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Balrampur Post

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बलरामपुर: गैड़ास बुजुर्ग में जलाऊ लकड़ी के मामूली विवाद ने ली जान, लात-घूसों से पिटाई के बाद व्यक्ति की मौत; एएसपी विशाल पांडेय ने किया हत्या का खुलासा, एक महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, गैर-इरादतन हत्या के आरोप में भेजे गए जेल।
गैड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के धुसवा गांव में जलौनी लकड़ी के विवाद में हुई हत्या के मामले में मृतक की पत्नी व परिजनों ने प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा मृतक की बच्चियों के पालन-पोषण हेतु आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
बलरामपुर: थाना गैड़ासबुजुर्ग क्षेत्र के बड़का धुसवा गांव में घर के बाहर रखी सूखी लकड़ी को लेकर हुए विवाद में एक युवक की मौत। पोस्टमार्टम के लिए शव लेने पहुंची पुलिस का परिजनों ने विरोध किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा सकी।
बलरामपुर जनपद में शहर का मोहर्रम: आकर्षण का केंद्र बने खूबसूरत ताजिए

मोहर्रम के अवसर पर बलरामपुर शहर में विभिन्न इमामबाड़ों और मोहल्लों से निकाले गए खूबसूरती से सजे ताजिए लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। पारंपरिक कला, रंग-बिरंगी सजावट और बेहतरीन कारीगरी से तैयार ताजियों ने शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक पेश की। बड़ी संख्या में लोग ताजियों के दीदार के लिए पहुंचे और शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मोहर्रम की रस्में अदा की गईं।
बलरामपुर में राप्ती नदी तट से कथित सफेद भस्सा खनन पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जांच की मांग की

बलरामपुर जनपद के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत बेलवा, सुल्तानजोत, रंजीतपुर, जमालीजोत एवं राजाजोत के आसपास राप्ती नदी तट से कथित रूप से बड़े पैमाने पर सफेद भस्से के खनन और उसके परिवहन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नदी तट से ट्रैक्टर-ट्रालियों में सफेद भस्सा भरकर लगातार परिवहन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की सड़कों को नुकसान पहुंच रहा है तथा राहगीरों, छात्रों, मजदूरों और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में दौड़ रहे इन वाहनों से धूल, जाम और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि क्या राप्ती नदी तट से किए जा रहे इस खनन के लिए संबंधित विभागों से वैध अनुमति प्राप्त है? यदि अनुमति दी गई है, तो उसके लिए क्या मानक एवं शर्तें निर्धारित की गई हैं? क्या नदी के तट से इस प्रकार खनन किया जाना नियमों के अनुरूप है?

स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाकर मीडिया को उपलब्ध कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमों के विपरीत खनन या परिवहन पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में खनन गतिविधियों की जांच कर आमजन को हो रही समस्याओं के समाधान की भी अपील की है।
जनहित में विनम्र अपील

माननीय जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन, बलरामपुर से विनम्र अनुरोध है कि मोहर्रम के पावन अवसर पर कानून एवं शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

कई स्थानों पर अत्यधिक तेज आवाज में डीजे बजाए जाने से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, विद्यार्थियों, मरीजों एवं आम नागरिकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए यह भी आवश्यक है कि किसी की शांति, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन प्रभावित न हो।

ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि का उपयोग प्रतिबंधित है और रात्रिकालीन समय में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।

अतः जिला प्रशासन से निवेदन है कि:

- निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
- डीजे एवं साउंड सिस्टम संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जाएं।
- उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- सभी आयोजनों में धार्मिक सौहार्द, आपसी सम्मान और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

हम सभी नागरिकों का भी दायित्व है कि अपने पर्व और परंपराओं को इस प्रकार मनाएं कि किसी बुजुर्ग, बच्चे, मरीज या अन्य व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न हो। कानून का सम्मान और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है।
किठुरा गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट उखाड़कर सोलर प्लेट व बैटरी ले जाने का आरोप, अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण

मार्डन थाना श्रीदत्तगंज क्षेत्र अंतर्गत किठुरा गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट को तोड़कर उसकी सोलर प्लेट, बैटरी व अन्य उपकरण उठा ले जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव की सड़कें और सार्वजनिक स्थान अंधेरे में डूब गए हैं, जिससे ग्रामीणों को रात के समय आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एक स्थानीय ग्रामीण ने सुरक्षा कारणों से अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर घटना का वीडियो उपलब्ध कराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिलीप तिवारी, कप्तान तिवारी और छोटू पंडित (पिता दद्दन) ने सोलर स्ट्रीट लाइट को क्षतिग्रस्त कर उसकी सोलर प्लेट, बैटरी सहित अन्य सामान उठा लिया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने और गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट को शीघ्र पुनः स्थापित कर प्रकाश व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

