बाढ़ से निपटने को जिला प्रशासन अलर्ट, 24×7 निगरानी के निर्देश
जहानाबाद।
बिहार में संभावित बाढ़ एवं अन्य आपदाओं से निपटने की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में राज्य के 17 जिलों के जिलाधिकारियों समेत संबंधित विभागों के प्रधान सचिव, सचिव एवं वरीय पदाधिकारी शामिल हुए। जहानाबाद की जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
बैठक में गंगा सहित बिहार की प्रमुख नदियों के वर्तमान जलस्तर, खतरे के निशान के सापेक्ष स्थिति और जलस्तर में संभावित वृद्धि को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। संवेदनशील एवं निचले इलाकों में संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए की गई पूर्व तैयारियों की भी जानकारी ली गई।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिलों एवं विभागों को नदियों के जलस्तर तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर 24×7 सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। संवेदनशील क्षेत्रों की Vulnerability Mapping को अद्यतन रखने, जोखिम वाले स्थानों की पूर्व पहचान करने और खतरे के आपदा में बदलने से पहले आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया।
नियंत्रण कक्ष रहेंगे 24 घंटे सक्रिय
सभी जिलों में आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को 24×7 सक्रिय रखने तथा प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। संभावित प्रभावित आबादी, संपर्क मार्ग, पुल-पुलिया और अन्य संवेदनशील परिसंपत्तियों की पहले से पहचान कर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
मानव संसाधन के साथ नाव, लाइफ जैकेट, राहत सामग्री, पॉलीथिन शीट, खाद्य सामग्री, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक दवाओं समेत अन्य आपदा प्रबंधन संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। संवेदनशील क्षेत्रों में माइकिंग, जन-जागरूकता और समयबद्ध चेतावनी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए गए।
अंचल अधिकारियों को लगातार भ्रमण का निर्देश
बैठक के बाद जिला पदाधिकारी श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को जिले की नदियों, जल संरचनाओं, बैराज एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के जलस्तर और जलप्रवाह पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने को कहा गया।
सभी अंचल अधिकारियों को संवेदनशील एवं निचले क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने तथा नदी-नालों, पुल-पुलियों, संपर्क मार्गों और संभावित जलजमाव वाले स्थलों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। किसी भी महत्वपूर्ण स्थिति की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष एवं वरीय पदाधिकारियों को देने को कहा गया है।
संवेदनशील एवं जलमग्न पुल-पुलियों तथा जोखिम वाले स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, आवागमन नियंत्रण और पुलिस बल एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के साथ वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था रखने पर भी जोर दिया गया।
आमलोगों से सावधानी बरतने की अपील
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र एवं संबंधित नियंत्रण कक्षों को 24×7 सक्रिय मोड में रखते हुए क्षेत्रीय पदाधिकारियों से नियमित फीडबैक लेने और विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने कहा कि संभावित खतरे की पूर्व पहचान, लगातार क्षेत्रीय निगरानी, समय पर जन-जागरूकता और निरोधात्मक कार्रवाई आपदा प्रबंधन की प्राथमिकता है।
जिला प्रशासन ने आमलोगों से नदियों, तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों, जलमग्न पुल-पुलियों एवं निचले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। बच्चों एवं किशोरों को नदी, नाला, तालाब और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा जलमग्न मार्ग या पुल-पुलिया को जोखिम लेकर पार नहीं करने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी असामान्य जलस्तर या जलप्रवाह की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को देने की अपील की गई है।