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क्या बात है रे, ये बता पहले तू—बच्चे को क्यों मारा तुमने? हद हो गई यार! ये तो नेता बन रहा है, इसको संभाल लीजिए। अभी तू-तू कर रहा है। अबे, तू कौन है रे? तू बता, रे तू कौन है? चीफ मिनिस्टर है तू? भो... के, फोड़ दूंगा कापर!

ये कथित तौर पर बच्चों के परिजन से सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा कहे गए शब्द हैं।

बलरामपुर: स्कूल में बच्चों से मारपीट के आरोप, प्रधानाध्यापक ने कहा- शोर करने पर डांटा, परिजन से हुई कहासुनी

बलरामपुर। तुलसीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा रतनपुर झिंगहा के मजरा करैली स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक पर बच्चों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। गांव निवासी अजय कुमार ने एसडीएम तुलसीपुर को प्रार्थना पत्र देकर मामले की गोपनीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार 21 सितंबर को कक्षा में शोर करने पर कक्षा पांच के छात्र पवन कुमार के साथ डंडे से मारपीट की गई, जिसके बाद उसके बेहोश होने और कमरे में बंद किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने विद्यालय में पूर्व में भी बच्चों के साथ मारपीट सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं।

वहीं, प्रभारी प्रधानाध्यापक ने आरोपों को अलग रूप में बताते हुए कहा कि वह विभागीय कार्य कर रहे थे। बच्चों के शोर करने पर उन्हें डांटा गया था। इसके बाद बच्चे के परिजन विद्यालय पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। प्रधानाध्यापक ने मारपीट और अन्य लगाए गए आरोपों के संबंध में अपना पक्ष रखा है। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
बलरामपुर: डीजे के शोर के बीच थमी मासूम की सांसें, स्कूल की कक्षा में बिगड़ी तबीयत, CCTV में कैद आखिरी हलचल; परिजनों ने तेज आवाज को बताया वजह, पुलिस जांच में जुटी—नगर में तेज डीजे पर प्रतिबंध का फैसला, एक मासूम की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया।
बलरामपुर: मेडिकल की आड़ में इलाज पर सवाल, कौवापुर पुरैना में बेड, ग्लूकोज और इंजेक्शन की व्यवस्था का आरोप

श्रीदत्तगंज क्षेत्र के कौवापुर पुरैना में संचालित बताए जा रहे मेडिकल सेंटर पर मरीजों के उपचार को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। सामने आई तस्वीर में बीमार मासूम को एक युवक द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने का दावा किया जा रहा है। सेंटर पर बेड और ग्लूकोज चढ़ाने की व्यवस्था होने की भी बात सामने आई है। उपचार करने वाले व्यक्ति की चिकित्सकीय योग्यता और सेंटर की वैधता को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग की जांच की मांग उठ रही है।
भूकंप के बाद चीनी मिल में केमिकल लीकेज और आग का मॉक ड्रिल, SDRF-SSB समेत कई एजेंसियों ने दिखाया राहत-बचाव का दम
कोर्ट आदेश के बावजूद दीवार पर जबरन निर्माण का आरोप, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांगी सुरक्षा और की कब्ज़ा रोकने की अपील
बलरामपुर: थारू कल्याण समिति ने जाति प्रमाण-पत्रों में कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ उठाई आवाज, आंदोलन की चेतावनी

बलरामपुर। थारू कल्याण समिति, बलरामपुर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र कथित रूप से फर्जी तरीके से बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। समिति ने इस मामले में शासन-प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

समिति का आरोप है कि गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर एवं बस्ती सहित कई जनपदों में भुजवा, भूज, भड़भूजा, कहार एवं कश्यप समुदाय के कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर गोंड अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र कूटरचित ढंग से बनवाए जा रहे हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यदि ऐसे प्रमाण-पत्र बनाए जा रहे हैं तो इससे वास्तविक रूप से गोंड समुदाय तथा थारू समुदाय के पात्र लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। समिति ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में संबंधित लोगों को प्रमाण-पत्र बनवाने में सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।

