#बालाघाट
किसान चौपाल में रबी फसलों की उन्नत खेती और जैविक कीटनाशकों के उपयोग पर दिया जोर
आत्मा परियोजना के जिला परियोजना निदेशक रामनाथ पटेल ने किसानों को दी खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी
रबी सीजन में फसलों की बेहतर पैदावार प्राप्त करने, खेती की लागत कम करने और किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 15 अक्टूबर को बालाघाट विकासखंड के ग्राम धनसुआ में किसान चौपाल का आयोजन किया गया। आत्मा परियोजना के जिला परियोजना निदेशक श्री रामनाथ पटेल ने चौपाल में किसानों से संवाद कर उन्हें रबी सीजन में सरसों, अलसी, चना और मूंग की खेती करने तथा इन फसलों की बुवाई के लिए स्टेप सीडर मशीन का उपयोग करने की सलाह दी।
स्टेप सीडर मशीन से बुवाई करने की सलाह
किसान चौपाल में श्री पटेल ने किसानों को रबी सीजन की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान अपनी भूमि, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सरसों, अलसी, चना एवं मूंग जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा दें। फसलों की बुवाई के लिए स्टेप सीडर मशीन जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करें, ताकि व्यवस्थित तरीके से बुवाई की जा सके और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो।
उन्होंने किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने के साथ फसल उत्पादन की लागत कम करने तथा कृषि कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए प्रेरित किया।
जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर
चौपाल के दौरान किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व से अवगत कराया गया। श्री पटेल ने खेतों में रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने और उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर जैविक कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी।
उन्होंने किसानों को नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और जीवामृत जैसे जैविक कृषि उत्पादों के उपयोग की जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि इनका उपयोग उचित विधि एवं फसल की आवश्यकता के अनुसार करने से खेती में बाहरी कृषि आदानों पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।
कम लागत में खेती को लाभकारी बनाने की पहल
किसान चौपाल में किसानों को समझाइश दी गई कि खेती में लागत प्रबंधन के साथ मिट्टी की सेहत और पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती की पद्धतियों को अपनाकर किसान रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम करने की दिशा में प्रयास कर सकते हैं।
इस दौरान किसानों को जैविक कीटनाशकों के उपयोग से संबंधित जानकारी देते हुए बताया गया कि इनके उचित उपयोग से खेती की लागत कम करने में सहायता मिल सकती है। साथ ही कृषि कार्यों में ऐसी पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, जिनसे मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में मदद मिले।
ग्राम धनसुआ में आयोजित किसान चौपाल का उद्देश्य किसानों को रबी फसलों की उन्नत खेती, आधुनिक बुवाई तकनीकों तथा जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना रहा, ताकि किसान कम लागत में टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ सकें।
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82 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Oct 15, 2026