#Balrampur ! मुफ्ती-ए-शहर के चयन पर बलरामपुर के उलमा में रार, इदार-ए-शरईया की बैठक में टला नाम का ऐलान...
अंधियारी बाग कब्रिस्तान में हुई खुली बैठक में काजी-ए-शहर के फैसले का विरोध
मुफ्ती अब्दुल सलाम बोले—अकाबिर उलमा को हालात से कराया जाएगा अवगत
#बलरामपुर। शहर में इदार-ए-शरईया की स्थापना और मुफ्ती-ए-शहर के चयन को लेकर उलमा के बीच छिड़ी जंग अब खुलकर सतह पर आ गई है। शुक्रवार को अंधियारी बाग कब्रिस्तान स्थित मदरसा जामिया फातिमा उम्मुल खैर में मुफ्ती अब्दुल सलाम के संरक्षण और मौलाना अली अहमद आजमी की अध्यक्षता में एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में इदार-ए-शरईया की अहमियत पर तो सहमति बनी, लेकिन मुफ्ती-ए-शहर के नाम के ऐलान को बढ़ते मतभेदों के चलते फिलहाल टाल दिया गया।
चयन प्रक्रिया और काजी-ए-शहर के फैसले पर उठे सवाल
विवाद की मुख्य वजह काजी-ए-शहर मौलाना सय्यद अहमद रजा द्वारा इंचार्ज प्रिंसिपल मुफ्ती मोहम्मद मुजम्मिल अख्तर को मुफ्ती-ए-शहर घोषित किया जाना बताया जा रहा है। बैठक में इस एकतरफा चयन को लेकर उलमा ने सख्त नाराजगी जताई। मुफ्ती अब्दुल सलाम ने एजेंडा पेश कर चर्चा की शुरुआत की, जिसके बाद मौलाना कमाल अख्तर, मौलाना नसीम सकाफी और मौलाना सादिक हुसैन ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने माना कि शरई मामलों के हल के लिए इदार-ए-शरईया और दारुल कजा जरूरी हैं, ताकि लोगों को अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें। हालांकि, उलमा के आपसी मतभेद पर चिंता जताते हुए मौलाना सादिक ने कहा कि जब उलमा खुद एक राय नहीं होंगे, तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
फैसला स्थगित, बड़े उलमा के पाले में पहुंची गेंद
बैठक के समापन पर मुफ्ती अब्दुल सलाम ने स्पष्ट किया कि अचानक हुए ऐलान से उपजे हालात को देखते हुए फिलहाल उनकी ओर से कोई नया ऐलान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम से अकाबिर (वरिष्ठ) उलमा को अवगत कराया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में मुफ्ती अब्दुल सलाम और मौलाना नसीम सकाफी ने दोटूक कहा कि वे नव-घोषित मुफ्ती-ए-शहर के समर्थन में कतई नहीं हैं।
बैठक में मुफ्ती जिशान, मौलाना गुलाम सरवर, मौलाना आमिर, मौलाना शब्बीर, मौलाना हस्सान रजा, हाफिज अनस सहित बड़ी संख्या में उलमा मौजूद रहे। मौलाना अली अहमद आजमी की दुआ और सलात-ओ-सलाम के साथ बैठक समाप्त हुई।
#balrampur
Balrampur, Balrampur | Sep 18, 2026