समिति के अनुसार इस संबंध में जिलाधिकारी बलरामपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन देने की बात कही गई है। साथ ही शासन स्तर पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यदि एक माह के भीतर कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनाए जाने पर रोक नहीं लगाई गई, तो समिति की ओर से बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। समिति ने इसके लिए सरकार एवं प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।

बताया गया कि थारू कल्याण समिति, बलरामपुर के बैनर तले आयोजित ज्ञापन/प्रदर्शन कार्यक्रम में समिति के संरक्षक, पदाधिकारियों, युवा मोर्चा एवं समाज के लोगों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

नोट: उपरोक्त खबर में जाति प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़े से जुड़े आरोपों को समिति के प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर लिखा गया है। संबंधित विभाग/प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
बलरामपुर:मॉर्डन थाना श्रीदत्तगंज बाजार क्षेत्र में पीड़ित मुस्लिम परिवार के साथ अन्याय का आरोप, घर की नींव पर जबरन दीवार खड़ी करने की कोशिश

श्रीदत्तगंज। मॉर्डन थाना क्षेत्र में एक मुस्लिम परिवार ने विपक्षियों पर उनकी जमीन/घर की नींव पर जबरन दीवार खड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले की सूचना पूर्व में ही उच्च अधिकारियों से लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी जा चुकी है, इसके बावजूद मौके पर कथित रूप से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

पीड़ित परिवार के मुताबिक, घर पर इस समय पुरुष सदस्य मौजूद नहीं हैं, जिसका फायदा उठाकर विपक्षी उनकी नींव पर दीवार खड़ी करने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी होने के बावजूद अभी तक मौके पर पुलिस प्रशासन अथवा राजस्व विभाग की टीम नहीं पहुंची है।

पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया है कि जब विवादित जमीन/नींव को लेकर पहले ही अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी थी, तो आखिर किसके सहारे या किस आदेश के आधार पर वहां निर्माण कराया जा रहा है?

परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तत्काल पुलिस एवं राजस्व टीम भेजकर जमीन की वास्तविक स्थिति और अभिलेखों की जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक विवादित स्थल पर निर्माण कार्य रुकवाया जाए।

अब सवाल यह भी है कि शिकायत और सूचना दिए जाने के बावजूद यदि मौके पर कोई प्रशासनिक टीम मौजूद नहीं है, तो पीड़ित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई कब होगी? क्या संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी है और क्या निर्माण के संबंध में कोई वैध आदेश अथवा अनुमति है?

मामले में पुलिस एवं राजस्व विभाग का पक्ष सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा।

Balrampur Police MYogiAdityanath DM Balrampur
बलरामपुर: मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में साधु पासवान पर मुकदमा, हिरासत की कार्रवाई पर सपा कार्यकर्ताओं का विरोध

पुलिस बोली—सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए जाने की शिकायत पर हुई कार्रवाई, जांच जारी

सपा नेताओं ने कार्रवाई को बताया विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास, साधु पासवान बोले—वीडियो सपा प्रदेश कार्यालय से जारी हुआ

बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध कथित रूप से आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के मामले में बलरामपुर पुलिस ने पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधु पासवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद मामले को संज्ञान में लिया गया।

पुलिस की कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। सपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष से जुड़े लोगों के खिलाफ सत्ता के दबाव में कार्रवाई की जा रही है और राजनीतिक आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं पूर्व विधायक जगराम पासवान ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे दमनकारी और असंवैधानिक कार्रवाई बताया। उनका कहना है कि विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है।

दूसरी ओर, साधु पासवान का कहना है कि जिस वीडियो को पुलिस आपत्तिजनक बता रही है, वह वीडियो समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय से जारी किया गया था और उनके अनुसार उसमें कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति जताई है।

पुलिस का क्या कहना है?

अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डे के अनुसार, साधु पासवान नाम के सोशल मीडिया अकाउंट/प्लेटफॉर्म से एक कथित आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए जाने की जानकारी मिली थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और वैधानिक प्रक्रिया के तहत जांच एवं कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का पक्ष है कि कार्रवाई किसी राजनीतिक दल के आधार पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई सामग्री को लेकर दर्ज मामले के आधार पर की जा रही है। जांच के दौरान वीडियो की प्रकृति, उसके स्रोत और पोस्ट किए जाने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

सत्ता पक्ष के नजरिये से भी उठ रहा सवाल

सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री के मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कही जाती रही है। ऐसे में पुलिस का तर्क है कि सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को पोस्ट करने से पहले उसकी वैधानिकता और तथ्यात्मकता का ध्यान रखना जरूरी है।

मामले में अब मुख्य सवाल यह है कि विवादित वीडियो वास्तव में किस स्रोत से जारी हुआ, उसे किस अकाउंट से पोस्ट किया गया और उसमें कानूनी रूप से आपत्तिजनक क्या पाया गया। इन बिंदुओं पर पुलिस की जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक उत्पीड़न बताया है। मामले में दोनों पक्षों के दावों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
न्यायालय के आदेश के बावजूद पीड़ित की दीवार पर कब्जे की कोशिश, कार्रवाई की मांग

बलरामपुर। श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सहदेइया, श्रीदत्तगंज बाजार निवासी अतीकुर्रहमान पुत्र इस्लाम अली ने आरोप लगाया कि वर्ष 1988 के न्यायालयीय आदेश के बावजूद विपक्षी उनकी दीवार पर जबरन कब्जे व निर्माण का प्रयास कर रहा है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश शासन एवं मुख्यमंत्री समेत संबंधित अधिकारियों से न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने और निर्माण रोकने की मांग की है।

वहीं, मामले में दूसरे पक्ष का बयान नहीं मिल सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
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न्यायालय का आदेश बेअसर, वर्षों से न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित

बलरामपुर। ग्राम भैरमपुर में गाटा संख्या 804 पर अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार न्यायिक ने 18 नवंबर 2020 को अतिक्रमणकर्ता को बेदखल करने तथा क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश दिया था। आरोप है कि वर्षों बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ। पीड़ित न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप, गलियों में कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान

बलरामपुर। विकासखंड पचपेड़वा की ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गांव में विकास कार्य न कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की गलियों में कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है।

ग्रामीण विकास सिंह, राजेंद्र यादव, सूरज कश्यप, प्रदीप यादव, सुनील चौधरी, श्याम सुंदर गौतम, आशीष खां, भारत गौतम, अजरे गौतम, गोवर्धन शर्मा, राम दास गौतम, सामचंद्र व अयोध्या प्रसाद दुबे ने प्रशासन से समस्या का संज्ञान लेकर आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग की है।

ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ग्राम प्रधान का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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अंडरपास नहीं, फ्लाईओवर चाहिए: रेलवे फाटक पर ग्रामीणों का जनआक्रोश

बलरामपुर। पचपेड़वा-भाथर-रेहरा मार्ग पर रेलवे फाटक संख्या 97/सी पर प्रस्तावित अंडरपास निर्माण के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा, “हमें नहीं चाहिए अंडरपास, हमें चाहिए फ्लाईओवर।” ग्रामीणों ने प्रशासन से अंडरपास के बजाय फ्लाईओवर निर्माण की मांग की।
बलरामपुर: खेत में लगे सागौन-लिप्टिस के करीब 25 पेड़ काटकर ले जाने का आरोप, जिम्मेदारों की निगरानी पर उठे सवाल

कोतवाली देहात क्षेत्र के सुखुई कला गांव का मामला, पीड़ित ने पुलिस से की शिकायत; कटान व लोडिंग परमिट था या नहीं, जांच का विषय

बलरामपुर। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम सुखुई कला निवासी विवेक कुमार गुप्ता ने प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र देकर खेत में लगे सागौन और लिप्टिस के पेड़ काटकर ले जाने तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

पीड़ित के मुताबिक 13 सितंबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे उसके खेत के आसपास लगे सागौन और लिप्टिस के छोटे-बड़े पेड़ों को काटा गया। आरोप है कि मिश्रा पुत्र स्वर्गीय कैलाश नाथ मिश्रा, निवासी ग्राम सुखुई कला, थाना कोतवाली देहात सहित अन्य लोगों ने पेड़ों को काटकर उठा लिया।

बताया जा रहा है कि मौके पर दो प्रजातियों के करीब 25 पेड़ों का कटान किया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि पेड़ों की कटान के लिए कटान परमिट और लकड़ी की लोडिंग/परिवहन परमिट मौजूद था या नहीं? यदि परमिट नहीं था तो इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटान और लकड़ी की लोडिंग कैसे हो गई और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?

