#Balrampur ! #राप्ती_का_तांडव: #उतरौला के दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, सैकड़ों एकड़ फसलें तबाह; राहत की गुहार...
#उतरौला (#बलरामपुर)
उतरौला तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी के उफान ने भीषण तबाही मचा रखी है। सोमवार रात नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से क्षेत्र के दर्जनों गांव और संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के पानी ने किसानों की सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
दर्जनों गांव बने टापू, रास्ते बंद
नदी के तटीय इलाकों से बाहर निकले पानी ने ग्राम नंदौरी, भरवलिया, लालनगर, बिरदा बनिया भारी, बौड़िहार, बांक भवानीपुर, रसूलाबाद, टेढ़वा तप्पा बांक, गोनकट, हसनगढ़, डुढ़ुहिया, मस्जिदिया, कंचनपुर, गोवर्धनपुर, परसौना, चिचुहड़ी सहागियां, हासिम पारा, छितरपारा, पाला पाली, मटयरिया कर्मा, मिलौली, बाघाजोत, मोहनजोत, अल्लीपुर बुजुर्ग, बभन पुरवा, महुआ धनी, बरायल, कटरा, बारम, फत्तेपुर, रुस्तम नगर, कोहिनिया, उपरौहौला, कर्मा, पिपरा एकडंगा, रसूलपुर, राजापुर, पनवापुर समेत दर्जनों गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। गांव से शहर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग डूब चुके हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
भोजन, पानी और मवेशियों के चारे का संकट
बाढ़ से घिरे इलाकों में पेयजल और भोजन की भारी किल्लत हो गई है। हैंडपंपों में गंदा पानी आने से साफ पानी मिलना मुश्किल हो गया है, वहीं मवेशियों के लिए सूखे चारे का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इसके अलावा जलजमाव के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।
प्रशासन से मुआवजे और राहत सामग्री की मांग
बाढ़ की विभीषिका झेल रहे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री वितरित करने, स्वच्छ पेयजल का इंतजाम कराने और महामारी से बचाव के लिए चिकित्सा टीम भेजने की मांग की है। साथ ही जलमग्न होकर नष्ट हुई फसलों का तत्काल सर्वें कराकर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की गुहार लगाई है।
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