नोट: उक्त आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है तथा वास्तविक स्थिति पुलिस व प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इस समाचार/वीडियो का बलरामपुर पोस्ट से कोई लेना-देना नहीं है।
"हमारी खबर का असर: पचपेड़वा में फर्जी स्पेशलिस्ट क्लीनिक सील, लेकिन संचालक पर अब तक एफआईआर नहीं; स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और निष्पक्षता पर उठे गंभीर सवाल"
हमारी खबर का असर: पचपेड़वा में झोलाछाप डॉक्टर की फर्जी स्पेशलिस्ट क्लीनिक हुई सील, लेकिन संचालक पर अब तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं?

स्वास्थ्य विभाग की 'आधी-अधूरी' कार्रवाई: सीएचसी अधीक्षक ने क्लीनिक पर जड़ा ताला, पर पुलिस केस दर्ज कराने से आखिर क्यों बच रहा महकमा?

हमारी खबर का असर: फर्जी तौर पर संचालित बच्चों के स्पेशलिस्ट क्लीनिक पर सील, पर कानूनी कार्रवाई अब भी नदारद

बलरामपुर जिले के पचपेड़वा में धड़ल्ले से चल रहे फर्जी क्लीनिक के खिलाफ बलरामपुर पोस्ट द्वारा प्रमुखता से उठाई गई खबर का बड़ा असर हुआ है। मामले के तूल पकड़ने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए पचपेड़वा स्थित इस अवैध क्लीनिक को सील कर दिया। पचपेड़वा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार चौधरी और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की। लेकिन इस पूरे मामले में विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सवाल यह है कि मासूमों की जान से खुलेआम खिलवाड़ करने वाले इस अस्पताल को सील तो कर दिया गया, लेकिन इसके संचालक के खिलाफ अब तक सुसंगत धाराओं में एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई गई?

सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नीले रंग के शटर वाले इस अवैध क्लीनिक को बंद करवा दिया है। एक व्यक्ति शटर के ताले पर सरकारी कागज की सील लगाता हुआ नजर आ रहा है, जबकि सफेद शर्ट पहने अधिकारी और उनकी टीम पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। क्लीनिक के शटर के दोनों ओर छोटे बच्चों और आंखों की जांच से जुड़े पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं, जो इस बात की ओर संकेत करते हैं कि यहां बिना वैध अनुमति के चिकित्सा सेवाएं संचालित की जा रही थीं।

कार्रवाई देखने में भले ही सख्त लग रही हो, लेकिन एफआईआर न होने के कारण यह केवल खानापूर्ति का हिस्सा प्रतीत होती है। केवल शटर गिरा देने और उस पर सील लगा देने से झोलाछाप डॉक्टरों का हौसला नहीं टूटता। जब तक संचालक के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत पुलिस में नामजद मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक यह कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी। बिना पुलिस केस के ऐसे संचालक अक्सर कुछ दिनों बाद किसी दूसरी जगह से अपना धंधा फिर शुरू कर देते हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या स्वास्थ्य विभाग सिर्फ दबाव कम करने के लिए यह 'सील' करने की औपचारिकता निभा रहा है? डॉ. अनिल कुमार चौधरी की टीम आखिर किस कारण एफआईआर दर्ज कराने से बच रही है? जब तक दोषियों पर कानूनी शिकंजा नहीं कसता, तब तक पचपेड़वा में मरीजों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा पर सवाल बने रहेंगे। अब देखना होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले में संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज कराते हैं या मामला यहीं तक सीमित रह जाता है।

सूत्रों के अनुसार, यह जानकारी सामने आई है कि इस फर्जी अस्पताल का संचालक कथित डॉक्टर सिद्धार्थ यादव, बलरामपुर सदर ब्लॉक के सिसई गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फार्मेसिस्ट परम स्वरूप यादव का बेटा है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा यह भी है कि प्रभाव के चलते अब तक फर्जी तरीके से संचालित क्लीनिक और फार्मेसी पर कठोर कार्रवाई नहीं हो सकी।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस तरह विभाग बीएएमएस, बीयूएमएस या बीएचएमएस चिकित्सकों द्वारा एलोपैथी प्रैक्टिस करने के मामलों में कार्रवाई करता है, क्या उसी तरह इस मामले में भी क्लीनिक सील करने के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी? या फिर यह मामला समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा और कुछ दिनों बाद कथित डॉक्टर दोबारा बच्चों के विशेषज्ञ के रूप में अपनी गतिविधियां शुरू कर देगा।

