राजपुर: सुनिए किसानों का दर्द, कैसे काट दिया गया नाम, धान बेचने से रह जाएंगे वंचित
किसानों का कहना है कि उन्होंने बाकायदा धान की खेती की है और फसल के लिए सरकारी ऋण भी लिया है। ऐसे में अगर सरकारी रिकॉर्ड में उनकी धान की खेती दर्ज नहीं हुई, तो आने वाले समय में उन्हें धान बेचने में परेशानी हो सकती है और कृषि ऋण से जुड़ी दिक्कतें भी खड़ी हो सकती हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद किसानों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। किसा