उरई नगर पालिका जांच में बढ़ा विवाद: रिंकू सिंह राही ने पारदर्शी जांच पर दिया जोर, प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल
उरई (जालौन)। उरई नगर पालिका में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर जांच के दौरान IAS रिंकू सिंह राही द्वारा अभिलेखों को सुरक्षित रखने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर जांच समिति में हुए बदलाव और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की आवश्यकता को देखते हुए कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद ली गई। ऑपरेटरों का कहना है कि उनसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेज स्कैन कराए गए और कार्य पूर्ण होने के बाद डेटा संबंधित अधिकारी को सौंप दिया गया। उनका यह भी दावा है कि उनके उपकरणों से स्कैनिंग से जुड़ा डेटा हटवा दिया गया और मानदेय का भुगतान भी कर दिया गया।
इस बीच नगर पालिका प्रशासन और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल चर्चा में हैं। प्रमुख प्रश्न यह है कि जांच के दौरान अभिलेखों के संरक्षण, डिजिटलीकरण और उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है तथा समिति में बदलाव के बाद आगे की कार्रवाई किस प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह राही का पक्ष यह रहा है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तथ्य आधारित हो, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जा सके। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अधिकार क्षेत्र और प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आने से मामला और चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल पूरे मामले में अंतिम स्थिति सक्षम प्राधिकारी की जांच और आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों के बीच जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।
नोट: उरई दर्शन इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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Orai, Jalaun | Jul 30, 2026