पीड़ित का आरोप है कि जब उसने मामले का विरोध किया तो उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

सरकार की अपील के बीच पेड़ों की कटान पर बड़ा सवाल

एक ओर सरकार लगातार लोगों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि आरोप सही हैं तो धड़ल्ले से पेड़ों की कटान और उन्हें चोरी-छिपे ले जाने का मामला गंभीर सवाल खड़े करता है।

सवाल यह है कि करीब 25 पेड़ आखिर किसकी अनुमति से काटे गए? कटान और लोडिंग परमिट था या नहीं? यदि परमिट था तो किसके नाम और कितने पेड़ों का था? और यदि परमिट नहीं था तो जिम्मेदार विभाग को इतने पेड़ों के कटान की जानकारी क्यों नहीं हुई?

मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस/विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
बलरामपुर: खेत में लगे सागौन-लिप्टिस के करीब 25 पेड़ काटकर ले जाने का आरोप, जिम्मेदारों की निगरानी पर उठे सवाल

कोतवाली देहात क्षेत्र के सुखुई कला गांव का मामला, पीड़ित ने पुलिस से की शिकायत; कटान व लोडिंग परमिट था या नहीं, जांच का विषय

बलरामपुर। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम सुखुई कला निवासी विवेक कुमार गुप्ता ने प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र देकर खेत में लगे सागौन और लिप्टिस के पेड़ काटकर ले जाने तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

पीड़ित के मुताबिक 13 सितंबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे उसके खेत के आसपास लगे सागौन और लिप्टिस के छोटे-बड़े पेड़ों को काटा गया। आरोप है कि मिश्रा पुत्र स्वर्गीय कैलाश नाथ मिश्रा, निवासी ग्राम सुखुई कला, थाना कोतवाली देहात सहित अन्य लोगों ने पेड़ों को काटकर उठा लिया।

बताया जा रहा है कि मौके पर दो प्रजातियों के करीब 25 पेड़ों का कटान किया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि पेड़ों की कटान के लिए कटान परमिट और लकड़ी की लोडिंग/परिवहन परमिट मौजूद था या नहीं? यदि परमिट नहीं था तो इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटान और लकड़ी की लोडिंग कैसे हो गई और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?

पीड़ित का आरोप है कि जब उसने मामले का विरोध किया तो उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

सरकार की अपील के बीच पेड़ों की कटान पर बड़ा सवाल

एक ओर सरकार लगातार लोगों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि आरोप सही हैं तो धड़ल्ले से पेड़ों की कटान और उन्हें चोरी-छिपे ले जाने का मामला गंभीर सवाल खड़े करता है।

सवाल यह है कि करीब 25 पेड़ आखिर किसकी अनुमति से काटे गए? कटान और लोडिंग परमिट था या नहीं? यदि परमिट था तो किसके नाम और कितने पेड़ों का था? और यदि परमिट नहीं था तो जिम्मेदार विभाग को इतने पेड़ों के कटान की जानकारी क्यों नहीं हुई?

मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस/विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
बलरामपुर: कोतवाली देहात के मिश्रौलिया (मजरा गिधरेया) में पुरानी रंजिश व रास्ते के विवाद में दबंगों पर घर में घुसकर महिला, पति-बच्चों से मारपीट, माला छीनने व धमकी देने का आरोप
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बड़ी कार्रवाई, पचपेड़वा इंस्पेक्टर ओम प्रकाश चौहान निलंबित

बलरामपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में हुई विभागीय जांच में लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने पचपेड़वा थाना प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट के बाद 11 सितंबर को यह कार्रवाई की गई।

वहीं, निरीक्षक राजकुमार सिंह को पचपेड़वा थाने का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक विवेक कुमार शुक्ला को मीडिया सेल प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में लापरवाही, अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति उदासीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, मानदेय में ₹4 हजार तक की बढ़ोतरी

कार्यकत्रियों का मानदेय ₹8 हजार से बढ़कर ₹12 हजार, सहायिकाओं को अब ₹6 हजार मिलेंगे; ₹5 लाख स्वास्थ्य बीमा और कैशलेस इलाज की भी घोषणा

बलरामपुर, 08 सितंबर 2026।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ी सौगात की घोषणा की है। अयोध्या में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹8 हजार से बढ़ाकर ₹12 हजार तथा सहायिकाओं का मानदेय ₹4 हजार से बढ़ाकर ₹6 हजार करने की घोषणा की। इसके साथ ही दोनों को ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर और ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया गया।

मुख्यमंत्री की घोषणा का सजीव प्रसारण बलरामपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने देखा।

बलरामपुर की 4366 कर्मियों को मिलेगा लाभ

मानदेय में बढ़ोतरी से जनपद की 2183 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और 2183 सहायिकाएं, यानी कुल 4366 कर्मी, लाभान्वित होंगी। मानदेय वृद्धि के साथ स्वास्थ्य बीमा और कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से आंगनबाड़ी कर्मियों को आर्थिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा का भी लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में बलरामपुर सदर विधायक पल्टूराम, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन, नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह 'धीरू' समेत संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

पोषण पोटली का भी हुआ वितरण

कार्यक्रम के दौरान पोषण अभियान के तहत महिलाओं एवं बच्चों को पोषण पोटली वितरित की गई। अधिकारियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण तथा कुपोषण की रोकथाम में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

विधायक पल्टूराम ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं सरकार की मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को गांव-गांव और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मानदेय में वृद्धि और स्वास्थ्य सुरक्षा का निर्णय उनके योगदान के प्रति सरकार के सम्मान को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर खुशी जताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पिकअप में क्रूरतापूर्वक गोवंश लादकर बिहार भेजता था गिरोह, गैंगस्टर एक्ट में वांछित चार शातिर तस्कर गिरफ्तार; गैंगलीडर समेत आरोपियों को महराजगंज तराई पुलिस ने रमईडीह बाजार से दबोचा, कई गंभीर मुकदमे दर्ज, पूछताछ के बाद भेजे गए जेल
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न्यायालय का आदेश बेअसर, वर्षों से न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित

बलरामपुर। ग्राम भैरमपुर में गाटा संख्या 804 पर अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार न्यायिक ने 18 नवंबर 2020 को अतिक्रमणकर्ता को बेदखल करने तथा क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश दिया था। आरोप है कि वर्षों बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ। पीड़ित न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
अंडरपास नहीं, फ्लाईओवर चाहिए: रेलवे फाटक पर ग्रामीणों का जनआक्रोश

बलरामपुर। पचपेड़वा-भाथर-रेहरा मार्ग पर रेलवे फाटक संख्या 97/सी पर प्रस्तावित अंडरपास निर्माण के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा, “हमें नहीं चाहिए अंडरपास, हमें चाहिए फ्लाईओवर।” ग्रामीणों ने प्रशासन से अंडरपास के बजाय फ्लाईओवर निर्माण की मांग की।
ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप, गलियों में कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान

बलरामपुर। विकासखंड पचपेड़वा की ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गांव में विकास कार्य न कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की गलियों में कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है।

ग्रामीण विकास सिंह, राजेंद्र यादव, सूरज कश्यप, प्रदीप यादव, सुनील चौधरी, श्याम सुंदर गौतम, आशीष खां, भारत गौतम, अजरे गौतम, गोवर्धन शर्मा, राम दास गौतम, सामचंद्र व अयोध्या प्रसाद दुबे ने प्रशासन से समस्या का संज्ञान लेकर आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग की है।

ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ग्राम प्रधान का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।