक कुमार तुरकर, श्री पी.के. भालेराव, श्री सागर चंद्रवंशी एवं अन्य कृषि विस्तार अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित किसानों का आभार व्यक्त करते हुए प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर शासकीय राजा भोज महाविद्यालय कटंगी में भव्य योग कार्यक्रम आयोजित

     अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन मेरा युवा भारत (माय भारत) बालाघाट द्वारा शासकीय राजा भोज महाविद्यालय कटंगी में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला युवा अधिकारी श्री प्रांजल अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं, विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

      कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अनिल कुमार शेंडे, जनभागीदारी सदस्य श्री टिकल बाघमारे, माय भारत युवा स्वयंसेवक सुश्री मोहिनी खोबरागड़े एवं श्री कुंवर सिंह गौतम, मेजर ध्यानचंद युवा खेल मंडल के सदस्य तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

     कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक योगाभ्यास से हुआ। योग प्रशिक्षक श्री राजीव सोनवाने एवं श्री चौधरी ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ शरीर एवं संतुलित मन के लिए नियमित योग करने की आवश्यकता पर बल दिया।

      इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अनिल कुमार शेंडे ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन अपनाने का आह्वान किया।

       माय भारत की युवा स्वयंसेवक सुश्री मोहिनी खोबरागड़े ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि योग बिना किसी दवा के स्वस्थ रहने की प्रेरणा देता है और यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले तो अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं योग अपनाने तथा परिवार एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

     कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने योग को नियमित रूप से अपनाने और स्वस्थ, सशक्त एवं जागरूक समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजन के सफल संचालन में माय भारत के स्वयंसेवकों एवं महाविद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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बैहर में उपयोगिता जल प्रबंधन परियोजना का भूमि पूजन, जनकल्याण शिविर में सुनी गईं आमजन की समस्याएं

किसानों को अरहर एवं धान बीज का किया गया वितरण 

      नगर परिषद बैहर में शनिवार को उपयोगिता जल प्रबंधन परियोजना के भूमि पूजन एवं जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में परियोजना का भूमि पूजन संपन्न हुआ तथा आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए जनकल्याण शिविर आयोजित किया गया।

    शिविर में सांसद श्रीमती भारती पारधी ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है तथा जनकल्याण शिविर इसी उद्देश्य की पूर्ति का प्रभावी माध्यम हैं।

   कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती यशवंती गुड्डा मरकाम, सांसद प्रतिनिधि बैहर श्री सुरेंद्र गुड्डा मरकाम, मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री भगत नेताम, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री अर्पित गुप्ता, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री एस.आर. धुर्वे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुश्री अनुपमा मरावी, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती कल्पना पंद्रे, सुश्री प्रज्ञा राठवे, श्रीमती आयुषी नंदा सहित कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों के करकमलों से ग्राम पिपरिया एवं ग्राम गोवारी के किसानों को अरहर एवं धान के बीजों का वितरण भी किया गया। किसानों ने बीज वितरण एवं शासन की कृषि हितैषी योजनाओं के लिए जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयासों पर बल देते हुए आमजन से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया।

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अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1600 किलो महुआ लाहन एवं 35 लीटर कच्ची शराब जब्त

   कलेक्टर श्री मृणाल मीणा के निर्देश एवं जिला आबकारी अधिकारी श्री अजीत एक्का के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने लालबर्रा क्षेत्र के ग्राम सालेभर्री एवं भांडामुर्री में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब एवं महुआ लाहन जब्त किया।

    आबकारी वृत्त वारासिवनी, बालाघाट एवं कटंगी की संयुक्त टीम ने जंगल क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर प्लास्टिक के ड्रमों एवं डिब्बों में भरा हुआ लगभग 1600 किलोग्राम महुआ लाहन तथा 35 लीटर हाथ भट्टी निर्मित कच्ची मदिरा बरामद की। कार्रवाई के दौरान आवश्यक नमूने लेकर शेष महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

     इस मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) एवं (च) के तहत दो प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं। जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य 1 लाख 65 हजार 250 रुपये बताया गया है।

