*प्रोजेक्ट प्राण के तहत पंचायत सचिवालय, विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं का विस्तार*
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*15वें वित्त आयोग मद से फेवर ब्लॉक एवं हैंड वॉश यूनिट का निर्माण, सौंदर्यीकरण पर भी विशेष जोर*
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पश्चिमी सिंहभूम जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं सार्वजनिक परिसरों को बेहतर स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट प्राण के तहत विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। उपायुक्त श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जिले के पंचायत सचिवालय परिसरों, सरकारी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ परिसर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रोजेक्ट प्राण के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग मद से पंचायत सचिवालय परिसर, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में फेवर ब्लॉक लगाने तथा हैंड वॉश यूनिट के निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों का उद्देश्य संबंधित परिसरों को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ, उपयोगी एवं सुविधाजनक बनाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों, विद्यार्थियों, बच्चों एवं पंचायत स्तर पर आने वाले आमजनों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
पंचायत सचिवालय ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक एवं जनसेवा गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में पंचायत सचिवालय परिसरों को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने के लिए वहां आवागमन वाले स्थानों पर फेवर ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। इससे परिसर में जलजमाव एवं कीचड़ जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी तथा बरसात के मौसम में भी आमजनों के आवागमन को सुगम बनाया जा सकेगा। साथ ही पंचायत सचिवालय परिसर के समुचित उपयोग एवं रख-रखाव को बढ़ावा मिलेगा।
सरकारी विद्यालयों में भी बच्चों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालय परिसर में फेवर ब्लॉक के माध्यम से आवश्यक स्थानों का सुदृढ़ीकरण तथा हैंड वॉश यूनिट के निर्माण से विद्यार्थियों को स्वच्छता संबंधी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हाथ धोने की समुचित व्यवस्था बच्चों में व्यक्तिगत स्वच्छता की आदत को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ विद्यालयी वातावरण के निर्माण में भी सहायक होगी।
इसी प्रकार आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले छोटे बच्चों को ध्यान में रखते हुए परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक स्थानों पर फेवर ब्लॉक लगाने तथा हैंड वॉश यूनिट विकसित करने से बच्चों एवं उनके अभिभावकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इन कार्यों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण एवं प्रारंभिक बाल विकास गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि स्वच्छ एवं बाल हितैषी वातावरण के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उपायुक्त श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान केवल निर्माण कार्यों की संख्या बढ़ाने के बजाय उनकी उपयोगिता, गुणवत्ता एवं दीर्घकालिक प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रोजेक्ट प्राण के तहत पंचायत सचिवालय, विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं के साथ परिसर के सौंदर्यीकरण को भी विकास कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी संस्थानों के परिसरों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित एवं जनोपयोगी बनाया जाए, जिससे आमजनों को सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के दौरान बेहतर वातावरण मिल सके। विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के अनुकूल वातावरण तैयार होने से उनके सीखने, सहभागिता एवं नियमित उपस्थिति के लिए भी सकारात्मक माहौल विकसित होगा।
प्रोजेक्ट प्राण के माध्यम से पंचायत स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं बेहतर सार्वजनिक परिवेश के निर्माण को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले समय में इन कार्यों के पूर्ण होने के साथ पंचायत सचिवालय, विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के परिसरों का स्वरूप अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक होगा तथा ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण योगदान देगी।