खबर लिखे जाने तक बलरामपुर पोस्ट पर प्रकाशित इसी खबर जुड़े मामले को लगभग , 1,लाख 80,हज़ार से अधिक लोगों ने देखा है। बड़ी संख्या में पाठक इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भी लोग इस मुद्दे को लगातार देखेंगे, साझा करेंगे और अपनी राय देकर जनहित के इस अभियान को मजबूत करेंगे।
पचपेड़वा के नई बाजार चौराहे से स्टेशन रोड पर संचालित कथित 'जावित्री क्लीनिक एवं फार्मेसी' पर उठे सवाल, बाल रोग विशेषज्ञ बताने वाले डॉक्टर से प्रमाणपत्र दिखाने को कहा तो किया इनकार, पेड़ों पर लगे बैनरों के बीच स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और निगरानी पर गंभीर प्रश्न
बलरामपुर: थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम कलवारी में एक पीड़ित महिला और उसका परिवार भूमि विवाद को लेकर परेशान है। आरोप है कि बिना पैमाइश और राजस्व विभाग की नाप के ही दबंगों ने विवादित भूमि पर दीवार खड़ी कर दी। पीड़ित महिला न्याय की गुहार लेकर थाना से लेकर संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाती रही, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण दबंगों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद लगातार कम होती जा रही है।
बलरामपुर जनपद के मार्डन थाना श्रीदत्तगंज क्षेत्र के विसम्भरपुर गांव में एक किसान के खेत में लगे धान बीजों को दबंगो ने बर्बाद कर दिया जब पीड़ित बुजुर्ग किसान ने जब विरोध किया तो दबंगो ने कहा SHO साहब ने ऑर्डर दिया है जब वो रोकेगें तब रुकेगा आप इस  दृश्य को देखिये एक बुजुर्ग किसान किस तरह से इस चिलचिलाती धूप में रुपये किस तरह इकट्ठा करके धान की बीजों खरीद कर बुआई की और  जब रोपाई का समय आया तब दबंगो ने बीज को नष्ट बर्बाद कर दिया और जब पीड़ित ने 112 को पुलिस को जब सूचना दी तो  पुलिस थाने पर ले गई और शाम तक बैठाये रखा यह पीड़ित का आरोप है पीड़ित ने यह भी बताया दबंगो के ऊपर अभी तक कार्यवाही भी नहीं हुई
बलरामपुर। मॉर्डन थाना श्रीदत्तगंज क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम विसम्भरपुर निवासी पीड़ित किसान मुख्तार अली ने आरोप लगाया है कि कुछ दबंगों ने उसके खेत में बोए गए धान के बीजों से निकले पौधों को कुदाल से खुदवाकर नष्ट कर दिया। घटना की सूचना उसने डायल-112 पुलिस को देकर सहायता की मांग की थी।

मुख्तार अली का आरोप है कि पुलिस उसे मौके से थाने ले गई, जहां उसे शाम करीब 5 बजे तक बैठाए रखा गया। इसी दौरान विपक्षी पक्ष के लोगों ने उसके खेत में धान के पौधों को नष्ट कर दिया। किसान का यह भी कहना है कि उसकी शिकायत पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की गई है।

घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग धान के पौधों को नष्ट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित किसान ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा अपनी फसल के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
बलरामपुर में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने देहात कोतवाली का घेराव किया। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पर कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया गया। मामले में आशीष सैनी, नलिन पाठक और तन्मय सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, जबकि दो आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीम आर्मी ने प्रदर्शन किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=balrampur nis:value=Balrampur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bhimarmy nis:value=bhimarmy nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री और ब्राह्मण समाज पर कथित टिप्पणी को लेकर विरोध, कार्रवाई की मांग

बलरामपुर। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और ब्राह्मण समाज पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर जिले में विरोध तेज हो गया है। सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष अभय शुक्ला ने देहात कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

वहीं, क्षत्रिय करणी सेना के जिला अध्यक्ष ने भी मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। दोनों संगठनों ने भीम आर्मी को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि समाज में सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों पर रोक लगनी चाहिए।

पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भीम आर्मी को लेकर दो संगठनों के पदाधिकारियों ने उठाई आवाज, कार्रवाई की मांग

