गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलने तक जारी रहेगा अभियानः- संत गोपालानंद जी महाराज
हरि सेवा धाम में गौ सम्मान आह्वान अभियान की जिला बैठक
संतों ने गौ संरक्षण के लिए जनजागरण का किया आह्वान
भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल,13 अक्टूबर गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने एवं गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर गौ सम्मान आह्वान अभियान के तृतीय चरण के तहत मंगलवार को हरि सेवा धाम उदासीन आश्रम में संत-महात्माओं के सानिध्य में गौ भक्तों की बैठक आयोजित हुई। मंचासीन अतिथियों में ग्वालसंत श्री गोपलानंद सरस्वती, महामण्डलेश्वर हंसराम महाराज, संत प्रकाशनंद, प्रदेश प्रभारी बहादुर सिंह, जैन संत श्री सुरेश म.सा. श्री संतदास हाथीभाटा, पुजारी श्री मुरारी पाण्डे, श्री पुनीतदास, श्री रूपानंद सरस्वती, पं. श्री मथुरादास, विधायक भीलवाड़ा अशोक कुमार कोठारी विराजमान थे। सभी संतों, जनप्रतिनिधियों और गौ भक्तों ने गौ संरक्षण, जनजागरण तथा हस्ताक्षर अभियान को गति देने का संकल्प लिया।
ग्वाल संत श्री गोपालानंद जी महाराज ने कहा कि गौ माता केवल सनातन धर्मावलंबियों की ही नहीं, बल्कि विश्व के प्रत्येक प्राणी की माता है। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति की मूल जड़ हैं और श्रीमद्भागवत, गीता एवं पुराणों में गाय की महिमा का वर्णन मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण ने कृषि, वाणिज्य और गौ संरक्षण को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि गौ माता की दुर्दशा के लिए समाज की उदासीनता भी जिम्मेदार है। प्लास्टिक खाने से गोवंश की मृत्यु और कत्लखानों में गोवंश के जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने समाज से गौ सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा। धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर प्रत्येक गौ भक्त को इस कार्य में समय देना होगा। उन्होंने 51 करोड़ हस्ताक्षर का लक्ष्य पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया और कहा कि सरकार को बार-बार प्रार्थना पत्र देकर गौ संरक्षण की मांग याद दिलाते रहना होगा।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि गौ सम्मान आह्वान अभियान की शुरुआत 30 दिसंबर को हरि सेवा धाम से हुई थी, जो आज देशभर में गूंज रहा है। उन्होंने हरि सेवा धाम को अभियान की तपोभूमि बताते हुए कहा कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं मिल जाता और गोवध पर प्रतिबंध नहीं लगता, तब तक जनजागरण के प्रयास जारी रखने होंगे। उन्होंने गौ सेवा को जागृत देवता की सेवा बताते हुए देशी गिर गाय पर यूरोप में हो रहे अनुसंधान का भी उल्लेख किया।
भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने बैठक में उपस्थित संत-महात्माओं और गौ भक्तों को नमन करते हुए कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और गोहत्या बंद करवाना है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद 79 वर्ष बीत जाने के बावजूद गौ माता को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया है। गौ माता केवल दृष्टि का नहीं, बल्कि सृष्टि का विषय है। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के साथ प्रत्येक व्यक्ति का गौ माता से हृदय से जुड़ना आवश्यक है, तभी स्थायी समाधान संभव होगा।
विधायक कोठारी ने बताया कि अब तक अभियान के तहत 20 करोड़ हस्ताक्षर हो चुके हैं तथा 31 करोड़ के लक्ष्य को भी जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए गांवों को गोद लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में 10 गांव गोद लिए जा चुके हैं तथा 15 और गांवों को गोद लेने की तैयारी है। उन्होंने आगामी 15 अगस्त तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की दिशा में ठोस व्यवस्था होने की उम्मीद भी जताई।
अभियान के प्रदेश प्रभारी बहादुर सिंह ने कहा कि अभियान के प्रथम और द्वितीय चरण में 426 के मुकाबले 441 तहसीलों से समर्थन मिलना उत्साहजनक है। उन्होंने तृतीय चरण में सक्रिय भागीदारी निभाकर गौ माता को सम्मान दिलाने का आह्वान किया।
अभियान के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी आदेश सोनी जो पुरे भारत में गौ सम्मान का संदेश दे रहे हैं, ने गौ भक्तों से 17 दिसंबर तक पूरी तत्परता से जुटने और गोहत्या जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जनसमर्थन मजबूत करने का आह्वान किया। जैन धर्म के राष्ट्रीय संत सुरेश मुनि जी महाराज तथा हाथी भाटा आश्रम के महंत संत दास जी महाराज एवं प्रकाशानंद जी महाराज ने भी अपने आशीर्वचनों में गौ भक्तों से अधिकाधिक समय देकर अभियान को सफल बनाने की अपील की।
अभियान के जिला समन्वयक सुनील जागेटिया ने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता बनाना भारतीय संस्कृति की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने सभी गौ भक्तों से हस्ताक्षर अभियान में तत्परता से जुटने और निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
संत पुनीत दास त्यागी ने कहा कि हमारा देश ऋषि और कृषि परंपरा का देश रहा है। गौ माता की सेवा और संरक्षण को सर्वाेपरि मानते हुए उन्होंने समाज से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
बैठक के प्रारंभ में कैलाश जीनगर ने मां भारती और गौ माता पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद संत-महात्माओं एवं अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर बैठक का शुभारंभ किया।
बैठक का संचालन बाबूलाल टाक ने किया। इस दौरान पूर्व उप जिला प्रमुख टी.सी. चौधरी, नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लादूलाल तेली, विवेकानंद केंद्र के प्रदेश प्रभारी भगवान सिंह चौहान, चित्तौड़गढ़ के अभियान प्रभारी गौरव सोमानी सहित अनेक गणमान्यजन का स्वागत किया गया। अभियान के संभाग प्रभारी नंदकिशोर साहू, जिला प्रभारी जगदीश चंद्र तेली ने आभार धन्यवाद व्यक्त किया। बैठक में भगवान सिंह चौहान, कन्हैया लाल स्वर्णकार, वियवनाथ प्रताप सिंह, देबीलाल गुर्जर, कांतिलाल जैन, आर डी चन्नाल, छीतर गेंगट, रजनीकांत आचार्य, गोपीकिशन पाटोदिया, राजेश रांका, शोभा लाल जीनगर, दुर्गा लाल सोनी, हंसराज यादव, सत्य नारायण गूगड़, संजय राठी, सुन्दर लाल बम्बोड़ा, गजेन्द्र सिंह राठौड़, हरीश क्षोत्रिय, भंवर लाल खारोल, पार्षद बिलेश्वर डाड, किशोर लखवानी, खुशबू कोठारी, देवेन्द्र मेघवंशी, दिनेश सुथार, सम्पत गर्न्धव, पार्षद प्रतिनिधि कमल कोठारी, बहादुर सिंह, भाजपा नेत्री निरंजना सोनी, निशा जैन, कैलाश सुवालका, अनिल शर्मा, रचित रांका, विनोद मीणा, पृथ्वीराज चौहान, शान्तनु सारस्वत, प्रिन्स जैन, अजय पाराशर आदि के साथ ही जिले से बड़ी संख्या में पधारे तहसील प्रभारी तथा गौभक्त, कार्यकर्ता एवं गौ सेवक उपस्थित रहे।