बाढ़ प्रभावितों की मदद में जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
* राहत एंव बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
* 2.33 लाख से अधिक आबादी प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वास्थ्य, नाव एंव पशु राहत की व्यापक व्यवस्था
समस्तीपुर : बाढ़ की चुनौती के बीच राहत और बचाव का अभियान तेज है। जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदना और तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, आवागमन और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ पशुओं के लिए भी चारा, आश्रय और चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की गई है।
जिले में बाढ़ से 2,33,212 लोगों की आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है।
121 कम्युनिटी किचन में परोसे गए 4.22 लाख से अधिक मील
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में वर्तमान में 121 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक 4,22,591 मील परोसे जा चुके हैं। भोजन की गुणवत्ता और कम्युनिटी किचन के नियमित संचालन की लगातार निगरानी की जा रही है।
36,800 पॉलिथीन शीट्स का वितरण
प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 36,800 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है। आवश्यकता के अनुसार अन्य जरूरी राहत सामग्री भी प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाएं भी लगातार जारी
बाढ़ प्रभावित लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए 22 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
पशुओं के लिए भी विशेष इंतजाम
जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित पशुओं की सुरक्षा और देखभाल को भी प्राथमिकता दी है। प्रभावित क्षेत्रों में 17 पशु राहत कैंप/शेड संचालित किए जा रहे हैं। पशुपालकों के पशुओं के लिए अब तक 1,044 क्विंटल पशु चारा एवं भूसा उपलब्ध कराया जा चुका है।
पशुओं के उपचार के लिए 17 पशु चिकित्सा कैंप भी संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 2,531 पशुओं का उपचार किया जा चुका है। आवश्यकता के अनुसार पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधा लगातार उपलब्ध कराई जा रही है।
227 नावों से जारी है आवागमन और राहत कार्य
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत-बचाव कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए जिले के तीन प्रभावित प्रखंडों में 227 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इन नावों के माध्यम से प्रभावित लोगों के आवागमन के साथ-साथ राहत सामग्री भी जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही है।
हर प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति की लगातार समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है। संबंधित पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर राहत एवं बचाव कार्यों का अनुश्रवण करने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन का स्पष्ट प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुंचे। भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षित आवागमन, आश्रय और अन्य आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा एवं देखभाल में भी कोई कमी न रहे। बाढ़ की चुनौती के बीच प्रशासन का राहत अभियान लगातार जारी है।
प्रमुख आंकड़े एक नजर में
2,33,212 — प्रभावित आबादी
121 — कम्युनिटी किचन
4,22,591 — परोसे गए मील
36,800 — वितरित पॉलिथीन शीट्स
22 — मेडिकल कैंप
227 — संचालित नावें
17 — पशु राहत कैंप/शेड
1,044 क्विंटल — उपलब्ध कराया गया पशु चारा/भूसा
17 — पशु चिकित्सा कैंप
2,531 — उपचारित पशु
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Patna, Bihar | Sep 11, 2026