बलरामपुर। भीम आर्मी को लेकर जिले में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इसी क्रम में सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष अभय शुक्ला ने देहात कोतवाली बलरामपुर पहुंचकर एक प्रार्थना पत्र दिया और संबंधित मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ गतिविधियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर रही हैं, जिस पर प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए।

वहीं, क्षत्रिय करणी सेना बलरामपुर के जिला अध्यक्ष ने भी भीम आर्मी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने संगठन से जुड़े कुछ मुद्दों पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था और सामाजिक समरसता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

दोनों संगठनों के पदाधिकारियों के बयानों के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों और शिकायतों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गैसड़ी में जर्जर सड़क को लेकर सपा का विशाल धरना-प्रदर्शन, तत्काल निर्माण की उठी मांग

उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार बलरामपुर जिले की गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। वर्षों से बदहाल पड़ी जुडीकूईया-जैतापुर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी ने सोमवार को विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। क्षेत्रीय जनता लंबे समय से इस सड़क की दुर्दशा का सामना कर रही है और अब इसके शीघ्र निर्माण की मांग तेज हो गई है।

लगभग 20 किलोमीटर लंबा जुडीकूईया-जैतापुर मार्ग वर्तमान में पूरी तरह जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क तलाशनी पड़ती है।

चंदनपुर, पचपेड़वा और उतरौला को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग अयोध्या जाने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है। बावजूद इसके वर्षों से इसकी मरम्मत और निर्माण कार्य नहीं कराया गया। खराब सड़क के कारण किसानों, छात्रों, मरीजों और आम यात्रियों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है।

सड़क निर्माण की मांग को लेकर गैसड़ी विधायक राकेश यादव के नेतृत्व में गणेशपुर क्षेत्र में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

धरना-प्रदर्शन में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा श्रावस्ती सांसद राम स्वरूप वर्मा, पूर्व विधायक अब्दुल मसूद खान, जगराम पासवान, रामसागर अकेला, मसूद आलम, ओंकार नाथ पटेल, परशुराम वर्मा, भानु त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद गैसड़ी क्षेत्र की जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सत्ता में रहने वाली सरकारें इस महत्वपूर्ण मार्ग की उपेक्षा करती रही हैं।

धरना-प्रदर्शन के उपरांत विधायक राकेश यादव, पूर्व विधायक रामसागर अकेला, पूर्व विधायक मसूद खान तथा अन्य नेताओं ने तुलसीपुर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क का तत्काल निर्माण कराने की मांग की।

अब क्षेत्र की जनता की निगाहें सरकार पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो आगामी बरसात में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार गैसड़ी की जनता की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करेगी या फिर लोगों को बदहाल सड़क पर ही सफर करने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा।
फेसबुक पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में एफआईआर दर्ज, सीओ सिटी को सौंपी गई जांच

बलरामपुर। जनपद के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष लालजी उर्फ लंकेश लालजी लहरी की तहरीर पर की गई है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, लालजी लहरी ने 15 अप्रैल 2026 को अपने फेसबुक अकाउंट पर जनपद में डीजल, पेट्रोल और गैस की उपलब्धता से जुड़ी एक पोस्ट साझा की थी। आरोप है कि इस पोस्ट पर कुछ लोगों ने अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। तहरीर में कहा गया कि टिप्पणियों के माध्यम से न केवल उन्हें बल्कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे उनकी तथा समर्थकों की भावनाएं आहत हुईं।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उक्त टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और अशांति का माहौल उत्पन्न करने की मंशा से की गईं। मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। एनसीआरबी के आईआईएफ-1 प्रपत्र के अनुसार मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) बलरामपुर को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर बिग ब्रेकिंग

डिब्बा पुल के पास रात्रिकालीन खनन को लेकर चर्चाएं तेज, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

बलरामपुर। जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत डिब्बा पुल के पास रात्रि के समय मिट्टी खनन किए जाने को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात तक खनन कार्य संचालित किया जा रहा है, जिससे मामले को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई या जांच की जानकारी सामने नहीं आई है। इसके चलते लोगों के बीच कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

वहीं, खनन कार्य से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्होंने किसान से जमीन की मिट्टी खरीदी है तथा इसके लिए आवश्यक परमिट भी प्राप्त किया है। उनका दावा है कि वैध अनुमति के आधार पर मिट्टी का खनन कराकर संबंधित स्थान पर पटाई का कार्य कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्वयं को पुलिस विभाग से जुड़ा होना भी बताया।

हालांकि, खनन कार्य के संबंध में प्रस्तुत किए गए दावों, परमिट की वैधता तथा नियमों के अनुपालन की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा अभी नहीं की गई है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष भी प्राप्त नहीं हो सका था।