    कार्रवाई में आबकारी वृत्त प्रभारी एवं उपनिरीक्षक संदीप श्रीवास, रमाकांत बघेल, मनोज अंजलेकर, मुख्य आरक्षक द्वारसिंह उइके सहित अन्य आबकारी आरक्षक उपस्थित रहे।

   जिला आबकारी अधिकारी श्री अजीत एक्का ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिला जेल में योग एवं विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

बंदियों ने किया सामूहिक योग एवं प्राणायाम 

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को जिला जेल बालाघाट में योग एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट के अध्यक्ष श्री प्राणेश कुमार प्राण के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
शिविर में योग प्रशिक्षक द्वारा जेल परिसर में बंदियों को सामूहिक योग एवं प्राणायाम कराया गया। साथ ही योग से होने वाले शारीरिक और मानसिक लाभों की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षक ने बताया कि योग व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में सहायक होता है।
इस अवसर पर प्रथम जिला न्यायाधीश श्री गौतम सिंह मरकाम ने उपस्थित बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग और प्राणायाम को जीवन का नियमित हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग से मन शांत रहता है, मानसिक तनाव कम होता है तथा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, जेल अधीक्षक श्री आर.एल. सहलाम, श्री धनेन्द्र उपराडे, श्री विनोद उइके सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे।
शिविर के माध्यम से बंदियों को स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन एवं विधिक जागरूकता का संदेश दिया गया।

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योगा फॉर हेल्दी ऐजिंग (स्वस्थ उम्र के लिए योग) थीम पर मुलना स्टेडियम में मनाया 12वां अंतराष्ट्रीय योग दिवस

चाहे जिम जाए या सूर्य नमस्कार करें परन्तु निरंतर व्यायाम अवश्य करें - सांसद श्रीमती पारधी

स्वस्थ उम्र के लिए योग की थीम पर रविवार 21 जून को नगर के मुलना स्टेडियम में 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। सांसद श्रीमती भारती पारधी की अध्यक्षता में सामूहिक योग में जनप्रतिनिधियों सहित कलेक्टर श्री मृणाल मीना, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ,सीआरपीफ 123 वीं बटालियन कमाडेंट तेजीन्दर कौर, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री गौरी शंकर बिसेन, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री मायाराम कोल, बालाघाट एसडीएम श्री गोपाल सोनी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सिंह ठाकुर, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम बिसेन पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री रमेश रंगलानी, विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और नगर के गणमान्य नागरिकों नें सामूहिक रूप से योग किया। 

कार्यक्रम के दौरान सांसद श्रीमती भारती पारधी ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने की विधा में योग सबसे उत्तम है। योग का सीधा सम्बंध जोड़ने से है, जैसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने योग से पूरे भारत को जोड़ा है। आज सिर्फ भारत में नही विश्व के अनेक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। योग शारीरिक ही नही बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से बांधता है जोड़ता है। उन्होने कहा की हम सभी कों स्वस्थ रहने के लिए निरंतर व्यायाम करना चाहिए। हम सभी कों प्रतिदिन 01 घंटा स्वयं के स्वास्थ्य के लिए निकालना चाहिए जिसमे हम सभी सूर्य नमस्कार या जिम की सहायता ले सकते है।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मृणाल मीना नें कहा कि आज पूरा विश्व योगा फॉर हेल्दी एजिंग की थीम के साथ सामूहिक रूप से 12वां योग दिवस मना रहा है। उन्होने कार्यक्रम में शामिल सभी नागरिकों से कहा की वे सभी योग कों प्रतिदिन की दिनचर्या में लाये ताकि हम सभी हमेशा स्वस्थ रहे। उन्होने कहा की हम सभी कों योगासन स्वयं तों करें बल्कि अपने पूरे परिवार के साथ इसे करें। योगासन कों प्रतिदिन करने के लिए हमें अपने पड़ोसियों कों भी कहें ताकि हम एक अच्छे समाज कों जीवंत कर सकें। उन्होंने कहा की योगासन एक ऐसी विधा है जिसे प्रतिदिन करने से हम सभी का मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार से सर्वांगीण विकास होता है। 

योग की शुरुआत ॐ कार शब्द की ध्वनि के साथ हुई। इसके पश्चात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता में दिए गए संबोधन का सीधा प्रसारण दिखाया गया।

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