फिलहाल डिब्बा पुल क्षेत्र में चल रहे खनन को लेकर चर्चाएं जारी हैं और स्थानीय लोग प्रशासन से मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।
गैसड़ी विधायक राकेश यादव पर शपथ पत्र में तथ्य छिपाने का आरोप, पूर्व विधायक शैलू ने सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई सपा विधायक राकेश यादव ने कहा सारे आरोप बेबुनियाद
"11 साल से न्याय की आस में दलित परिवार: शिक्षिका ने सपा विधायक राकेश यादव पर लगाया भूमि कब्जे का आरोप"
भाजपा पूर्व विधायक शैलू सिंह का प्रेस कॉन्फ्रेंस बलरामपुर
सोशल मीडिया पर पिस्टल लहराने का वीडियो वायरल, युवक पर मुकदमा दर्ज

हरैया सतघरवा। सोशल मीडिया पर पिस्टल लहराते हुए वीडियो वायरल करना एक युवक को महंगा पड़ गया। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच के बाद युवक के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस के अनुसार 11 जून को एक वीडियो वायरल होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर उपनिरीक्षक जय हिंद यादव ने वीडियो की जांच की। जांच के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान हरैया सतघरवा थाना क्षेत्र के बभनपुरवा मजरा गोपालपुर निवासी वैभव तिवारी के रूप में हुई।

प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह ने बताया कि मामले में संबंधित युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों का परीक्षण, बलरामपुर में मेगा मॉक ड्रिल आयोजित

बलरामपुर। जिले में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में जनपद की तीनों तहसीलों में यह अभ्यास संपन्न हुआ। मुख्य कार्यक्रम सदर तहसील क्षेत्र के सिसई घाट पर आयोजित किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान फ्लड पीएसी और आपदा प्रबंधन टीम ने नाव पलटने की स्थिति में नदी में डूब रहे लोगों को बचाने तथा बाढ़ से घिरे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का पूर्वाभ्यास किया। इस दौरान सेना, एसएसबी, एनसीसी, फ्लड पीएसी, अग्निशमन, स्वास्थ्य, परिवहन, पशुपालन, पंचायतीराज, बेसिक शिक्षा सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभ्यास के तहत बाढ़ प्रभावित गांव का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय सिसई में बनाए गए बाढ़ शरणालय में पहुंचाया। यहां पशुओं के लिए भी अलग व्यवस्था और उपचार की सुविधा का प्रदर्शन किया गया।

इसके बाद राप्ती नदी में लोगों के डूबने की सूचना पर फ्लड पीएसी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और जरूरतमंदों को स्वास्थ्य केंद्र भेजा।

मॉक ड्रिल के दूसरे चरण में ठकुरापुर क्षेत्र में टापू पर फंसे लोगों को मोटरबोट के माध्यम से सुरक्षित रेस्क्यू कर बाढ़ शरणालय पहुंचाने का सफल प्रदर्शन किया गया।

जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना तथा कमियों की पहचान कर समय रहते उन्हें दूर करना है। उन्होंने बताया कि जनपद में बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

मॉक एक्सरसाइज में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, एडीएम ज्योति राय, एएसपी विशाल पाण्डेय, सीएमओ डॉ. मुकेश रस्तोगी, एसडीएम सदर हेमंत गुप्ता, तहसीलदार अभिनव सिंह चौहान समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
नामित सभासद से मारपीट पर भाजपा का कोतवाली घेराव, गिरफ्तारी न होने पर हनुमान चालीसा पाठ

बलरामपुर। भाजपा नगर उपाध्यक्ष एवं नामित सभासद जयंत सिंह धर्मू से मारपीट और असलहा सटाकर धमकी देने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नगर कोतवाली पहुंच गए और परिसर में धरने पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

भाजपा नेताओं का कहना है कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। विरोध के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

मामला नगर के आंबेडकर तिराहे का है। नामित सभासद जयंत सिंह धर्मू के अनुसार 9 जून की रात वह स्कूटी से पानी की बोतलों की सप्लाई करने जा रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। विरोध करने पर अन्य साथियों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि एक युवक ने उनकी कमर में तमंचा सटाकर जान से मारने की धमकी भी दी। शोर सुनकर लोग जुटने लगे तो आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने सोने की चेन और नकदी गायब होने का भी आरोप लगाया है।

पुलिस ने शमशेर रजा, मनी, राना और साहिल रिजवी समेत चार नामजद तथा दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।